ललित आत्महत्या मामला : प्रेमिका के परिजनों पर उकसाने का मुकदमा
Thu, Jan 29, 2026
चौकी और कोतवाली में घंटों बैठाने का आरोप, पुलिस भूमिका पर सवाल
उन्नाव। अकरमपुर मोहल्ले में प्रेमिका के परिजन की कथित प्रताड़ना से आहत फैक्टरी श्रमिक ने पहले जहर खाया और फिर फंदे से लटककर खुदकुशी कर ली। पिता की तहरीर पर पुलिस ने प्रेमिका के माता-पिता सहित पांच के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है। पुलिस की मौजूदगी में शव का अंतिम संस्कार किया गया। सदर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला अकरमपुर निवासी 23 वर्षीय ललित निजी फैक्टरी में काम करता था। पिता दुर्गा शंकर कश्यप ने बताया कि बेटे की एक गांव की युवती से फोन पर चोरी-छिपे बातचीत होती थी। 28 जनवरी को युवती घर से बिना बताए कहीं चली गई थी। दोपहर करीब दो बजे युवती के माता-पिता व चाचा घर आए और ललित को जबरन साथ ले गए। रास्ते में ललित के साथ मारपीट की। कुछ देर बाद जब युवती घर लौटी तो ललित को मगरवारा चौकी में बैठा दिया।
जानकारी मिलने पर वह पत्नी शिवपती के साथ चौकी पहुंचे। पुलिस से बात कर किसी तरह बेटे को घर ले गए। आरोप है कि घर जाते समय रास्ते में युवती के पिता, मां, चाचा और दो अन्य महिलाओं ने उन्हें रोक लिया और दोबारा मारपीट की। आरोप है कि इन लोगों ने ललित से 12 लाख रुपये की मांग की और धमकी दी कि यदि रकम नहीं दी गई तो वे पूरे परिवार को जेल भिजवा देंगे। आरोप है कि आरोपियों ने ललित को इतना प्रताड़ित किया कि उसने पहले जहर खाया और बाद में फंदे से लटक कर अपनी जान दे दी। ललित और युवती वर्ष 2023 से एक-दूसरे से बात कर रहे थे और इस बात की जानकारी युवती के परिजन को भी थी।
घटना के बाद कोतवाली पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं। पिता ने आरोप लगाया कि पुलिस आरोपी पक्ष का साथ दे रही थी। बताया कि चौकी में प्रताड़ना के बाद जब पुलिस उन्हें और बेटे को कोतवाली ले गई तो वहां भी रात 9:30 बजे तक बिठाए रखा गया। उनका कहना था कि निर्दोष होते हुए भी पुलिस ने उनकी नहीं सुनी जिसका परिणाम यह हुआ कि उनके बेटे को अपनी जान गंवानी पड़ी। ललित दो बहनों का इकलौता भाई था।
कोतवाल चंद्रकांत मिश्र ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद अंतिम संस्कार करा दिया गया है। मृतक के पिता की तहरीर पर दंपती सहित पांच परिवारीजन के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
शिक्षामित्र हत्याकांड : तमाम कोशिशों के बाद भी पुलिस के हांथ खाली
Thu, Jan 29, 2026
लगातार पूछताछ से परेशान पति ने बेटी संग आत्महत्या की बात कही, पुलिस बैकफुट पर
उन्नाव। असोहा थाना क्षेत्र के गोकुलपुर गांव में हुई शिक्षामित्र की हत्या की गुत्थी अब और उलझती जा रही है। दो दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। जांच का दायरा फिलहाल मृतका के पति के इर्द-गिर्द ही सिमटा हुआ है, लेकिन पुख्ता सबूतों के अभाव में पुलिस भी खुलकर कोई कदम नहीं उठा पा रही।
27 जनवरी की रात गोकुलपुर गांव में शिक्षामित्र श्रीकांति (39) की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह अपने घर में मृत पाई गई थीं। घटना के बाद से पुलिस ने पति ओमकार रावत, बेटी रिया और जेठ राजेंद्र से कई दौर की पूछताछ की है। बुधवार देर रात पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश सिंह और सहायक पुलिस अधीक्षक प्रशिक्षु संचित शर्मा खुद गांव पहुंचे और घंटों पति से सवाल-जवाब किए। पूछताछ के बाद उसे घर भेज दिया गया। अगले दिन थानाध्यक्ष ने पहले बेटी और फिर जेठ से अलग-अलग बातचीत की। दोपहर बाद एसओजी की टीम भी गांव पहुंची और पति से पूछताछ की, लेकिन अब तक ऐसा कोई सबूत सामने नहीं आया, जिससे पुलिस किसी नतीजे पर पहुंच सके। लगातार पूछताछ से मानसिक दबाव में आए पति ने पुलिस के सामने बेटी के साथ आत्महत्या करने की बात कह दी। इस बयान के बाद पुलिस भी बेहद सतर्क हो गई है और बिना ठोस आधार के आगे बढ़ने से बच रही है। एहतियात के तौर पर गांव में सादी वर्दी में पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, जो स्थानीय लोगों से बातचीत कर अपने स्तर पर जानकारी जुटा रहे हैं। जांच के दौरान कुछ अहम बातें सामने आई हैं। घटनास्थल पर यह संकेत मिले हैं कि महिला को दो गोलियां मारी गई थीं। इसके अलावा छत पर एक कारतूस का खोखा भी मिला है, जिससे आशंका जताई जा रही है कि वारदात के समय छत से हवाई फायर भी किया गया हो। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अभी तक तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं हो सकी है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पति ओमकार रावत अक्सर गांव के बाहर संचालित शराब ठेके के पास एक अंडे की दुकान पर बैठता था। इस बात को लेकर पति-पत्नी के बीच कई बार विवाद हुआ था। मृतका को पति का वहां बैठना पसंद नहीं था और इसी बात पर अक्सर कहासुनी होती थी। पुलिस इस पहलू को भी ध्यान में रखकर जांच कर रही है। इसके साथ ही पैसों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। पति का कहना है कि घर में रखे एक बक्से में करीब साढ़े तीन लाख रुपये थे, जिनमें से डेढ़-डेढ़ लाख रुपये की दो गड्डियां शामिल थीं। उसका दावा है कि एक गड्डी गायब है। हालांकि पुलिस को अब तक ऐसी कोई ठोस जानकारी नहीं मिली है, जिससे यह साफ हो सके कि रकम वास्तव में गायब हुई है या नहीं, और अगर हुई है तो किसने निकाली। थानाध्यक्ष फूल सिंह का कहना है कि मामले की जांच पूरी गंभीरता से की जा रही है। अभी तक किसी की गिरफ्तारी के लिए पर्याप्त सबूत नहीं मिले हैं। हर पहलू की जांच की जा रही है और एसओजी भी इसी सिलसिले में लगी हुई है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। गांव में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। लोग पुलिस कार्रवाई पर नजर बनाए हुए हैं और सभी को इंतजार है कि शिक्षामित्र की हत्या की सच्चाई आखिर कब सामने आएगी।
शिक्षामित्र हत्याकांड : बंद घर, दो गोलियां और परिवार पर गहराता शक
Thu, Jan 29, 2026
पारिवारिक कलह या सुनियोजित साजिश, पुलिस के सामने कई सवाल
उन्नाव। असोहा थाना क्षेत्र के गोकुलपुर गांव में शिक्षामित्र की हत्या की गुत्थी अब घर के अंदरूनी रिश्तों और पैसों के लेनदेन तक पहुंचती दिख रही है। शुरुआती तौर पर बाहरी बदमाशों की आशंका जताने वाला मामला, पुलिस जांच के साथ-साथ अब परिवार के सदस्यों के बयानों, जमीन बिक्री से मिले रुपयों और घरेलू तनाव के इर्द-गिर्द घूमने लगा है। मंगलवार देर रात गांव के एक मकान में 39 वर्षीय शिक्षामित्र श्रीकांति रावत की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस को सबसे पहले मृतका की 13 वर्षीय बेटी रिया ने जो बताया, वही कहानी कुछ ही घंटों में बदलती चली गई। यही बदलते बयान पुलिस के लिए शक की पहली बड़ी वजह बने। पहले रिया ने कहा कि उसकी मां बाथरूम से लौट रही थीं, तभी सामने से गोली मारी गई और उसने हमलावर को भागते हुए देखा। बाद में उसने यह भी बताया कि गोली की आवाज सुनकर उसकी नींद खुली थी और आंखें खोलने की कोशिश करने पर धुंधला दिखाई दे रहा था, जैसे आंखों में कुछ डाल दिया गया हो। पिता और बेटी के बयानों में भी साफ अंतर सामने आया, जिससे पुलिस को घटना के वक्त घर के भीतर की स्थिति पर दोबारा सोचने पर मजबूर होना पड़ा। जांच के दौरान पुलिस को यह भी पता चला कि करीब डेढ़ महीने पहले श्रीकांति के पति ओमकार रावत ने एक बीघा जमीन 15 लाख रुपये में बेची थी। यह रकम घर में चर्चा का विषय थी और इसी बिंदु पर पुलिस की जांच ने नया मोड़ ले लिया। आशंका जताई जा रही है कि परिवार के भीतर किसी को इस पैसे की जानकारी थी और रुपयों को लेकर विवाद या तनाव चल रहा था।
पुलिस को यह जानकारी भी मिली कि जमीन बिकने के बाद ओमकार अक्सर शराब और मीट पार्टी के लिए एक परिचित के घर जाता था, जिसका श्रीकांति विरोध करती थीं। घरेलू कलह और पैसों को लेकर मतभेद की बात अब जांच के अहम हिस्से बन चुके हैं। परिवार के जेठ राजेंद्र रावत ने बताया कि सात फरवरी को उनके बेटे की शादी तय है और घर में तैयारियां चल रही थीं। अचानक हुई इस वारदात ने पूरे परिवार को सदमे में डाल दिया है। उन्होंने कहा कि चार भाइयों के परिवार के पास कुल 16 बीघा जमीन है, जिसमें से एक बीघा जमीन ओमकार ने बेची थी। उनका दावा है कि परिवार की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी।
घटना की सूचना मिलते ही रात में ही एसपी जयप्रकाश सिंह, सीओ तेजबहादुर सिंह, एसओ फूल सिंह और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। घर की जांच में कुछ कारतूस भी बरामद हुए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया कि श्रीकांति को दो गोलियां मारी गई थीं। एक गोली गले में लगी, जो खोपड़ी को पार कर गई, जबकि दूसरी गोली सीने के दाहिने हिस्से में लगी और लिवर में फंसी मिली। दोनों गोलियां करीब एक मीटर की दूरी से मारी गईं, जिससे फायरिंग बेहद नजदीक से होने की पुष्टि हुई है। घर के चारों ओर बंद होने और जीने पर भी दरवाजा लगे होने की बात पति की ओर से कही गई, लेकिन इसी बयान ने पुलिस के शक को और गहरा कर दिया। पुलिस का मानना है कि बाहरी व्यक्ति का बिना किसी तोड़फोड़ के अंदर आना आसान नहीं था।फिलहाल पुलिस का शक सीधे पति पर टिक गया है, हालांकि अधिकारी खुलकर कुछ कहने से बच रहे हैं। उनका कहना है कि सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है, साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और परिवार के सदस्यों से दोबारा पूछताछ की जा रही है। बुधवार को पुलिस की एक टीम स्कूल भी पहुंची, जहां श्रीकांति पिछले 20 साल से शिक्षामित्र के तौर पर काम कर रही थीं, ताकि उनके कामकाजी जीवन और किसी संभावित विवाद की जानकारी जुटाई जा सके। इस सनसनीखेज हत्याकांड ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है। गांव में मातम पसरा है और हर कोई यही सवाल पूछ रहा है कि आखिर यह हत्या बाहरी साजिश थी या घर के भीतर पनप रहे विवाद का खौफनाक अंजाम। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही सच सामने आएगा।