जलभराव से जल्द मिलेगी निजात : चार वार्ड में होगा आरसीसी नाला निर्माण
Fri, Oct 2, 2026
रायबरेली क्रॉसिंग से स्टेशन रोड तक सुधरेगी जलनिकासी, 2.13 करोड़ रुपये से होंगे काम
उन्नाव। बारिश में जलभराव की समस्या से परेशान शहर के लोगों के लिए चार अलग-अलग इलाकों में आरसीसी नालों का निर्माण कराया जाएगा। करीब 2.13 करोड़ रुपये की लागत से होने वाले इन कार्यों में शहर के प्रमुख रास्तों और मोहल्लों को शामिल किया गया है। नालों के बनने के बाद बारिश के पानी की निकासी पहले के मुकाबले बेहतर होने की उम्मीद है। सबसे बड़ा काम वार्ड आठ के पीताम्बर नगर भाग-1 में होगा। यहां रायबरेली क्रॉसिंग से एक्सिस बैंक की मोती नगर शाखा तक आरसीसी नाला बनाया जाएगा। इस पर 80.44 लाख रुपये खर्च होंगे। इसी वार्ड में नाइस आइसक्रीम वाली गली से लाला इक्का पुलिया तक दूसरा आरसीसी नाला बनाया जाएगा। इसकी लागत 63.68 लाख रुपये है। वार्ड 31 में पूजा बेकरी पुलिया से शमीउल्ला के मकान तक नाला निर्माण कराया जाएगा। इस काम के लिए 46.14 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। वहीं वार्ड 17 के स्टेशन रोड पर रीडिंग क्लब के सामने से डॉ. किशोर गुप्ता के मकान तक आरसीसी नाला बनेगा। इस कार्य की लागत 23.12 लाख रुपये है।
कई इलाकों में बारिश के बाद होता है जलभराव
शहर के इन हिस्सों में बारिश के दौरान पानी की निकासी को लेकर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। पक्के नालों के निर्माण से पानी की निकासी को व्यवस्थित करने में मदद मिलने की उम्मीद है। खासकर मुख्य मार्गों से जुड़े नालों के बनने से आसपास के मोहल्लों का पानी निकालने की व्यवस्था मजबूत होगी।
शहर की ड्रेनेज होगी बेहतर : श्वेता मिश्रा
नगरपालिका अध्यक्ष श्वेता मिश्रा ने कहा कि शहर में जलनिकासी व्यवस्था को बेहतर करना प्राथमिकता में है। जिन क्षेत्रों में नाला निर्माण की जरूरत है, वहां चरणबद्ध तरीके से काम कराने पर जोर दिया जा रहा है। प्रस्तावित आरसीसी नालों के निर्माण से संबंधित इलाकों में लोगों को जलभराव की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है। नगर के चारों कार्य पूरे होने के बाद संबंधित क्षेत्रों में जलनिकासी की स्थिति में सुधार आने की उम्मीद है। स्थानीय लोगों को भी निर्माण कार्य के दौरान नालों की गुणवत्ता और पानी के सही बहाव पर नजर रखने की जरूरत होगी।
ऑपरेशन के खर्च की चिंता दूर : राहुल का कराया इलाज
Fri, Oct 2, 2026
ऑपरेशन के खर्च की जानकारी मिलने पर आगे आए अंकित सिंह परिहार
उन्नाव। बीमारी के बीच ऑपरेशन के लिए पैसों की व्यवस्था न हो पाने से परेशान बीघापुर के जगदीशपुर निवासी राहुल कुमार पटेल को आर्थिक मदद मिली। ऑपरेशन की जरूरत की जानकारी होने पर सपा नेता इंजीनियर अंकित सिंह परिहार ने उपचार के लिए आवश्यक धनराशि की व्यवस्था कराई। इसके बाद राहुल का ऑपरेशन कराया गया। परिजनों के अनुसार, राहुल कुमार पटेल लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। चिकित्सकों ने ऑपरेशन की सलाह दी थी। आर्थिक स्थिति के कारण उपचार को लेकर परिवार के सामने परेशानी खड़ी हो गई थी। इसकी जानकारी अंकित सिंह परिहार को मिलने के बाद उन्होंने इलाज के लिए जरूरी रकम उपलब्ध कराने की व्यवस्था की। ऑपरेशन के बाद राहुल के स्वास्थ्य में सुधार बताया जा रहा है। इस दौरान परिजनों ने मदद के लिए अंकित सिंह परिहार का आभार जताया। अंकित सिंह परिहार ने कहा कि किसी परिवार के सामने बीमारी के समय आर्थिक परेशानी खड़ी हो जाए तो मदद करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि पिछले करीब 20 वर्षों से परिवार और परिचितों के बीच जरूरत के समय सहयोग करने का प्रयास करते रहे हैं। उनका कहना है कि बीमारी के समय आर्थिक कारण इलाज में बाधा न बने, इसी सोच के साथ राहुल के उपचार में सहयोग किया गया।
वसीयत पर उठे सवाल : जमीन के दावे को लेकर चार पर केस
Thu, Oct 1, 2026
तहसील में दाखिल-खारिज की कोशिश का आरोप, विरोध पर धमकी देने की भी शिकायत
उन्नाव। बिहार थाना क्षेत्र में एक जमीन को लेकर विवाद अब थाने तक पहुंच गया है। करीब 0.139 हेक्टेयर जमीन पर हक जताने के लिए पेश की गई वसीयत को लेकर सवाल उठाए गए हैं। जमीन के उत्तराधिकारियों ने दस्तावेज को फर्जी बताते हुए चार लोगों पर धोखाधड़ी और साजिश के आरोप लगाए हैं। शिकायत के आधार पर बिहार पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पहले से दर्ज था दूसरे पक्ष का नाम
शिकायतकर्ता संतोष कुमार गुप्ता के मुताबिक ग्राम बिहार की गाटा संख्या 632 की 0.139 हेक्टेयर जमीन पहले रामशंकर और रामसहाय पुत्र गंगादीन के नाम दर्ज थी। दोनों की मृत्यु के बाद उनके वारिसों के नाम राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज किए गए। इसके लिए जुलाई 2024 में राजस्व विभाग की ओर से उत्तराधिकार संबंधी आदेश भी पारित किया गया था।
वसीयत सामने आने के बाद बढ़ा विवाद
आरोप है कि इसके बाद रामप्रकाश गुप्ता ने अपने भाइयों शिवप्रकाश, जयप्रकाश और चंद्रप्रकाश के साथ मिलकर उनके पिता भगवानदास गुप्ता के नाम एक वसीयतनामा पेश किया। शिकायतकर्ता का दावा है कि इसी दस्तावेज के आधार पर जमीन पर अधिकार जताने और तहसील में दाखिल-खारिज कराने की कोशिश की जा रही थी। शिकायत में वसीयत की प्रमाणिकता पर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। आरोप लगाया गया है कि दस्तावेज पर किए गए हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान असली नहीं हैं। साथ ही वसीयत के लेखक और गवाहों को भी शिकायतकर्ता ने फर्जी बताया है। मूल वसीयतनामा तहसीलदार बीघापुर के न्यायालय में होने की बात तहरीर में कही गई है।
पूछताछ करने पर विवाद का आरोप
संतोष कुमार ने पुलिस को बताया कि 24 सितंबर को उन्हें मामले की जानकारी हुई। इसके बाद वह पहले तहसील बीघापुर के पाटन स्थित तहसीलदार न्यायालय पहुंचे और बाद में बिहार में रामप्रकाश से इस संबंध में जानकारी लेने गए। आरोप है कि वहां रामप्रकाश और उसके भाइयों ने उनके साथ गाली-गलौज की और मारपीट पर आमादा हो गए। शिकायतकर्ता ने जमीन का विवाद नहीं छोड़ने पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है।
अब दस्तावेजों की जांच से खुलेगा मामला
पुलिस ने तहरीर के आधार पर रामप्रकाश गुप्ता, शिवप्रकाश, जयप्रकाश और चंद्रप्रकाश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। अब पुलिस वसीयतनामे की वास्तविकता, उसमें दर्ज हस्ताक्षर-अंगूठे के निशान, गवाहों और राजस्व रिकॉर्ड से जुड़े दस्तावेजों की जांच करेगी। जमीन पर वास्तविक अधिकार और वसीयत की वैधता से जुड़े तथ्य जांच के बाद ही स्पष्ट होंगे।