हसनगंज में गैस गीजर फटा : तेज धमाके ने उड़ाया कमरा
Thu, Nov 27, 2025
दीवारें गिरकर मलबा सड़क तक पहुंचा, गनीमत रही कोई घायल नहीं
उन्नाव। हसनगंज कस्बे की सुबह गुरुवार को अचानक अफरातफरी में बदल गई। रोज की तरह लोग अपने काम में लगे थे, तभी आर्यावर्त ग्रामीण बैंक के ठीक सामने बने मोहल्ले में एक घर से ऐसा धमाका हुआ कि आसपास का इलाका थर्रा उठा। यह धमाका स्थानीय निवासी ज्ञानेंद्र सिंह के घर की पहली मंजिल पर लगे गैस गीजर फटने से हुआ। आवाज इतनी तेज थी कि कई लोग घरों से भागकर सड़क पर आ गए, तो कुछ देर तक किसी को यह समझ भी नहीं आया कि आखिर हुआ क्या है।
धमाका इतना तेज कि दीवारें ढह गईं, मलबा दूर तक उड़ा
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि विस्फोट की आवाज दो तीन गलियों दूर तक सुनाई दी। कई लोगों ने इसे भूकंप या सिलेंडर ब्लास्ट समझकर घबराहट में बच्चों और बुजुर्गों को बाहर निकाल लिया। पड़ोसी रामप्रकाश नाम के निवासी बताते हैं कि धमाके के बाद झटके से उनके घर की खिड़कियां तक बज उठीं और शीशों में कंपन साफ महसूस हुआ। विस्फोट ने घर के जिस कमरे में गीजर लगा था, उसे पूरी तरह तहस-नहस कर दिया। दीवारें नीचे आ गिरीं, दरवाजे उखड़ गए और ईंट पत्थर सड़क तक बिखर गए। टूटी खिड़कियों के फ्रेम और कांच दूसरे मकानों की छतों पर जाकर गिरे, जिसे देख लोग हैरत में पड़ गए।
दमकल और पुलिस टीम ने मौके पर संभाला हालात
धमाका होते ही मोहल्ले में भगदड़ जैसा माहौल बन गया। लोगों ने तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। कुछ ही देर में हसनगंज थाने की पुलिस और दमकल टीम मौके पर पहुंची। एहतियात के तौर पर आसपास के मकान खाली कराए गए और घर के बाकी हिस्सों की जांच की गई, ताकि कहीं गैस और इकट्ठी न हो या फिर आग दोबारा भड़कने का खतरा न बचे। दमकलकर्मियों ने कई मिनट तक छत, कमरों और पाइपलाइन की जांच की। प्राथमिक स्तर पर आग पर नियंत्रण पा लिया गया, जिससे बड़ा नुकसान टल गया।
ग़नीमत से किसी को चोट नहीं आई, वरना बड़ी हादसा हो सकता था
धमाके के दौरान कमरा खाली होने की वजह से कोई व्यक्ति इसकी चपेट में नहीं आया। परिवार के सदस्य नीचे थे, वरना हादसा बेहद दर्दनाक रूप ले सकता था। हालांकि घर का एक हिस्सा टूटकर पूरी तरह बेकार हो गया, जिससे लाखों का नुकसान बताया जा रहा है। मकान मालिक समेत पूरा परिवार सदमे में है।
गीजर में गैस जमा होने की आशंका, जांच जारी
अग्निशमन विभाग की शुरुआती जांच इस ओर इशारा करती है कि गीजर में लीकेज या किसी तकनीकी खराबी के चलते गैस धीरे धीरे कमरे में भर गई होगी। जैसे ही किसी चिंगारी ने हवा से मिली हुई गैस को पकड़ा, वैसे ही धमाका हो गया। पुलिस और दमकल विभाग मिलकर इसकी तकनीकी जांच कर रहे हैं। घटना के बाद कस्बे में गैस उपकरणों की सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज हो गई है। लोग अब अपने घरों के गीजर और सिलेंडर कनेक्शन की चेकिंग करवाने की बात कर रहे हैं, ताकि ऐसी घटना दोबारा न हो। मोहल्ले में अभी भी डर का माहौल है और कई लोग दिनभर घटनास्थल के पास हालात देखने पहुंचते रहे। फिलहाल प्रशासन नुकसान के आंकलन और कारणों की पुष्टि में जुटा है।
प्लाईवुड फैक्ट्री में लगी भीषण आग : आग की लपटें देख मची भगदड़ व चीख पुकार!
Thu, Nov 27, 2025
उत्तर प्रदेश बरेली
: दरअसल जनपद के थाना बिथरी चैनपुर क्षेत्र में बुधवार रात्रि उस वक़्त हड़कम्प मच गया।ग्राम उड़ला समीप स्थित एक प्लाईवुड फैक्ट्री में अचानक आग की भीषण लपटें उठने लगीं।बुधवार रात्रि करीब 9 बजे उठी आग की लपटों को देख आस-पास के तमाम लोग घबरा कर अपने घरों से बाहर निकल आए और सम्पूर्ण इलाके में अफरा- तफरी का माहौल बन गया।कुछ ही मिनटों में आग ने लिया विकराल रूप ले लिया जहाँ फैक्ट्री से धुँआ उठता देख कर्मचारियों ने आग लगने की सूचना फायर बिग्रेड विभाग को दी जहाँ पहुँची फायर बिग्रेड टीम ने आग की लपटों पर काबू पाने का प्रयास किया किन्तु फैक्ट्री के अंदर प्लाईबुड व कच्ची लकड़ी तथा भारी मात्रा में मौजूद ज्वलनशील सामग्री का स्टॉक होने कारण आग तेजी से फैलती गई।
मौके पर पहुँची फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियाँ
घटना की सूचना पर फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियाँ मौके पर पहुँची जहाँ दमकल कर्मियों ने आग पर रेशक्यूँ चलाकर आग पर काबू पाने की लाख कोशिशें की किन्तु आग की डरावनी लपटों ने टीम को बेवस कर दिया।आस पास के घरों में रहने वाले लोग भी अपने घरों से बाहर निकल आए और सुरक्षित स्थानों पर पहुँच गए। दमकल समेत पुलिस ने मौके पर पहुँच हालात पर काबू पाया।
ज्वलनशील सामग्री से और भड़की आग
फैक्ट्री के अंदर प्लाईबोर्ड व लकड़ी तथा केमिकल भरी सामग्री भारी मात्रा में मौजूद थी जिससे आग तेजी से फैलती गई इसी वजह से कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया जिसे नियंत्रित करने में दमकल कर्मियों को भारी मशक्कत का सामना करना पड़ा।फिलहाल आग लगने का कारण ज्ञात नहीं हो सका है दमकल विभाग व थाना पुलिस मामले की जाँच में जुटी है आग की लपटों में लाखों का नुकसान की आसंका जताई जा रही है।
बैठक में विकास कार्यों की समीक्षा : अफसरों से जवाब-तलब
Thu, Nov 27, 2025
अध्यक्ष ने कहा अगली बैठक तक पूरा हो काम, शुद्ध जल उपलब्ध कराने का लक्ष्य
उन्नाव। विकास भवन सभागार में मंगलवार को जिलास्तरीय विकास कार्य अनुश्रवण समिति की बैठक हुई। पहली ही बैठक में माहौल थोड़ा गर्म रहा। जनप्रतिनिधियों ने सबसे पहले शहर में चल रही अमृत योजना की सुस्ती और उससे उखड़ी, टूटी सड़कों का मुद्दा उठाया। उनका कहना था कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद लोगों को अभी तक शुद्ध पेयजल की सुविधा नहीं मिली। जल निगम के अफसरों से पूछा गया कि आखिर यह योजना कब तक पूरी होगी, मगर स्पष्ट जवाब नहीं मिला।
अध्यक्ष पंकज गुप्ता ने दो टूक कहा कि अगली बैठक से पहले काम पूरा होना चाहिए और शहरवासियों को पानी मिलने लगे। कई ब्लाक प्रमुख और जिला पंचायत सदस्यों ने शिकायत रखी कि पाइप लाइन डालने के लिए सड़कें खोदी गईं, लेकिन मरम्मत आज तक नहीं की गई। इसी पर अध्यक्ष ने निर्देश दिया कि जहां लापरवाही हो रही है, वहां जिम्मेदार अफसर और ठेकेदार दोनों पर कार्रवाई तय हो। बैठक में एमएलसी अरुण पाठक ने भी 2018 में शुरू हुई 264 करोड़ की अमृत योजना की धीमी प्रगति पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि छह साल से परियोजना चल रही है, लेकिन धरातल पर परिणाम दिखाई नहीं दे रहे। बिजली, सिंचाई, पंचायतीराज और पशुपालन समेत अन्य विभागों की योजनाओं की स्थिति पर भी समीक्षा हुई।
शिक्षा विभाग पर चर्चा के दौरान बीएसए शैलेंद्र पांडेय बैठक में अनुपस्थित मिले। इस पर सीडीओ को निर्देश दिया गया कि उनसे स्पष्टीकरण लिया जाए। एनआरएलएम से जुड़ी महिलाओं के रोजगार से संबंधित सवालों का विभाग के अधिकारी जवाब नहीं दे पाए, जिस पर अध्यक्ष ने कहा कि अगली बैठक में संपूर्ण जानकारी प्रस्तुत की जाए।
बैठक में सड़कों पर भटकते छुट्टा मवेशियों का मुद्दा भी उठा। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि आवारा पशु फसल और राहगीरों दोनों के लिए खतरा बन रहे हैं। पशुपालन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया गया और निर्देश दिया गया कि मवेशियों को पकड़कर जल्द गोशालाओं में भेजा जाए।
विधायक पंकज गुप्ता, आशुतोष शुक्ला, बंबालाल दिवाकर, श्रीकांत कटियार, भाजपा जिलाध्यक्ष अनुराग अवस्थी, भूमि विकास बैंक के अध्यक्ष संजीव त्रिवेदी, सीडीओ कृतिराज समेत कई अधिकारी बैठक में मौजूद रहे।
यह बैठक साफ संकेत दे गई कि विकास कार्यों की प्रगति अब सीधे सवालों के घेरे में है। आने वाले दिनों में काम की गति और शहरवासियों को मिलने वाले वास्तविक लाभ ही अगली बैठक का मूड तय करेंगे।