लाखों का नुकसान : 80-90 क्विंटल मछलियां मरने के बाद मुआवजे के लिए दर-दर भटक रहा मत्स्य पालक
Tue, Jul 7, 2026
सैकड़ो डंपर कचरा डंप कराने का आरोप, ग्रामीण बोले, बदबू और प्रदूषण से जीना हुआ मुश्किल
उन्नाव। उन्नाव। आसीवन थाना क्षेत्र के तारा पश्चिम गांव में एक निजी तालाब में कथित रूप से केमिकलयुक्त कचरा डंप किए जाने से बड़ी संख्या में मछलियों की मौत का मामला अब प्रशासनिक लापरवाही और पीड़ित की परेशानी का मुद्दा बन गया है। लाखों रुपये के नुकसान का दावा करने वाला मत्स्य पालक कई दिनों से थाना, तहसील और विभिन्न विभागों के चक्कर काट रहा है, लेकिन अब तक उसे न मुआवजा मिला है और न ही जिम्मेदारों पर कोई ठोस कार्रवाई हुई है। मंगलवार को थक-हारकर उसने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई। तारा पश्चिम गांव निवासी मत्स्य पालक सैफुर रहमान सफवी ने बताया कि उनके निजी तालाब (गाटा संख्या-1214) में कई वर्षों से व्यवसायिक स्तर पर मछली पालन किया जा रहा था। आरोप है कि तालाब के पास रहने वाले एक व्यक्ति ने बिना किसी अनुमति के करीब 400 से 500 डंपर केमिकलयुक्त कचरा तालाब में डलवा दिया। कचरा पानी में मिलते ही उसका असर दिखाई देने लगा और कुछ ही समय में तालाब में पाली गई करीब 80 से 90 क्विंटल मछलियां मर गईं। पीड़ित का कहना है कि इस घटना से उन्हें लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है। उनका आरोप है कि कचरा डंप कराने से पहले न तो उनकी सहमति ली गई और न ही किसी प्रकार की सूचना दी गई। उन्होंने बताया कि जब कचरा डाला जा रहा था तब उन्होंने इसका विरोध भी किया और संबंधित व्यक्ति से सामान्य मिट्टी डालने की बात कही, लेकिन उनकी बात को नजरअंदाज कर दिया गया। शिकायत में मुजफ्फरपुर सर्रा निवासी दिलीप सिंह पुत्र रामेश्वर सिंह पर आरोप लगाया गया है। पीड़ित का कहना है कि संबंधित व्यक्ति प्लॉटिंग के उद्देश्य से क्षेत्र को भरवाने का काम करा रहा था और इसी दौरान रासायनिक कचरा तालाब में डंप करा दिया गया।
ग्रामीणों ने भी उठाए प्रदूषण पर सवाल
मामले का असर केवल तालाब तक सीमित नहीं है। आसपास रहने वाले ग्रामीणों का कहना है कि कचरे से उठ रही तेज बदबू और प्रदूषण के कारण लोगों का घरों में रहना मुश्किल हो गया है। कई लोगों ने सांस लेने में दिक्कत होने की शिकायत भी की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदूषण और गंभीर रूप ले सकता है। इस संबंध में ग्रामीणों ने भी अलग-अलग स्तर पर शिकायतें की हैं।
कई विभागों से की गई शिकायत
पीड़ित ने आसीवन थाना, एसडीएम, डीपीआरओ, प्रदूषण नियंत्रण एवं पर्यावरण विभाग, पुलिस अधीक्षक और क्षेत्राधिकारी समेत कई अधिकारियों को शिकायती पत्र देकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। मंगलवार को वह जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे, जहां जनसुनवाई के दौरान उनकी मुलाकात एसडीएम से हुई।
एसडीएम बोले, जांच के बाद होगी कार्रवाई।
एसडीएम शुभम यादव ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है। संबंधित विभागों को पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए गए हैं। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो नियमानुसार दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पीड़ित को मुआवजा दिलाने और तालाब में डंप किए गए कचरे को हटवाने के लिए भी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
उर्स में इबादत के साथ पर्यावरण का पैगाम : ज़ायरीनों को बांटे गए पौधे
Tue, Jul 7, 2026
गरीब नवाज रिलीफ फाउंडेशन की पहल, 'एक पौधा लगाएं, उसकी देखभाल भी करने' का दिया संदेश
उन्नाव। सफीपुर में आयोजित उर्स के दौरान धार्मिक आयोजनों के बीच पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी प्रमुखता से देखने को मिला। गरीब नवाज रिलीफ फाउंडेशन (जीएनआरएफ) की ओर से पौधा वितरण शिविर लगाकर ज़ायरीनों और स्थानीय लोगों को निशुल्क पौधे वितरित किए गए। इस दौरान लोगों से पौधरोपण को अपनी जिम्मेदारी बनाने और लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने की अपील की गई। शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने उत्साह के साथ पौधे प्राप्त किए। संस्था के पदाधिकारियों ने कहा कि बदलते मौसम, लगातार बढ़ते प्रदूषण और घटती हरियाली के बीच प्रत्येक व्यक्ति का पौधरोपण में योगदान बेहद जरूरी है। यदि हर परिवार कम से कम एक पौधा लगाकर उसे पेड़ बनने तक संरक्षित रखे, तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिल सकेगा। कार्यक्रम में मौजूद वक्ताओं ने कहा कि पेड़ केवल पर्यावरण को संतुलित नहीं रखते, बल्कि शुद्ध हवा, पर्याप्त ऑक्सीजन और बेहतर जलवायु के लिए भी बेहद आवश्यक हैं। बढ़ती गर्मी और प्रदूषण जैसी समस्याओं से निपटने में पौधरोपण सबसे प्रभावी उपायों में से एक है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे केवल पौधे लगाने तक सीमित न रहें, बल्कि उनकी नियमित सिंचाई और सुरक्षा की जिम्मेदारी भी निभाएं। इस अवसर पर मुख्य अतिथि हजरत अफजाल मियां फारुकी सफीपुरी और हजरत फैजान मियां बिलग्राम शरीफ ने भी पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रकृति की सुरक्षा करना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है और इसमें समाज के हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है। कार्यक्रम में मौलाना असलम मदनी समेत जीएनआरएफ की पूरी टीम मौजूद रही। संस्था के सदस्यों ने कहा कि भविष्य में भी इस तरह के जनजागरूकता अभियान चलाकर अधिक से अधिक लोगों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने का प्रयास जारी रहेगा।
बकरी चराने गए वृद्ध की संदिग्ध हालात में मौत : खंती में मिला शव
Tue, Jul 7, 2026
शुरुआती जांच में हादसे की आशंका, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
उन्नाव। गंगाघाट कोतवाली क्षेत्र में बकरी चराने गए एक वृद्ध का शव गंगा किनारे खंती में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। देर रात ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फिलहाल पुलिस मौत के कारणों को लेकर कोई निष्कर्ष निकालने से बच रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। गंगाघाट कोतवाली क्षेत्र के फत्तेपुर मजरा रौतापुर निवासी 65 वर्षीय राजा पासी रविवार शाम घर से बकरियां चराने के लिए निकले थे। काफी समय तक वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। इसी दौरान हाजीपुर के पास गंगा किनारे स्थित एक खंती में एक व्यक्ति का शव पड़े होने की सूचना मिली। मौके पर पहुंचे परिजनों ने शव की पहचान राजा पासी के रूप में की। सूचना मिलते ही हाजीपुर चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। आवश्यक कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस की शुरुआती जांच में यह संभावना जताई जा रही है कि खंती के पास पैर फिसलने से वृद्ध नीचे गिर गए, जिससे उनकी मौत हो गई। हालांकि, पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। सोमवार दोपहर पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे परिजनों ने बताया कि राजा पासी अपने पीछे चार पुत्रों सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। गंगाघाट कोतवाली प्रभारी अजय सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारण स्पष्ट होंगे। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।