छह दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली : मिर्च झोंककर छीनैती करने वाला बदमाश अभी भी फरार
Sun, Jun 7, 2026
टीमें बनीं, मोबाइल भी मिला, फिर भी लुटेरा पुलिस की पहुंच से दूर
उन्नाव। शहर के व्यस्त कारोबारी क्षेत्र छोटा चौराहा में दुकानदार से मिर्च पाउडर झोंककर मोबाइल छीनैती वाला बदमाश छह दिन बाद भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। वारदात के बाद तीन टीमों का गठन कर जल्द खुलासे का दावा करने वाली पुलिस अब तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। ऐसे में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। बता दें कि बीते सोमवार देर शाम करीब पौने नौ बजे मुख्य चौराहे के पास जगन्नाथगंज निवासी दीपचंद्र गुप्ता की बिजली उपकरणों की दुकान पर एक युवक हेलमेट और चेहरे पर मास्क पहने ग्राहक बनकर पहुंचा था। उसने कुछ देर तक सामान्य बातचीत की और मौका मिलते ही दुकानदार की आंखों में मिर्च पाउडर झोंक दिया। दुकानदार जब तक कुछ समझ पाता, तब तक आरोपी उसका मोबाइल फोन लेकर फरार हो चुका था। भीड़भाड़ वाले बाजार में हुई इस वारदात से व्यापारियों में दहशत फैल गई थी। घटना के बाद पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए तीन टीमों का गठन किया और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जल्द आरोपियों तक पहुंचने का दावा किया था। जांच के दौरान लूटा गया मोबाइल फोन पन्ना लाल पार्क के पास बरामद भी हो गया, लेकिन वारदात को अंजाम देने वाला बदमाश अब तक पुलिस के लिए पहेली बना हुआ है। घटना के बाद व्यापार मंडल अध्यक्ष अखिलेश अवस्थी ने मौके पर पहुंचकर नाराजगी जताई थी और शहर के प्रमुख बाजार में हुई इस दुस्साहसिक घटना को सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी विफलता बताया था। व्यापारियों ने भी जल्द गिरफ्तारी की मांग की थी, लेकिन छह दिन बाद भी पुलिस खाली हाथ नजर आ रही है। व्यापारियों का कहना है कि शहर के सबसे संवेदनशील और व्यस्त बाजार क्षेत्र में हुई लूट की घटना का खुलासा न होना चिंता का विषय है। उनका आरोप है कि यदि मुख्य बाजार में भी व्यापारी सुरक्षित नहीं हैं तो कानून व्यवस्था के दावों का क्या मतलब रह जाता है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच जारी है तथा जल्द मामले का खुलासा किया जाएगा। हालांकि छह दिन बीत जाने के बाद भी न तो कोई गिरफ्तारी हुई है और न ही पुलिस किसी ठोस नतीजे तक पहुंच सकी है। ऐसे में अब लोगों को पुलिस के दावों से ज्यादा कार्रवाई का इंतजार है।
नाले में मिला अज्ञात व्यक्ति का शव : कुत्तों के नोचने पर हुई जानकारी
Sun, Jun 7, 2026
गंगाघाट के रविदास नगर श्रीनगर में सनसनी, पहचान में जुटी पुलिस
उन्नाव। गंगाघाट कोतवाली क्षेत्र के रविदास नगर श्रीनगर में रविवार दोपहर एक अज्ञात व्यक्ति का शव नाले में मिलने से सनसनी फैल गई। मंदिर के सामने नाले के पास शव पड़े होने की जानकारी उस समय हुई, जब आवारा कुत्ते उसे नोचते दिखाई दिए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना बालूघाट चौकी क्षेत्र की है। स्थानीय लोगों के अनुसार मंदिर के सामने स्थित नाले के पास कुछ कुत्ते जमा थे। जब लोगों ने करीब जाकर देखा तो वहां एक व्यक्ति का शव पड़ा मिला। यह जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई और पुलिस को सूचना दी गई। सूचना पर बालूघाट चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने लोगों को वहां से हटाकर शव को बाहर निकलवाया। शव की स्थिति ऐसी थी कि उसकी तत्काल पहचान नहीं हो सकी। आशंका जताई जा रही है कि शव काफी समय से नाले में पड़ा हो सकता है, हालांकि इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी। पुलिस मृतक की शिनाख्त कराने के प्रयास में जुटी है। आसपास के थानों को भी सूचना भेजी गई है ताकि किसी गुमशुदगी की रिपोर्ट से उसका मिलान कराया जा सके। साथ ही क्षेत्र के लोगों से पूछताछ कर मृतक के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।बालूघाट चौकी प्रभारी अरुण त्रिपाठी ने बताया कि अज्ञात शव मिलने की सूचना पर पुलिस टीम को मौके पर भेजा गया था। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मृतक की पहचान कराने और मौत के कारणों का पता लगाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारण स्पष्ट हो सकेंगे। मामले की जांच जारी है।
आरोप : तीन बीघा पट्टे के बदले सरकारी जमीन खोजने का दावा, सीएम को भेजा पत्र
Sun, Jun 7, 2026
मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप कर जांच कराने की अपील: अधिवक्ता
उन्नाव। गंगाघाट निवासी एक अधिवक्ता ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर ग्राम मझरा पीपरखेड़ा एहतमाली व कटरी पीपरखेड़ा क्षेत्र की कथित रूप से गायब हुई सरकारी भूमि को खोज निकालने का दावा किया है। पत्र में राजस्व विभाग के कुछ कर्मचारियों, अधिकारियों और भूमाफियाओं की मिलीभगत से सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे और अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। अधिवक्ता पंकज सिंह ने मुख्यमंत्री को भेजे शिकायती पत्र में कहा है कि तहसील उन्नाव सदर के ग्राम मझरा पीपरखेड़ा एहतमाली व कटरी पीपरखेड़ा की बेशकीमती सरकारी भूमि पर लंबे समय से अवैध कब्जे कराए गए हैं। आरोप लगाया कि कुछ भ्रष्ट कर्मचारी, अधिकारी और भूमाफिया मिलकर सरकारी भूमि का गलत तरीके से इस्तेमाल कर रहे हैं। साथ ही कुछ प्रभावशाली राजनीतिक लोगों के संरक्षण का भी आरोप लगाया गया है। पत्र में दावा किया गया है कि गांव का मूल प्रमाणित नक्शा भी पूर्व में गायब करा दिया गया था और वर्तमान में कथित रूप से गलत नक्शों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। इसके कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री को बताया कि उसके पास ऐसी योजना है, जिसके माध्यम से न केवल संबंधित गांव की सरकारी भूमि का वास्तविक विवरण सामने लाया जा सकता है, बल्कि प्रदेश भर में सरकारी जमीनों पर होने वाले अवैध कब्जों को भी रोका जा सकता है। दावा किया गया है कि ईमानदार अधिकारियों और कर्मचारियों के सहयोग से छह माह के भीतर सरकारी व कृषि भूमि का पूरा ब्यौरा सामने लाया जा सकता है। हालांकि पत्र में इस योजना के बदले प्रार्थी ने अपनी पसंद की तीन बीघा भूमि का पट्टा अपने नाम किए जाने की मांग भी की है। शिकायतकर्ता का कहना है कि इससे सरकार को कोई आर्थिक नुकसान नहीं होगा, बल्कि भविष्य में राजस्व बढ़ेगा और न्यायालयों में होने वाले मुकदमों पर खर्च भी कम होगा। पत्र की प्रतिलिपि राजस्व परिषद के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव को भी भेजी गई है। मामले में फिलहाल प्रशासनिक स्तर पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।