दर्दनाक सड़क हादसा : भाई की आंखों के सामने बहन की मौत, ट्रक के नीचे आई स्कूटी सवार महिला
Thu, Apr 2, 2026
दवा लेने निकली थी फरहीन, मासूम भांजी सहमी रह गई
उन्नाव। एक सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियां पलभर में छीन लीं। दवा लेने निकली एक महिला की अपने ही भाई के सामने दर्दनाक मौत हो गई। हादसा इतना भयावह था कि जिसने भी देखा, सन्न रह गया। सदर कोतवाली क्षेत्र के छिपियाना मोहल्ला निवासी फरहीन फातिमा अपने भाई लईक और पांच साल की भांजी जारा के साथ स्कूटी से दवा लेने शुक्लागंज जा रही थीं। जैसे ही वे शेखपुर नहर के पास पहुंचीं, पीछे से आ रहे एक ट्रक ने स्कूटी में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही स्कूटी अनियंत्रित हो गई और फरहीन सड़क पर गिर पड़ीं। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, ट्रक का पहिया उनके ऊपर से गुजर गया। मौके पर ही उनकी मौत हो गई। हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया। घटना के वक्त स्कूटी चला रहे लईक और पीछे बैठी मासूम बच्ची जारा बाल-बाल बच गए। आंखों के सामने बहन की दर्दनाक मौत देखकर लईक बदहवास हो गया और काफी देर तक मौके पर ही रोता रहा। हादसे की खबर मिलते ही इलाके में लोगों की भीड़ जुट गई। गुस्साए लोगों और परिजनों ने हंगामा करते हुए सड़क जाम करने की कोशिश की। सूचना पर पहुंची पुलिस ने हालात संभाले और लोगों को समझाकर शांत कराया। सदर कोतवाली प्रभारी चंद्रकांत मिश्र ने मौके पर पहुंचकर आश्वासन दिया कि फरार ट्रक चालक को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा और सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिवार के मुताबिक, फरहीन की शादी करीब दो साल पहले हुई थी। उनके पति दिलशाद दुबई में काम करते हैं और उन्हें घटना की जानकारी दे दी गई है। परिवार में आठ भाई-बहनों में वह तीसरे नंबर पर थीं। पुलिस का कहना है कि तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से फरार ट्रक की पहचान की जा रही है।
उन्नाव जंक्शन पर कार्रवाई की गूंज : एक और अफसर निलंबित, कई पर गिरी गाज
Thu, Apr 2, 2026
निरीक्षण में खुली लापरवाही की परतें, जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त उठाए जा रहे कदम
उन्नाव। रेलवे की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने के बाद उन्नाव जंक्शन पर कार्रवाई का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। दो स्टेशन अधीक्षकों के निलंबन के बाद अब वाणिज्य निरीक्षक पर भी गाज गिर गई है। इसके साथ ही ट्रैक और तकनीकी व्यवस्थाओं में खामियां मिलने पर अन्य अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। मामला 28 मार्च का है, जब उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के डीआरएम सुनील कुमार वर्मा ने उन्नाव जंक्शन का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान स्टेशन की व्यवस्थाओं की हकीकत सामने आ गई। सबसे पहले तो जिम्मेदारी संभालने में ही लापरवाही दिखी। पुराने स्टेशन अधीक्षक त्रिभुवन जोशी को पहले ही स्थानांतरित किया जा चुका था, जबकि नए अधीक्षक यूके सिंह को चार्ज लेना था। लेकिन निरीक्षण वाले दिन न तो किसी ने चार्ज दिया और न ही लिया। दोनों अधिकारी मौके से नदारद मिले। इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए डीआरएम ने दोनों स्टेशन अधीक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। जांच आगे बढ़ी तो स्टेशन की अन्य व्यवस्थाओं में भी खामियां सामने आने लगीं। पूछताछ काउंटर और उससे जुड़े रजिस्टरों में गड़बड़ी मिलने पर वाणिज्य निरीक्षक अरुण कुमार को भी सस्पेंड कर दिया गया। वहीं, रेलवे ट्रैक के रखरखाव में कमी पाए जाने पर स्थायी रेल पथ निरीक्षक रमेश कुमार मीणा से स्पष्टीकरण मांगा गया है। तकनीकी विभाग भी इस कार्रवाई से अछूता नहीं रहा। टेलीकॉम से जुड़े कार्यों में शिकायत और कमी मिलने पर सीनियर सेक्शन इंजीनियर सचिन के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की गई है। रेलवे विभाग के बड़े बाबू सुशील जायसवाल ने वाणिज्य निरीक्षक के निलंबन की पुष्टि की है। हालांकि अन्य अधिकारियों पर हुई कार्रवाई को लेकर उन्होंने विस्तृत जानकारी होने से इनकार किया। कुल मिलाकर, एक ही निरीक्षण में उन्नाव जंक्शन की कई परतें खुल गईं। अब देखना यह होगा कि यह कार्रवाई सिर्फ कागजों तक सीमित रहती है या जमीनी स्तर पर भी व्यवस्थाओं में सुधार नजर आता है।
नवाबगंज में अवैध वसूली का आरोप : ऑटो यूनियन ने दिया ज्ञापन
Wed, Apr 1, 2026
रोजाना पैसे देने का दबाव, नियम स्पष्ट न होने से बढ़ी नाराजगी
उन्नाव। नवाबगंज में सीएनजी ऑटो चालकों ने नगर पंचायत के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। चालकों का आरोप है कि उनसे बिना स्पष्ट नियमों के जबरन पैसे वसूले जा रहे हैं, जिससे उनकी रोजी-रोटी पर असर पड़ रहा है। मामले को लेकर ऑटो चालकों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि छोटे स्तर पर काम करने वाले ड्राइवर पहले ही सीमित आमदनी में परिवार चलाते हैं, ऐसे में रोजाना 20 से 30 रुपये की वसूली उनके लिए अतिरिक्त बोझ बन रही है।चालकों के मुताबिक, वसूली का कोई तय नियम या लिखित आदेश नहीं बताया जाता। कई बार भुगतान न करने पर रास्ते में रोककर दबाव बनाया जाता है, जिससे उन्हें मानसिक और आर्थिक दोनों तरह की परेशानी झेलनी पड़ रही है। एक और बड़ा मुद्दा यह भी सामने आया कि नगर पंचायत द्वारा केवल कुछ स्थानों पर ही स्टैंड विकसित किए जा रहे हैं, जबकि वसूली पूरे क्षेत्र में की जा रही है। चालकों का कहना है कि जब सुविधाएं सीमित हैं तो शुल्क पूरे इलाके से क्यों लिया जा रहा है। यह ज्ञापन सीएनजी ऑटो यूनियन के अध्यक्ष गोपाल महेश्वरी के नेतृत्व में सौंपा गया। बड़ी संख्या में चालक और यूनियन से जुड़े लोग इसमें शामिल हुए और सभी ने एक सुर में कार्रवाई की मांग की। चालकों की मांग साफ है कि इस तरह की वसूली को तुरंत रोका जाए और यदि कोई नियम है तो उसे सार्वजनिक किया जाए। साथ ही जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने। अब नजर प्रशासन की कार्रवाई पर है कि वह इस शिकायत को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या कदम उठाए जाते हैं।