पुराने विवाद में महिला समेत छह लोगों से मारपीट : चार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
Tue, Oct 6, 2026
अजगैन। नाना टीकुर गांव में पूर्व के विवाद को लेकर एक महिला समेत छह लोगों के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने चार नामजद आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। नाना टीकुर निवासी नसरीन पत्नी सलीम ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि पांच अक्तूबर की सुबह करीब छह बजे वह अपने दरवाजे पर मौजूद थीं। आरोप है कि पूर्व विवाद की रंजिश में आसिफ अली और मासूक अली निवासी नाना टीकुर, लाला निवासी भदवइन और खुरसीदा पत्नी नसीम निवासी दरोगाबाग, सिविल लाइंस उन्नाव वहां पहुंचे। आरोपियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी और लाठी-डंडों व लात-घूंसों से नसरीन के साथ मारपीट की। शोर सुनकर बचाने पहुंचे सलीम, नाजरीन, अमरीन, आफरीन और समरीन के साथ भी मारपीट करने का आरोप है। तहरीर के अनुसार घटना में सभी को चोटें आईं। आरोपियों पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन : अखिलेश की हिरासत पर सपाइयों के तेवर तल्ख
Tue, Oct 6, 2026
सपाइयों ने उठाई रिहाई की मांग, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
उन्नाव। दिल्ली में सपा प्रमुख अखिलेश यादव समेत विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिए जाने के विरोध में मंगलवार को उन्नाव में समाजवादी पार्टी ने प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद राष्ट्रपति के नाम डीएम को ज्ञापन सौंपकर हिरासत में लिए गए नेताओं की रिहाई और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध की अनुमति दिए जाने की मांग की गई। प्रदर्शन के दौरान सपा नेताओं ने कहा कि चुनाव आयोग के खिलाफ आवाज उठाना और एसआईआर के मुद्दे पर सवाल करना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है। उनका आरोप था कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान विपक्षी नेताओं को हिरासत में लेना जनता की आवाज को दबाने जैसा है। सपाइयों ने कहा कि सरकार को विपक्ष के सवालों का जवाब देना चाहिए, न कि नेताओं को हिरासत में लेकर विरोध रोकना चाहिए।
अन्नू टंडन ने कहा, विपक्ष की भूमिका भी अहम
सपा की राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व सांसद अन्नू टंडन ने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता पक्ष के साथ विपक्ष की भी अहम भूमिका होती है। शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने वालों पर कार्रवाई लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है। उन्होंने अखिलेश यादव समेत हिरासत में लिए गए विपक्षी नेताओं की रिहाई की मांग की।
जिलाध्यक्ष ने कहा, सवालों से नहीं भाग सकती सरकार
सपा जिलाध्यक्ष जय चन्द्र विमल ने कहा कि जनता और विपक्ष के सवालों का जवाब देना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध को रोकने के बजाय सरकार को उठाए जा रहे मुद्दों पर जवाब देना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। बाद में सपा नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें हिरासत में लिए गए विपक्षी नेताओं की रिहाई, उनके मामलों में उचित कार्रवाई और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की मांग की गई।
अंकित सिंह परिहार बोले, लोकतंत्र में विरोध का अधिकार जरूरी
प्रदर्शन में सपा नेता अंकित सिंह परिहार ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार के फैसलों पर सवाल उठाना विपक्ष का अधिकार है। उन्होंने कहा कि जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर आवाज उठाने वालों को हिरासत में लेने के बजाय सरकार को उनकी बात सुननी चाहिए। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करती रहेगी।
बड़ी संख्या मे सपाई मौजूद रहे
प्रदर्शन में डॉ. आंचल वर्मा, वीरेंद्र शुक्ला, नियाज खान, तनवीर खान, राम बरन कुरील, राधे लाल रावत, मोहम्मद इस्माइल, राजेश साधु यादव, राज कुमार लोधी, प्रशांत कटियार, सुरेश पाल, शरीफ खान, जितेंद्र रावत, मंजीत यादव, राजेश मिश्रा, राज कुमार चौरसिया, सतीश यादव, आरिफ शानू समेत बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
विरोध प्रदर्शन : सपा सुप्रीमो अखिलेश की हिरासत पर सड़क पर उतरे अंकित परिहार
Tue, Oct 6, 2026
सैकड़ों समर्थकों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे भगवंतनगर के सपा नेता, लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर उठाई आवाज
उन्नाव। सपा अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए जाने की खबर मिलते ही भगवंतनगर क्षेत्र में सपा कार्यकर्ताओं ने विरोध का मोर्चा संभाल लिया। पार्टी नेता इंजी. अंकित सिंह परिहार अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रदर्शन कर अखिलेश यादव की हिरासत पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना किसी भी राजनीतिक दल और जनप्रतिनिधि का अधिकार है। अंकित सिंह परिहार के नेतृत्व में कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे। यहां कार्यकर्ताओं ने अखिलेश यादव के समर्थन में आवाज उठाते हुए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और एसआईआर को लेकर विरोध दर्ज कराया। इसके बाद पार्टी की ओर से अधिकारियों को ज्ञापन भी सौंपा गया।
सूचना मिलते ही समर्थकों के साथ पहुंचे कलेक्ट्रेट
पार्टी नेताओं के मुताबिक, अखिलेश यादव दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन, एसआईआर के विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें हिरासत में लिए जाने की सूचना उन्नाव के कार्यकर्ताओं तक पहुंची। जानकारी मिलते ही अंकित सिंह परिहार ने समर्थकों से संपर्क किया और कुछ ही समय में कार्यकर्ताओं के साथ कलेक्ट्रेट पहुंच गए। प्रदर्शन में सपा की राष्ट्रीय सचिव अन्नू टंडन और जिलाध्यक्ष जय चंद विमल समेत पार्टी के अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। अंकित परिहार के साथ बड़ी संख्या में समर्थकों के पहुंचने से कलेक्ट्रेट परिसर में पार्टी कार्यकर्ताओं की भीड़ जुट गई।
‘जनता की आवाज उठाना अपराध नहीं’ -अंकित
इंजी. अंकित सिंह परिहार ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार, चुनाव व्यवस्था या किसी संवैधानिक संस्था से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाना राजनीतिक दलों का अधिकार है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव की हिरासत के विरोध में सपा कार्यकर्ता चुप बैठने वाले नहीं हैं। लोकतांत्रिक अधिकारों और जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर पार्टी कार्यकर्ता मजबूती से अपनी आवाज उठाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि एसआईआर को लेकर भी पार्टी लगातार अपनी आपत्तियां सामने रख रही है। ऐसे में शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रहे अखिलेश यादव को हिरासत में लिया जाना उचित नहीं है।
भगवंतनगर से जुटे सैकड़ों कार्यकर्ता
अंकित सिंह परिहार के आह्वान पर भगवंतनगर क्षेत्र से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने अखिलेश यादव के समर्थन में नारे लगाए और हिरासत के विरोध में अपनी बात रखी। बाद में पार्टी नेताओं ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान सपा नेताओं ने कहा कि पार्टी आगे भी लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर आंदोलन जारी रखेगी। कार्यक्रम में स्थानीय सपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों की मौजूदगी से अंकित सिंह परिहार की क्षेत्र में सक्रियता भी प्रमुख रूप से सामने आई।