शादी से लौटते वक्त उजड़ा संसार : हाईवे पर एक साथ चार जिंदगियां खत्म
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
Thu, Feb 5, 2026
शवों के हालात देख कांप उठे पुलिसकर्मी, देर रात तक चला राहत और सफाई का काम
उन्नाव। लखनऊ कानपुर हाईवे की बुधवार रात एक ऐसी कहानी बन गई, जिसे जिसने देखा वह उम्र भर भूल नहीं पाएगा। सोहरामऊ के भल्ला फार्म तिराहे पर तेज रफ्तार और लापरवाही ने एक खुशहाल परिवार को पल भर में मिटा दिया। पति पत्नी और दो मासूम बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई। पीछे से आ रही बड़ी बेटी ने जब यह मंजर देखा तो चीख निकल गई। पुलिस और राहगीरों की आंखें भीग गईं। हाईवे पर बिखरे सपने, टूटे रिश्ते और इंसानी बदहवासी देर रात तक सवाल बनकर खड़े रहे।
कैसे हुआ दर्दनाक हादसा
बुधवार रात करीब साढ़े ग्यारह बजे लखनऊ कानपुर हाईवे पर भल्ला फार्म तिराहे के पास यह हादसा हुआ। अजगैन कोतवाली क्षेत्र के कस्बा निवासी वीरेंद्र (35) अपने परिवार के साथ वैवाहिक कार्यक्रम से लौट रहे थे। बाइक पर पत्नी रीतू (33), बेटी अनुराधा (9) और बेटा रुद्र (6) बैठे थे। आगे निकलने के बाद वीरेंद्र ने पीछे आ रहे साढ़ू को न देख बाइक रोक दी। तभी तेज रफ्तार ट्रक ने आगे चल रहे कंटेनर में जोरदार टक्कर मार दी। कंटेनर पलटा और ट्रक भागने के प्रयास में अनियंत्रित होकर बाइक को रौंदता चला गया। कुछ सेकंड में सब खत्म हो गया।
बड़ी बेटी की आंखों के सामने उजड़ा परिवार
परिवार की बड़ी बेटी नैंसी अपने मौसा की बाइक पर पीछे आ रही थी। वही बच गई। जैसे ही उसने आगे बढ़कर देखा, माता पिता और भाई बहन सड़क पर बिखरे पड़े थे। चीख पुकार मच गई। नैंसी बदहवास होकर गिर पड़ी। मौसा रंजीत ने उसे संभाला लेकिन बच्ची की हालत देख वहां मौजूद लोग भी खुद को रोक नहीं सके। एक ही पल में नैंसी के सिर से मां बाप का साया और भाई बहन की हंसी छिन गई।

शवों के हालात ने सबको झकझोरा
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए। शव बुरी तरह क्षत विक्षत हो गए। मांस के टुकड़े सड़क और डिवाइडर तक जा चिपके। जिसने भी यह दृश्य देखा, उसका दिल कांप गया। पुलिस कर्मियों को शव समेटते समय हाथ कांपते रहे। कई जवानों की आंखों से आंसू निकल आए। पुलिसकर्मियों का कहना था कि लंबे समय बाद इतना भयावह मंजर देखा है।
हाईवे पर एक घंटे तक थमा याताया
हादसे के बाद लखनऊ कानपुर हाईवे पर अफरा तफरी मच गई। करीब एक घंटे तक यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा। पुलिस ने आधा हाईवे बंद कर दूसरी लेन से वाहनों को निकाला। पलटे कंटेनर को हटाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। शवों को हटाने और सड़क साफ करने में समय लगा। देर रात जाकर कहीं यातायात सामान्य हो सका।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
साढ़ू रंजीत ने बताया कि वीरेंद्र खेती के साथ साथ प्राइवेट नौकरी करता था। परिवार मेहनत मजदूरी से जीवन चला रहा था। बच्चों की पढ़ाई और बेहतर भविष्य के सपने देखे जा रहे थे। एक साथ चार मौतों की खबर घर पहुंचते ही कोहराम मच गया। गांव और मोहल्ले में सन्नाटा पसर गया। हर कोई यही कहता दिखा कि किस्मत ने परिवार को बहुत बेरहमी से तोड़ा।
चारों शव पोस्टमार्टम को भेजे गए
सूचना मिलते ही सोहरामऊ थाना पुलिस मौके पर पहुंची। सीओ अरविंद कुमार ने बताया कि चारों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। ट्रक को कब्जे में ले लिया गया है। एसओ अरविंद पांडे ने बताया कि तहरीर मिलने के बाद मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। चालक की तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद पूरे हादसे की तस्वीर साफ होगी।
सवाल जो हाईवे पर छोड़ गया हादसा
इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर हाईवे की सुरक्षा और तेज रफ्तार पर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या ऐसे हादसों के बाद भी सबक लिया जाएगा। क्या रफ्तार पर लगाम लगेगी। या फिर किसी और परिवार को इसी तरह उजड़ने का इंतजार है। भल्ला फार्म तिराहे पर बिखरा खून और आंसू देर रात तक यही सवाल पूछते रहे।
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