: दो साल का जीएसटी बकाया नहीं चुकाया तो सिटी पैलेस गेस्ट हाउस सील
Sun, Sep 28, 2025
26 लाख रुपये की वसूली के लिए राज्य कर विभाग की बड़ी कार्रवाई
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
उन्नाव। दो वित्तीय वर्षों से लंबित जीएसटी बकाया और उस पर ब्याज मिलाकर करीब 26 लाख रुपये जमा न करने पर राज्य कर विभाग ने सख्ती दिखाते हुए शनिवार को शहर के चर्चित सिटी पैलेस गेस्ट हाउस को कुर्क कर सील कर दिया। इस कार्रवाई से कारोबारी जगत में हड़कंप मच गया।
नोटिस पर भी नहीं चुकाया बकाया
अपर आयुक्त राज्य कर, कानपुर जोन प्रथम के निर्देश पर छह सदस्यीय टीम शनिवार दोपहर तकी नगर स्थित गेस्ट हाउस पहुंची। टीम ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों को बकाया वसूली से जुड़े आदेश दिखाए और फिर प्रतिष्ठान को सील कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि गेस्ट हाउस पर वित्तीय वर्ष
2021-22
और
2022-23
का बकाया जीएसटी व ब्याज मिलाकर 26 लाख रुपये की रकम बकाया थी।
कार्रवाई की कमान देवर्षि दुबे के हाथ
कई बार नोटिस भेजने के बावजूद भुगतान न करने पर यह कार्रवाई की गई। टीम का नेतृत्व स्टेट जीएसटी अफसर देवर्षि दुबे ने किया। उनके साथ पंकज कुमार, दिनेश कुमार सिंह, कुलदीप समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
व्यापारियों में चर्चा, वसूली पर नजर
अधिकारियों ने बताया कि गेस्ट हाउस मालिक मो. फारुख मुंबई में रहते हैं। विभाग की ओर से उन्हें बार-बार नोटिस भेजे गए, लेकिन तय समय में बकाया जमा नहीं किया गया। अंततः उच्चाधिकारियों के आदेश पर यह सख्त कदम उठाना पड़ा।कार्रवाई के बाद क्षेत्र में भारी भीड़ जुट गई। लोगों ने गेस्ट हाउस को सील होते देखा तो शहरभर में चर्चा फैल गई। विभागीय अफसरों का कहना है कि बड़े बकायेदारों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की कार्यवाही जारी रहेगी।
: स्थानीय निकाय समिति में उन्नाव को मिली अहम जिम्मेदारी
Sat, Sep 27, 2025
सदर विधायक पंकज गुप्ता सभापति, पुरवा विधायक अनिल सिंह सदस्य नामित
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
उन्नाव। जिले के लिए गर्व की बात है कि प्रदेश के स्थानीय निकायों के लेखा परीक्षा प्रतिवेदनों की जांच संबंधी समिति में उन्नाव से दो विधायकों को जिम्मेदारी मिली है। सदर विधायक पंकज गुप्ता को समिति का सभापति नामित किया गया है, जबकि पुरवा विधायक अनिल सिंह को समिति का सदस्य बनाया गया है। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने दोनों विधायकों को यह दायित्व सौंपा है।
भाजपा कार्यालय में बधाइयों का तांता
शनिवार को जैसे ही यह जानकारी सामने आई, कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह की लहर दौड़ गई। भाजपा कार्यालय में सदर विधायक पंकज गुप्ता का फूलमालाओं और पटिका भेंटकर स्वागत किया गया। बधाई देने वालों का देर तक तांता लगा रहा। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष अनुराग अवस्थी, भाजपा नेता आनंद अवस्थी, नुरुल हक़, विमल द्विवेदी सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे और उन्होंने पंकज गुप्ता को बधाई दी।
तीसरी बार विधायक, पहले भी रह चुके सभापति
पंकज गुप्ता तीसरी बार उन्नाव सदर सीट से विधायक चुने गए हैं। इससे पहले भी वे इसी समिति के सभापति रह चुके हैं। उनके अनुभव और कार्यशैली को देखते हुए एक बार फिर पार्टी नेतृत्व ने उन पर भरोसा जताया है।
नेतृत्व का जताया आभार
विधायक पंकज गुप्ता ने कहा कि यह जिम्मेदारी उनके लिए गर्व की बात है। वे पूरी निष्ठा से कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह, प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी, क्षेत्रीय प्रभारी संजय राय, क्षेत्रीय अध्यक्ष कमलेश मिश्रा और जिला प्रभारी व प्रदेश मंत्री अर्चना मिश्रा सहित सभी वरिष्ठ नेताओं का आभार जताया।
अनिल सिंह बोले, जिले का मान बढ़ा
पुरवा विधायक अनिल सिंह ने समिति का सदस्य बनाए जाने पर विधानसभा अध्यक्ष सहित शीर्ष नेतृत्व का आभार जताया। उन्होंने कहा कि जिले के दो विधायकों को समिति में जगह मिलना उन्नाव के लिए गौरव की बात है। वे पूरी निष्ठा से समिति की जिम्मेदारी निभाएंगे और स्थानीय निकायों की पारदर्शिता व जवाबदेही को और मजबूत करने का काम करेंगे। उन्होंने कहा कि जिले की जनता का मान बढ़ाना ही उनका संकल्प है।
सोशल मीडिया पर लगी बधाइयों की झड़ी
समिति में जिम्मेदारी मिलने की खबर सामने आते ही सोशल मीडिया पर भी समर्थकों ने विधायक पंकज गुप्ता और अनिल सिंह को बधाइयां दीं। फेसबुक और व्हाट्सएप ग्रुप्स पर कार्यकर्ताओं ने शुभकामनाओं के संदेश पोस्ट किए। कई लोगों ने लिखा कि यह जिले के लिए गर्व का क्षण है। ट्विटर (एक्स) पर भी कार्यकर्ताओं ने हैशटैग बनाकर खुशी जताई और नेतृत्व के इस फैसले की सराहना की।
: हाई लाइन लॉस फीडरों पर दिसंबर तक स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे
Thu, Sep 25, 2025
गांव से शहर तक हाई लाइन लॉस की समस्या
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
उन्नाव। बिजली चोरी और लाइन लॉस रोकने के लिए पावर कार्पोरेशन ने बड़ा कदम उठाया है। जिले में 50 फीसदी से अधिक लाइन लॉस वाले फीडरों को चिह्नित कर दिसंबर 2025 तक प्राथमिकता के आधार पर स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। कार्पोरेशन ने इस संबंध में स्मार्ट मीटर लगाने वाली संस्था को निर्देश जारी कर दिए हैं। साथ ही विजिलेंस की कार्रवाई भी इन्हीं फीडरों पर केंद्रित होगी।
शहर और कस्बों के 14 फीडर सूचीबद्ध
उन्नाव शहर के चार, गंगाघाट के तीन और सफीपुर, हसनगंज तथा पुरवा सर्किल के करीब 14 फीडर ऐसे हैं, जहां इस साल स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य तय हुआ है। अधिकारियों के मुताबिक हाई लॉस एरिया में ट्रांसफार्मर समय से बदलने के निर्देश भी दिए गए हैं।
आपूर्ति के दावे पर सवाल
बिजली विभाग दावा करता है कि शहरों को 24, कस्बों को 22 और ग्रामीण इलाकों को 18 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। लेकिन लाइन लॉस और चोरी के कारण उपभोक्ताओं तक निर्बाध आपूर्ति नहीं पहुंच पाती। नवंबर 2023 में किए गए सर्वे में भी यह साफ हुआ कि जिले में तीन दर्जन से अधिक फीडरों पर लाइन लॉस बेहद ज्यादा था। शहर के मोतीनगर, छोटा चौराहा और पुलिस लाइन फीडर में 25 से 30 प्रतिशत तक लाइन लॉस दर्ज हुआ था।
प्रयास हुए लेकिन नतीजा अधूरा
अप्रैल 2025 में अधीक्षण अभियंता ने विजिलेंस की तैनाती का प्रस्ताव भी तैयार किया था, लेकिन यह कदम भी पर्याप्त नहीं रहा। अब नई नीति के तहत पहले चरण में 14 फीडरों पर स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। इसके बाद सर्वे में जिन फीडरों पर 50 फीसदी से अधिक लाइन लॉस पाया जाएगा, वहां भी स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। अवर अभियंता जांच कर रिपोर्ट संस्था को सौंपेंगे।
गांव से शहर तक एक जैसी समस्या
रिवैम्प योजना के फेज-2 में 2023-24 के दौरान हुए सर्वे में शहर से गांव तक लगभग सभी इलाकों में लाइन लॉस की समस्या सामने आई। मोतीनगर, छोटा चौराहा, पुलिस लाइन, पडरी, चमरौली, सिकंदरपुर, अचलगंज, ओसिया, दरसवां, मिर्री, हरदी, पाठकपुर, चमियानी, पुरवा टाउन, रूरी, परियर, सफीपुर टाउन, कुरसठ, गौरिया, नवई, रायपुर गढ़ी, अजगैन, मौला, धौरा, नवाबगंज और नई सराय जैसे क्षेत्रों में 25 से 40 फीसदी तक लाइन लॉस दर्ज हुआ।
नई लाइनें और ट्रांसफार्मर अपग्रेड
लाइन लॉस कम करने के लिए वर्ष 2024-25 में 33 केवी की 497 किमी लंबी नई लाइन पावर हाउस तक बिछाई जा रही है। इसके अलावा 11 केवी फीडरों की ओवरलोडिंग खत्म करने के लिए 339 किमी नई लाइन डाली जा रही है। 75 ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई गई है और कई अन्य तकनीकी सुधार भी किए गए हैं।
स्मार्ट मीटर से निगरानी
अधिकारियों का कहना है कि अब स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली चोरी पर बेहतर तरीके से निगरानी रखी जा सकेगी। विभाग को उम्मीद है कि इस कदम से न केवल लाइन लॉस घटेगा, बल्कि उपभोक्ताओं को घोषित समय पर निर्बाध आपूर्ति भी मिल सकेगी।