एसपी ने बदले थानेदार : चंद्रकांत मिश्र को मिली शहर कोतवाली की जिम्मेदारी
Wed, Nov 19, 2025
ज्ञानेंद्र सिंह को दही थाने की कमान, औरास में नई तैनाती
उन्नाव। पुलिस महकमे में देर रात को बड़ी प्रशासनिक हलचल देखी गई। एसपी जयप्रकाश सिंह ने कई महत्वपूर्ण पदों पर फेरबदल करते हुए साफ किया कि जिले में शिकायतों की अनदेखी और बढ़ते मामलों पर अब और ढिलाई नहीं चलेगी। तीन थानों के प्रभारी बदले गए और एक अहम शाखा की कमान भी नए हाथों में दी गई। यह बदलाव जिले की सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने और पुलिस कामकाज में तेजी लाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। शहर कोतवाली में सबसे अहम बदलाव हुआ है। कोतवाल संजीव कुशवाहा को आईजीआरएस पोर्टल की शिकायतों का समय पर निस्तारण न करने के आरोप में कोतवाली से हटाकर औरास थाने भेजा गया। हाल के हफ्तों में शहर क्षेत्र में विभिन्न शिकायतों के लंबित रहने से लोगों की नाराजगी बढ़ रही थी। इसकी गंभीरता देखते हुए एसपी ने तुरंत कार्रवाई की और कोतवाली की बागडोर नए हाथों में सौंपने का फैसला किया।
अब शहर कोतवाली की जिम्मेदारी डीसीआरबी प्रभारी रहे चंद्रकांत मिश्र संभालेंगे। उन्हें तकनीकी समझ और तेज कामकाज के लिए जाना जाता है। पुलिस मुख्यालय में उनकी पकड़ मजबूत रही है और वे मौके पर तुरंत पहुंचकर कार्रवाई करने के लिए पहचाने जाते हैं। उम्मीद है कि उनके आने से कोतवाली क्षेत्र में शिकायत निस्तारण की रफ्तार बढ़ेगी और अपराध पर बेहतर नियंत्रण होगा। औरास थाने में तैनात ज्ञानेंद्र सिंह को भी बदला गया है। उन्हें नई जिम्मेदारी दही थाने में दी गई है। दही क्षेत्र में हाल ही में तनाव से जुड़े कुछ मामले सामने आए थे। इसे देखते हुए वहां अनुभवी अधिकारी की जरूरत महसूस की गई। ज्ञानेंद्र सिंह ग्रामीण और शहरी दोनों तरह के माहौल में काम कर चुके हैं, इसलिए उनकी तैनाती को रणनीतिक कदम माना जा रहा है। इन बदलावों पर एसपी जयप्रकाश सिंह ने कहा कि फेरबदल नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन इसका सीधा मकसद पुलिसिंग को तेज और पारदर्शी बनाना है। उन्होंने यह भी दोहराया कि किसी भी थाने में शिकायतों की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। चंद्रकांत मिश्र को शहर कोतवाली सौंपकर यह संदेश भी दिया गया है कि अच्छे काम की सराहना होगी और लापरवाही पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।
विवादों में घिरे पद पर नई नियुक्ति : शासन ने भेजे डॉ. विनोद कुमार
Wed, Nov 19, 2025
कार्यवाहक व्यवस्था खत्म, पशुपालन विभाग में फिर लौटेगी स्थिरता
उन्नाव। पशुपालन विभाग में लंबे समय से चली आ रही अस्थिरता आखिर खत्म हो गई है। शासन ने संयुक्त निदेशक डॉ. विनोद कुमार को उन्नाव का नया मुख्य पशु चिकित्साधिकारी (सीवीओ) नियुक्त कर दिया है। आदेश जारी होते ही विभाग में नए सिरे से कामकाज की उम्मीदें बढ़ गई हैं। पिछले कुछ महीनों से यह पद लगातार सुर्खियों में रहा है। अक्तूबर में तत्कालीन सीवीओ डॉ. महावीर सिंह को निलंबित कर दिया गया था। उन पर आरोप लगा था कि जिले के पशु चिकित्सालयों और केंद्रों के कायाकल्प के लिए स्वीकृत 13 लाख रुपये का भुगतान बिना काम पूरा कराए ही कर दिया गया। जांच में अनियमितताएं सामने आईं और सरकार ने कठोर कार्रवाई की। इस फैसले के बाद जिले में नियमित नेतृत्व का अभाव दिखाई देने लगा।निलंबन के बाद वरिष्ठता के आधार पर पुरवा के उपमुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. सुरेश बाबू को कार्यवाहक सीवीओ की जिम्मेदारी दी गई। वे लगातार फील्ड में निरीक्षण और दफ्तर का काम संभालते रहे, लेकिन स्थायी नियुक्ति की कमी के कारण कई योजनाओं की गति धीमी पड़ी। विभागीय स्टाफ भी स्पष्ट दिशा निर्देशों का इंतजार कर रहा था। इसी बीच शासन स्तर पर नियुक्ति प्रक्रिया तेज हुई और मंगलवार को पशुपालन विभाग के उप सचिव रवींद्र प्रताप सिंह ने आदेश जारी कर दिए। नए सीवीओ के रूप में डॉ. विनोद कुमार की तैनाती से विभाग में फिर से व्यवस्था पटरी पर आने की उम्मीद है। डॉ. विनोद कुमार लंबे समय से विभाग में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालते रहे हैं। जिले में पशु स्वास्थ्य सेवाओं, टीकाकरण कार्यक्रमों, दुग्ध गुणवत्ता सुधार और पशु चिकित्सालयों के रखरखाव जैसे काम अब उनके नेतृत्व में नए सिरे से सुदृढ़ होने की संभावना है।विभागीय कर्मचारियों के अनुसार, पिछले कुछ महीनों की उथल-पुथल के बाद स्थायी नेतृत्व मिलना राहत की बात है। अब तक लंबित योजनाओं को गति देने और पशु चिकित्सालयों में व्यवस्था सुधारने की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
बीघापुर–भगवंतनगर रोड चौड़ीकरण को मंजूरी : लोगों के सफर में आएगी आसानी
Tue, Nov 18, 2025
विधायक की पहल रंग लाई, सड़क चौड़ीकरण अब हकीकत के करीब
उन्नाव। बीघापुर से भगवंतनगर को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग के चौड़ीकरण का रास्ता आखिर साफ हो गया है। शासन ने लोक निर्माण विभाग के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। विभाग को करीब 27 करोड़ 86 लाख रुपये से ज्यादा की राशि जारी की गई है। मंजूरी मिलते ही इलाके में लोगों की उम्मीदें फिर तेज हो गई हैं।यह योजना कई सालों से अटकी थी। स्थानीय जनता बार-बार इसकी जरूरत बताती रही थी। विधायक आशुतोष शुक्ला ने हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर फाइल को आगे बढ़ाने की मांग रखी थी। इसके बाद सरकार ने पूरी परियोजना को हरी झंडी दे दी। पीडब्ल्यूडी के मुताबिक स्वीकृति बिहार-सरेनी-चैनपुर होकर भगवंतनगर तक करीब पंद्रह किलोमीटर से ज्यादा हिस्से के चौड़ीकरण और सौंदर्यकरण के लिए है। सड़क को मजबूत ढांचे के साथ तैयार किया जाएगा ताकि भारी वाहनों का दबाव आसानी से झेल सके। किनारों की मरम्मत, नालियों और सुरक्षा व्यवस्था पर भी काम होगा।अनुमान है कि टेंडर और अन्य औपचारिकताएं पूरी होते ही निर्माण तेजी से शुरू हो जाएगा। इस मार्ग से रोजाना हजारों लोग गुजरते हैं। सड़क दुरुस्त होने पर समय बचेगा, दुर्घटनाओं में कमी आएगी और आसपास के गांवों को सीधा फायदा मिलेगा। विधायक आशुतोष शुक्ला ने कहा कि यह सड़क क्षेत्र की लाइफ लाईन की तरह है। चौड़ीकरण से गांवों के बीच आवागमन आसान होगा और कारोबारी गतिविधियों को भी सहारा मिलेगा। उन्होंने परियोजना को मंजूरी देने के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया।