मौत को छूकर लौट आई महिला : ऊपर से गुजर गईं 21 बोगियां, बची जान
Sun, Jun 21, 2026
उन्नाव जंक्शन पर चलती ट्रेन में चढ़ते वक्त फिसला पैर, ट्रैक के बीच लेटने से टला बड़ा हादसा
उन्नाव। कुछ पल के लिए ऐसा लगा मानो मौत सामने खड़ी हो, लेकिन किस्मत ने साथ दिया और महिला मौत को मात देकर सुरक्षित बाहर निकल आई। उन्नाव जंक्शन पर शनिवार देर रात आम्रपाली एक्सप्रेस में चढ़ते समय पैर फिसलने से महिला ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच ट्रैक पर जा गिरी। इसके बाद ट्रेन की पूरी 21 बोगियां उसके ऊपर से गुजर गईं, लेकिन हैरत की बात यह रही कि महिला को सिर्फ मामूली चोट आई। घटना प्लेटफॉर्म नंबर-2 की है। मध्य प्रदेश के कोरबा जिले के आम्रपाली गांव निवासी 48 वर्षीय रामशिला अपने पति गंगाराम, बेटे सागर और भाई जय के साथ पिछले कई महीनों से उन्नाव के अचलगंज क्षेत्र में एक ईंट भट्ठे पर काम कर रही थीं। शनिवार रात पूरा परिवार अपने गांव लौटने के लिए उन्नाव स्टेशन पहुंचा था। परिजनों के अनुसार, आम्रपाली एक्सप्रेस का टिकट लेने के बाद सभी लोग ट्रेन में सवार होने लगे। बेटा सागर और पिता गंगाराम सामान लेकर पहले चढ़ गए। इसी दौरान सबसे पीछे चढ़ रही रामशिला का पैर अचानक फिसल गया और वह सीधे ट्रेन व प्लेटफॉर्म के बीच पटरियों पर जा गिरीं। महिला के गिरते ही परिवार के लोग चीख पड़े, लेकिन तब तक ट्रेन रफ्तार पकड़ चुकी थी। सागर ने बताया कि उसकी मां पटरियों के बीच सिकुड़कर लेट गई थीं। इसी वजह से ट्रेन की सभी 21 बोगियां उनके ऊपर से गुजरने के बावजूद उन्हें गंभीर चोट नहीं आई। ट्रेन गुजरने के बाद मौके पर मौजूद आरपीएफ और जीआरपी जवानों ने तत्काल महिला को सुरक्षित बाहर निकाला और जिला अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि महिला पूरी तरह सुरक्षित है। उसके कान में हल्की खरोंच आई थी। प्राथमिक उपचार के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।हादसे के बाद रामशिला काफी सहमी हुई दिखीं। अस्पताल में भी वह पति का हाथ थामे रहीं। परिवार के लोग इसे किसी चमत्कार से कम नहीं मान रहे हैं। आरपीएफ इंस्पेक्टर हरीश कुमार मीणा ने बताया कि यात्रियों को चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने का प्रयास नहीं करना चाहिए। थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े हादसे की वजह बन सकती है।
पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल : तीन सीओ समेत कई दरोगाओं के कार्यक्षेत्र बदले
Sun, Jun 21, 2026
कई सर्किल और चौकियों की जिम्मेदारी बदली, नए अधिकारियों को मिली कमान
उन्नाव। जिले में कानून व्यवस्था को और ज्यादा मजबूत और प्रभावी बनाने के लिए पुलिस महकमे में बड़े स्तर पर फेरबदल किया गया है। पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश सिंह ने तीन क्षेत्राधिकारियों (सीओ) समेत कई उपनिरीक्षकों के कार्यक्षेत्र बदलते हुए नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। माना जा रहा है कि यह बदलाव अपराध नियंत्रण और पुलिसिंग व्यवस्था को और बेहतर बनाने की रणनीति का हिस्सा है। जारी आदेश के तहत नवागत पुलिस उपाधीक्षक हर्ष मोदी को क्षेत्राधिकारी बांगरमऊ नियुक्त किया गया है। वह इससे पहले बरेली में तैनात थे। उनके अधीन बांगरमऊ, औरास, आसीवन और बेहटा मुजावर थाना क्षेत्र रहेंगे। वहीं, सीओ सिटी दीपक यादव को अब क्षेत्राधिकारी सफीपुर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनके कार्यक्षेत्र में सफीपुर, माखी और फतेहपुर चौरासी थाने शामिल किए गए हैं। इसके अलावा विनी सिंह को क्षेत्राधिकारी नगर, पुलिस लाइन और साइबर क्राइम का दायित्व दिया गया है। उनके अधीन कोतवाली नगर, गंगाघाट, दही थाना, महिला थाना और साइबर क्राइम थाना रहेंगे। साथ ही पुलिस लाइन, परिवार परामर्श केंद्र, विशेष जांच प्रकोष्ठ और वीआईपी सेल की जिम्मेदारी भी उनके पास रहेगी। इसी क्रम में कई उपनिरीक्षकों के भी तबादले किए गए हैं। प्रकाश पाण्डेय को पुलिस लाइन से चौकी प्रभारी पाटन, थाना बिहार भेजा गया है। जितेंद्र कुमार को चौकी प्रभारी कोल्हुआगढ़ा, थाना अचलगंज की जिम्मेदारी दी गई है। जय प्रकाश भारती को कोल्हुआगढ़ा से बेथर चौकी, थाना अचलगंज स्थानांतरित किया गया है। आदित्य कुमार मौर्य को पुलिस लाइन से चौकी प्रभारी सिविल लाइन, थाना कोतवाली बनाया गया है, जबकि पंकज राज शारदा को वहां से हटाकर पुलिस लाइन भेजा गया है। धीरेंद्र कुमार यादव को थाना अचलगंज और लल्लू सिंह भदौरिया को थाना मौरावां में तैनाती मिली है। एसपी जय प्रकाश सिंह ने सभी अधिकारियों को तत्काल नई तैनाती पर कार्यभार ग्रहण कर जिम्मेदारी संभालने के निर्देश दिए हैं। माना जा रहा है कि यह फेरबदल जिले में पुलिसिंग को और ज्यादा सक्रिय और जवाबदेह बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
बिना सीखे मिल रहा ड्राइविंग सर्टिफिकेट : दो सेंटरों पर उठे सवाल
Sat, Jun 20, 2026
शिकायत के बाद जांच की मांग, नियमों के उल्लंघन पर हो सकती है सख्त कार्रवाई
उन्नाव। जिले के दो मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटरों पर बिना प्रशिक्षण दिए ही ड्राइविंग प्रशिक्षण प्रमाणपत्र जारी करने के आरोप लगे हैं। मामला सामने आने के बाद परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली और ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे हैं। शिकायत अधिकारियों तक पहुंचने के बाद जांच की मांग तेज हो गई है। जानकारी के अनुसार शहर के निराला नगर स्थित बालाजी मोटर ट्रेनिंग स्कूल और सफीपुर क्षेत्र के जमालदीपुर स्थित अर्नव ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल पर आरोप है कि वहां प्रशिक्षण की निर्धारित प्रक्रिया पूरी कराए बिना ही अभ्यर्थियों को ट्रेनिंग सर्टिफिकेट उपलब्ध कराए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि ड्राइविंग प्रशिक्षण प्रमाणपत्र वाहन चलाने की दक्षता साबित करने का अहम आधार होता है। ऐसे में यदि बिना प्रशिक्षण के प्रमाणपत्र जारी किए जा रहे हैं तो यह सड़क सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। साथ ही इससे लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर भी असर पड़ सकता है। सूत्रों के मुताबिक, इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को शिकायत देकर दोनों संस्थानों की कार्यप्रणाली की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यदि नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। फिलहाल विभागीय स्तर पर जांच की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है और न ही दोनों प्रशिक्षण केंद्रों की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे आरोपों की सच्चाई स्पष्ट हो सकेगी।