आसमान में लहराया उन्नाव का नाम : शिक्षक ने की 10 हजार फीट की छलांग
Wed, Nov 5, 2025
कासगंज में सहायक अध्यापक पद पर तैनात, अब जिले के पहले स्काई डाइवर बने
उन्नाव। शहर के युवा शिक्षक प्रत्यूष मिश्रा ने अपने साहस और जज़्बे से आसमान को छू लिया। हरियाणा के नरनौल में ‘स्काई हाई इंडिया’ ट्रेनिंग सेंटर पर उन्होंने 10 हजार फीट की ऊंचाई से छलांग लगाकर स्काई डाइविंग में सफलता हासिल की। इस कारनामे के साथ ही वे उन्नाव जिले के पहले शिक्षक स्काई डाइवर बन गए हैं। प्रत्यूष मिश्रा उन्नाव शहर के मोहल्ला मोतीनगर के रहने वाले हैं और फिलहाल कासगंज के एक परिषदीय विद्यालय में सहायक अध्यापक के पद पर तैनात हैं। उन्होंने 5 नवंबर को बेलारूस के प्रशिक्षक यूहेनी के निर्देशन में यह डाइव पूरी की। पैराशूट के सहारे सफल लैंडिंग करते ही वहां मौजूद प्रशिक्षकों और सहयोगियों ने तालियों से उनका स्वागत किया। डीसीए के महामंत्री और प्रत्यूष के पिता पी.के. मिश्रा ने बताया कि उनका बेटा शुरू से ही रोमांचक गतिविधियों में रुचि रखता है। स्काई डाइविंग से पहले वह वैली ऑफ फ्लॉवर्स, हेमकुंड साहिब, खीरगंगा, गिदारा बुग्याल और हर की दून जैसी ऊंचे और कठिन पहाड़ी जगहों की सफल ट्रैकिंग कर चुका है।उनकी इस उपलब्धि की खबर मिलते ही परिवार, विद्यालय स्टाफ, विद्यार्थियों और क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर दौड़ गई। सभी ने कहा कि प्रत्यूष की यह उपलब्धि नई पीढ़ी को प्रेरित करने वाली है, जो यह सिखाती है कि अगर इरादा मजबूत हो, तो उड़ान की कोई सीमा नहीं।
गंगा मैया के चरणों में दीपों का सागर : आनंद घाट पर उमड़ी आस्था की भीड़
Wed, Nov 5, 2025
कार्तिक पूर्णिमा से पहले गंगा तट पर हजारों दीपों की लौ से जगमगाया आसमान
उन्नाव। मंगलवार की शाम जैसे ही सूरज ढला, आनंद घाट भक्ति और आस्था की रोशनी में नहा उठा। गंगा तट पर जलते हजारों दीपों की कतारें देखकर लगा मानो धरती पर सितारे उतर आए हों। गंगा की लहरों पर तैरते दीप और श्रद्धालुओं की जुबां से निकला “हर हर गंगे” का जयघोष पूरे माहौल को दिव्यता से भर गया।
गंगा उत्सव 2025 के तहत जिला प्रशासन और वन विभाग की ओर से आयोजित दीपदान और दीपोत्सव कार्यक्रम में शहर के लोग उमड़ पड़े। जिलाधिकारी गौरांग राठी और सदर विधायक पंकज गुप्ता ने मां गंगा की आरती की और दीप प्रवाहित कर गंगा मैया से आशीर्वाद मांगा।
डीएम ने कहा कि गंगा केवल श्रद्धा नहीं, पर्यावरण और जीवन की धारा हैं। हमें मिलकर इसे स्वच्छ और अविरल बनाए रखना होगा। वहीं विधायक पंकज गुप्ता ने कहा कि “गंगा हमारी सभ्यता की आत्मा हैं। हर नागरिक को इसके संरक्षण में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
इस मौके पर सीडीओ कृति राज, जिला वन अधिकारी आरुषी मिश्र, सीओ सिटी दीपक यादव, एसडीएम सदर क्षितिज कुमार द्विवेदी, गंगाघाट नगरपालिका अध्यक्ष कौमुदी पांडेय और ईओ मुकेश मिश्र तथा पालिका प्रतिनिधि संदीप पांडेय सहित कई अधिकारी व गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी ने सामूहिक दीपदान कर गंगा की स्वच्छता और संरक्षण का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों और युवाओं ने गंगा स्वच्छता पर गीत, नृत्य और नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किए। “गंगा स्वच्छ, भारत श्रेष्ठ” के नारों से घाट गूंज उठा। प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं को प्लास्टिक का इस्तेमाल न करने और घाटों को स्वच्छ रखने की शपथ दिलाई गई।
पूरा घाट फूलों, रंगोलियों और रंगीन लाइटों से सजा था। आसमान में चमकती आतिशबाजी और लहरों पर झिलमिलाते दीपों का दृश्य देख हर कोई मंत्रमुग्ध रह गया। नगर के लोगों के साथ-साथ आसपास के गांवों से भी भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
कार्यक्रम का समापन मां गंगा की महाआरती और दीप प्रवाह के साथ हुआ। जैसे-जैसे दीप बहते गए, आनंद घाट पर आस्था की लहर और उजियारा फैलता गया और गंगा की गोद में उस रात सचमुच पूरा शहर समा गया।
टूटी सड़कों पर जनता बेहाल : सभासदों ने उठाई आवाज
Wed, Nov 5, 2025
सभासद बोलें – अमृत योजना के नाम पर हो रही मनमानी, जनता भुगत रही नतीजा
उन्नाव। अमृत पेयजल योजना का काम शहरवासियों के लिए राहत के बजाय मुसीबत बन गया है। पाइपलाइन बिछाने के लिए सड़कों की खुदाई तो कर दी गई, लेकिन मरम्मत का काम अब तक अधूरा है। जगह-जगह गड्ढे, कीचड़ और जलभराव से लोगों का चलना मुश्किल हो गया है। मंगलवार को सभासद ब्रजेश पांडे के नेतृत्व में सभासदों का एक मंडल ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा, जिसमें जलनिगम और कार्यदायी संस्था की लापरवाही पर सवाल उठाते हुए कार्रवाई की मांग की गई।
सभासद बोले — टेंडर हो गए, काम ठप पड़ा है
सभासद यासीन अहमद शीबू ने बताया कि योजना के तहत जिन सड़कों की खुदाई हुई थी, उनका टेंडर तो हो चुका है, लेकिन निर्माण कार्य अब तक शुरू नहीं हुआ। कुछ जगहों पर नई बनी सड़कों को भी लीकेज सुधार के नाम पर बार-बार खोद दिया जाता है और फिर महीनों तक वैसे ही छोड़ दिया जाता है।
जलनिगम की लापरवाही से बिगड़ी शहर की सूरत
सभासदों ने कहा कि टेस्टिंग के दौरान पानी रिसने से सड़कों पर जलभराव हो जाता है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी होती है। सभासदों ने आरोप लगाया कि जलनिगम के अधिकारी और कार्यदायी संस्था काम पूरा करने में कोई रुचि नहीं ले रहे हैं। बिना समतलीकरण और मानक सामग्री के काम छोड़ दिए जा रहे हैं, जिससे सड़कें कुछ ही दिनों में फिर उखड़ जाती हैं।
ब्रजेश पांडे बोले — जनता का सब्र अब टूट रहा है
सभासद मंडल का नेतृत्व कर रहे ब्रजेश पांडे ने कहा कि अमृत योजना की लापरवाही से जनता बुरी तरह परेशान है। शहर की गलियों में धूल और कीचड़ से लोग रोजाना जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि अमृत योजना का उद्देश्य पेयजल पहुंचाना था, लेकिन यहां जनता को परेशानी मिली है। अधिकारी सिर्फ फाइलों में काम दिखा रहे हैं। अब हम मजबूर होकर जिलाधिकारी से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं।
सभासदों की छवि पर असर, जनता में नाराजगी
सभासदों का कहना है कि अधूरे काम और खराब सड़कों के कारण मोहल्लों में लोग सीधे उन्हीं से सवाल कर रहे हैं। यह स्थिति सभासदों की छवि पर असर डाल रही है। उन्होंने मांग की कि तकनीकी टीम से सभी सड़कों की जांच कराकर दोषी अधिकारियों और कार्यदायी संस्था पर कार्रवाई की जाए।
मौके पर मौजूद रहे
सुशील तिवारी, अशोक कुमार सिंह मुन्ना, रवि कुमार, मनीष शुक्ला, स्वप्निल तिवारी, सतीश यादव, दिनेश वर्मा, राजेश कुमार, मो. आरिफ शानू, राजेंद्र यादव समेत कई सभासद और प्रतिनिधि उपस्थित रहे।