Wed 11 Mar 2026

ब्रेकिंग

ट्रक से कुचलकर युवती की मौत

सिलिंडर न मिलने से उपभोक्ता परेशान

छह माह के बच्चे का गला घोंटकर रची गई साजिश

दो दर्जन किसानों को भारी नुकसान

उन्नाव में शंकराचार्य ने सीएम योगी से मांगा जवाब

सूचना

BREAKING NEWS

CRIME BREAKING

शहर जाम के जाल में फंसा : पांच मिनट का रास्ता तय करने में लग रहे 20 मिनट

सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान

Sun, Mar 8, 2026
Post views : 121

अतिक्रमण, गलत पार्किंग और ई-रिक्शा-ऑटो की अव्यवस्था से बिगड़ी ट्रैफिक व्यवस्था

उन्नाव। शहर में बढ़ती भीड़ और अव्यवस्थित यातायात व्यवस्था अब लोगों के लिए बड़ी परेशानी बनती जा रही है। हालात यह हैं कि जिन सड़कों को 30 फीट चौड़ा बनाया गया था, वहां अतिक्रमण और सड़क किनारे खड़े वाहनों के कारण केवल करीब 15 फीट जगह ही बच पाती है। इसके चलते शहर के प्रमुख बाजार और चौराहों पर दिन भर जाम की स्थिति बनी रहती है। सब्जीमंडी से गांधीनगर तिराहा तक की दूरी सामान्य दिनों में पांच मिनट में तय हो सकती है, लेकिन मौजूदा हालात में लोगों को 15 से 20 मिनट तक लग जाते हैं। फुटपाथों पर दुकानों का फैलाव और सड़क पर खड़े वाहन यातायात को धीमा कर देते हैं। नतीजतन, सुबह से लेकर देर शाम तक कई जगह वाहन रेंगते हुए नजर आते हैं।

इन मार्गों पर सबसे ज्यादा जाम

शहर के कई प्रमुख रास्तों पर स्थिति सबसे ज्यादा खराब है। इनमें सबसे ज्यादा बड़ा चौराहा से स्टेट बैंक मुख्य शाखा तक, छोटा चौराहा से डीएसएन कॉलेज मोड़, जिला अस्पताल से बैंक ऑफ इंडिया, हरदोई पुल से हनुमान मंदिर, कचहरी से एसपी कार्यालय तिराहा तक इन मार्गों पर अक्सर जाम लग जाता है। बाजार के समय स्थिति और भी खराब हो जाती है।

फुटपाथों पर कब्जे से बढ़ी परेशानी

यातायात की समस्या का बड़ा कारण फुटपाथों पर बढ़ता अतिक्रमण भी है। कई दुकानदार अपना सामान सड़क तक फैलाकर रखते हैं, जिससे पैदल चलने वालों को भी सड़क पर उतरना पड़ता है। इससे वाहन चालकों को भी दिक्कत होती है और जाम की स्थिति बन जाती है। त्योहारी सीजन में यह समस्या और बढ़ जाती है। होली और अन्य त्योहारों के समय अस्थायी दुकानों के कारण सड़क की चौड़ाई और कम हो जाती है। शनिवार को भी शहर के मुख्य मार्गों पर कई बार जाम लगा, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

वेंडिंग जोन की योजना अधूरी

नगर पालिका ने फुटपाथों को खाली कराने और ठेला-पटरी दुकानदारों को व्यवस्थित करने के लिए शहर में 10 नो-वेंडिंग जोन और आठ वेंडिंग जोन चिह्नित किए थे। योजना का मकसद यह था कि भीड़भाड़ वाले इलाकों में फुटपाथ खाली कराकर दुकानदारों को निर्धारित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाए।लेकिन कई साल गुजर जाने के बाद भी यह योजना पूरी तरह लागू नहीं हो सकी। अभी तक केवल कचहरी पुल के नीचे एक ही वेंडिंग जोन बनाया जा सका है। जिला अस्पताल, आवास विकास कॉलोनी और स्टेशन रोड जैसे स्थानों पर वेंडिंग जोन की योजना अभी भी फाइलों में ही अटकी हुई है।

ई-रिक्शा और ऑटो भी बन रहे कारण

शहर में तेजी से बढ़ रहे ई-रिक्शा और ऑटो भी यातायात व्यवस्था को प्रभावित कर रहे हैं। नगर पालिका ने इन वाहनों के संचालन को व्यवस्थित करने के लिए रूट तय करने की योजना बनाई थी। इसके तहत करीब 2100 ई-रिक्शा और ऑटो के लिए अलग-अलग रंग के स्टिकर जारी किए गए थे और पड़ाव के आधार पर संचालन का प्रस्ताव था। हालांकि, चालकों ने कमाई में अंतर का हवाला देते हुए इस व्यवस्था पर आपत्ति जताई। इसके बाद यह योजना भी लागू नहीं हो सकी और तीन साल बाद भी शहर में ई-रिक्शा और ऑटो बिना तय रूट के ही चलते दिखाई देते हैं।

गांधीनगर तिराहा चौड़ीकरण से उम्मीद

शहर में जाम से राहत दिलाने के लिए फिलहाल गांधीनगर तिराहा के चौड़ीकरण का काम शुरू किया गया है। यह काम उन्नाव-शुक्लागंज विकास प्राधिकरण की ओर से कराया जा रहा है। परियोजना पर करीब 1.77 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।तिराहे के बीच बने फव्वारे को हटाकर वहां गोल चबूतरा बनाया गया है। साथ ही बिजली के पोल भी दूसरी जगह शिफ्ट किए जा रहे हैं। अधिकारियों को उम्मीद है कि सड़क चौड़ी होने के बाद यहां जाम की समस्या काफी हद तक कम हो सकेगी।

अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जारी

नगर पालिका और यातायात पुलिस का कहना है कि अतिक्रमण हटाने और ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी एसके गौतम के अनुसार दुकानदारों को फुटपाथ पर सामान न रखने की चेतावनी दी जा रही है और जरूरत पड़ने पर अतिक्रमण हटाया भी जाता है। उन्होंने बताया कि होली के कारण कुछ स्थानों पर अस्थायी दुकानें लग गई थीं। अतिक्रमण करने वालों को नोटिस दिया जा रहा है और जल्द ही अभियान चलाकर फुटपाथ खाली कराए जाएंगे। वहीं यातायात प्रभारी सुनील सिंह ने बताया कि सड़क पर गलत तरीके से खड़े वाहनों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। हाल ही में सदर बाजार क्षेत्र में अवैध पार्किंग के मामले में 50 से अधिक वाहनों का चालान किया गया है।

लोगों की मांग

शहर के लोगों का कहना है कि जाम की समस्या से राहत के लिए केवल कार्रवाई ही नहीं बल्कि ठोस और स्थायी व्यवस्था की जरूरत है। यदि वेंडिंग जोन, पार्किंग और ई-रिक्शा रूट की योजनाओं को सही तरीके से लागू किया जाए तो शहर की यातायात व्यवस्था काफी हद तक सुधर सकती है।

Tags :

Unnao, THE LUCKNOW TIMES, uttar Pradesh news

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन