बाढ़ के बीच गांवों में पहुंचे विधायक : 800 परिवारों तक पहुंचाई राहत
Wed, Sep 30, 2026
अमलोना से प्यारेपुर तक प्रभावित इलाकों का दौरा, ग्रामीणों से सीधे सुनीं समस्याएं
उन्नाव। बाढ़ और जलभराव से जूझ रहे सदर विधानसभा क्षेत्र के गांवों में लोगों की परेशानी जानने के लिए सदर विधायक पंकज गुप्ता बुधवार को प्रभावित इलाकों में पहुंचे। उन्होंने गांवों में पहुंचकर ग्रामीणों से बातचीत की और हालात की जानकारी ली। इस दौरान जरूरतमंद परिवारों को राहत सामग्री भी वितरित की गई। विधायक ने अमलोना गांव से राहत कार्यों का जायजा लिया। यहां बाढ़ प्रभावित 150 परिवारों को राहत सामग्री दी गई। इसके बाद नाथू खेड़ा, ठाकुर खेड़ा, नेतुवा आजाद नगर और साकेत नगर नई बस्ती में प्रभावित लोगों के बीच पहुंचे। इन इलाकों में करीब 350 परिवारों को राहत सामग्री उपलब्ध कराई गई। वहीं प्यारेपुर में 300 परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाई गई। इस तरह अलग-अलग प्रभावित क्षेत्रों में कुल 800 परिवारों को राहत सामग्री दी गई। राहत वितरण के दौरान विधायक ने ग्रामीणों से यह भी पूछा कि उन्हें फिलहाल किस तरह की मदद की जरूरत है। कई लोगों ने जलभराव, आवागमन और रोजमर्रा की दिक्कतों से संबंधित समस्याएं उनके सामने रखीं।
बोले, हालात सामान्य होने तक जारी रहेगी मदद
विधायक पंकज गुप्ता ने कहा कि बाढ़ और जलभराव के कारण ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे समय में प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाना प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जरूरत के मुताबिक प्रशासन के साथ समन्वय कर प्रभावित लोगों तक सहायता पहुंचाने का काम जारी रखा जाएगा। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों को लेकर लगातार नजर रखी जा रही है। जिन परिवारों को किसी तरह की आवश्यकता है, उनकी समस्याओं को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाकर समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा। मौके पर नायब तहसीलदार, संबंधित लेखपाल, ग्राम प्रधान और स्थानीय लोग मौजूद रहे। विधायक ने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति की जानकारी लेते हुए राहत कार्यों को लेकर आवश्यक समन्वय बनाए रखने को कहा।
अर्थी सजाकर ढोलक बजाई : पालिका पर सभासदों का गुस्सा
Tue, Sep 29, 2026
जून की जांच में सामने आए मामलों पर कार्रवाई की मांग, वार्डों के विकास और टेंडर को लेकर भी उठे सवाल
उन्नाव। नगर पालिका परिषद परिसर में मंगलवार को सभासदों का विरोध उस समय अलग अंदाज में नजर आया, जब उन्होंने पालिका की प्रतीकात्मक अर्थी सजाकर ढोलक बजाते हुए प्रदर्शन किया। सभासदों ने इस तरीके से पालिका प्रशासन की कार्यशैली पर नाराजगी जताई। प्रदर्शन के दौरान सभासदों ने कई पुराने मामलों को फिर से उठाते हुए उनके निस्तारण की मांग की। सभासदों का कहना था कि नगर पालिका से जुड़े कई मुद्दे लंबे समय से लंबित हैं। बोर्ड की बैठकों और अन्य माध्यमों से समस्याओं को सामने रखने के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से नाराजगी बढ़ रही है। इसी को लेकर सभासदों ने पालिका परिसर में धरना दिया और अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई।
जून की जांच बनी प्रदर्शन का अहम मुद्दा
प्रदर्शन के दौरान जून 2026 में हुई जांच का मामला भी प्रमुखता से उठाया गया। सभासदों की शिकायतों पर हुई जांच में लगाए गए 17 आरोपों में से पांच आरोप जांच समितियों की रिपोर्ट में सही पाए जाने की बात कही गई थी। इसके बाद पालिकाध्यक्ष से स्पष्टीकरण मांगे जाने की जानकारी भी सामने आई थी।सभासदों ने सवाल उठाया कि जांच के बाद संबंधित मामलों में अब तक क्या कार्रवाई हुई। उन्होंने मांग की कि जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाए और इसकी जानकारी सभासदों को भी दी जाए।
पत्र दिए, जवाब नहीं मिलने का आरोप
सभासदों ने बोर्ड गठन के बाद उनके द्वारा पालिका प्रशासन को दिए गए पत्रों का जवाब नहीं मिलने का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना था कि वार्डों की समस्याओं और विकास कार्यों को लेकर कई बार लिखित रूप से जानकारी दी गई, लेकिन इन पर जवाब या कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट नहीं की गई। प्रदर्शन में कर्मचारियों के वेतन भुगतान से जुड़ा मुद्दा भी शामिल रहा। सभासदों ने शासनादेश के अनुसार कर्मचारियों को वेतन दिए जाने की मांग रखी।
वार्डों के विकास में भेदभाव का आरोप
धरने में सभासदों ने अपने-अपने वार्डों से जुड़ी समस्याओं को भी सामने रखा। उनका आरोप था कि विकास कार्यों में सभी वार्डों को समान महत्व नहीं मिल रहा है। कहीं सड़क और नाली की जरूरत है तो कहीं अन्य बुनियादी सुविधाओं की, लेकिन मांग के बावजूद काम नहीं होने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। सभासदों ने पालिका प्रशासन से वार्डवार जरूरतों के आधार पर विकास कार्य कराने और लंबित प्रस्तावों पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
पड़ाव अड्डों के टेंडर पर भी सवाल
प्रदर्शन के दौरान पड़ाव अड्डों के टेंडर का मामला भी उठाया गया। सभासदों ने इस संबंध में प्रक्रिया और उससे जुड़े मामलों को लेकर सवाल किए। उन्होंने पालिका के कामकाज में पारदर्शिता बरतने और महत्वपूर्ण मामलों की जानकारी बोर्ड के निर्वाचित सदस्यों के सामने रखने की मांग की। सभासदों का कहना था कि नगर पालिका जनता से सीधे जुड़ी संस्था है। ऐसे में वार्डों से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान सभासदों ने लंबित शिकायतों, जांच और विकास कार्यों से जुड़े मुद्दों पर जल्द निर्णय लिए जाने की मांग की।
बाढ़ के बाद गांवों में बीमारी का खतरा : स्वास्थ्य विभाग से मेडिकल कैंप मदद की मांग
Tue, Sep 29, 2026
बारिश-बाढ़ के बाद सिकंदरपुर सरोसी के गांवों में पहुंची फाउंडेशन की टीम
उन्नाव। लगातार हुई बारिश और बाढ़ के बाद ग्रामीण इलाकों में अब लोगों के सामने स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां भी बढ़ने लगी हैं। सिकंदरपुर सरोसी क्षेत्र के प्यारेपुर, बंधुवा, करीमाबाद और सिहुरा समेत आसपास के गांवों में ग्रामीणों के बीमार होने की जानकारी मिलने के बाद कर्म क्रांति सेवा फाउंडेशन की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। ग्रामीणों की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को देखते हुए संस्था ने स्वास्थ्य विभाग से प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल कैंप लगाकर लोगों की जांच और उपचार कराने की मांग की है। फाउंडेशन के अध्यक्ष चेतन मिश्रा के नेतृत्व में टीम ग्रामीण इलाकों में पहुंची। टीम ने गांवों में लोगों से बातचीत कर बारिश के बाद सामने आ रही परेशानियों की जानकारी ली। संस्था के पदाधिकारियों के मुताबिक, लगातार बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है और कई स्थानों पर ग्रामीणों को स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में ग्रामीणों को समय पर प्राथमिक उपचार और चिकित्सकीय सलाह उपलब्ध कराना जरूरी है।
गांव में ही जांच और उपचार की मांग
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर फाउंडेशन की टीम ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी से मुलाकात की। अध्यक्ष चेतन मिश्रा ने संस्था के लेटरपैड पर ज्ञापन देकर प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजने और मेडिकल कैंप लगाने की मांग की। संस्था की ओर से कहा गया कि बारिश और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में ग्रामीणों को सामान्य स्वास्थ्य जांच के साथ जरूरत के अनुसार दवाएं और चिकित्सकीय सलाह भी उपलब्ध कराई जाए। मांग के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने मामले को संबंधित अधिकारी तक पहुंचाते हुए पत्र सहायक मुख्य चिकित्सा अधिकारी को फॉरवर्ड किया। इससे प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य शिविर लगाए जाने की उम्मीद जगी है।
ग्रामीणों से बातचीत के बाद उठाया कदम
चेतन मिश्रा ने बताया कि संस्था को सिकंदरपुर सरोसी क्षेत्र के कई गांवों से लगातार लोगों के बीमार होने की जानकारी मिल रही थी। इसके बाद उन्होंने अपनी टीम के साथ संबंधित गांवों में पहुंचकर स्थिति देखने का निर्णय लिया। टीम ने ग्रामीणों से बातचीत की और उनकी समस्याएं जानीं। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से मिलकर गांवों में चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग रखी गई। उन्होंने कहा कि बारिश और बाढ़ के बाद ग्रामीण इलाकों में लोगों को छोटी बीमारी के लिए भी इलाज कराने में परेशानी हो सकती है। ऐसे में यदि स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव तक पहुंचती है तो लोगों को काफी राहत मिलेगी। उनका कहना है कि संस्था का प्रयास है कि जरूरत के समय लोगों को उनकी जरूरत के मुताबिक मदद उपलब्ध कराई जा सके।
जरूरतमंदों तक मदद पहुंचाने का दावा
कर्म क्रांति सेवा फाउंडेशन की ओर से पिछले कई वर्षों से अलग-अलग सामाजिक गतिविधियां संचालित किए जाने की बात कही गई है। संस्था की ओर से भोजन वितरण, रक्तदान और जरूरतमंदों की मदद से जुड़े कार्यक्रम किए जाते रहे हैं। पदाधिकारियों का कहना है कि आपदा या किसी मुश्किल स्थिति में प्रभावित परिवारों तक सहायता पहुंचाना संस्था की प्राथमिकताओं में शामिल है। चेतन मिश्रा ने कहा कि उन्नाव का प्रत्येक व्यक्ति उनके लिए परिवार के सदस्य की तरह है। किसी भी क्षेत्र से जरूरतमंद लोगों की सूचना मिलने पर संस्था अपनी क्षमता के अनुसार मदद पहुंचाने का प्रयास करती है। इसी क्रम में बारिश और बाढ़ प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की जरूरत सामने आने पर स्वास्थ्य विभाग से मेडिकल कैंप लगाने की मांग की गई है। ज्ञापन देने के दौरान संस्था के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. मनीष सिंह सेंगर, सदस्य अंबुज मिश्रा और आयुष श्रीवास्तव मौजूद रहे।