पुलिस की बड़ी कामयाबी : 78 गुम मोबाइल बरामद, मालिकों को लौटाए
Sun, Jun 28, 2026
सीईआईआर पोर्टल की मदद से 15 लाख से अधिक कीमत के फोन हुए रिकवर
उन्नाव। जनपद पुलिस ने गुम हुए मोबाइल फोन बरामद करने के अभियान में बड़ी सफलता हासिल करते हुए 78 मोबाइल फोन उनके मालिकों को वापस सौंप दिए। बरामद मोबाइलों की कुल कीमत 15 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। रविवार दोपहर पुलिस लाइन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधिक्षक जय प्रकाश सिंह ने मोबाइल धारकों को उनके फोन सौंपे। पुलिस के अनुसार, यह सफलता सर्विलांस टीम और जिले के विभिन्न थानों की संयुक्त कार्रवाई से मिली। नागरिकों की ओर से गुम या चोरी हुए मोबाइल फोन की शिकायतें भारत सरकार के सीईआईआर पोर्टल पर दर्ज कराई गई थीं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर पुलिस ने तकनीकी सहायता लेकर मोबाइलों की लोकेशन ट्रेस की और लगातार अभियान चलाकर अलग-अलग स्थानों से कुल 78 मोबाइल बरामद किए। अपने खोए मोबाइल वापस मिलने पर लोगों के चेहरे खिल उठे। कई लोगों ने फोन मिलने की उम्मीद छोड़ दी थी, लेकिन पुलिस की कार्रवाई से उन्हें राहत मिली। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने पुलिस टीम की सराहना करते हुए आभार जताया। एसएसपी जेपी सिंह ने कहा कि सीईआईआर पोर्टल मोबाइल गुम होने की शिकायत दर्ज कराने का प्रभावी माध्यम बन रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि मोबाइल गुम या चोरी होने पर तुरंत थाने और पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और सर्विलांस की मदद से पुलिस अपराध नियंत्रण और जनता की समस्याओं के समाधान के लिए लगातार काम कर रही है। एसएसपी ने अभियान में शामिल सर्विलांस टीम और थाना प्रभारियों की सराहना करते हुए कहा कि आगे भी सीईआईआर पोर्टल के जरिए मिलने वाली शिकायतों पर तेजी से कार्रवाई जारी रहेगी।
गंगा स्नान के दौरान युवक लापता : रातभर चला रेस्क्यू ऑपरेशन
Sun, Jun 28, 2026
सुबह दोबारा शुरू हुआ रेस्क्यू, पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने की अपील
उन्नाव। फतेहपुर चौरासी थाना क्षेत्र में शनिवार शाम गंगा नदी में नहाने गए एक युवक के डूबने का मामला सामने आया। देर रात तक चले सर्च ऑपरेशन के बावजूद उसका कोई पता नहीं चल सका। पुलिस और एसडीआरएफ की टीम लगातार तलाश में जुटी रही। जानकारी के मुताबिक, करोबन गांव निवासी श्रेयांश तिवारी अपने कुछ साथियों के साथ दबौली गांव आए थे। बताया जा रहा है कि वे डिजिटल पेमेंट कंपनी के साउंड बॉक्स लगाने का काम करते थे। उनके साथ लखनऊ के रहने वाले विकास कुमार, हर्ष कश्यप, ऋषभ मिश्रा और राहुल सोलंकी भी मौजूद थे। काम खत्म होने के बाद सभी साथी पास के हिंदूपुर गांव के पास गंगा किनारे पहुंचे और नहाने लगे। इसी दौरान श्रेयांश अचानक गहरे पानी की तरफ बढ़ गए। साथियों ने जब उन्हें संभालने की कोशिश की, तब तक वह तेज बहाव और गहराई में फंस चुके थे। कुछ ही पलों में वह नजरों से ओझल हो गए। घटना के बाद साथियों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। शाम करीब सात बजे सूचना मिलते ही फतेहपुर चौरासी पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय गोताखोरों की मदद से तलाश शुरू कराई। घंटों तक नदी में खोजबीन चली, लेकिन सफलता नहीं मिली। रात बढ़ने के साथ सर्च ऑपरेशन को और तेज करने के लिए एसडीआरएफ टीम को भी बुलाया गया। टीम ने नदी के कई हिस्सों में गहन तलाशी अभियान चलाया, लेकिन देर रात तक युवक का कोई सुराग नहीं मिल पाया। घटना की खबर मिलते ही श्रेयांश के परिवार में मातम छा गया। परिजन मौके पर पहुंच गए और बेसब्री से किसी खबर का इंतजार करते रहे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुबह फिर से सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया और युवक की तलाश हर हाल में जारी रहेगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस हिस्से में गंगा का बहाव कई जगह अचानक गहरा हो जाता है, जिससे हर साल ऐसे हादसे सामने आते हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि नदी में नहाते समय सतर्कता बरतें और गहरे पानी में जाने से बचें।
खाद्य कारोबारियों को सख्त संदेश : अब बिल के बिना नहीं चलेगा कारोबार
Sun, Jun 28, 2026
जागरूकता कार्यक्रम में कारोबारियों की समस्याएं सुनीं, अधिकारियों ने साफ किया नियमों का पालन जरूरी
उन्नाव। जिले में खाद्य कारोबार को नियमों के दायरे में लाने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने शनिवार को उन्नाव बाईपास स्थित एक गेस्ट हाउस में जागरूकता संवाद कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में होटल, रेस्टोरेंट, मिठाई, बेकरी और किराना कारोबारियों को साफ तौर पर बताया गया कि अब बिना बिल के खरीद-बिक्री करने पर कार्रवाई हो सकती है। विभाग ने थोक विक्रेताओं के लिए बिल देना अनिवार्य बताया, जबकि फुटकर दुकानदारों से हर खरीद का बिल लेने की अपील की गई। इस संवाद कार्यक्रम में सदर, हसनगंज, गंगाघाट, बीघापुर, पुरवा और बांगरमऊ क्षेत्र के बड़ी संख्या में खाद्य कारोबारी शामिल हुए। कार्यक्रम का मकसद कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा नियमों की जानकारी देना और उनकी समस्याओं को सुनना रहा। बैठक के दौरान भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष अखिलेश अवस्थी ने हाल ही में एक आइसक्रीम निर्माण इकाई पर हुई जांच का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि 25 जून को जांच के दौरान एक ही प्रतिष्ठान से पांच नमूने लिए गए, जिससे कारोबारी परेशान हैं। उन्होंने मांग की कि किसी भी इकाई से सीमित संख्या में ही सैंपल लिए जाएं ताकि अनावश्यक दबाव न बने।इस पर सहायक आयुक्त खाद्य लखनऊ मंडल विनीत कुमार पांडेय ने स्पष्ट किया कि नमूने पूरी तरह तय मानकों के अनुसार ही लिए जाते हैं और इसमें कोई मनमानी नहीं होती। उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता जांचने के लिए जरूरी प्रक्रिया का पालन किया जाता है। व्यापारियों ने यह भी मांग रखी कि जांच के दौरान लिए गए खाद्य पदार्थों को बेवजह नष्ट न कराया जाए। इस पर अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि केवल उन्हीं मामलों में खाद्य सामग्री नष्ट कराई जाती है, जब वह खराब हालत में हो और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकती हो। उप्र उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष रजनीकांत श्रीवास्तव ने भी कारोबारियों की कई व्यावहारिक समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं। वहीं कारोबारी उमेश राठौर और ब्रजेश गुप्ता ने सैंपलिंग प्रक्रिया को लेकर सवाल पूछे। बैठक में अधिकारियों ने एक और बड़ा बदलाव बताते हुए कहा कि अब खाद्य सुरक्षा अधिकारी जब भी किसी दुकान, होटल या प्रतिष्ठान में जांच के लिए जाएंगे तो उनके पास विभागीय पहचान पत्र होना जरूरी होगा। इससे फर्जी जांच या अनावश्यक दबाव की शिकायतों पर रोक लगेगी। कार्यक्रम में सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय प्रियंका सिंह, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी शैलेश दीक्षित और खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजेंद्र प्रसाद समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने कहा कि विभाग का मकसद कारोबारियों को परेशान करना नहीं, बल्कि सुरक्षित और मानकयुक्त खाद्य सामग्री आम जनता तक पहुंचाना है।