यूजीसी कानून वापस लेने की मांग : बांगरमऊ में सवर्ण समाज ने जताया विरोध
Wed, Jan 28, 2026
कानून से अधिकारों के हनन का आरोप, सरकार से पुनर्विचार की मांग
उन्नाव। बांगरमऊ में बुधवार को यूजीसी कानून के विरोध में सवर्ण समाज के लोगों ने खुलकर नाराज़गी जताई। बड़ी संख्या में लोग तिकोनिया पार्क में जुटे और सरकार के खिलाफ नारे लगाए। हाथों में तख्तियां और बैनर लिए प्रदर्शनकारी कानून को तुरंत वापस लेने की मांग कर रहे थे। तिकोनिया पार्क से शुरू हुआ यह विरोध मार्च जुलूस के रूप में तहसील परिसर तक पहुंचा। पूरे रास्ते प्रदर्शनकारी यूजीसी कानून के खिलाफ आवाज बुलंद करते रहे। प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा, लेकिन लोगों के तेवरों से साफ था कि समाज में इस मुद्दे को लेकर गहरा असंतोष है। किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो, इसके लिए पुलिस प्रशासन ने पूरे रूट पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की थी। तहसील पहुंचकर प्रदर्शनकारियों ने उपजिलाधिकारी ब्रजमोहन शुक्ला को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के जरिए सरकार से मांग की गई कि यूजीसी कानून को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए। सवर्ण समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि यदि सरकार ने इस मांग को गंभीरता से नहीं लिया, तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से और तेज किया जाएगा। उनका कहना था कि यह विरोध सिर्फ बांगरमऊ तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जिले और प्रदेश स्तर तक फैलाया जाएगा। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि यूजीसी कानून सवर्ण समाज के अधिकारों को कमजोर करता है और इससे सामाजिक असंतुलन पैदा हो रहा है। उनका कहना है कि सरकार बिना सभी वर्गों से बातचीत किए ऐसे फैसले ले रही है, जिससे समाज में नाराजगी बढ़ रही है। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि किसी भी कानून को लागू करने से पहले सभी पक्षों की राय लेना जरूरी है, ताकि समाज में टकराव की स्थिति न बने। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने सरकार से संवाद का रास्ता अपनाने और यूजीसी कानून पर दोबारा विचार करने की अपील की। उन्होंने कहा कि अगर समय रहते इस मुद्दे पर गंभीरता नहीं दिखाई गई, तो आने वाले दिनों में विरोध और व्यापक रूप ले सकता है।
रात एक बजे चली गोली : महिला शिक्षामित्र की मौके पर मौत
Wed, Jan 28, 2026
किसी से विवाद की बात सामने नहीं आई, हर पहलू खंगाल रही पुलिस
उन्नाव। जिले के असोहा थाना क्षेत्र के गोकुलपुर गांव में मंगलवार रात उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एक महिला शिक्षामित्र की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना देर रात करीब एक बजे की बताई जा रही है। गोली सीने में सामने की ओर से दाहिनी तरफ मारी गई, जिससे मौके पर ही महिला की मौत हो गई।मृतका की पहचान श्रीकांति (39) पत्नी ओमकार रावत के रूप में हुई है। वह गांव के ही प्राथमिक विद्यालय में पिछले करीब 20 वर्षों से शिक्षामित्र के पद पर कार्यरत थीं। परिवार में पति, एक बेटी और एक बेटा है। बेटी रिया (13) मां के साथ ही घर पर रहती है, जबकि बेटा रौनक पढ़ाई के लिए ननिहाल में रह रहा है।परिजनों के अनुसार, श्रीकांति रात में लघुशंका के लिए उठी थीं। इसी दौरान अचानक फायर की आवाज आई। आवाज सुनकर घर के लोग जागे और मौके पर पहुंचे, तो श्रीकांति चारपाई पर खून से लथपथ पड़ी थीं। गोली लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो चुकी थी। पड़ोस में रहने वाले जेठ राजेंद्र भी मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हलचल मच गई। रात में ही पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश सिंह, क्षेत्राधिकारी तेज बहादुर सिंह और थाना प्रभारी फूल सिंह फॉरेंसिक टीम के साथ गांव पहुंचे। घटनास्थल की बारीकी से जांच की गई और साक्ष्य जुटाए गए।मृतका के पति की तहरीर पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि फिलहाल सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
बेटी के बदले बयान, जांच में उलझन
जांच के दौरान मृतका की बेटी रिया के बयानों ने मामले को और पेचीदा कर दिया है। पुलिस के अनुसार, रिया ने पहले बताया कि उसकी मां बाथरूम से लौट रही थीं, तभी सामने से गोली मारी गई और उसने आरोपी को भागते हुए देखा। हालांकि, कुछ समय बाद उसने बयान बदला और कहा कि फायर की आवाज सुनकर जब उसने आंखें खोलने की कोशिश की, तो उसे धुंधला दिखाई दे रहा था, जैसे आंखों में कुछ डाल दिया गया हो। बेटी के बार-बार बदलते बयान और परिवार के किसी से भी बाहरी विवाद की जानकारी न मिलने के चलते पुलिस को घटना के पीछे परिवार के भीतर ही किसी की भूमिका होने की आशंका भी लग रही है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी किसी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। थानाध्यक्ष फूल सिंह ने बताया कि पति की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है और जल्द ही सच्चाई सामने लाने का दावा कर रही है। फिलहाल गांव में दहशत का माहौल है और लोग इस हत्या को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं।
उपनिदेशक का औचक दौरा : कर्मी निलंबित, सचिव को चेतावनी
Wed, Jan 28, 2026
दो ग्राम पंचायतों में निरीक्षण के दौरान मिलीं गंभीर खामियां, एफआईआर तक की चेतावनी
उन्नाव। सुमेरपुर विकासखंड की दो ग्राम पंचायतों में बुधवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब उपनिदेशक पंचायतीराज शाश्वत आनंद औचक निरीक्षण पर पहुंच गए। निरीक्षण के दौरान एक पंचायत में गंदगी और लापरवाही सामने आने पर सफाईकर्मी को निलंबित कर दिया गया, जबकि दूसरी पंचायत में रिकॉर्ड की भारी कमी पर सचिव को कड़ी फटकार लगाई गई। अधिकारियों को साफ शब्दों में चेतावनी दी गई कि तय समय में सुधार नहीं हुआ तो एफआईआर तक की कार्रवाई होगी। दोपहर के समय उपनिदेशक सबसे पहले ग्राम पंचायत बक्सर पहुंचे। यहां सचिव स्वाति पटेल से पंचायत से जुड़े अभिलेख मांगे गए, लेकिन वह पूरे कागजात प्रस्तुत नहीं कर सकीं। जांच में यह भी सामने आया कि कुछ भुगतान बिना विधिवत पत्रावली के ही कर दिए गए थे। इस पर उपनिदेशक ने गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि यह गंभीर वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में आता है। उन्होंने निर्देश दिए कि पिछले दो वर्षों के सभी अभिलेख एक सप्ताह के भीतर पूर्ण कर प्रस्तुत किए जाएं। ऐसा न होने पर संबंधित के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश भी दे दिए गए। निरीक्षण के दौरान पंचायत परिसर में बने आरआरसी सेंटर की स्थिति भी सवालों के घेरे में दिखी। दीवारों में दरारें और फर्श टूटी हुई पाई गई। उपनिदेशक ने इसे निर्माण गुणवत्ता से जुड़ा मामला बताते हुए तकनीकी जांच कराने और रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए।इसके बाद उपनिदेशक ग्राम पंचायत नारायणदासखेड़ा पहुंचे। यहां साफ-सफाई की स्थिति बेहद खराब मिली। गांव में जगह-जगह गंदगी और कचरे के ढेर दिखाई दिए। इस पर उन्होंने मौके पर ही जिम्मेदार सफाईकर्मी के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए, जिसके बाद उसे निलंबित कर दिया गया। साथ ही पंचायत अधिकारियों को चेताया गया कि स्वच्छता में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण के अंत में उपनिदेशक ने साफ कहा कि सरकारी योजनाओं और पंचायत संसाधनों में किसी भी तरह की ढिलाई या अनियमितता सीधे जनता के हितों से खिलवाड़ है। पंचायतों को पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम करना होगा, वरना कड़ी कार्रवाई तय है।