शादी की दहलीज पर खड़ी नाबालिग : चाइल्ड हेल्पलाइन ने समय रहते रोका
Mon, Nov 24, 2025
बाल विवाह कानून के तहत दोनों पक्षों से पूछताछ, आगे कार्रवाई तय
उन्नाव। नाबालिग शादियों पर रोक को लेकर प्रशासन की सख्ती एक बार फिर सामने आई है। जिले में बाल विवाह की शिकायतों पर तेजी से कार्रवाई के दावे कई बार किए जाते हैं, लेकिन सोमवार दोपहर मिली एक सूचना ने पूरे सिस्टम को तुरंत हरकत में ला दिया। उसी फुर्ती का नतीजा था कि एक किशोरी की जिंदगी समय रहते बच गई। बता दें कि अजगैन थाना क्षेत्र के धरागढ़ गांव की एक नाबालिग बालिका का विवाह लखनऊ बाईपास स्थित अन्नपूर्णा धाम में तय किया गया था। सदर कोतवाली क्षेत्र के किशोरी खेड़ा के एक युवक से उसकी शादी की तैयारियां पूरी रफ्तार में थीं। इसी बीच चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर फोन आया कि एक नाबालिग बालिका की शादी कराई जा रही है। शिकायत मिलते ही जिला समन्वयक दिवाकर ओझा ने मामला उच्चाधिकारियों तक पहुंचाया। जिला प्रोबेशन अधिकारी क्षमा नाथ राय के निर्देश पर चाइल्ड हेल्पलाइन टीम और स्थानीय पुलिस बिना देरी किए मौके के लिए निकल गई। टीम जब पहुंची तो मंडप सजा था, रस्में शुरू हो चुकी थीं और परिवार विवाह पूरा कराने की कगार पर था। टीम ने मौके पर ही शादी रुकवा दी और बालिका को सुरक्षित संरक्षण में ले लिया। इसके बाद उसे बाल कल्याण समिति उन्नाव के सामने पेश किया गया। समिति ने बालिका की सुरक्षा, मानसिक स्थिति और आगे की जरूरतों को देखते हुए उसे वन स्टॉप सेंटर में रखने का आदेश दिया। आदेश के बाद बालिका को सेंटर भेज दिया गया, जहां उसकी देखभाल और काउंसलिंग की व्यवस्था की गई है। अधिकारियों ने बताया कि नाबालिग की शादी कराना बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के तहत दंडनीय अपराध है। पूरे मामले में दोनों परिवारों से पूछताछ जारी है और आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।चाइल्ड हेल्पलाइन जिला टीम का कहना है कि सही समय पर मिली सूचना ने एक बच्ची को गलत दिशा में जाने से बचा लिया। टीम ने लोगों से अपील की कि ऐसी किसी भी जानकारी को छुपाएं नहीं, तुरंत 1098 पर सूचित करें ताकि बच्चों को सुरक्षित रखा जा सके।
रामभक्ति के रंग में उन्नाव : सदर विधायक ने यात्रा दल को दी विदाई
Mon, Nov 24, 2025
एसपी जय प्रकाश सिंह ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था का जायज़ा लिया
उन्नाव। अयोध्या में 25 नवंबर को प्रस्तावित ध्वजारोहण कार्यक्रम को लेकर जिले में सोमवार को पूरे दिन भक्तिमय और तैयारी वाला माहौल बना रहा। सुबह उन्नाव से राम भक्तों का बड़ा दल विशेष बसों से अयोध्या के लिए रवाना हुआ। रवानगी स्थल पर श्रद्धालुओं की भीड़ गूंज रही थी और ढोल, नगाड़ों व जयकारों ने पूरे परिसर को रामभक्ति के रंग में रंग दिया। सदर विधायक पंकज गुप्ता ने यात्रा दल को सम्मानपूर्वक विदा किया। उन्होंने भक्तों को माला और पटका पहनाकर आशीर्वाद दिया और कहा कि अयोध्या में होने वाला ध्वजारोहण देश के लिए गर्व का क्षण है।
विधायक ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति इस आयोजन को ऐतिहासिक बना देगी। आयोजन समिति ने सभी यात्रियों को पहचान पत्र भी दिए ताकि अयोध्या में प्रवेश और सुरक्षा व्यवस्था के दौरान कोई दिक्कत न आए। बसों में बैठते समय महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों में उत्साह साफ नजर आया। कई श्रद्धालु पहली बार इतने बड़े धार्मिक कार्यक्रम का हिस्सा बनने जा रहे थे। रवाना होने से पहले सामूहिक आरती हुई। स्थानीय लोगों ने फल, पानी और प्रसाद वितरित कर भक्तों को शुभ यात्रा दी। इस अवसर पर विश्व हिंदू परिषद के जिला मंत्री सुनील गुप्ता, विभाग अध्यक्ष सुरेश पांडेय और प्रांत मंत्री अविनाश उपस्थित थे।
प्रशासन तैयार, यातायात व्यवस्था सख्त
इधर,
अयोध्या में प्रस्तावित कार्यक्रम को ध्यान में रखते हुए उन्नाव पुलिस लगातार मैदानी समीक्षा कर रही है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश सिंह ने थाना दही क्षेत्र के पुरवा मोड़ डायवर्जन प्वाइंट का निरीक्षण किया। उन्होंने रूट डायवर्जन, भारी वाहनों की आवाजाही और ड्यूटी पर तैनात पुलिस बल की तैयारियों की जांच की। मौके पर मौजूद कर्मियों को भीड़ प्रबंधन और यातायात नियंत्रण के संबंध में निर्देश दिए गए। इसके बाद एसपी जय प्रकाश सिंह ने थाना अजगैन क्षेत्रांतर्गत नवाबगंज टोल प्लाजा का भी निरीक्षण किया। उन्होंने टोल प्रबंधन और ट्रैफिक ड्यूटी में लगे पुलिस बल से तैयारियों की जानकारी ली और आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
एसपी ने कहा कि ध्वजारोहण कार्यक्रम के दौरान जिले में आने-जाने वाले वाहनों की संख्या बढ़ सकती है, इसलिए हर प्वाइंट पर सतर्कता जरूरी है। उन्नाव प्रशासन और पुलिस की इन तैयारियों का उद्देश्य यही है कि श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित और सुचारु रहे, ताकि अयोध्या के ऐतिहासिक आयोजन में किसी प्रकार की बाधा न आए।
लखनऊ-कानपुर हाईवे बना जाम का जंजाल : यातायात व्यवस्था फेल
Mon, Nov 24, 2025
मरम्मत कार्य और ड्यूटी मॉनिटरिंग की कमी से बिगड़ा सिस्टम
उन्नाव। सोमवार सुबह लखनऊ-कानपुर नेशनल हाईवे पर हालात इतने बिगड़ गए कि कुछ ही मिनटों में पूरा रास्ता वाहनों से पट गया। सुबह-सुबह जब लोग दफ्तर, स्कूल और जरूरी काम पर निकलते हैं, उसी वक्त हाईवे का ट्रैफिक अचानक ठहर गया। दोनों दिशाओं में गाड़ियां इतनी देर तक फंसी रहीं कि कई यात्री थककर कारों से उतर आए। किसी की स्कूल बस जाम में अटकी रही, तो किसी की ऑफिस की गाड़ी समय पर आगे नहीं बढ़ सकी। लंबी कतारों में खड़े ट्रक, बसें, कारें और दोपहिया हाईवे पर जमे दिखाई दिए।
जिन लोगों ने पहले कभी इस रास्ते को इतनी बुरी तरह अटकते नहीं देखा था, वे आज परेशान और नाराज दोनों दिखे। लोगों का कहना था कि जाम कब खुलेगा, इसका अंदाजा किसी को नहीं था और न ही ट्रैफिक विभाग की ओर से स्पष्ट जानकारी मिल सकी। मरम्मत कार्य के बीच बिना योजना के बढ़े वाहन दबाव ने हालात को और खराब कर दिया।
ट्रैफिक व्यवस्था ध्वस्त, विभाग कठघरे में
ऑफिस जाने वाले कर्मचारी, स्कूल-कॉलेज की बसें और जरूरी काम पर निकले लोग घंटों तक फंसे रहे। कई लोग अपने वाहन छोड़कर पैदल आगे की ओर बढ़ते दिखे। लोगों का कहना है कि सड़क मरम्मत और बढ़ते दबाव के बावजूद विभाग ने कोई वैकल्पिक योजना नहीं बनाई। यही वजह है कि हालात मिनट-दर-मिनट बिगड़ते गए।
7 से 8 किलोमीटर तक पसरा जाम
कोतवाली क्षेत्र से दही थाना तक करीब 7 से 8 किलोमीटर लंबा जाम लगा रहा। कानपुर और लखनऊ दोनों दिशाओं में गाड़ियों की रफ्तार रेंगती रही। रोज 10 से 15 मिनट में तय होने वाली दूरी को तय करने में आज कई घंटे लग गए।
बच्चों और बुजुर्गों के लिए बड़ी परेशानी
स्कूल बसों में बैठे बच्चे परेशान दिखे। बुजुर्ग और महिला यात्रियों को गर्मी और उमस से सबसे ज्यादा दिक्कत हुई। कई लोगों का पानी और जरूरी सामान भी खत्म हो गया।
हेल्पलाइन से भी नहीं मिली सही जानकारी
जाम में फंसे लोगों ने कई बार ट्रैफिक हेल्पलाइन पर फोन किए, लेकिन किसी भी अधिकारी ने यह नहीं बताया कि सड़क कब तक साफ होगी। लोगों ने कहा कि विभाग की ओर से समय-समय पर सूचना देने की जरूरत थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
पुलिस टीमें जुटीं, लेकिन राहत सीमित
जाम बढ़ने पर यातायात पुलिस और स्थानीय पुलिस की तीन टीमें हाईवे पर पहुंचीं। बैरिकेड हटाकर और वाहन एक-एक करके निकालकर रास्ता खुलवाने की कोशिश की गई, पर वाहनों की भारी संख्या के कारण राहत फिलहाल सीमित ही नजर आई।
मरम्मत कार्य ने और बिगाड़ा हाल
हाईवे पर पैच वर्क और कुछ जगह खुदाई होने से पहले ही यातायात धीमा था। सुबह के पीक समय में वाहन बढ़ते ही स्थिति और बिगड़ गई।
अभी बीते दिन भी दिखी अव्यवस्था, डिप्टी सीएम का काफिला फंस गया था
शनिवार रात कानपुर से लौटते समय डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का काफिला भी आजाद मार्ग चौराहे के जाम में फंस गया था। उस वक्त चौराहे पर तैनात पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थे। वायरलेस से सूचना मिलते ही एसपी खुद मौके पर पहुंचे और रास्ता खुलवाया। जांच में पाया गया कि अचलगंज थानाध्यक्ष उस समय थाने में थे। लापरवाही को गंभीर मानते हुए उन्हें उसी रात अचलगंज से हटाकर साइबर थाने भेज दिया गया।
एसपी की सख्ती के बाद भी नहीं दिख रहा सुधार
डिप्टी सीएम के काफिले के फंसने की घटना के बाद एसपी ने कड़ा रुख अपनाया था, लेकिन सोमवार की स्थिति बताती है कि जमीन पर इसका असर नहीं दिखा। हाईवे पर फैला घंटों लंबा जाम साफ दिखाता है कि यातायात व्यवस्था को सुधारने के प्रयास अब भी नाकाफी हैं। लोगों का कहना है कि केवल कार्रवाई से बात नहीं बनेगी, बल्कि जरूरत है कि विभाग रोड प्लानिंग, ड्यूटी मॉनिटरिंग और वैकल्पिक रूट की व्यवस्था को समय रहते मजबूत करे।