आपात सेवा को नई रफ्तार : डायल 112 को मिली 12 नई चारपहिया गाड़ियां
Mon, Dec 8, 2025
स्कॉर्पियो और इनोवा मॉडल की गाड़ियां आधुनिक तकनीक से लैस, दूरदराज के गांवों तक तेज पहुंच
उन्नाव। जिले में पुलिस की त्वरित सहायता व्यवस्था को नया दम देने के लिए सोमवार को बड़ा कदम उठाया गया। डायल 112 सेवा में 12 नई चारपहिया पीआरवी गाड़ियां जोड़ दी गईं। पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश सिंह ने स्कॉर्पियो और इनोवा मॉडल की इन गाड़ियों को हरी झंडी दिखाकर अलग-अलग क्षेत्रों की ओर रवाना किया। मौके पर अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी अखिलेश सिंह और अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी प्रेमचंद भी मौजूद रहे। अधिकारियों का कहना है कि नई गाड़ियों के जुड़ने से आपात स्थितियों में पुलिस की पहुंच अब और तेज होगी। पिछले कुछ महीनों में कॉल संख्या बढ़ने और ग्रामीण इलाकों के बड़े दायरे के कारण कई बार मौके तक पहुंचने में देरी हो जाती थी। पीआरवी की संख्या बढ़ने से अब हर क्षेत्र में पर्याप्त वाहन उपलब्ध रहेंगे और टीमों को त्वरित मूवमेंट में आसानी होगी।
पीआरवी का दायरा अब और बढ़ेगा
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि डायल 112 सिर्फ अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं है, बल्कि सड़क हादसे, घरेलू विवाद, झगड़े, मेडिकल इमरजेंसी और महिलाओं से जुड़े मामलों में सबसे पहले पहुंचने वाली इकाई है। नए वाहनों से पूरे जिले में कवरेज मजबूत होगी और दूर बसे गांवों में भी तुरंत मदद पहुंचाई जा सकेगी। इन नई गाड़ियों में जीपीएस ट्रैकिंग, आधुनिक वायरलेस सिस्टम और सुरक्षा उपकरण लगाए गए हैं। इसका फायदा यह होगा कि कंट्रोल रूम से हर वाहन की लोकेशन पर लगातार नजर रखी जा सकेगी और सबसे नजदीकी पीआरवी को तुरंत मौके पर भेजा जाएगा। इससे प्रतिक्रिया समय काफी कम होगा।
अधिकारियों की मौजूदगी में हुई औपचारिक शुरुआत
कार्यक्रम में क्षेत्राधिकारी यातायात अजय कुमार सिंह, क्षेत्राधिकारी कार्यालय संजय कुमार मिश्रा और प्रभारी निरीक्षक 112 सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने नई यूनिटों को जिले की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने वाला कदम बताया।अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी अखिलेश सिंह ने कहा कि बढ़ती जरूरतों और कॉल वॉल्यूम को देखते हुए बेड़े का विस्तार जरूरी था। वहीं एएसपी दक्षिणी प्रेमचंद ने कहा कि यह कदम सीधे तौर पर जनता को राहत देगा, क्योंकि मौके पर पहुंचने का समय अब पहले की तुलना में काफी कम होगा। पुलिस विभाग का मानना है कि इन वाहनों के आने से डायल 112 की क्षमता और विश्वसनीयता दोनों बढ़ेंगी। जिले के लोग किसी भी संकट की स्थिति में तेजी से मदद मिलने की उम्मीद कर सकते हैं।
अटल हॉल निर्माण की रफ्तार बढ़ी : सदर विधायक ने किया निरीक्षण
Mon, Dec 8, 2025
प्रदीप सिंह और पवन सिंह भी रहे साथ,अफसरों से ली बिंदुवार जानकारी
उन्नाव। पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्पोर्ट्स स्टेडियम को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की कवायद सोमवार को और आगे बढ़ी। सदर विधायक पंकज गुप्ता ने स्टेडियम परिसर का विस्तृत निरीक्षण किया। उनके साथ निरीक्षण में प्रदीप सिंह और पवन सिंह भी मौजूद रहे। सभी ने मिलकर निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और भविष्य की जरूरतों पर अधिकारियों से जानकारी ली। विधायक अपने प्रस्ताव पर बने भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी बहुउद्देशीय हॉल में पहुंचे और फर्श, छत, लाइटिंग, साउंड सिस्टम और संरचना की मजबूती का जायजा लिया। उन्होंने निर्देश दिया कि काम की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता न किया जाए और हॉल को ऐसे रूप में तैयार किया जाए जिससे शहर में बड़े कार्यक्रम और खेल गतिविधियां सुचारू रूप से आयोजित हो सकें। निरीक्षण के दौरान स्टेडियम को आधुनिक सुविधाओं से विकसित करने की योजनाओं पर भी चर्चा हुई। पार्किंग, दर्शक दीर्घा, प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा और खेल उपकरणों को बेहतर बनाने के प्रस्तावों को प्राथमिकता दी गई। भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की भव्य प्रतिमा की स्थापना पर भी विशेष बैठक हुई। प्रतिमा के संभावित स्थानों को लेकर सुझाव मांगे गए ताकि आगंतुक आसानी से दर्शन कर सकें और परिसर की शोभा भी बढ़े। सभी ने इस बात पर सहमति जताई कि प्रतिमा को ऐसे स्थान पर स्थापित किया जाए जो सम्मानजनक हो और स्टेडियम की पहचान को मजबूत करे।अधिकारियों ने विधायक को कार्यों की वर्तमान स्थिति की जानकारी दी और तय समय सीमा में हॉल तथा अन्य सुविधाओं को तैयार करने का आश्वासन दिया। निरीक्षण के इस दौर ने साफ कर दिया कि आने वाले महीनों में स्टेडियम की तस्वीर बदलेगी और उन्नाव को एक बेहतर, आधुनिक और बहुउद्देशीय खेल परिसर मिलने वाला है।
बवाल पर बवाल… : एसपी की बड़ी कार्रवाई, ढाबा बवाल और कॉलेज हंगामे के बाद तीन पुलिस अफसर लाइन हाजिर
Mon, Dec 8, 2025
दोनों मामलों में पुलिस प्रशासन की भूमिका पर बहस, लोग पूछ रहे हैं गलती कहां हुई
उन्नाव। जिले में दो अलग-अलग जगहों पर हुए विवादों ने पुलिस की कार्यशैली को लेकर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर आगरा–लखनऊ एक्सप्रेसवे के पास बने ढाबे पर छापेमारी के दौरान पुलिस और ढाबा मालिक के साथ झड़प हुई। दूसरी ओर सोहरामऊ के एसआरएमएस कॉलेज में मेडिकल सुपरिंटेंडेंट पर लगे आरोपों में हंगामे के दौरान धक्का मुक्की का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस कार्यशैली पर सवाल खड़ा हो गया था। दोनों मामलों में विवाद बढ़ते ही पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश सिंह ने गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को लाइन हाजिर करते हुए जांच बिठा दी है। जिले भर में इन घटनाओं की चर्चा है और लोग पूछ रहे हैं कि आखिर चूक कहां हुई।
ढाबे पर छापे के दौरान लाठी चलने से कई घायल
रविवार देर रात पुलिस को खबर मिली थी कि हरदोई रोड पर एक ढाबे में अवैध शराब बेची जा रही है। सूचना पर कोतवाली बांगरमऊ के प्रभारी निरीक्षक अनुराग सिंह टीम के साथ पहुंचे। ढाबा संचालक अवधेश कटियार को दुकान बंद करने के लिए कहा गया, लेकिन बात कुछ ही देर में तकरार में बदल गई। चश्मदीदों का कहना है कि थोड़ी ही देर में कई पुलिसकर्मी वहां आ गए और कहासुनी बढ़ते ही लाठीचार्ज शुरू कर दिया गया। मारपीट में अवधेश, उनकी पत्नी, बेटे और कर्मचारी घायल हो गए। घटना के वीडियो रातोंरात सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। लोग सवाल उठा रहे हैं कि मौके पर आए अधिकारियों ने हालात को संभालने की बजाय कार्रवाई इतनी सख्ती से क्यों की। उधर पुलिस का कहना है कि ढाबा संचालक और उसके बेटों ने हाथापाई की, जिससे उनके भी कुछ पुलिसकर्मी चोटिल हुए। हालात बिगड़ने पर चार लोगों को हिरासत में लेकर शांतिभंग की धारा में केस दर्ज किया गया।
कॉलेज में छात्रा की शिकायत पर हंगामा, थाना प्रभारी हटाए गए
इधर, सोहरामऊ के एसआरएमएस कॉलेज में एक छात्रा द्वारा मेडिकल सुपरिंटेंडेंट अनिल पर गलत तरीके से छूने और अभद्रता के आरोप लगाए जाने के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया था। छात्रा का आरोप था कि शिकायत करने के बाद भी प्रबंधन चुप बैठा रहा। इसी से नाराज छात्राओं ने कैंपस में प्रदर्शन किया। जब मामला परिजनों तक पहुंचा तो छात्रा के रिश्तेदार कॉलेज आ पहुंचे। मेडिकल सुपरिंटेंडेंट से कहासुनी बढ़ी और थोड़ी ही देर में धक्का-मुक्की होने लगी। पुलिस मौजूद थी, लेकिन हालात संभलने की बजाय और बिगड़ गए। इसी दौरान थाना प्रभारी संदीप शुक्ला और छात्रा के चाचा के बीच भी तीखा विवाद हो गया था। किसी ने पूरी घटना की रिकॉर्डिंग कर ली और वीडियो वायरल होते ही मामले ने तूल पकड़ लिया।
दोनों मामलों की होगी अलग-अलग जांच, लोग फैसलों पर नजरें गड़ाए बैठे
ढाबे की घटना में प्रभारी निरीक्षक अनुराग सिंह और चौकी इंचार्ज सतीश द्विवेदी को लाइन हाजिर कर दिया गया है। वहीं कॉलेज विवाद में थाना प्रभारी संदीप शुक्ला को हटाने के साथ मेडिकल सुपरिंटेंडेंट पर स्वतंत्र जांच के आदेश दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि दोनों घटनाओं को गंभीरता से देखा जा रहा है और दोष किसका है, यह जांच के बाद साफ होगा। जिले में इन घटनाओं को लेकर चर्चाएं थमी नहीं हैं। लोग कह रहे हैं कि अगर शिकायतों पर समय से कार्रवाई होती, तो हालात यहां तक नहीं पहुंचते। उधर दोनों इलाकों में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और प्रशासन लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील कर रहा है।