पुल बनेगा : अब पश्चिमी गंगाघाट के रास्ते की बारी
Mon, Sep 28, 2026
50 हजार आबादी के लिए रैंप की मांग, हर साल बाढ़ झेल रहे शहर के स्थायी समाधान की भी उठी आवाज
उन्नाव/गंगाघाट। निर्माणाधीन नवीन गंगा पुल को लेकर पश्चिमी गंगाघाट के लोगों की चिंता सामने आई है। क्षेत्र की करीब 50 हजार आबादी को आशंका है कि अगर पुल से पश्चिमी गंगाघाट की ओर उतरने के लिए रैंप या एप्रोच मार्ग नहीं बनाया गया तो पुल बनने के बाद भी उन्हें इसका सीधा फायदा नहीं मिल पाएगा। इस मुद्दे को लेकर पूर्व नौसैनिक एवं संदेश फाउंडेशन के अध्यक्ष संदीप पाण्डेय ने प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा से मुलाकात कर मांग पत्र सौंपा। संदीप पाण्डेय ने कहा कि पश्चिमी गंगाघाट के चार वार्डों में बड़ी आबादी रहती है। यहां पहले से रेलवे क्रॉसिंग के कारण लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में नया गंगा पुल क्षेत्र के लिए बड़ी सुविधा बन सकता है, लेकिन इसके लिए पश्चिमी गंगाघाट की तरफ उतरने का रास्ता जरूरी है।उन्होंने मंत्री से पुल का निर्माण पूरा होने से पहले ही तकनीकी स्तर पर सर्वे कराने और जरूरत के मुताबिक रैंप अथवा एप्रोच मार्ग की व्यवस्था करने का अनुरोध किया। उनका कहना है कि निर्माण के बाद अलग से रास्ता तैयार करना मुश्किल और अधिक खर्चीला हो सकता है। इसलिए अभी से इसकी योजना बनाए जाने की जरूरत है।
हर साल बाढ़, स्थायी इंतजाम की मांग
बैठक में गंगाघाट की दूसरी बड़ी समस्या बाढ़ को लेकर भी चर्चा हुई। क्षेत्र में हर साल बाढ़ आने से बड़ी संख्या में लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। जलभराव और बाढ़ का असर स्थानीय आबादी के साथ आवागमन और रोजमर्रा की गतिविधियों पर भी पड़ता है। संदीप पाण्डेय ने बाढ़ से हर साल होने वाली परेशानी का स्थायी समाधान निकालने के लिए दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार कराने की मांग की। उन्होंने आवश्यक सुरक्षात्मक कार्य कराए जाने की जरूरत बताई, ताकि हर वर्ष बाढ़ आने पर राहत और बचाव के इंतजाम करने के बजाय समस्या का स्थायी समाधान किया जा सके। उन्होंने कहा कि नया गंगा पुल और बाढ़ से राहत, दोनों ही गंगाघाट के भविष्य से जुड़े मुद्दे हैं। इसके लिए संबंधित विभागों और अधिकारियों के स्तर पर आगे भी प्रयास किए जाएंगे।
बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें : अब गांव-गांव राहत की बारी
Mon, Sep 28, 2026
प्रभारी मंत्री ने अफसरों से मांगी नुकसान की रिपोर्ट, बोले- पात्र परिवारों को हर हाल में मिलेगी मदद
उन्नाव। लगातार हुई बारिश से ग्रामीण इलाकों में बिगड़े हालात को लेकर सोमवार को प्रशासन ने राहत और बचाव की तैयारियों की समीक्षा की। विकास भवन सभागार में प्रभारी मंत्री रजनी तिवारी ने अधिकारियों के साथ बैठक कर बारिश से प्रभावित गांवों की स्थिति जानी। उन्होंने साफ कहा कि अतिवृष्टि से हुए नुकसान का आकलन केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचनी चाहिए। बैठक में पिछले तीन दिनों में हुई भारी बारिश से मकानों को हुए नुकसान, फसल बर्बादी, जनहानि और पशुहानि की जानकारी ली गई। अधिकारियों से यह भी पूछा गया कि प्रभावित क्षेत्रों में अब तक क्या राहत पहुंचाई गई है और किन लोगों को सहायता मिलना बाकी है। प्रभारी मंत्री ने कहा कि बारिश के कारण जिन परिवारों के मकान क्षतिग्रस्त या गिर गए हैं, उन्हें नियमानुसार आर्थिक मदद दी जा रही है। सोमवार को कुछ प्रभावित लोगों को सहायता राशि के चेक भी दिए गए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र लोगों की पहचान कर उन्हें सरकारी सहायता उपलब्ध कराई जाए।
जनप्रतिनिधियों को भी गांवों में जाने के निर्देश
मंत्री ने कहा कि राहत कार्य में प्रशासन के साथ जनप्रतिनिधियों की भी जिम्मेदारी है। विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष और अन्य जनप्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर प्रभावित लोगों की समस्याएं देखें और जरूरतमंदों तक राहत पहुंचाने में प्रशासन का सहयोग करें। उन्होंने कहा कि आपदा के समय सबसे जरूरी यह है कि सरकारी मदद सही व्यक्ति तक समय से पहुंचे। इसके लिए अधिकारियों को प्रभावित गांवों में जाकर स्थिति देखने और लोगों की समस्याएं सुनने को कहा गया है।
जनहानि और पशुहानि पर भी मिलेगी सहायता
बारिश के दौरान हुए नुकसान में केवल मकान और फसल ही नहीं, बल्कि जनहानि और पशुहानि के मामलों को भी राहत के दायरे में रखा गया है। प्रभारी मंत्री ने बताया कि ऐसे मामलों में भी सहायता राशि के चेक दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता आपदा से प्रभावित लोगों को तत्काल राहत उपलब्ध कराना है। प्रभारी मंत्री ने बताया कि उन्नाव उनका प्रभारी जिला है। इससे पहले भी वह बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लेने जिले में आ चुकी हैं। हाल में फिर हुई भारी बारिश के बाद स्थिति की जानकारी लेने के लिए अधिकारियों के साथ समीक्षा की गई।
बिजली कटौती पर डीएम से मांगी जानकारी
ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार दो-दो दिन बिजली आपूर्ति बाधित रहने की शिकायत पर मंत्री ने कहा कि लगातार बारिश के कारण कुछ स्थानों पर बिजली व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। उन्होंने जिलाधिकारी से ऐसे क्षेत्रों की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को व्यवस्था जल्द सामान्य कराने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि बारिश प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन लगातार काम कर रहा है। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि आपदा से प्रभावित लोगों को राहत के साथ-साथ पात्र परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ भी मिले।
एसआईआर पर कांग्रेस के विरोध को लेकर बोलीं मंत्री
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में प्रभारी मंत्री ने चुनाव आयोग को लेकर कांग्रेस के विरोध पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि किसी सरकार या राजनीतिक दल का विरोध करना विपक्ष का अधिकार है, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा का ध्यान रखा जाना चाहिए। एसआईआर
के मुद्दे पर कांग्रेस के विरोध को लेकर उन्होंने कांग्रेस को अपने स्तर पर विचार करने की बात कही। उन्होंने आपातकाल का जिक्र करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है और उनकी गरिमा बनाए रखना जरूरी है।
सड़क पर उतरे कार्यकर्ता : ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
Mon, Sep 28, 2026
सड़क पर बैठे कांग्रेसी, कार्यकर्ताओं को उठाने पर हुई धक्कामुक्की
उन्नाव। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर कांग्रेस ने सोमवार को शहर में प्रदर्शन किया। दोपहर करीब 12 बजे कांग्रेस कार्यकर्ता जिलाध्यक्ष सुरेंद्र कुशवाहा के नेतृत्व में सड़क पर उतरे। रैली के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की। पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुरेंद्र कुशवाहा ने कहा कि मतदाता सूची में बदलाव और एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर लोगों के बीच कई सवाल उठ रहे हैं। उनका आरोप है कि मतदाताओं के नाम से जुड़े मामलों में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर सवाल उठाते हुए कई बिंदु सामने रखे हैं।
दिनेश शुक्ला को उठाने पर हुई धक्कामुक्की
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सोमवार को जिला मुख्यालय स्थित जिला निर्वाचन कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। कार्यकर्ता सड़क पर बैठ गए और मतदाता सूची में कथित ‘वोट चोरी’ के विरोध में नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान पूर्व शहर अध्यक्ष दिनेश शुक्ला ने जोरदार तरीके से नारेबाजी की। पुलिस ने उन्हें सड़क से हटाने के लिए उठाने का प्रयास किया तो कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच नोकझोंक हो गई। इस दौरान धक्कामुक्की की स्थिति भी बनी। कुछ देर तक मौके पर पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तनातनी रही। बाद में पुलिस ने स्थिति संभालते हुए प्रदर्शनकारियों को सड़क से हटाया।
बोले- वोटर लिस्ट में पारदर्शिता जरूरी
कुशवाहा ने कहा कि लोकतंत्र में सबसे अहम भूमिका मतदाता की होती है। ऐसे में मतदाता सूची तैयार करने से लेकर उसमें संशोधन तक की पूरी प्रक्रिया साफ और भरोसेमंद होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी मतदाता को यह आशंका नहीं रहनी चाहिए कि उसका नाम बिना उचित कारण के सूची से हट सकता है या किसी तरह की गड़बड़ी हो सकती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का आंदोलन इसी मुद्दे को लेकर है। पार्टी चाहती है कि मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया से संबंधित उठाए जा रहे सवालों की निष्पक्ष तरीके से जांच हो। यदि जांच में किसी स्तर पर गड़बड़ी सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
देशभर में आंदोलन का दावा
कांग्रेस नेताओं ने बताया कि एसआईआर और चुनावी प्रक्रिया को लेकर पार्टी के राष्ट्रीय आह्वान पर अलग-अलग स्थानों पर विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। उन्नाव में भी कार्यकर्ताओं ने रैली निकालकर अपनी मांगों को उठाया। प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने कहा कि चुनाव व्यवस्था में जनता का भरोसा बनाए रखने के लिए मतदाता सूची में पारदर्शिता जरूरी है।
चुनाव आयोग पहले आरोपों को खारिज कर चुका है
एसआईआर को लेकर कांग्रेस और चुनाव आयोग के बीच लगातार मतभेद सामने आते रहे हैं। कांग्रेस की ओर से मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के सवाल उठाए गए हैं। वहीं चुनाव आयोग राहुल गांधी के वोट चोरी संबंधी आरोपों को पहले खारिज कर चुका है और आरोपों के समर्थन में शपथपत्र के साथ प्रमाण देने की बात कह चुका है। सोमवार को हुए प्रदर्शन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि मतदाता सूची को लेकर उठ रहे सवालों का स्पष्ट जवाब मिलना चाहिए। पार्टी नेताओं ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर स्थिति साफ की जाए, ताकि मतदाताओं का चुनावी व्यवस्था पर भरोसा बना रहे। प्रदर्शन में शहर अध्यक्ष फैज फारुकी, सुमित गुप्ता, अधिवक्ता आशुतोष मिश्र राजू, आशीष त्रिपाठी, शंकर लाल गौतम, विश्वास निगम, शुभाष सिंह, सुयश बाजपेई, सलमान शाहीद, युसुफ रफी फारूकी, दीपेंद्र सिंह, तन्मय श्रीवास्तव, नसीम अहमद, सूर्य नारायण यादव, मीना रावत और सरोज भारती समेत अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।