14 साल की किशोरी लापता : दो भाइयों समेत एक महिला पर केस
Thu, Oct 8, 2026
पिता का आरोप, बहला-फुसलाकर ले जाने की आशंका; पुलिस ने दर्ज की रिपोर्ट
उन्नाव।
बांगरमऊ कोतवाली क्षेत्र के एक गांव से 14 वर्षीय किशोरी संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई। पिता ने दो भाइयों समेत एक महिला पर बेटी को बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप लगाया है। तहरीर के आधार पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर किशोरी की तलाश शुरू कर दी है। गहपुरवा गांव निवासी पप्पू के मुताबिक, चार अक्टूबर को वह अपनी मां की दवा लेने अमित मेडिकल स्टोर गया था। दोपहर करीब दो बजे घर लौटने पर उसकी 14 वर्षीय बेटी घर पर नहीं मिली। काफी तलाश करने के बाद भी उसका पता नहीं चला। पिता का आरोप है कि बेटी के लापता होने के बाद उसने गांव की कुसुमा से जानकारी की। इसके बाद वह राजू और सुनील के पिता श्रीराम के पास पहुंचा। आरोप है कि वहां उसे बताया गया कि दोनों युवक उसकी बेटी को ले गए हैं। पिता ने कुसुमा पर भी युवकों के साथ संपर्क में रहने और बेटी को ले जाने में भूमिका होने का आरोप लगाया है। पिता ने पांच अक्टूबर को थाने पहुंचकर पुलिस से बेटी को बरामद कराने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। तहरीर के आधार पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर किशोरी की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि किशोरी की बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं। बरामद होने के बाद उसके बयान और मेडिकल परीक्षण समेत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्लॉट खाली कराने पहुंचे लोग : विरोध पर महिला से मारपीट का आरोप
Thu, Oct 8, 2026
घर में घुसकर डंडे और लोहे की रॉड से पीटने की शिकायत, गले से सोने का लॉकेट छीनने का भी आरोप
उन्नाव। फतेहपुर चौरासी थाना क्षेत्र के पिथनहरा गांव में प्लॉट खाली कराने को लेकर हुए विवाद ने मारपीट का रूप ले लिया। एक महिला ने गांव के पांच लोगों पर प्लॉट में रखा सामान जबरन हटाने, विरोध करने पर उसके साथ मारपीट करने और घर में घुसकर डंडे व लोहे की रॉड से हमला करने का आरोप लगाया है। महिला का यह भी कहना है कि मारपीट के दौरान उसके गले से करीब पांच ग्राम वजन का सोने का लॉकेट छीन लिया गया। पिथनहरा निवासी नंदिनी पत्नी सतीश कुमार के मुताबिक, 8 अगस्त की शाम करीब चार बजे वह अपना प्लॉट देखने गई थी। वहां बाबूराम, अजय पाल, गुड्डी, अंशू और संजय मौजूद थे। आरोप है कि प्लॉट में रखा सामान हटाया जा रहा था। विरोध करने पर उसके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी गई और लात-घूंसों व डंडों से मारपीट की गई।
घर के अंदर पहुंचने के बाद भी नहीं रुका विवाद
नंदिनी के अनुसार, वह खुद को बचाने के लिए घर के अंदर चली गई, लेकिन आरोपित भी पीछे से घर में घुस आए। यहां डंडे और लोहे की रॉड से हमला किया गया। हमले में उसके बाएं हाथ की कोहनी के नीचे चोट लगने के साथ शरीर के अन्य हिस्सों में भी चोटें आईं। महिला ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि घटना के दौरान उसकी बेटी प्रीती देवी और उसका भाई विनय कुमार भी वहां मौजूद थे। शोर सुनकर विनय मौके पर पहुंचा और बीच-बचाव किया। कुछ ही देर में आसपास के लोग भी जुट गए, जिसके बाद मामला शांत हुआ।
कार्रवाई की बात पर जान से मारने की धमकी का आरोप
नंदिनी का आरोप है कि विवाद के बाद आरोपितों ने पुलिस में शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी। उसका कहना है कि घटना के बाद वह फतेहपुर चौरासी थाने पहुंची थी। पुलिस ने उसकी चिकित्सकीय जांच तो कराई, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं किया। अगले दिन भी थाने जाने के बावजूद रिपोर्ट दर्ज न होने पर उसने एसपी कार्यालय पहुंचकर कार्रवाई की मांग की।महिला की तहरीर के आधार पर बाबूराम, अजय पाल, गुड्डी, अंशू और संजय के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज किए जाने की मांग की गई है। मामले में लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।
वोट के अधिकार पर सपा का मार्च : चुनाव आयोग से मांगा जवाब
Thu, Oct 8, 2026
पार्टी कार्यालय से अंबेडकर पार्क तक पहुंचे कार्यकर्ता, मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की उठाई मांग
उन्नाव। मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर समाजवादी पार्टी ने बुधवार को शहर में पैदल मार्च निकाला। पार्टी कार्यालय से शुरू हुआ मार्च डॉ. भीमराव आंबेडकर पार्क पहुंचा। यहां आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद कार्यक्रम समाप्त हुआ। मार्च में बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ और ‘लोकतंत्र बचाओ’ अभियान के तहत निकाले गए मार्च में कार्यकर्ता हाथों में पार्टी के झंडे और तख्तियां लेकर चल रहे थे। इस दौरान चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर नारेबाजी की गई। कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठाई। मार्च का नेतृत्व सपा जिलाध्यक्ष जय चन्द्र विमल और पूर्व सांसद अन्नू टंडन ने किया। नेताओं ने कहा कि चुनाव लोकतंत्र की सबसे अहम प्रक्रिया है। ऐसे में मतदाता सूची में पात्र लोगों के नाम सुरक्षित रखना और चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाए रखना जरूरी है।
सपा जिलाध्यक्ष जय चन्द्र विमल ने कहा कि जनता का वोट लोकतंत्र में सबसे बड़ी ताकत है। अगर किसी पात्र मतदाता का नाम सूची से हटता है तो इसका असर सीधे उसके अधिकार पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि चुनाव से जुड़े सवालों का जवाब जनता के सामने आना चाहिए। पूर्व सांसद अन्नू टंडन ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए, जिसमें किसी मतदाता को अपने अधिकार के इस्तेमाल में परेशानी न हो। मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन से जुड़े मामलों में पूरी पारदर्शिता जरूरी है। उन्होंने कहा कि पार्टी लोकतंत्र और मताधिकार से जुड़े मुद्दों को आगे भी उठाती रहेगी।
मार्च के दौरान सपा नेताओं ने कहा कि अभियान का उद्देश्य मतदाताओं के अधिकार और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़े सवालों को जनता के बीच उठाना है। कार्यक्रम में सीके त्रिपाठी, पूर्व विधायक उदयराज यादव, सुंदर लाल लोधी, बदलू खान, रामबरन कुरील, राधेलाल रावत, सुधीर रावत, राम कुमार, अंकित परिहार, नियाज खान, मो. इस्माइल, चंद्रपाल पासी, आंचल वर्मा, मुन्ना अल्वी, वीरेंद्र शुक्ला, धर्मेंद्र यादव, राज कुमार रावत, सेवकलाल, नारायण पाल, राजेंद्र लोधी, बीतेन्द्र यादव, मंटू कटियार, स्वरित चौधरी, राजेश यादव ‘साधू’, राजकुमार लोधी, मंजीत यादव, अवधेश सिंह, नरेंद्र लोधी, जितेंद्र रावत, शिवकुमार पाल, सुर्जाउरहमान ‘सुजा’, नसीम भाई, शशांक शेखर शुक्ला, अशोक चंदेल, बृजपाल यादव समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।