रामपुर में शिक्षकों के लिए एक विशेष कैपिसिटी बिल्डिंग एवं प्रशिक्षण का : रामपुर में शिक्षकों के लिए एक विशेष कैपिसिटी बिल्डिंग एवं प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। ब्यूरो रिपोर्ट, रामपुर
आसिम अज़ीज़
Sat, Oct 3, 2026
रामपुर में शिक्षकों के लिए एक विशेष कैपिसिटी बिल्डिंग एवं प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया।
ब्यूरो रिपोर्ट, रामपुर
रामपुर। जनपद उत्तर प्रदेश सेंट पॉल्स स्कूल में क्षमता निर्माण कार्यशाला का भव्य आयोजन कंपीटेंसी बेस्ड एसेसमेंट पर शिक्षकों को दिया गया व्यावहारिक प्रशिक्षण शिक्षकों के सतत व्यावसायिक विकास एवं उनकी शिक्षण दक्षताओं को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से सेंट पॉल्स स्कूल, रामपुर में शिक्षकों के लिए एक विशेष कैपिसिटी बिल्डिंग एवं प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का मुख्य विषय दक्षता आधारित मूल्यांकन रहा।
कार्यशाला में विद्यालय के शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को पारंपरिक मूल्यांकन पद्धतियों से आगे बढ़कर विद्यार्थियों की वास्तविक समझ, कौशल, अनुप्रयोग क्षमता, तार्किक चिंतन एवं समस्या समाधान क्षमता के आधार पर मूल्यांकन करने के लिए आवश्यक तकनीकों एवं नवीन पद्धतियों से परिचित कराना था।
कार्यशाला को रिसोर्स पर्सन श्रीमती कल्पना चौहान ने संबोधित किया। उन्होंने शिक्षकों को कंपीटेंसी बेस्ड एसेसमेंट की अवधारणा को सरल एवं व्यावहारिक तरीके से समझाते हुए कहा कि वर्तमान शिक्षा व्यवस्था में केवल विद्यार्थियों की स्मरण शक्ति का आकलन पर्याप्त नहीं है। मूल्यांकन ऐसा होना चाहिए, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि विद्यार्थी ने सीखी गई अवधारणाओं को वास्तविक परिस्थितियों में किस प्रकार समझा, लागू किया और उसका उपयोग किया।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार के मूल्यांकन का उद्देश्य केवल अंक प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थी की वास्तविक दक्षताओं को पहचानना और उन्हें विकसित करने की दिशा में मार्गदर्शन करना है।” उन्होंने शिक्षकों को प्रश्न निर्माण, लर्निंग आउटकम्स, एप्लीकेशन-बेस्ड प्रश्नों तथा विद्यार्थियों के समग्र प्रदर्शन के मूल्यांकन से संबंधित विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। कार्यशाला के दौरान विभिन्न गतिविधियों एवं उदाहरणों के माध्यम से शिक्षकों को मूल्यांकन की आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया।
इस अवसर पर सेंट पॉल्स स्कूल के प्रधानाचार्य श्री मनोज पाठक जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि शिक्षक शिक्षा व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं और शिक्षकों का निरंतर प्रशिक्षण ही विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि समय के साथ शिक्षा के स्वरूप और विद्यार्थियों की आवश्यकताओं में परिवर्तन हो रहा है, इसलिए शिक्षकों के लिए नई शिक्षण एवं मूल्यांकन पद्धतियों को समझना और उन्हें कक्षा-कक्ष में प्रभावी ढंग से लागू करना आवश्यक है।
प्रधानाचार्य श्री मनोज पाठक जी ने विद्यालय प्रबंधन का इस प्रकार की उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक कार्यशाला आयोजित करने के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के क्षमता निर्माण कार्यक्रम शिक्षकों को अपने शिक्षण कौशल को निरंतर निखारने तथा विद्यार्थियों की सीखने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने में सहायता करते हैं। उन्होंने सभी शिक्षकों से कार्यशाला में प्राप्त ज्ञान को अपने दैनिक शिक्षण कार्य में प्रयोग करने का आह्वान किया।
कार्यशाला के दौरान शिक्षकों ने विभिन्न गतिविधियों में भाग लेते हुए कंपीटेंसी आधारित प्रश्नों एवं मूल्यांकन तकनीकों का अभ्यास किया। कार्यक्रम ने शिक्षकों को यह समझने में सहायता प्रदान की कि किस प्रकार विद्यार्थियों की समझ, अनुप्रयोग, विश्लेषण, रचनात्मकता एवं समस्या समाधान जैसी क्षमताओं को प्रभावी मूल्यांकन के माध्यम से पहचाना और विकसित किया जा सकता है।
कार्यशाला में विद्यालय के उप प्रधानाचार्य सुधीर कुमार सिंह , शेहला ज़रताज , ऋषिराज सक्सेना , अर्जुमंद बानो, शोभा रानी तथा रीना अग्रवाल आदि सहित समस्त स्टाफ उपस्थित रहा । कार्यक्रम का संचालन मुनीफा मुजद्दी, संयोजन प्रीति टंडन तथा कार्यक्रम के अंत में मुनीबा आरिफ ने सभी का आभार व्यक्त किया ।
कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय की ओर से रिसोर्स पर्सन श्रीमती कल्पना चौहान का आभार व्यक्त किया गया। कार्यशाला में शिक्षकों की सक्रिय सहभागिता ने कार्यक्रम को सफल एवं सार्थक बनाया। विद्यालय प्रबंधन एवं शिक्षकों ने इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
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