इमरजेंसी बाथरूम में मिला 6-7 माह का भ्रूण, : गर्भपात के बाद फेंके जाने की आशंका
Mon, Apr 6, 2026
किसने छोड़ा, कब छोड़ा… कैमरों में तलाश रही पुलिस
उन्नाव। जिला अस्पताल में सोमवार दोपहर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब इमरजेंसी वार्ड के बाथरूम से एक विकसित भ्रूण मिलने की खबर सामने आई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक भ्रूण करीब 6 से 7 महीने का बताया जा रहा है। अस्पताल प्रशासन ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है। घटना दोपहर करीब 12 बजे की है। इमरजेंसी में तैनात सफाईकर्मी कलावती रोज की तरह बाथरूम की सफाई करने पहुंचीं। जैसे ही उन्होंने दरवाजा खोला, अंदर कोने में कपड़े में लिपटा कुछ दिखाई दिया। पास जाकर देखा तो वह एक भ्रूण था। यह देखकर वह घबरा गईं और तुरंत अन्य स्टाफ को जानकारी दी। कुछ ही देर में वहां अस्पताल कर्मियों और मरीजों के परिजनों की भीड़ लग गई। अस्पताल के चिकित्साधीक्षक डॉ. संजीव कुमार ने बताया कि भ्रूण काफी विकसित अवस्था में है और पहली नजर में यह मेल चाइल्ड प्रतीत हो रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि कहीं बाहर गर्भपात कराने के बाद भ्रूण को अस्पताल परिसर में लाकर फेंका गया हो। सूचना मिलते ही अस्पताल चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने सबसे पहले वहां मौजूद सुरक्षा गार्डों और स्टाफ से पूछताछ की। साथ ही इमरजेंसी वार्ड और प्रवेश द्वारों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि भ्रूण को वहां कौन और कब छोड़कर गया। अस्पताल के भीतर भी इस घटना को लेकर कई तरह की चर्चाएं हैं। कुछ स्वास्थ्यकर्मियों का मानना है कि संभवतः किसी महिला ने पास के किसी निजी नर्सिंग होम या अन्य जगह पर गर्भपात कराया होगा और बाद में भ्रूण को यहां लाकर छोड़ दिया गया। हालांकि, अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सीएमएस डॉ. राजीव गुप्ता ने बताया कि मामले को गंभीरता से लिया गया है और पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है। भ्रूण को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी स्थिति साफ हो पाएगी। फिलहाल पुलिस की कोशिश है कि सीसीटीवी फुटेज के जरिए आरोपी तक पहुंचा जाए। यह घटना न सिर्फ अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि अवैध या असुरक्षित गर्भपात जैसी संभावनाओं को लेकर भी चिंता बढ़ा रही है।
खखरेरू में सर्राफा व्यापारी से बड़ी लूट : शाम होते ही वारदात को दिया अंजाम
Sun, Apr 5, 2026
बाइक सवार बदमाशों ने तमंचे के बल पर लाखों का बैग लेकर हुए फरार
उत्तर प्रदेश फतेहपुर
: खखरेरू थाना क्षेत्र के केवटमई गांव के सर्राफा व्यापारी के साथ उस वक्त घटना घटी जब व्यापारी अपनी दुकान बंद कर घर जा रहा था।
शनिवार देर शाम एक व्यापारी को दो बाइक सवार नकाबपोश बदमाशों ने हमला कर घायल कर दिया। और बैग लेकर फरार हो गए।
केवटमई गांव निवासी शिवकुमार मौर्य आलमपुर गेरिया बाजार में सर्राफा की दुकान चलाते हैं वह शाम अपनी दुकान बंद कर घर लौट रहे थे तभी अंजना कबीर गांव के समीप बाइक सवार दो बदमाशों ने पीछे से तमंचे की बट से हमला कर दिया जिससे वह धायल होकर जमीन पर गिर गए, बैग में रखा लाखों का सोने चांदी के आभूषण और नगदी बदमाश लेकर फरार हो गए।
यह देख घटनास्थल पर चीख पुकार और अफर तफरी मच गई आसपास के लोग जमा हो गए सूचना मिलते ही थाना खखरेरू पुलिस व सीओ खागा ने घटनास्थल पर पहुंच कर मौके वारदात का मुआयना किया।
थाना अध्यक्ष विद्या प्रकाश ने बताया कि मामले को संज्ञान में लेते हुए गहनता से जांच की जारही है। सही साक्ष्य मिलने पर दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी।
दौड़ते कंटेनर में लगी आग : चालक ने कूदकर बचाई जान
Sun, Apr 5, 2026
कानपुर-लखनऊ हाईवे पर लगा तीन किमी लंबा जाम, दो घंटे बाद यातायात सामान्य
उन्नाव। अजगैन थाना क्षेत्र में रविवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब कानपुर-लखनऊ हाईवे पर चल रहे एक कंटेनर में अचानक आग लग गई। कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरा कंटेनर धधकने लगा। हाईवे पर चलते वाहनों के बीच उठती लपटों और धुएं के गुबार ने अफरा-तफरी का माहौल बना दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कंटेनर सामान्य गति से आगे बढ़ रहा था, तभी उसके इंजन की तरफ से धुआं उठता दिखाई दिया। चालक असलम और उसके साथ मौजूद कंडक्टर हालात समझ पाते, उससे पहले ही आग तेजी से फैल गई। दोनों ने बिना देर किए चलती गाड़ी से कूदकर अपनी जान बचाई। कुछ ही पलों में कंटेनर आग के गोले में बदल गया। घटना के चलते हाईवे पर यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई और करीब तीन किलोमीटर तक जाम की स्थिति बन गई। मौके पर मौजूद लोगों ने दूर खड़े होकर वीडियो बनाए, जबकि कुछ लोगों ने मदद की कोशिश भी की, लेकिन आग की तीव्रता के चलते पास जाना मुश्किल हो गया। सूचना मिलते ही अजगैन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और तत्काल दमकल विभाग को बुलाया गया। फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। तब तक कंटेनर का अधिकांश हिस्सा जल चुका था। बताया जा रहा है कि कंटेनर में जड़ी-बूटियां और कॉटन लदा था, जिससे आग तेजी से फैल गई। इस दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की टीम भी मौके पर पहुंची। जेसीबी की मदद से जले हुए कंटेनर को सड़क किनारे हटवाया गया। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद यातायात को बहाल कराया जा सका। थाना प्रभारी मुताबिक, शुरुआती जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है, हालांकि तकनीकी पहलुओं की जांच की जा रही है। राहत की बात यह रही कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। अगर चालक समय रहते कूदकर बाहर नहीं निकलता, तो बड़ा हादसा हो सकता था।