अटल पार्क का मंच खुद नहीं गिरा : मशीन से खींचे जाने का दावा
Wed, Sep 9, 2026
पीडब्ल्यूडी की जांच में बीम के दोनों सिरे सही मिले
नगर पंचायत ने अराजक तत्वों पर लगाया सरकारी संपत्ति क्षतिग्रस्त करने का आरोप
उन्नाव। मौरावां नगर पंचायत के नवनिर्मित अटल पार्क में मंच के क्षतिग्रस्त होने का मामला अब विवादों में आ गया है। नगर पंचायत ने मंच के क्षतिग्रस्त होने को हादसा मानने के बजाय इसे जानबूझकर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का मामला बताया है। नगर पंचायत की ओर से मौरावां थाने में शिकायती पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की गई है। शिकायत के साथ पीडब्ल्यूडी के अवर अभियंता की तकनीकी जांच आख्या भी संलग्न की गई है। नगर पंचायत की ओर से आठ सितंबर को थाने में दिए गए शिकायती पत्र के मुताबिक अटल पार्क में नगर पंचायत ने मंच का निर्माण कराया था। मंच के क्षतिग्रस्त होने के बाद नगर पंचायत अध्यक्ष की ओर से पीडब्ल्यूडी से इसकी तकनीकी जांच कराई गई। पीडब्ल्यूडी के अवर अभियंता प्रमोद कुमार की सात सितंबर की जांच आख्या में मंच की दाहिनी ओर की दीवार क्षतिग्रस्त मिली।
दोनों सिरे सही, न बैठाव मिला न दरार
तकनीकी जांच आख्या में बताया गया है कि दाहिनी तरफ की दीवार के दोनों सिरे बिल्कुल ठीक हैं। इनमें न कोई बैठाव मिला और न ही दरार दिखाई दी। इसी आधार पर रिपोर्ट में दीवार के अपने आप गिरने की संभावना नहीं बताई गई है। जांच में क्षतिग्रस्त बीम से ईंटों की चुनाई भी अच्छी तरह चिपकी मिली। ईंटों की चुनाई का क्षतिग्रस्त हिस्सा बड़े-बड़े ब्लॉक में था और चुनाई भरभराई हुई नहीं मिली। रिपोर्ट में इसे निर्माण कार्य की गुणवत्ता अच्छी होने के संकेत के तौर पर दर्ज किया गया है।
मशीन से बीम खींचने का दावा
पीडब्ल्यूडी की आख्या में बताया गया है कि मौके पर आरसीसी बीम दो स्थानों से क्षतिग्रस्त मिली। रिपोर्ट के मुताबिक इसे तोड़ने के बजाय किसी मशीन से दीवार से बीम को खींचकर गिराए जाने की स्थिति प्रतीत होती है। नगर पंचायत ने इसी तकनीकी रिपोर्ट के आधार पर आरोप लगाया है कि कुछ अराजक तत्वों ने जानबूझकर सरकारी कार्य को क्षतिग्रस्त किया। शिकायत में कहा गया है कि इससे नगर पंचायत अध्यक्ष की छवि धूमिल करने के साथ सरकारी धन को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया।
सोशल मीडिया से छवि खराब करने का भी आरोप
नगर पंचायत की शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि सोशल मीडिया के माध्यम से कुछ लोगों की ओर से नगर पंचायत और उसके विकास कार्यों की छवि खराब करने तथा निकाय के विकास कार्यों को अवरुद्ध करने की लगातार कोशिश की जा रही है। नगर पंचायत ने पुलिस से मामले को गंभीरता से लेते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
शिकायती पत्र की प्रतिलिपि जिलाधिकारी, अपर जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, उपजिलाधिकारी पुरवा और तहसीलदार पुरवा को भी भेजी गई है। नगर पंचायत ने भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो, इसके लिए आरोपियों के खिलाफ कठोर कदम उठाने का अनुरोध किया है। पुलिस का कहना है कि नगर पंचायत की शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पैतृक मकान पर कब्जे का विरोध : कुल्हाड़ी से काटने की भी दी धमकी; नामजद रिपोर्ट दर्ज
Wed, Sep 9, 2026
फावड़ा-कुल्हाड़ी लेकर धक्का-मुक्की, छह फीट गहरे गड्ढे में दफनाने की धमकी
उन्नाव। अजगैन थाना क्षेत्र के सरोसा गांव में पैतृक मकान और जमीन पर कथित कब्जे का विरोध करने पर एक व्यक्ति के साथ गालीगलौज और धक्का-मुक्की किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित का आरोप है कि विरोध करने पर दो लोगों ने फावड़ा, कुल्हाड़ी और डंडा लेकर उसे धमकाया। दोबारा गांव में दिखाई देने पर कुल्हाड़ी से काटकर छह फीट गहरे गड्ढे में दफनाने की धमकी देने का भी आरोप है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गांधी नगर निवासी अवधेश कुमार सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनका पैतृक गांव सरोसा है। उनके पिता स्व. शिव प्रताप सिंह का गांव में पुराना कच्चा मकान था। पांच सितंबर की दोपहर करीब एक बजे वह अपने पैतृक मकान पर पहुंचे। वहां अजीत सिंह और रंजीत सिंह पुत्रगण मुन्ना सिंह, उनकी पत्नी और कुछ अन्य लोग मौजूद थे। अवधेश का आरोप है कि आरोपियों ने मकान के करीब आधे आंगन में कच्चा मकान बनाकर कब्जा कर लिया है। शेष खाली जमीन पर भी कब्जा किया हुआ है। जब उन्होंने इस संबंध में आरोपियों से बात की तो वे गालीगलौज करने लगे। विरोध करने पर अजीत और रंजीत फावड़ा, कुल्हाड़ी और डंडा लेकर बाहर आ गए और धक्का-मुक्की करने लगे। आरोप है कि इस दौरान आरोपियों ने जान से मारने की धमकी देते हुए कहा कि दोबारा यहां दिखाई दिए तो कुल्हाड़ी से काटकर छह फीट गहरे गड्ढे में दफना देंगे। साथ ही पुलिस द्वारा उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाने की बात कहकर धमकाया। पीड़ित ने पुलिस को घटना से संबंधित कुछ वीडियो रिकॉर्डिंग उपलब्ध होने की बात भी बताई है। उसने अपने और परिवार के जान-माल की सुरक्षा की गुहार लगाई है। पुलिस ने अजीत सिंह, रंजीत सिंह, मुन्ना सिंह की पत्नी और कुछ अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
डीपीआरओ दफ्तर में नौकरी का झांसा : छह लाख हड़पे
Wed, Sep 9, 2026
दो साल में रकम लेने का आरोप, पीड़ित ने थाने पहुंचकर दर्ज कराया मुकदमा
उन्नाव। डीपीआरओ कार्यालय में नौकरी लगवाने का झांसा देकर छह लाख रुपये लेने और रकम वापस मांगने पर गालीगलौज व जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए युवक ने अचलगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। ग्राम जमुका निवासी आदित्य चौरसिया ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि रंजीत सिंह निवासी अज्ञात ने उससे 16 फरवरी 2024 से 29 जनवरी 2026 के बीच नौकरी लगवाने के नाम पर करीब छह लाख रुपये लिए। आरोप है कि रकम रंजीत ने अपने और अपने रिश्तेदारों के खातों में ट्रांसफर कराने के साथ ही नगद भी ली। आदित्य के मुताबिक, उसके पास रकम दिए जाने से संबंधित पूरी जानकारी और विवरण मौजूद है। आरोप है कि 13 जून 2025 को दोपहर करीब एक बजे रंजीत अपने कुछ सहयोगियों के साथ उसके घर पहुंचा और वहां से भी डेढ़ लाख रुपये नगद ले गया। इसके बावजूद न तो नौकरी लगवाई गई और न ही रकम वापस की गई। पीड़ित का कहना है कि वह कई महीनों से अपनी रकम वापस मांग रहा है। आरोप है कि रुपये मांगने पर रंजीत गालीगलौज करने लगा और जान से मारने की धमकी दी। परेशान होकर आदित्य ने आठ सितंबर को अचलगंज थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।