नाली विवाद में युवक से मारपीट का आरोप : गर्भवती पत्नी का गर्भपात होने का दावा
Wed, Jun 3, 2026
बीघापुर के नया खेड़ा गांव का मामला, पीड़ित ने पुलिस पर कार्रवाई न करने का लगाया आरोप
उन्नाव। बीघापुर थाना क्षेत्र के नया खेड़ा गांव में नाली के पानी की निकासी को लेकर हुए विवाद में युवक ने पड़ोसियों पर मारपीट और गला घोंटने के प्रयास का आरोप लगाया है। पीड़ित का दावा है कि बीच-बचाव करने पहुंची उसकी गर्भवती पत्नी के साथ भी मारपीट की गई, जिससे बाद में उसका गर्भपात हो गया। हालांकि गर्भपात की पुष्टि मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। गांव निवासी सुनील कुमार ने बताया कि पड़ोसी अपने घर का पानी उस दिशा में निकालना चाहते थे, जहां पहले कभी पानी नहीं बहता था। इसका विरोध करने पर विवाद बढ़ गया। आरोप है कि पड़ोस के कई लोगों ने मिलकर उनके साथ मारपीट की। सुनील का कहना है कि हमलावरों ने उनके गले में पड़ा अंगौछा कस दिया, जिससे उनका दम घुटने लगा। सुनील के मुताबिक, शोर सुनकर उनकी पत्नी उन्हें बचाने पहुंचीं तो आरोपियों ने उनके साथ भी धक्का-मुक्की और मारपीट की। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी तीन माह की गर्भवती थीं। घटना के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई और देर रात गर्भपात हो गया।पीड़ित ने आरोप लगाया कि घटना के बाद उन्होंने गांव के प्रधान से शिकायत की। प्रधान के कहने पर पुलिस चौकी और बाद में बीघापुर थाने में तहरीर दी। महिला डेस्क पर भी प्रार्थना पत्र दिया गया, लेकिन अभी तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उधर, बीघापुर थानाध्यक्ष अरविंद कुमार ने बताया कि मामला दो पक्षों के बीच विवाद का है। शिकायत मिली है और प्रकरण की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
नगर पालिका अध्यक्ष पर शासन की सख्ती : जांच में कई आरोप सही पाए गए
Wed, Jun 3, 2026
प्रमुख सचिव ने जारी किया कारण बताओ नोटिस, 15 दिन में मांगा जवाब
17 आरोपों की जांच रिपोर्ट शासन को भेजी गई
उन्नाव। नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष के खिलाफ की गई शिकायतों पर हुई जांच के बाद शासन ने सख्त रुख अपनाया है। जांच समिति की रिपोर्ट में कई आरोप सही पाए जाने के बाद नगर विकास विभाग ने अध्यक्ष को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। प्रमुख सचिव नगर विकास गुरु प्रसाद की ओर से जारी नोटिस में 15 दिन के भीतर साक्ष्यों सहित जवाब देने को कहा गया है। स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब न मिलने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। जानकारी के अनुसार नगर पालिका परिषद में पूर्व में कराए गए विभिन्न विकास कार्यों, वित्तीय निर्णयों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को लेकर शिकायतें की गई थीं। इन शिकायतों की जांच के लिए समिति गठित की गई थी। समिति ने विस्तृत जांच के बाद अपनी रिपोर्ट शासन को सौंप दी। जांच रिपोर्ट के अनुसार अध्यक्ष के खिलाफ लगाए गए कुल 17 आरोपों में से चार आरोप पूरी तरह सही पाए गए हैं। इसके अलावा एक आरोप आंशिक रूप से सिद्ध हुआ है, जबकि दो मामलों में गंभीर अनियमितताओं के संकेत मिले हैं। रिपोर्ट मिलने के बाद शासन स्तर पर पूरे प्रकरण का परीक्षण किया गया और उसके बाद नोटिस जारी करने का फैसला लिया गया। जांच के दौरान पड़ाव अड्डा संचालन और उससे संबंधित प्रशासनिक निर्णयों पर भी सवाल खड़े हुए। रिपोर्ट में कहा गया है कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में अड्डा संचालन से जुड़े कार्यों के लिए नियमित निविदा प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। निर्धारित प्रक्रिया के तहत नई निविदा आमंत्रित करने के बजाय पहले से कार्य कर रही फर्मों को कार्य अवधि का विस्तार दे दिया गया। जांच समिति ने इसे प्रक्रिया संबंधी गंभीर त्रुटि माना है। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि कुछ फर्मों को प्रतिबंधित करने की कार्रवाई में भी तय नियमों और प्रक्रियाओं का पूरी तरह पालन नहीं किया गया। समिति ने इस संबंध में कई बिंदुओं पर आपत्तियां दर्ज की हैं। इन्हीं तथ्यों को आधार बनाकर शासन ने अध्यक्ष से स्पष्टीकरण मांगा है। शासन के नोटिस के बाद नगर पालिका की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है। मामले को लेकर विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की निगाहें अब अध्यक्ष के जवाब पर टिकी हैं। अगर जवाब से शासन संतुष्ट नहीं होता है तो आगे की वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। वहीं नगर पालिका अध्यक्ष श्वेता मिश्रा ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि उन्होंने हमेशा नियमों के तहत कार्य किया है और किसी भी स्तर की जांच के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें शासन की ओर से जो भी नोटिस प्राप्त होगा, उसका तथ्यात्मक और साक्ष्य आधारित जवाब दिया जाएगा। अब पूरे मामले में निगाहें शासन के अगले कदम पर हैं। अध्यक्ष का जवाब मिलने के बाद नगर विकास विभाग रिपोर्ट और स्पष्टीकरण का परीक्षण करेगा, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
घर के रास्ते को लेकर भिड़े रिश्तेदार : लाठी-डंडे और रॉड से हमला
Tue, Jun 2, 2026
पिता के सिर पर गंभीर चोट; एसपी कार्यालय पहुंचकर लगाई न्याय की गुहार
उन्नाव। सफीपुर क्षेत्र में पैतृक संपत्ति और घर के रास्ते को लेकर चल रहा पारिवारिक विवाद हिंसक संघर्ष में बदल गया। मारपीट में कैंसर पीड़ित अजय गुप्ता, उनके पिता लखन लाल गुप्ता समेत परिवार के कई सदस्य घायल हो गए। पीड़ित पक्ष ने विपक्षियों पर जानलेवा हमला करने का आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक से कार्रवाई और सुरक्षा की मांग की है। पीड़ित पक्ष की महिला ने बताया कि 31 मई की सुबह उनकी सास घर से बाहर निकलीं तो आने-जाने वाले रास्ते के दरवाजे पर ताला लगा मिला। विरोध करने पर उनके चचेरे देवरों और अन्य परिजनों ने उक्त स्थान को अपना हिस्सा बताते हुए ताला लगाने की बात कही। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई। आरोप है कि इसके बाद विपक्षी पक्ष के लोगों ने लखन लाल गुप्ता और उनके कैंसर पीड़ित पुत्र अजय गुप्ता के साथ मारपीट कर दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने हस्तक्षेप कर मामला शांत कराया और कुछ लोगों को पूछताछ के लिए थाने ले गई। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि शाम को थाने से लौटने के बाद विपक्षी पक्ष ने दोबारा हमला कर दिया। आरोपियों ने अजय गुप्ता को लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से पीटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। बेटे को बचाने पहुंचे लखन लाल गुप्ता पर भी हमला किया गया, जिससे उनके सिर में गंभीर चोटें आईं और वह बेहोश होकर गिर पड़े। घायलों को सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद लखन लाल गुप्ता को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। घटना में प्रीति और उनकी नाबालिग पुत्री के भी घायल होने की बात कही गई है। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि विपक्षी पक्ष की ओर से लगातार धमकियां दी जा रही हैं। इससे परिवार में दहशत का माहौल है। सुरक्षा के मद्देनजर परिवार के कुछ सदस्यों को दूसरे स्थान पर भेजा गया है। पीड़ित पक्ष ने एसपी कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराते हुए चचेरे देवरों समेत नामजद आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।