सांप ने डसा : झाड़-फूंक में उलझी जिंदगी
Sun, Sep 6, 2026
इलाज मिलने में हुई देर, जिला अस्पताल पहुंचने पर महिला ने तोड़ा दम
उन्नाव। खेत में काम कर रही महिला को सांप ने डसा तो परिजन उसे तुरंत अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़-फूंक कराने पहुंच गए। कुछ देर बाद हालत बिगड़ने लगी तो अस्पताल की ओर दौड़ लगाई, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। जिला अस्पताल में इलाज शुरू होने के बाद डॉक्टरों ने महिला को मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद परिवार में कोहराम मचा है।माखी थाना क्षेत्र के जिन्दाखेड़ा गांव निवासी उमाशंकर की पत्नी दयावती (40) घर संभालने के साथ खेती के काम में भी परिवार का हाथ बंटाती थीं। शनिवार शाम करीब चार बजे वह धान के खेत में फसल के बीच उगी घास निकालने गई थीं। इसी दौरान घास में छिपे सांप ने उन्हें डस लिया।
पहले ओझा के पास ले गए परिजन
सांप के काटने की जानकारी होने पर परिजन घबरा गए। दयावती के भाई शिवनंदन के अनुसार, परिजन उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाने के बजाय पहले झाड़-फूंक कराने के लिए ओझा के पास लेकर पहुंचे। वहां काफी देर तक झाड़-फूंक कराई गई, लेकिन दयावती की हालत सुधरने के बजाय लगातार बिगड़ती चली गई। जब स्थिति गंभीर होने लगी तो परिजन उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने उपचार शुरू किया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। डॉक्टरों ने जांच के बाद दयावती को मृत घोषित कर दिया।
तीन बेटों और दो बेटियों के सिर से उठा मां का साया
दयावती की मौत की खबर गांव पहुंचते ही परिवार में मातम छा गया। पति उमाशंकर और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। दयावती के तीन बेटे सुनील, अनिल और विनीत तथा दो बेटियां सरोजनी और रोशनी हैं। मां की मौत से बच्चों का भी बुरा हाल है। ग्रामीणों के अनुसार दयावती खेती-किसानी के काम में परिवार का लगातार सहयोग करती थीं।
पुलिस ने कराया पोस्टमार्टम
सूचना मिलने पर माखी पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थाना प्रभारी योगेश कुमार सिंह ने बताया कि महिला की सांप के डसने के बाद मौत हुई है। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। घटना की जानकारी राजस्व विभाग को भी दे दी गई है।
इलाज की राह होगी आसान : डॉक्टर की सलाह भी मुफ्त
Sun, Sep 6, 2026
सदर विधानसभा में लगेंगे निशुल्क स्वास्थ्य शिविर, विधायक ने प्रचार वाहन को दिखाई हरी झंडी
उन्नाव। बीमारी के इलाज के लिए शहर तक दौड़ लगाने वाले लोगों के लिए राहत की पहल शुरू की गई है। सदर विधानसभा क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर निशुल्क स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में लोगों को विशेषज्ञ डॉक्टरों से जांच और परामर्श की सुविधा मिलेगी। शिविरों की जानकारी गांव-गांव और कस्बों तक पहुंचाने के लिए प्रचार वाहन को रविवार को सदर विधायक पंकज गुप्ता ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।विधायक ने बताया कि स्वास्थ्य से जुड़ी छोटी-बड़ी समस्याओं के लिए कई बार ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को निजी अस्पतालों या विशेषज्ञ डॉक्टरों तक पहुंचने में परेशानी होती है। इसी को देखते हुए वेदांता हेल्थकेयर क्लिनिक के सहयोग से विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य शिविरों की शुरुआत की जा रही है। प्रचार वाहन के माध्यम से लोगों को शिविर के स्थान, तारीख और उपलब्ध चिकित्सकीय सुविधाओं की जानकारी दी जाएगी।
विशेषज्ञ डॉक्टरों से मिलेगा निशुल्क परामर्श
शिविरों में विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर आने वाले मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकों से निशुल्क परामर्श दिलाने की व्यवस्था रहेगी। विधायक ने कहा कि कोशिश है कि इलाज और डॉक्टर की सलाह के लिए किसी जरूरतमंद को आर्थिक परेशानी के कारण पीछे न हटना पड़े। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को उनके आसपास ही स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ रहने के लिए समय पर बीमारी की पहचान और डॉक्टर की सलाह बेहद जरूरी है। कई लोग बीमारी को सामान्य समझकर इलाज टालते रहते हैं। ऐसे लोगों को भी शिविरों के जरिए जांच और चिकित्सकीय सलाह लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
अंतिम व्यक्ति तक सुविधा पहुंचाने का दावा
पंकज गुप्ता ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं का फायदा सिर्फ शहर में रहने वाले लोगों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। विधानसभा क्षेत्र के दूरदराज इलाकों में रहने वाले जरूरतमंद परिवारों तक भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधा पहुंचे, यही इस अभियान की प्राथमिकता है। उन्होंने क्षेत्र के लोगों से अपील की कि वे शिविरों में पहुंचकर विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श लें और परिवार के अन्य सदस्यों को भी इसकी जानकारी दें। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र के विकास का आधार वहां के लोगों का स्वस्थ रहना है। स्वस्थ नागरिक ही परिवार और समाज को आगे बढ़ाने में बेहतर भूमिका निभा सकता है। इसी सोच के साथ स्वास्थ्य शिविरों को विधानसभा क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। इस मौके पर वेदांता हॉस्पिटल कानपुर के आर्थो सर्जन डॉ. शिवांश त्रिवेदी, महिला विशेषज्ञ सर्जन डॉ. जया त्रिवेदी, उन्नाव वेदांता हेल्थकेयर क्लिनिक के प्रबंधक मयंक बाजपेई, प्राचीन्द्र मिश्रा समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
रक्तदान से जगे जिंदगी की उम्मीद : थैलेसीमिया बच्चों के लिए आगे आए रक्तदाता
Sun, Sep 6, 2026
पोल्का फाउंडेशन के शिविर में पहुंचे लोग, सदर विधायक ने भी बढ़ाया हौसला
उन्नाव। किसी के लिए रक्तदान कुछ मिनट का काम हो सकता है, लेकिन थैलेसीमिया से जूझ रहे बच्चों के लिए यही कुछ मिनट जिंदगी की उम्मीद बन जाते हैं। इसी सोच के साथ गुरु सिंह सभा, बस अड्डे के पास उन्नाव में पोल्का फाउंडेशन की ओर से रक्तदान शिविर लगाया गया। शिविर का मकसद कानपुर और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले 231 थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के लिए नियमित रक्त की जरूरत को पूरा करने में मदद करना रहा। शिविर में बड़ी संख्या में रक्तदाता पहुंचे और जरूरतमंद बच्चों के लिए रक्तदान किया। कार्यक्रम में सदर विधायक पंकज गुप्ता भी पहुंचे। आयोजकों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद विधायक ने फीता काटकर शिविर की शुरुआत की और रक्तदाताओं से मुलाकात कर उनका उत्साह बढ़ाया।
रक्तदाताओं से मिले विधायक, पूछा हालचाल
शिविर में रक्तदान कर रहे लोगों के पास पहुंचकर विधायक पंकज गुप्ता ने उनसे बातचीत की। उन्होंने रक्तदाताओं से उनके स्वास्थ्य और रक्तदान के अनुभव के बारे में जानकारी ली। विधायक ने कहा कि बिना किसी पहचान और स्वार्थ के किसी अनजान जरूरतमंद के लिए रक्त देना समाजसेवा का सबसे सीधा और प्रभावी तरीका है। रक्तदाताओं का उत्साह बढ़ाने के लिए उन्हें फ्रूटी भी भेंट की गई। इस दौरान आयोजकों ने रक्तदान करने पहुंचे लोगों के प्रति आभार जताया।
हर कुछ दिन में पड़ती है रक्त की जरूरत
थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को बीमारी के कारण नियमित अंतराल पर रक्त चढ़ाने की जरूरत पड़ती है। ऐसे में इनके परिवारों के सामने सबसे बड़ी चिंता समय पर रक्त उपलब्ध कराने की रहती है। रक्तदान शिविर इस जरूरत को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिविर के दौरान इस बात पर भी जोर दिया गया कि स्वस्थ और सक्षम लोगों को आगे आकर नियमित रूप से रक्तदान करना चाहिए। इससे जरूरत के समय अस्पतालों और मरीजों के परिजनों को रक्त के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
‘आपका थोड़ा सा समय किसी की पूरी जिंदगी बचा सकता है’
सदर विधायक पंकज गुप्ता ने कहा कि रक्तदान को लेकर लोगों के मन में कई तरह की गलत धारणाएं रहती हैं, जबकि स्वस्थ व्यक्ति के लिए रक्तदान सामान्य प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि समाज में जितने अधिक लोग स्वेच्छा से रक्तदान करेंगे, उतना ही जरूरतमंद मरीजों को समय पर मदद मिल सकेगी। उन्होंने थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों का जिक्र करते हुए कहा कि इन बच्चों को लंबे समय तक रक्त की जरूरत रहती है। ऐसे में रक्तदाता केवल एक यूनिट रक्त नहीं देते, बल्कि किसी परिवार को राहत और एक बच्चे को जिंदगी से जुड़ी उम्मीद देते हैं।
सेवा के कामों में भागीदारी की अपील
विधायक ने पोल्का फाउंडेशन की पहल की सराहना करते हुए कहा कि समाज में ऐसे आयोजनों की जरूरत लगातार बनी हुई है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपनी क्षमता के अनुसार रक्तदान, जरूरतमंदों की मदद और अन्य सामाजिक कार्यों में भागीदारी करें। कार्यक्रम के आयोजकों ने भी रक्तदाताओं का आभार जताया। शिविर के जरिए लोगों को यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि रक्त किसी फैक्टरी में तैयार नहीं होता। किसी स्वस्थ व्यक्ति का दिया हुआ रक्त ही किसी जरूरतमंद के लिए जीवन बचाने का जरिया बनता है।