आठ जनपदों के अन्नदाताओं के लिए लगाई गईं 12 बसें, पहले दिन वैज्ञानिकों : आठ जनपदों के अन्नदाताओं के लिए लगाई गईं 12 बसें, पहले दिन वैज्ञानिकों की पाठशाला में मिट्टी व रोग प्रबंधन पर हुआ सीधा सं
आसिम अज़ीज़
Tue, Sep 29, 2026
सेवा संकल्प अभियान: सांस्कृतिक सद्भावना केंद्र में विराट किसान मेले का भव्य आगाज, एक हजार किसानों ने सीखीं हाईटेक खेती की बारीकियां
–60 से अधिक स्टॉलों पर सजी आधुनिक यंत्रों और हाइब्रिड बीजों की प्रदर्शनी; मंच से 10 किसानों को तोरिया मिनी किट और दो को मिलीं ट्रैक्टर की चाबियां
आठ जनपदों के अन्नदाताओं के लिए लगाई गईं 12 बसें, पहले दिन वैज्ञानिकों की पाठशाला में मिट्टी व रोग प्रबंधन पर हुआ सीधा संवाद
ब्यूरो रिपोर्ट, रामपुर
रामपुर। शासन के 'सेवा संकल्प अभियान' और कृषि सूचना तंत्र के सुदृढ़ीकरण एवं कृषक जागरूकता कार्यक्रम के तहत मंगलवार को पनवड़िया स्थित सांस्कृतिक सद्भावना केंद्र में तीन दिवसीय एग्रोक्लाइमेटिक जोन स्तरीय (भावर एवं तराई जोन) विराट किसान मेले का शुभारंभ हुआ। शहर विधायक आकाश सक्सेना, जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी और मुख्य विकास अधिकारी गुलाब चन्द्र ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर मेले का उद्घाटन किया। पहले ही दिन दूर-दराज के ग्रामीण अंचलों और पड़ोसी जिलों से पहुंचे करीब एक हजार किसानों ने मेले में शिरकत की। उद्घाटन सत्र के दौरान तिलहन आच्छादन को बढ़ावा देने के लिए 10 प्रगतिशील किसानों को निःशुल्क तोरिया मिनी किट तथा ई-लॉटरी के तहत चयनित दो किसानों को अनुदानित ट्रैक्टर की चाबियां सौंपी गईं।
60 से अधिक स्टॉलों पर आधुनिक कृषि का सजीव प्रदर्शन
सद्भावना मंडप में सजे प्रदर्शनी स्थल पर विभिन्न मंडलों और जनपदों से आई प्रतिष्ठित संस्थाओं व निजी कंपनियों के 60 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं। जेके एग्री जेनेटिक्स, इण्डो स्विस और त्रिमूर्ति प्लांट साइंस सहित प्रमुख कंपनियों ने उन्नत बीज, आधुनिक कृषि रक्षा रसायन, कृषि ड्रोन और सोलर पंप का सजीव प्रदर्शन किया। विधायक और डीएम ने सभी स्टॉलों का सघन अवलोकन कर कंपनी प्रतिनिधियों से कम लागत में अधिक उत्पादन देने वाले हाइब्रिड बीजों और नई पीढ़ी के कृषि यंत्रों की कार्यप्रणाली समझी।
स्टॉलों पर उमड़े किसान, जानीं हाईटेक पद्धतिया
सद्भावना मंडप में सजे प्रदर्शनी स्थल पर विभिन्न मंडलों और जनपदों से आई प्रतिष्ठित कृषि कंपनियों व संस्थाओं ने अपने स्टॉल लगाए। विधायक और जिलाधिकारी ने जेके एग्री जेनेटिक्स लिमिटेड, इण्डो स्विस कम्पनी लिमिटेड और त्रिमूर्ति प्लांट साइंस कम्पनी लिमिटेड सहित विभिन्न कंपनियों के स्टॉलों का सघन अवलोकन किया। दोनों जन-प्रतिनिधियों व प्रशासनिक अधिकारियों ने कंपनी प्रतिनिधियों से नई पीढ़ी के कृषि यंत्रों, हाइब्रिड बीजों की रोग प्रतिरोधक क्षमता और कम लागत में अधिक पैदावार देने वाली उन्नत तकनीकों पर विस्तृत चर्चा की। अधिकारियों ने विशेष रूप से यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि कंपनियों द्वारा लाई गई तकनीकें आम किसानों की पहुंच और समझ के अनुकूल हों।
सुदूर इलाकों से किसानों को लाने के लिए दौड़ीं 12 बसें
उप कृषि निदेशक राम किशन सिंह ने बताया कि मेले में सहारनपुर, बिजनौर, मुरादाबाद, पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, बहराइच और श्रावस्ती सहित आठ जिलों के प्रगतिशील किसानों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है। ग्रामीण क्षेत्रों से किसानों को आयोजन स्थल तक लाने और वापस पहुंचाने के लिए विभाग की ओर से 12 विशेष बसों का संचालन किया गया है। इसके अलावा बाहर से आए किसानों के लिए सुबह के नाश्ते और दोपहर के भोजन (लंच) का पुख्ता प्रबंध किया गया है।
वैज्ञानिकों से सीधा संवाद, कल बांटे जाएंगे प्रमाण पत्र
मेले के पहले दिन कृषि वैज्ञानिकों ने मंच से किसानों के साथ सीधा संवाद स्थापित किया।
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने फसल चक्र, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, जल संरक्षण तथा कीट एवं रोग नियंत्रण के वैज्ञानिक और व्यावहारिक उपाय बताए।
कृषि अधिकारी ने स्पष्ट किया कि कृषि यंत्रों पर अनुदान की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है, जो पूर्व निर्धारित ई-लॉटरी सिस्टम से ही संचालित होती है। उन्होंने बताया कि मेले के दूसरे दिन विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले अचीवर किसानों को मंच से प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।
कृषि तंत्र में हुआ युगांतकारी परिवर्तन: विधायक
समारोह को संबोधित करते हुए शहर विधायक आकाश सक्सेना ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद प्रदेश का कृषि परिदृश्य पूरी तरह बदल चुका है।
सरकार का मुख्य एजेंडा अन्नदाता की आमदनी को दोगुना करना और प्रति हेक्टेयर उत्पादन में वृद्धि लाना है। उन्होंने कहा कि पहले किसानों को योजनाओं और तकनीकी सलाह के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे, लेकिन अब सेवा संकल्प के तहत पूरी सरकारी मशीनरी और वैज्ञानिक खुद चौपालों और मेलों के माध्यम से किसानों के द्वार तक पहुंच रहे हैं। विधायक ने किसानों से अपील की कि वे मेले में उपस्थित कृषि वैज्ञानिकों से संवाद कर कीट व रोग नियंत्रण, मिट्टी की उर्वरता और फसल प्रबंधन की बारीकियों को समझें और पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर आधुनिक कृषि को अपनाएं।
वैज्ञानिक सोच अपनाकर खेती की लागत घटाएं किसान। डीएम
जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने मेले के उद्देश्य को रेखांकित करते हुए कहा कि एक ही छत के नीचे बीज, मशीनरी, बाजार और तकनीकी सलाह उपलब्ध कराना समय की सबसे बड़ी मांग है। जब किसान आधुनिक कृषि यंत्रों और वैज्ञानिक पद्धतियों से जुड़ेगा, तभी खेती की इनपुट कॉस्ट यानी उत्पादन लागत में कमी आएगी और किसान का शुद्ध मुनाफा बढ़ेगा। डीएम ने जोर देकर कहा कि कृषि विभाग एवं अन्य संबद्ध विभागों द्वारा संचालित अनुदान व प्रोत्साहन योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पात्र किसानों तक पहुंचे, यही प्रशासन की प्राथमिकता है।
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