: सरदार पटेल की जयंती पर नगर में एकता और अखंडता का संदेश
Fri, Oct 31, 2025
नगर पालिका परिषद के संयोजन में सरदार पटेल स्मारक पर हुआ कार्यक्रम
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
उन्नाव। शुक्रवार को महान स्वतंत्रता सेनानी, भारत की एकता और अखंडता के प्रतीक, लौह पुरुष भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर लखनऊ बाईपास स्थित सरदार पटेल स्मारक पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। उन्नाव नगर पालिका परिषद के संयोजन में हुए इस कार्यक्रम में नगरपालिका अध्यक्ष श्वेता मिश्रा और प्रतिनिधि प्रवीण मिश्रा भानू ने पुष्पांजलि अर्पित कर सरदार पटेल जी को नमन किया।
इस अवसर पर पालिकाध्यक्ष श्वेता मिश्रा ने कहा कि सरदार पटेल जी ने जिस दृढ़ संकल्प, निष्ठा और दूरदृष्टि से देश को एकजुट किया, वह आज भी हर भारतीय के लिए प्रेरणा स्रोत है। उनकी एकता की भावना हमें राष्ट्र निर्माण की दिशा में निरंतर प्रयासरत रहने की प्रेरणा देती है।
प्रवीण मिश्रा भानू ने कहा कि सरदार पटेल जी ने देश की 562 रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर भारत के अखंड मानचित्र को आकार देने का जो ऐतिहासिक कार्य किया, वह सदा अमर रहेगा।
कार्यक्रम में अधिशासी अधिकारी संजय कुमार गौतम, आदर्श नगर सभासद राकेश कुमार शाहू, गांधी नगर सभासद दीपक दीक्षित ‘मोनू’, सिंगरौसी सभासद शिव वरन कुशवाहा और पालिका कर्मचारीगण मौजूद रहे।
: राष्ट्र की एकता के नाम दौड़ा उन्नाव, अधिकारियों-कर्मचारियों ने लिया संकल्प
Fri, Oct 31, 2025
डीएम गौरांग राठी और एसपी जय प्रकाश सिंह ने पुलिस लाइन से दिखाई हरी झंडी
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
उन्नाव। लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर शुक्रवार को जिले में राष्ट्रीय एकता दिवस पूरे जोश और उत्साह के साथ मनाया गया। इस मौके पर ‘रन फॉर यूनिटी’ का आयोजन हुआ, जिसमें प्रशासन से लेकर आम नागरिक तक एक साथ दौड़े। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह रिजर्व पुलिस लाइन से हुई, जहां जिलाधिकारी गौरांग राठी और पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश सिंह ने हरी झंडी दिखाकर दौड़ को रवाना किया। पुलिस लाइन परिसर देशभक्ति के नारों से गूंज उठा—"एक भारत, श्रेष्ठ भारत” और “वंदे मातरम” की आवाजें माहौल में जोश भर रही थीं। इस दौड़ में एडीएम सुशील कुमार गोंड़, एएसपी अखिलेश सिंह, सीओ सिटी दीपक यादव, पुलिस जवान, एनसीसी कैडेट्स और शहर के कई स्कूलों के विद्यार्थी शामिल हुए। सभी ने मिलकर देश की एकता और अखंडता बनाए रखने का संकल्प लिया। दौड़ के समापन पर पुलिस लाइन में सरदार पटेल के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान डीएम गौरांग राठी ने कहा कि सरदार पटेल ने अपने अदम्य साहस और दूरदर्शी नेतृत्व से रियासतों को जोड़कर एक भारत का सपना साकार किया। उनकी सोच आज भी हमें जोड़ने की प्रेरणा देती है।
एसपी जय प्रकाश सिंह ने प्रतिभागियों की हौसलाअफजाई करते हुए कहा कि रन फॉर यूनिटी’ सिर्फ एक दौड़ नहीं, बल्कि यह संदेश है कि देश तभी मजबूत होगा जब हम सब एक साथ खड़े होंगे। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल का जीवन आपसी भाईचारे और एकजुटता की मिसाल है, जिसे आज भी अपनाने की जरूरत है।
केवल जिला मुख्यालय ही नहीं, बल्कि सभी थानों, सरकारी कार्यालयों और शिक्षण संस्थानों में भी एकता दौड़ और शपथ कार्यक्रम आयोजित किए गए। हर जगह यही संदेश दिया गया—भारत की असली ताकत उसकी एकता में है। चाहें पुलिस लाइन का मैदान हो या स्कूल का प्रांगण, हर जगह लोगों के चेहरे पर जोश और गर्व साफ झलक रहा था। उन्नाव ने शुक्रवार को एक बार फिर साबित कर दिया कि जब बात एकता और देशभक्ति की हो, तो यहां का हर नागरिक कदम से कदम मिलाकर चलने को तैयार है।
: कायाकल्प के नाम पर लूट, सीवीओ पर गिरी गाज, बाकी बच गए
Fri, Oct 31, 2025
निलंबन आदेश में चहेते ठेकेदार का जिक्र, लेकिन बाकी अफसरों पर कार्रवाई नहीं
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
उन्नाव। पशुपालन विभाग में कायाकल्प के नाम पर हुए खेल की नई परतें खुलती जा रही हैं। निलंबित मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. महावीर सिंह के कार्यकाल में न सिर्फ पशु चिकित्सालयों की मरम्मत और रंगरोगन में गड़बड़ी हुई, बल्कि कार्यालय में इस्तेमाल होने वाले सामान्य सामानों की खरीद में भी जमकर मनमानी की गई।
सूत्र बताते हैं कि विभाग ने सफाई के लिए नारियल के 70 झाड़ू खरीदे थे, जिन पर 29,750 रुपये खर्च किए गए यानी एक झाड़ू की कीमत 425 रुपये दिखाई गई। बाजार में यही झाड़ू 40-50 रुपये में मिल जाती है। इसी तरह 64 तौलियों की खरीद में 50,560 रुपये खर्च दिखाए गए, मतलब एक तौलिया 790 रुपये का पड़ा। जानकारों के मुताबिक, किसी अच्छी कंपनी का तौलिया भी इतनी कीमत का नहीं होता।
विभागीय कर्मचारियों का कहना है कि इस खरीद में खुलेआम अंधेरगर्दी हुई। यह सारा भुगतान उसी अवधि में किया गया जब डॉ. महावीर सिंह जिले के सीवीओ थे। दिलचस्प बात यह है कि सफाई से लेकर मरम्मत तक के 90 फीसदी से ज्यादा काम एक ही फर्म को दिए गए, जो कथित तौर पर विभाग के एक लिपिक के रिश्तेदार की बताई जा रही है। यही वजह है कि अब उस लिपिक का नाम भी जांच के घेरे में आ गया है।
कार्रवाई में पक्षपात की चर्चा
डॉ. महावीर सिंह पर निलंबन की कार्रवाई के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि बाकी दो अधिकारियों पर चुप्पी क्यों?जिलाधिकारी कार्यालय से शासन को भेजी गई जांच रिपोर्ट में सिकंदरपुर कर्ण और सदर अस्पताल के डिप्टी सीवीओ के नाम भी शामिल थे। तीनों पर समान अनियमितताओं के आरोप लगे थे, लेकिन निलंबन केवल एक अधिकारी का हुआ। विभाग के अंदर अब यह चर्चा है कि कार्रवाई चयनित तरीके से की गई और कुछ नामों को फाइल से हटा दिया गया।
जांच में क्या निकला सामने
यह मामला वित्तीय वर्ष 2024-25 से जुड़ा है। उस दौरान जिले के 12 पशु चिकित्सालयों और 2 पशु सेवा केंद्रों के कायाकल्प के लिए 13.80 लाख रुपये का बजट जारी हुआ था। रिपोर्ट में बताया गया कि इन कामों के लिए किसी मान्यता प्राप्त फर्म से निविदा प्रक्रिया के तहत अनुबंध होना चाहिए था, लेकिन बिना नियमों के पालन किए भुगतान कर दिया गया।
जब तीन सदस्यीय जांच बनी समिति जिसमें जिला विकास अधिकारी, आरईएस के एक्सईएन और कोषाधिकारी शामिल थे टीम ने स्थल निरीक्षण किया, तो पाया गया कि अधिकांश स्थानों पर रंगाई-पुताई अधूरी थी, खिड़कियों के शीशे टूटे थे और फर्श उखड़ी हालत में थे। रिपोर्ट में साफ लिखा गया कि कायाकल्प के नाम पर बजट की बंदरबांट की गई।
सेवानिवृत्ति से एक दिन पहले निलंबन
प्रमुख सचिव पशुधन मुकेश मेश्राम ने गुरुवार को आदेश जारी कर डॉ. महावीर सिंह को निलंबित कर दिया। खास बात यह है कि यह आदेश उनकी सेवानिवृत्ति से ठीक एक दिन पहले जारी हुआ।
शासन का बयान
विशेष सचिव पशुपालन देवेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि सीवीओ डॉ. महावीर सिंह को वित्तीय अनियमितता और गबन के मामले में निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में वे पशुपालन विभाग के लखनऊ मुख्यालय में संबद्ध रहेंगे। रिकवरी पर निर्णय अंतिम जांच के बाद लिया जाएगा। जल्द ही उन्नाव में नए सीवीओ की तैनाती कर दी जाएगी।
अब सबकी नजर आगे की कार्रवाई पर
शासन ने फिलहाल विभागीय जांच के आदेश दे दिए हैं, लेकिन अंदरखाने चर्चा है कि मामला यहीं रुक जाएगा या आगे बढ़ेगा। कर्मचारी संगठन मांग कर रहे हैं कि पूरी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए, ताकि यह साफ हो सके कि बाकी अधिकारियों को क्लीन चिट किस आधार पर मिली। उन्नाव के पशुपालन विभाग में यह मामला अब सिर्फ अनियमितता का नहीं, पूरे सिस्टम पर भरोसे का बन गया है। हर कोई यही पूछ रहा है कि अगर गलती सबकी थी, तो सजा सिर्फ एक को क्यों?