: गरीबों संग मनाई दीपावली, मुस्कान बिखेर गए सपा जिलाध्यक्ष राजेश यादव
Mon, Oct 20, 2025
जरूरतमंदों को मिठाई, फल और दीप देकर बांटी खुशियाँ
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान✍️
उन्नाव। दीपावली का त्योहार इस बार झुग्गी-झोपड़ियों में भी रोशनी और मुस्कान लेकर आया। समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष राजेश कुमार यादव ने सोमवार को गरीब और जरूरतमंद परिवारों के साथ दीपावली मनाई। वे खुद मिठाई, फल, दीपक और अन्य सामग्री लेकर बस्तियों में पहुंचे और लोगों के साथ खुशियाँ साझा कीं।
राजेश यादव ने कहा कि दीपावली केवल अपने घर सजाने का पर्व नहीं है, बल्कि यह मौका है जब हमें दूसरों के जीवन में भी उजाला फैलाना चाहिए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को किसी न किसी जरूरतमंद की मदद करनी चाहिए ताकि कोई भी परिवार अंधेरे में न रहे। बस्तियों में पहुंचते ही बच्चों के चेहरों पर खुशी झलकने लगी।
बुजुर्गों ने भी जिलाध्यक्ष का आशीर्वाद दिया। यादव ने सभी को दीपावली की शुभकामनाएं दीं और कहा कि यह पर्व शांति, सौहार्द और प्रेम का प्रतीक है। उन्होंने माता लक्ष्मी और भगवान गणेश से देश में एकता, समृद्धि और निरंतर प्रगति की कामना की। यादव के इस सेवा भाव ने वहां मौजूद लोगों के दिल जीत लिए। कई लोगों ने कहा कि यह दीपावली उनके लिए यादगार बन गई, क्योंकि किसी नेता ने उनके घर आकर त्योहार की खुशियाँ बांटीं।
: उन्नाव नवीन मंडी में नीलामी को लेकर व्यापारियों में नाराज़गी
Mon, Oct 20, 2025
आरोप- बिना पूर्व सूचना शुरू हुई प्रक्रिया, 25 अक्टूबर को प्रस्तावित है नीलामी
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान✍️
उन्नाव। नवीन मंडी में दुकानों की नीलामी को लेकर सोमवार को व्यापारियों में भारी नाराजगी देखी गई। व्यापारियों का आरोप है कि मंडी समिति ने बिना किसी पूर्व सूचना के नीलामी की प्रक्रिया शुरू कर दी, जिससे पुराने दुकानदारों में गुस्सा फैल गया है। जानकारी के मुताबिक, मंडी की कुछ दुकानों की नीलामी 25 अक्टूबर को प्रस्तावित है। व्यापारियों का कहना है कि इस नीलामी की न तो कोई आधिकारिक सूचना दी गई और न ही उनसे कोई राय ली गई। उनका आरोप है कि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई और मंडी सचिव ने पुराने कारोबारियों के अधिकारों की अनदेखी की है। कई व्यापारियों ने बताया कि वर्षों से वे उन्हीं दुकानों में कारोबार कर रहे हैं, लेकिन अब अचानक नीलामी कर उन्हें बेदखल करने की कोशिश की जा रही है। इससे छोटे व्यापारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो सकता है। सोमवार को मंडी परिसर में दिनभर अफरा-तफरी का माहौल रहा। नाराज दुकानदार सचिव कार्यालय पहुंचे और नीलामी रोकने की मांग की। इधर, मंडी सचिव से संपर्क करने की कोशिश लेकिन उनसे संपर्क नही हो सका। उधर, व्यापारियों ने प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है।
: नर सेवा-नारायण सेवा समिति ने जरूरतमंदों संग मनाई दीपावली
Mon, Oct 20, 2025
दिव्यांगों और गरीबों के चेहरों पर मुस्कान लाए विमल द्विवेदी
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान✍️
उन्नाव। दीपावली का पर्व खुशियां बांटने और जरूरतमंदों की मदद करने का संदेश देता है। इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए नर सेवा-नारायण सेवा समिति के संस्थापक विमल द्विवेदी ने रविवार को शहर की विभिन्न सेवा बस्तियों में जाकर गरीबों और दिव्यांगों के बीच उपहार, मिठाइयां और आर्थिक सहायता वितरित की। संस्था की टीम ने बस्तियों में दीप जलाए, बच्चों को मिठाई खिलाई और जरूरतमंद परिवारों के घरों में त्योहार की रौनक पहुंचाई। विमल द्विवेदी ने कहा कि दीपावली सिर्फ घरों में दीये जलाने का त्योहार नहीं, बल्कि यह समय है समाज के हर वर्ग के साथ खुशियां साझा करने का। उन्होंने बताया कि संस्था कई वर्षों से “ये भी अपने हैं” अभियान के तहत गरीब, असहाय और दिव्यांग परिवारों तक त्योहार की खुशियां पहुंचाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा, “हमारी सनातन परंपरा सिखाती है कि नर सेवा ही नारायण सेवा है। त्योहारों की सच्ची भावना तभी पूरी होती है जब किसी जरूरतमंद के चेहरे पर मुस्कान लाए।”
संस्था के सदस्यों ने बताया कि हर साल दीपावली, रक्षाबंधन, होली जैसे प्रमुख त्योहारों पर समिति की टीमें बस्तियों और गांवों में जाकर वस्त्र, मिठाई और अन्य आवश्यक सामग्री वितरित करती हैं। इस बार भी शहर के कई इलाकों में जाकर सैकड़ों परिवारों तक खुशियां पहुंचाई गईं।
कार्यक्रम में हिंदू जागरण मंच के जिला संयोजक अजय त्रिवेदी, अनीता विमल द्विवेदी, ज्योति राजपूत, विकास सिंह सेंगर, मनीष अवस्थी, अभिषेक तिवारी, धर्मेंद्र शुक्ला, शिव सेवक त्रिपाठी, अंकुर तिवारी और राकेश राजपूत सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे। सभी ने विमल द्विवेदी की इस पहल की सराहना की और कहा कि ऐसी सेवाभावना समाज में एक सकारात्मक संदेश देती है। संस्था ने संकल्प दोहराया कि आने वाले सभी हिंदू त्योहार भव्यता और सौहार्द के साथ मनाए जाएंगे, ताकि किसी भी गरीब परिवार का दीपावली का दीप बुझा न रहे।