40 तोला सोना, 700 ग्राम चांदी गायब : इंसाफ के लिए कोर्ट पहुंची महिला
Wed, Oct 21, 2026
तीन नामजद समेत अज्ञात लोगों पर केस, ज्वेलर्स के यहां गहने बेचने का भी आरोप
उन्नाव। घर से लाखों के गहने गायब होने के मामले में एक महिला ने पुलिस से कार्रवाई की गुहार लगाई, लेकिन सुनवाई नहीं होने पर न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। अब कोर्ट के आदेश पर कोतवाली सदर पुलिस ने तीन नामजद आरोपियों समेत एक अज्ञात महिला और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। महिला ने चोरी के गहनों का कुछ हिस्सा धवन रोड स्थित एक ज्वेलर्स के यहां बेचे जाने का भी आरोप लगाया है। पुलिस के सामने अब चोरी गए गहनों का पता लगाने के साथ ही लगाए गए आरोपों की जांच की चुनौती है। सदर कोतवाली क्षेत्र के तालिब सरांय निवासी रेशमा के मुताबिक, सात अप्रैल 2026 को वह परिवार के साथ एक शादी समारोह में शामिल होने गई थीं। घर पर कोई नहीं था। इसी दौरान अलमारी और सुरक्षित स्थानों पर रखे करीब 40 तोला सोने और 700 ग्राम चांदी के आभूषण चोरी हो गए। घर लौटने पर उन्हें चोरी की जानकारी हुई। परिवार ने अपने स्तर से गहनों की तलाश की, लेकिन उनका पता नहीं चला।
ऑडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर जताया संदेह
महिला ने अपनी शिकायत में तालिब सरांय निवासी फरदीन, और एबी नगर निवासी इरफान उर्फ पुन्ना और तारिक के अलावा एक अज्ञात महिला तथा अन्य लोगों पर घटना में शामिल होने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बाद में अपने स्तर से जानकारी जुटाने और बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग मिलने के बाद उन्हें आरोपियों की भूमिका पर संदेह हुआ। महिला ने दावा किया है कि चोरी किए गए गहनों में से करीब तीन तोले की सोने की चेन वापस भी की गई थी।
ज्वेलर्स के यहां गहने बेचने का आरोप
शिकायत में यह भी कहा गया है कि चोरी के आभूषणों का कुछ हिस्सा धवन रोड स्थित कृष्णा ज्वेलर्स को बेचा गया। महिला ने खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड, बिल, स्टॉक रजिस्टर और सीसीटीवी फुटेज की जांच कराने की मांग की है। हालांकि, गहने वास्तव में वहां बेचे गए या नहीं, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस पर सुनवाई नहीं करने का आरोप
रेशमा का आरोप है कि उन्होंने पहले संबंधित थाने और फिर पुलिस अधीक्षक से शिकायत की थी, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने न्यायालय में प्रार्थना-पत्र देकर पुलिस से विवेचना कराने की मांग की। अब कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामले में पुलिस की जांच के बाद ही चोरी की घटना, आरोपियों की भूमिका और गहनों की बरामदगी को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
विदेश में नौकरी के नाम पर झांसा : चार लाख रुपये हड़पे
Wed, Oct 21, 2026
दो युवकों को कुवैत भेजने का भरोसा देकर लिए रुपये, न नौकरी मिली और न रकम लौटी; दो लोगों पर रिपोर्ट दर्ज
उन्नाव। विदेश में नौकरी पाने की चाह में दो युवकों ने लाखों रुपये जुटाकर दिए, लेकिन उन्हें कुवैत भेजने के बजाय महीनों तक अलग-अलग बहाने बनाकर टालने का आरोप है। युवकों का कहना है कि नौकरी के नाम पर चार लाख रुपये लेने के साथ उनके पासपोर्ट भी रख लिए गए। विदेश जाने की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई तो उन्होंने अपनी रकम वापस मांगी। आरोप है कि इस पर उन्हें रुपये लौटाने से इनकार करते हुए धमकाया गया। मामले में संदीप कुमार रावत की तहरीर पर धनीराम और राजेंद्र तिवारी के खिलाफ अचलगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। माखी थाना क्षेत्र के मुलुक गड़ार गांव निवासी संदीप कुमार रावत ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनके पिता छत्रपाल रावत की उन्नाव शहर की आवास विकास कॉलोनी निवासी राजेंद्र तिवारी से पुरानी जान-पहचान थी। आरोप है कि इसी दौरान राजेंद्र ने विदेश में नौकरी दिलाने का काम करने वाले अचलगंज निवासी धनीराम से उनकी मुलाकात कराई। संदीप की बहन मिलन और उनके पति सौरभ को कुवैत भेजने की बात हुई। इसके बाद दोनों युवकों को विदेश भेजने के लिए रुपये और पासपोर्ट देने की प्रक्रिया शुरू हुई।
डेढ़-डेढ़ लाख रुपये देने की हुई थी बात
तहरीर के अनुसार, जनवरी 2026 में धनीराम ने दोनों युवकों को कुवैत भेजने का भरोसा दिया था। इसके लिए प्रति व्यक्ति डेढ़ लाख रुपये तय किए गए। संदीप और सौरभ का आरोप है कि उन्होंने जनवरी और फरवरी में धनीराम को डेढ़-डेढ़ लाख रुपये नकद दिए। इसके बाद लखनऊ ले जाकर मेडिकल कराने की बात कही गई। मेडिकल के नाम पर भी दोनों से 50-50 हजार रुपये लिए गए। इस तरह दोनों युवकों ने कुल चार लाख रुपये देने का दावा किया है। उनके पासपोर्ट भी धनीराम ने अपने पास रख लिए। युवकों के मुताबिक, रुपये लेने के बाद उन्हें कुछ समय इंतजार करने के लिए कहा गया। भरोसा दिलाया गया कि वीजा और हवाई टिकट की व्यवस्था होते ही उन्हें विदेश भेज दिया जाएगा। शुरुआत में दोनों ने इसे सामान्य प्रक्रिया मानकर इंतजार किया, लेकिन तय समय बीतने के बाद भी उनकी यात्रा नहीं हो सकी।
कभी वीजा तो कभी यात्रा टलने की बात कही
आरोप है कि कई बार पूछने पर धनीराम ने वीजा आने की जानकारी दी और 21 अप्रैल 2026 को मुंबई से कुवैत जाने की तारीख बताई। बाद में यात्रा की तारीख बढ़ने की बात कही गई। इसके लिए कुवैत में दंगे होने का हवाला दिया गया। कुछ समय बाद फिर कहा गया कि टिकट के रुपये बढ़ गए हैं और दोनों को जाने के लिए 75-75 हजार रुपये अतिरिक्त देने होंगे। संदीप और सौरभ का कहना है कि इसके बाद भी विदेश भेजने की कोई पक्की व्यवस्था नहीं हुई। उन्हें बार-बार नई तारीख और अलग-अलग कारण बताए जाते रहे। बाद में धनीराम ने उसी रकम में दुबई भेजने का विकल्प दिया, लेकिन दोनों ने इससे इनकार कर दिया। उनका कहना था कि बातचीत कुवैत में नौकरी दिलाने की हुई थी, इसलिए वे दुबई नहीं जाना चाहते।
रकम मांगी तो पासपोर्ट लौटाने से भी इनकार
तहरीर में युवकों ने बताया कि विदेश जाने की प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर उन्होंने अपनी रकम वापस मांगी। उनका कहना है कि उन्होंने उधार लेकर और घर के जेवर बेचकर रुपये जुटाए थे। अब उन्हें उधार चुकाने की चिंता सता रही है। आरोप है कि रकम लौटाने के बजाय धनीराम तारीख पर तारीख देता रहा और बाद में गालीगलौज करने लगा। युवकों ने आरोप लगाया कि धनीराम ने रुपये वापस करने और पासपोर्ट लौटाने से इनकार कर दिया। साथ ही शिकायत करने पर मारकर गायब कर देने की धमकी भी दी। तहरीर में राजेंद्र तिवारी पर भी धनीराम से मिलकर दोनों को विदेश भेजने का भरोसा दिलाने और धोखाधड़ी में शामिल होने का आरोप लगाया गया है।
पुलिस से कार्रवाई और रकम वापस दिलाने की मांग
संदीप कुमार रावत और सौरभ ने पुलिस अधिकारियों से मामले में कार्रवाई करने, अपनी रकम वापस दिलाने और पासपोर्ट लौटवाने की मांग की है। संदीप की ओर से 25 सितंबर 2026 को दी गई तहरीर में दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की गुहार लगाई गई थी। पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। अब रुपये दिए जाने, विदेश भेजने के नाम पर किए गए वादों और पासपोर्ट अपने पास रखने से जुड़े आरोपों की जांच की जानी है।
मायावती पर टिप्पणी से गरमाया मामला : महिला पर केस
Wed, Oct 21, 2026
जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल का आरोप, नितिन गौतम की तहरीर पर फतेहपुर चौरासी थाने में दर्ज हुई रिपोर्ट
उन्नाव। बसपा प्रमुख और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के खिलाफ कथित जातिसूचक टिप्पणी करने का मामला सामने आया है। फतेहपुर चौरासी थाना क्षेत्र के झुलूमऊ गांव की वंदना पत्नी ननकू सिंह के खिलाफ इस मामले में रिपोर्ट दर्ज की गई है। आरोप है कि सार्वजनिक स्थान पर अनुसूचित जाति की महिलाओं के सामने मायावती को लेकर अपमानजनक टिप्पणी की गई। बांगरमऊ के मोहल्ला प्रेमगंज निवासी नितिन गौतम पुत्र आनंद प्रकाश ने 20 अक्तूबर को पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की थी। तहरीर में आरोप लगाया गया कि वंदना ने मायावती के लिए जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया। इससे मायावती का सम्मान करने वाली महिलाओं की भावनाएं आहत होने की बात भी कही गई। नितिन ने पुलिस से मामले की जांच कर आरोपित महिला के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का अनुरोध किया था। तहरीर के आधार पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है। अब मामले में लगाए गए आरोपों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।...