पुलिस में बड़ा बदलाव : कई थानों से जवान डायल-112 में भेजे गए
Wed, May 20, 2026
बढ़ती इमरजेंसी कॉल और त्वरित रिस्पॉन्स को देखते हुए पुलिस विभाग ने लिया फैसला
उन्नाव। जिले में आपातकालीन पुलिस व्यवस्था को और तेज व प्रभावी बनाने के लिए पुलिस विभाग ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। एसएसपी जय प्रकाश सिंह ने जिले के अलग-अलग थानों में तैनात 115 पुलिसकर्मियों को डायल-112 सेवा में तैनात करने के आदेश जारी किए हैं। इस फैसले को जिले की इमरजेंसी रिस्पॉन्स व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। जारी आदेश के मुताबिक, स्थानांतरित किए गए पुलिसकर्मियों में आरक्षी और मुख्य आरक्षी दोनों श्रेणी के कर्मचारी शामिल हैं। सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया गया है कि संबंधित कर्मियों को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त कर नई तैनाती के लिए रवाना किया जाए। साथ ही अनुपालन रिपोर्ट भी पुलिस कार्यालय को भेजने के लिए कहा गया है। यह फेरबदल जिले के करीब 20 थानों से किया गया है। जिन थानों से पुलिसकर्मियों को डायल-112 में भेजा गया है, उनमें सदर कोतवाली, गंगाघाट, दही, माखी, सफीपुर, फतेहपुर चौरासी, बेहटा मुजावर, औरास, अजगैन, पुरवा, असोहा, बीघापुर, बिहार, बारासगवर, मौरावां, अचलगंज, बांगरमऊ, आसीवन, हसनगंज और सोहरामऊ प्रमुख हैं। स्थानांतरित पुलिसकर्मियों में आरक्षी प्रशांत कुमार, शाने आलम, प्रिंस कुमार, विवेक कुमार, मोहित यादव, अमित सिंह, देवेश कुमार, अंकुर यादव, राहुल कुमार, सुनील कुमार, प्रताप चौहान, रवि कुमार, नितिन कुमार हरिद्वा और राजाराम समेत कई नाम शामिल हैं। वहीं मुख्य आरक्षी श्रेणी से पुष्पेंद्र यादव, विमल मिश्रा, गुलाब चंद्र, संतोष कुमार, विनोद पाल, मंजूर यादव, शिव शंकर, मो. इरशाद और फूलचंद्र सरोज को भी नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बीते कुछ समय में डायल-112 पर आने वाली शिकायतों और आपातकालीन कॉल की संख्या बढ़ी है। ऐसे में मौके पर समय से पुलिस पहुंचाने और प्रतिक्रिया समय कम करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की जरूरत महसूस की जा रही थी। इसी को ध्यान में रखते हुए यह बड़ा तबादला किया गया है। माना जा रहा है कि इस बदलाव के बाद सड़क हादसों, झगड़े, चोरी, महिला सुरक्षा और अन्य आपात मामलों में पुलिस की प्रतिक्रिया पहले से अधिक तेज होगी। विभाग को उम्मीद है कि डायल-112 में बढ़े पुलिस बल से लोगों को त्वरित सहायता मिलेगी और कानून-व्यवस्था व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।
अचलगंज में लूट की तीन वारदातों से हड़कंप : पुलिस रातभर करती रही दबिश
Wed, May 20, 2026
सीओ और थाना प्रभारी ने मौके पर पहुंचकर शुरू की जांच, हाईवे के सीसीटीवी खंगाले जा रहे
उन्नाव। अचलगंज थाना क्षेत्र में मंगलवार दोपहर बदमाशों ने करीब एक घंटे के भीतर अलग-अलग स्थानों पर ताबड़तोड़ वारदातों को अंजाम देकर पुलिस की सक्रियता पर सवाल खड़े कर दिए। बाइक सवार बदमाशों ने दो लोगों से उनकी मोटरसाइकिलें लूट लीं, जबकि दो अन्य घटनाओं में राहगीरों को निशाना बनाने की कोशिश की। विरोध करने पर दो युवकों के साथ मारपीट की गई, जिनमें एक के सिर पर तमंचे की बट मार दी गई। लगातार हुई घटनाओं से इलाके में दहशत फैल गई।पहली वारदात जमेल नहर के पास हुई। बीघापुर थाना क्षेत्र के गणेशखेड़ा गांव निवासी कौशल, विजय और मनीष बाइक से नेवरना गांव स्थित अपनी मौसी के घर जा रहे थे। रास्ते में दो बाइकों पर सवार छह बदमाशों ने उन्हें घेर लिया। बदमाशों ने तमंचा तानकर तीनों को रोक लिया और मोबाइल फोन छीनने लगे। इसके बाद बदमाश उनकी बाइक लेकर भागने लगे। मनीष ने विरोध किया तो एक बदमाश ने उसके सिर पर कट्टे की बट से हमला कर दिया। अचानक हुए हमले में मनीष लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़ा। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। सूचना मिलने पर पहुंची पीआरवी पुलिस घायल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंची, जहां उसका इलाज किया गया। इसके कुछ देर बाद अचलगंज-सैदपुर मार्ग पर दाउदपुर निवासी अविरल भी बदमाशों का शिकार बन गया। वह अपनी बाइक से जा रहा था, तभी भट्ठे के पास तीन बाइक सवार बदमाशों ने उसे रोक लिया। आरोपियों ने धमकाते हुए उसकी बाइक छीन ली और तेज रफ्तार से फरार हो गए। पीड़ित ने घटना की सूचना पुलिस को दी। तीसरी घटना कोलुहागाड़ा मार्ग पर झउहा शराब ठेके के पास हुई। यहां बदमाशों ने एक अन्य राहगीर को रोककर लूट का प्रयास किया। पीड़ित ने विरोध किया तो उसके साथ मारपीट की गई, जिससे वह घायल हो गया। उसे इलाज के लिए बीघापुर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एक के बाद एक हुई घटनाओं की जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। क्षेत्राधिकारी मधुप नाथ मिश्र और थाना प्रभारी बृजेश कुमार शुक्ल भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थलों का निरीक्षण किया। पुलिस अधीक्षक और अपर पुलिस अधीक्षक ने भी अचलगंज थाने पहुंचकर अधिकारियों से जानकारी ली। जांच के दौरान पुलिस उन्नाव-लालगंज हाईवे स्थित जियो पेट्रोल पंप समेत आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। फुटेज में कुछ संदिग्ध बाइक सवार दिखाई देने की बात सामने आई है। पुलिस बदमाशों के हुलिए और भागने के रास्तों के आधार पर उनकी तलाश में दबिश दे रही है। दिनदहाड़े लगातार हुई इन वारदातों के बाद ग्रामीणों और राहगीरों में डर का माहौल है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में पुलिस गश्त बढ़ाने की जरूरत है, क्योंकि मुख्य मार्गों पर भी अब लोग खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं।
सीएम डैशबोर्ड और आईजीआरएस पर फिसले विभाग : डीएम ने अफसरों को लगाई कड़ी फटकार
Wed, May 20, 2026
बोले, रैंकिंग सुधारें वरना तय होगी जिम्मेदारी, शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी
उन्नाव। विकास कार्यों और जनशिकायतों के निस्तारण में पिछड़ रहे विभागों पर अब प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। मंगलवार को विकास भवन सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी घनश्याम मीणा ने सीएम डैशबोर्ड और आईजीआरएस पोर्टल पर विभागवार प्रगति की समीक्षा करते हुए कई विभागों के खराब प्रदर्शन पर नाराजगी जताई। उन्होंने साफ कहा कि शासन की प्राथमिकता वाले पोर्टलों पर लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी और खराब रैंकिंग के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई तय होगी। बैठक के दौरान ग्रामीण जलापूर्ति, महिला एवं बाल विकास, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, पंचायती राज, लोक निर्माण, नियोजन, पर्यटन और लोक शिकायत जैसे विभागों की रैंकिंग अपेक्षा के अनुरूप न मिलने पर डीएम ने अधिकारियों से जवाब तलब किया। उन्होंने कहा कि सीएम डैशबोर्ड केवल आंकड़ों का मंच नहीं, बल्कि सरकार की योजनाओं और कामकाज का सीधा मूल्यांकन है। ऐसे में हर विभाग को अपनी प्रगति पर लगातार नजर रखनी होगी। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे प्रतिदिन पोर्टल पर अपलोड हो रहे डेटा की स्वयं निगरानी करें और किसी भी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक लापरवाही न होने दें। उन्होंने लॉगिन आईडी और पासवर्ड की सुरक्षा को भी गंभीर विषय बताते हुए कहा कि किसी अन्य व्यक्ति के भरोसे काम छोड़ने की प्रवृत्ति बंद करनी होगी। आईजीआरएस की समीक्षा में जिलाधिकारी ने खास तौर पर उन मामलों पर चिंता जताई, जिनमें शिकायतकर्ता ने असंतोषजनक फीडबैक दिया है। उन्होंने कहा कि केवल औपचारिक निस्तारण करने से काम नहीं चलेगा, बल्कि शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि हर शिकायत का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए।उन्होंने कहा कि जिले की रैंकिंग गिरना सीधे तौर पर विभागीय जवाबदेही से जुड़ा विषय है। यदि किसी अधिकारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने सभी विभागों से शासन की मंशा के अनुरूप काम करने और जनता से जुड़े मामलों को प्राथमिकता देने को कहा। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी कृति राज, जिला विकास अधिकारी देव चतुर्वेदी, जिला विद्यालय निरीक्षक सुनील दत्त समेत कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।