डेयरी पर गंभीर आरोप : खेती और पशुओं पर मंडराया संकट
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
Sun, Dec 21, 2025
नाली के रास्ते रजबहे में छोड़ा जा रहा केमिकल मिला पानी, कार्रवाई की मांग

उन्नाव। नगर पंचायत औरास क्षेत्र में पर्यावरण और जनस्वास्थ्य से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। मंसूरी धर्म कांटा के पास स्थित नमस्ते इंडिया डेयरी पर रजबहे में जहरीला और केमिकल मिला दूषित पानी छोड़े जाने के आरोप लगे हैं। बताया जा रहा है कि डेयरी का गंदा पानी नाली के जरिए सीधे रजबहे में बहाया जा रहा है, जिससे पूरे इलाके में नाराजगी और चिंता का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि डेयरी से निकलने वाला यह पानी बेहद बदबूदार होता है और उसमें केमिकल की तेज गंध आती है। जैसे ही यह पानी नाली से होकर रजबहे में पहुंचता है, आसपास का वातावरण दूषित हो जाता है। कुछ देर में ही बदबू फैल जाती है, जिससे वहां रहना मुश्किल हो जाता है। लोगों का आरोप है कि यह सिलसिला लंबे समय से चल रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग आंख मूंदे बैठे हैं।
गांव के निवासी राम मोहन, शिव प्रकाश और प्यारेलाल बताते हैं कि रजबहे का पानी केवल नहर नहीं, बल्कि उनकी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा है। इसी पानी से खेतों की सिंचाई होती है और पशु भी इसी पर निर्भर हैं। जब इसमें डेयरी का केमिकल युक्त गंदा पानी मिल रहा है, तो फसलों और पशुओं दोनों के लिए खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि कुछ पशुओं में बीमारी के लक्षण भी दिखने लगे हैं, जबकि खेतों में फसल पर इसका असर पड़ने की आशंका बनी हुई है। किसानों का दर्द यह है कि अगर रजबहे का पानी लगातार दूषित होता रहा, तो जमीन की उर्वरता धीरे-धीरे खत्म हो सकती है। इससे फसल उत्पादन घटेगा और सीधा असर उनकी आमदनी पर पड़ेगा। एक किसान ने बताया कि हम पहले ही महंगाई और लागत से परेशान हैं, अगर पानी भी जहर बन गया तो खेती करना मुश्किल हो जाएगा। ग्रामीणों का आरोप है कि डेयरी के कर्मचारी रोजाना यह दूषित पानी बहाते हैं। कई बार इसकी शिकायत नगर पंचायत औरास और अन्य संबंधित अधिकारियों से की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे लोगों में यह धारणा बन रही है कि या तो शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा या फिर कहीं न कहीं लापरवाही बरती जा रही है।स्थानीय महिलाओं और बुजुर्गों में खास चिंता है। उनका कहना है कि इस गंदे पानी और बदबू से बच्चों की सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है। अगर समय रहते इसे नहीं रोका गया, तो इलाके में बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ जाएगा। लोगों को डर है कि आगे चलकर त्वचा रोग, सांस की दिक्कत और पेट से जुड़ी बीमारियां आम हो सकती हैं। अब क्षेत्र के लोग खुलकर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उनकी मांग है कि नमस्ते इंडिया डेयरी से निकलने वाले पानी की तत्काल जांच कराई जाए और यह साफ किया जाए कि उसमें कौन-कौन से केमिकल मिले हैं। साथ ही रजबहे में किसी भी तरह का दूषित पानी गिराने पर पूरी तरह रोक लगाई जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। यह मामला न सिर्फ पर्यावरण प्रदूषण से जुड़ा है, बल्कि किसानों की आजीविका और आम लोगों की सेहत से भी सीधा संबंध रखता है। अब देखना यह है कि नगर पंचायत औरास और संबंधित विभाग इस गंभीर समस्या पर कब तक संज्ञान लेते हैं और दोषियों के खिलाफ क्या कदम उठाते हैं।
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