वोटर लिस्ट दुरुस्त : बदली चुनावी तस्वीर, लाखों नाम कटने के बाद नई वोटर लिस्ट जारी
Tue, Jan 6, 2026
घर-घर जांच में मृत और लापता मतदाताओं के नाम हटे, बीएलओ को मिला सम्मान
उन्नाव। जिले में मतदाता सूची को दुरुस्त करने के लिए चलाया गया विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान अब पूरा हो गया है। इस अभियान के खत्म होते ही अंतिम वोटर लिस्ट भी जारी कर दी गई। प्रशासन के मुताबिक इस बार बड़ी संख्या में ऐसे नाम हटाए गए हैं, जो या तो गलत थे, जिन मतदाताओं की मौत हो चुकी थी या फिर जिनका कोई पता नहीं चल सका। यह अभियान 4 नवंबर से शुरू हुआ था और 1 जनवरी 2026 को अर्हता तिथि मानकर चलाया गया। जिला निर्वाचन अधिकारी की देखरेख में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे।अभियान के दौरान जिले से कुल 4 लाख 6 हजार 939 नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए। इसके बाद अब उन्नाव जिले में कुल मतदाताओं की संख्या 19 लाख 17 हजार 882 रह गई है। इनमें 10 लाख 56 हजार 458 पुरुष, 8 लाख 61 हजार 381 महिला और 43 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार यह 2003 के बाद जिले में किया गया अब तक का सबसे बड़ा मतदाता शुद्धिकरण अभियान है। बूथ लेवल ऑफिसरों ने घर-घर जाकर जांच की। इस दौरान सामने आया कि जिले की छह विधानसभा क्षेत्रों में 81 हजार 757 ऐसे मतदाता थे, जिनकी मौत हो चुकी थी, लेकिन उनके नाम अब भी सूची में दर्ज थे। परिजनों से पुष्टि के बाद इन नामों को हटाया गया। इसके अलावा 85 हजार 310 ऐसे मतदाता भी मिले, जिनका कहीं कोई पता नहीं चल पाया। कई बार कोशिशों के बाद भी जब उन्हें ट्रेस नहीं किया जा सका, तो जांच के आधार पर उनके नाम भी वोटर लिस्ट से हटा दिए गए। पुनरीक्षण से पहले जिले में कुल वोटर 23 लाख 25 हजार 53 थे। अभियान के बाद यह संख्या घटकर करीब 19.18 लाख रह गई है। विधानसभा वार आंकड़ों में सबसे ज्यादा नाम उन्नाव सदर सीट से कटे हैं। बांगरमऊ विधानसभा में 3 लाख 59 हजार 434 में से 54 हजार 567 नाम हटे। सफीपुर में 3 लाख 46 हजार 386 में से 51 हजार 409, मोहन में 3 लाख 46 हजार 132 में से 52 हजार 969 नाम सूची से बाहर किए गए। उन्नाव सदर में कुल 4 लाख 33 हजार 34 मतदाताओं में से 1 लाख 11 हजार 361 नाम हटाए गए, जो करीब 25 फीसदी से ज्यादा हैं। भगवंतनगर में 70 हजार 526 और पुरवा विधानसभा में 66 हजार 107 नाम काटे गए। इस पूरे अभियान में बूथ लेवल अफसरों की मेहनत भी सामने आई। डीएम गौरांग राठी ने अच्छा काम करने वाले बीएलओ को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया। डीएम ने कहा कि बीएलओ ने जिम्मेदारी से घर-घर जाकर जांच की, इसी वजह से वोटर लिस्ट को सही और भरोसेमंद बनाया जा सका। प्रशासन का कहना है कि इस अभियान से मतदाता सूची काफी हद तक साफ हुई है और आने वाले चुनावों में केवल सही और पात्र मतदाता ही वोट डाल सकेंगे।
हाईवे बन रहा रील का मंच : वायरल वीडियो ने खड़े किए सुरक्षा के सवाल
Tue, Jan 6, 2026
महिला सुरक्षा और सड़क नियमों की अनदेखी, लोगों में नाराजगी
उन्नाव। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा एक वीडियो गदनखेड़ा बाईपास के पास लखनऊ–कानपुर नेशनल हाईवे का बताया जा रहा है। वीडियो में दो युवतियां सुनसान हाईवे पर लेटकर नागिन डांस जैसी हरकत करती दिखाई दे रही हैं। भले ही वीडियो में उस समय कोई वाहन साफ नजर नहीं आ रहा हो, लेकिन जिस जगह की यह क्लिप बताई जा रही है, वह राष्ट्रीय राजमार्ग है, जहां किसी भी वक्त तेज रफ्तार वाहन गुजर सकते हैं। इसी कारण वीडियो सामने आने के बाद सड़क सुरक्षा और महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। खुले हाईवे पर इस तरह की गतिविधियां न केवल सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ाती हैं, बल्कि महिला सुरक्षा के लिहाज से भी बेहद जोखिम भरी मानी जा रही हैं। लोगों का कहना है कि अगर उसी दौरान कोई वाहन आ जाता या कोई अप्रिय घटना घटती, तो हालात काफी गंभीर हो सकते थे। जानकारों का मानना है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने की होड़ में लोग जगह और हालात की परवाह किए बिना खतरनाक कदम उठा रहे हैं। यह पहला मौका नहीं है जब उन्नाव में रील बनाने का जुनून सड़क सुरक्षा पर भारी पड़ा हो। इससे पहले भी जिले में कई बार रीलबाजों को सड़कों पर डांस करते, तेज रफ्तार बाइक पर स्टंट दिखाते और ट्रैफिक नियमों की खुलेआम अनदेखी करते हुए देखा गया है। ऐसे कई वीडियो पहले भी सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके हैं, लेकिन सख्त कार्रवाई न होने से इस तरह की हरकतों पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है। कोहरे और कम दृश्यता वाले मौसम में हाईवे पर इस तरह की गतिविधियां किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं। वायरल वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर भी नाराजगी देखी जा रही है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि नेशनल हाईवे पर पुलिस की निगरानी और गश्त कितनी प्रभावी है और आखिर ऐसी हरकतों पर समय रहते रोक क्यों नहीं लग पा रही है। हालाकिं "द लखनऊ टाइम्स" इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता कि यह वीडियो कब का है और वास्तव में कहां का है। बावजूद इसके, वीडियो में दिखाई दे रही गतिविधियां सड़क सुरक्षा के प्रति लापरवाही को जरूर उजागर करती हैं। कुल मिलाकर यह मामला सिर्फ एक वायरल वीडियो नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा, महिला सुरक्षा और प्रशासनिक सतर्कता से जुड़ा एक गंभीर मुद्दा बनकर सामने आया है। अगर समय रहते ऐसी घटनाओं पर सख्ती नहीं की गई, तो रील बनाने की यह होड़ किसी दिन बड़ी अनहोनी की वजह बन सकती है। इधर, मामले को लेकर पुलिस का पक्ष भी सामने आया है। सदर कोतवाली प्रभारी चंद्रकांत मिश्रा ने बताया कि वायरल वीडियो की जांच की जा रही है। वीडियो में दिखाई दे रही गतिविधियां यदि राष्ट्रीय राजमार्ग पर की गई पाई जाती हैं, तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा से खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पुलिस मुठभेड़ : महिला और बच्चों पर चाकू से हमला करने वाले तीन बदमाश दबोचे गए
Tue, Jan 6, 2026
जमालपुर मढ़ी गांव की घटना का खुलासा, तमंचा और चाकू बरामद
उन्नाव। अजगैन थाना क्षेत्र में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए महिला और बच्चों पर चाकू से जानलेवा हमला करने वाले तीन बदमाशों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश गोली लगने से घायल हो गया, जबकि उसके दो साथी मौके से ही पकड़ लिए गए। इस कार्रवाई के बाद इलाके में सक्रिय अपराधियों में खलबली मच गई है।घटना अजगैन थाना क्षेत्र के ऊसरा मोड़ के पास अजगैन–मोहन मार्ग पर हुई। पुलिस टीम नियमित चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान सफेद रंग की अपाचे मोटरसाइकिल पर सवार तीन युवकों को रोकने का इशारा किया गया। पुलिस को देखते ही बदमाश घबरा गए और खुद को घिरा महसूस कर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान एक बदमाश के दाहिने पैर में गोली लग गई, जिससे वह मौके पर ही गिर पड़ा। उसके दो अन्य साथी भागने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों को दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विकास गुप्ता, लक्ष्मीनारायण और संजय के रूप में हुई है। पुलिस पूछताछ में तीनों ने बीती 3 जनवरी को अजगैन थाना क्षेत्र के जमालपुर मढ़ी गांव में हुई घटना को स्वीकार किया है। आरोपियों ने बताया कि बकरी हटाने को लेकर हुए विवाद में उन्होंने एक महिला और उसके बच्चों पर चाकू से हमला किया था। इस हमले में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई थी। घटना के बाद से ही तीनों आरोपी फरार चल रहे थे।पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक 315 बोर का तमंचा, एक जिंदा कारतूस, एक खोखा कारतूस, घटना में इस्तेमाल किया गया चाकू और अपाचे मोटरसाइकिल बरामद की है। घायल बदमाश को प्राथमिक उपचार के बाद सीएचसी नवाबगंज भेजा गया है। अन्य दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में विधिक कार्रवाई की जा रही है।
इस मामले में क्षेत्राधिकारी हसनगंज अरविंद चौरसिया ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों ने महिला और बच्चों पर हमला करने की घटना को कबूल किया है। चेकिंग के दौरान इन्होंने पुलिस टीम पर फायरिंग की थी, जिसके जवाब में एक बदमाश घायल हुआ और दो को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में इनके कई अन्य आपराधिक मामलों की जानकारी भी सामने आई है। एसपी जय प्रकाश सिंह के निर्देशन में एसओजी, स्वाट टीम और अजगैन पुलिस की संयुक्त कार्रवाई को पुलिस विभाग की बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जनपद में अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।