हंगामे के बाद कार्रवाई : भैंसों से भरे लोडर रोकने पर हुए बवाल के मामले में चार पर रिपोर्ट
Tue, Nov 3, 2026
बजरंग दल कार्यकर्ता से मारपीट और धमकी देने का आरोप, तीन नामजद समेत कंडक्टर भी शामिल
आरटीओ कार्यालय के सामने वाहन रोकने पर हुआ था विवाद
उन्नाव। बजरंग दल कार्यकर्ता के साथ रविवार की रात को मारपीट के मामले में सदर कोतवाली पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। आरोप है कि पशुओं से भरे लोडर को रोकने पर दो युवकों ने कार्यकर्ता के साथ मारपीट की, जबकि चालक और कंडक्टर ने गालीगलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। पुलिस को दी तहरीर में लोडर में क्षमता से अधिक करीब पांच भैंसें ठूंसकर भरने और उनमें से एक के मरणासन्न हालत में पड़े होने की बात भी कही है। नवाबगंज निवासी वैभव श्रीवास्तव ने पुलिस को बताया कि एक नवंबर को उन्हें और बजरंग दल के कुछ कार्यकर्ताओं को एक वाहन में पशुओं का अवैध परिवहन की सूचना मिली थी। इस पर उन्होंने वाहन संख्या यूपी 71 बीटी 4897 का पीछा किया। आरोप है कि चालक तेज रफ्तार से वाहन भगाते हुए आरटीओ कार्यालय के सामने पहुंचा और वहां वाहन रोक दिया। कार्यकर्ताओं ने देखा कि लोडर में क्षमता से अधिक करीब पांच भैंसें ठूंसकर भरी थीं। इनमें एक भैंस मरणासन्न हालत में पड़ी थी। तहरीर के मुताबिक, वाहन रुकते ही अंकित यादव और नितिन यादव मौके पर पहुंचे। आरोप है कि दोनों ने वैभव के साथ गालीगलौज करते हुए मारपीट किया। वहीं, वाहन चालक असगर और अज्ञात कंडक्टर ने भी गालीगलौज कर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने वाहन और उसमें लदे पशुओं को रोके रखा और आवश्यक कार्रवाई के लिए पुलिस के सुपुर्द कर दिया। पुलिस ने अंकित यादव, नितिन यादव, फतेहपुर के बिंदकी निवासी लोडर चालक असगर और अज्ञात क्लीनर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
रात में जाम लगाकर कार्यकर्ताओं ने किया था प्रदर्शन
घटना से नाराज बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने रविवार रात करीब 10 बजे उन्नाव-रायबरेली मार्ग पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया था। कार्यकर्ता आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। संयोजक नितिन शुक्ल के मुताबिक, गदनखेड़ा चौराहे पर पशुओ से भरा वाहन ले जाए जाने की सूचना पर कार्यकर्ताओं ने उसे रोकने का प्रयास किया था। आरोप है कि चालक वाहन लेकर एआरटीओ कार्यालय के सामने एक घर के पास पहुंच गया। इसकी जानकारी पर वैभव श्रीवास्तव मौके पर पहुंचे तो वहां मौजूद एक युवक ने अन्य लोगों के साथ मिलकर उनसे मारपीट की। इसके विरोध में कार्यकर्ताओं ने जाम लगा दिया। सूचना पर पहुंचे कोतवाल चंद्रकांत मिश्र ने कार्यकर्ताओं को समझाकर शांत कराया और जाम खुलवाकर यातायात सामान्य कराया।
ठूंसे जाते हैं पशु, कार्रवाई की जगह विवाद
पशुओं को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने के लिए वाहनों की क्षमता और परिवहन संबंधी नियम तय हैं, लेकिन जिले में कई बार पशुओं को भूसे की तरह भरकर ले जाने की शिकायतें मिलती हैं। इससे उनके घायल होने और अनावश्यक तकलीफ पहुंचने का खतरा रहता है। दूसरी ओर, ऐसे वाहनों को रोकने के नाम पर कुछ लोगों की ओर से अवैध वसूली किए जाने की शिकायतें भी सामने आती रही हैं। इधर, बजरंग दल कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पशुओं की सप्लाई से जुड़े लोग वाहन रोके जाने पर थानों और कोतवाली पहुंचकर उन्हें छुड़वाने की पैरवी करते हैं।
दूध देने वाली भैंसें भी मिलीं, बच्चों से बिछड़ने पर जताई चिंता
बजरंग दल के संयोजक नितिन शुक्ल ने बताया कि वाहन में दूध देने वाली भैंसें भी थीं। पशुओं को इस हालत में ले जाने पर उन्होंने चिंता जताई। संगठन ने पशु परिवहन के निर्धारित मानकों का पालन कराने और नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
सप्लायरों के हैंडलर्स की सक्रियता भी चर्चा में
पशुओं की ढुलाई करने वाले वाहनों को रोके जाने पर सप्लायरों के निजी हैंडलर्स का मौके पर पहुंचकर वाहन छुड़वाने की पैरवी करना भी चर्चा का विषय है। कई बार इसी वजह से विवाद की स्थिति बन जाती है। जबकि परिवहन नियमों का पालन सुनिश्चित कराने और वाहनों की जांच कर कार्रवाई करने की जिम्मेदारी पुलिस व संबंधित विभागों की है। रविवार रात की घटना में भी लोडर को लेकर हुए विवाद में राजनीतिक पहचान बताने वाले युवक की भूमिका भी सामने आई है। कोतवाली प्रभारी चंद्रकांत मिश्र के मुताबिक, मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
युवती को घर में खींचकर कपड़े फाड़ने का आरोप : चार पर रिपोर्ट
Mon, Nov 2, 2026
विरोध पर परिवार पर कुल्हाड़ी और गड़ासे से हमला, परिवार के पांच लोग घायल
उन्नाव। पुरवा कोतवाली क्षेत्र में युवती के साथ अभद्रता के विरोध पर एक परिवार के पांच लोगों पर धारदार हथियारों से हमला किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि लकड़ी लेने गई युवती को दो युवक घर के अंदर खींच ले गए और उसकी टीशर्ट फाड़ दी। विरोध करने पर गाली-गलौज करते हुए मारपीट की गई। शोर सुनकर पहुंचे युवती के परिजनों पर भी हमला कर दिया गया। पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार, घटना 31 अक्टूबर की सुबह करीब आठ बजे की है। आरोप है कि राज और करन युवती को अपने घर ले गए थे। शोर सुनकर राज के पिता प्रकाश और पत्नी चांदनी भी वहां पहुंच गए और युवती के साथ मारपीट करने लगे। इस पर बचाने पहुंचे उसके माता-पिता पर आरोपियों ने कुल्हाड़ी और गड़ासा से हमला कर दिया। शिकायतकर्ता के मुताबिक, राज ने कुल्हाड़ी से उसके सिर और हाथ पर वार किया, जिससे हाथ की नस कट गई। युवती के पिता और उसे बचाने पहुंचीं दो अन्य बेटियों को भी चोटें आईं।आरोप है कि हमलावर परिवार को जान से मारने की धमकी देकर चले गए। पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया, जहां से गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर किया गया। गोमती की तहरीर पर पुरवा पुलिस ने राज, करन, प्रकाश और चांदनी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शहर की रफ्तार पर ब्रेक : त्योहार में बाजार गुलजार लेकिन सड़कें बेहाल
Mon, Nov 2, 2026
ई-रिक्शा-ऑटो की मनमानी और अतिक्रमण हटाने के दावे बेअसर
उन्नाव। त्योहार का मौसम आते ही शहर की सड़कों पर वाहनों का दबाव बढ़ गया है। बाजारों में खरीदारी के लिए निकल रहे लोगों को जगह-जगह जाम से जूझना पड़ रहा है। हरदोई पुल से आईबीपी चौराहा, सब्जी मंडी, बड़ा चौराहा और छोटा चौराहा तक कई जगह रुक-रुककर वाहनों की कतार लग रही है। हालात यह हैं कि कुछ दूरी का सफर तय करने में भी लोगों को काफी समय लग रहा है। बाजार जाने वाले खरीदारों के साथ स्कूली बच्चों, नौकरीपेशा लोगों और राहगीरों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। शहर में जाम की समस्या हर त्योहार पर सामने आती है, लेकिन इससे निपटने के लिए अब तक कोई स्थायी इंतजाम नजर नहीं आ रहा है। प्रशासन और नगर पालिका की ओर से समय-समय पर अतिक्रमण हटाने और सड़कों को खाली कराने की बात कही जाती है, लेकिन बाजारों में इसका असर दिखाई नहीं देता। कई जगह दुकानों के सामने सामान और ठेले लगे होने से सड़क की चौड़ाई कम हो जाती है। ऐसे में आमने-सामने से वाहनों के निकलने पर रास्ता बाधित होता है और जाम लग जाता है।
सड़क को स्टैंड समझ रहे ई-रिक्शा और ऑटो चालक
जाम की समस्या में ई-रिक्शा और ऑटो का बेतरतीब संचालन भी परेशानी बढ़ा रहा है। सवारियां बैठाने और उतारने के लिए चालक कहीं भी वाहन रोक देते हैं। पीछे से आने वाले वाहनों को निकलने का रास्ता नहीं मिलता और देखते ही देखते वाहनों की कतार लग जाती है। व्यस्त चौराहों और बाजारों में निर्धारित स्थान पर सवारी उतारने-बैठाने की व्यवस्था प्रभावी रूप से नजर नहीं आती। यातायात पुलिस की मौजूदगी के बावजूद इस तरह की मनमानी पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। ई-रिक्शा और ऑटो के लिए निर्धारित स्टैंड और ठहराव स्थल की व्यवस्था भी जरूरी है।
शपथ के बाद भी सड़कों पर नहीं दिखा बदलाव
यातायात माह के शुभारंभ पर अधिकारियों ने लोगों को सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन का संकल्प दिलाया था। हेलमेट, सीट बेल्ट और सुरक्षित यातायात को लेकर जागरूकता का संदेश भी दिया गया। लेकिन अभियान के अगले ही दिन शहर के व्यस्त मार्गों पर यातायात संचालन की स्थिति में कोई खास बदलाव नजर नहीं आया। यातायात माह के दौरान नियमों की जानकारी देने के साथ ही उनका पालन कराने के लिए भी प्रभावी कार्रवाई जरूरी है। प्रमुख चौराहों पर यातायात कर्मियों की नियमित तैनाती और नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों पर कार्रवाई से ही व्यवस्था में सुधार हो सकता है।
बेतरतीब वाहन, सिकुड़ती सड़कें
त्योहार के दौरान बाजारों में खरीदारों की भीड़ और वाहनों का दबाव अभी और बढ़ने की संभावना है। मौजूदा हालात में अतिक्रमण, सड़क किनारे खड़े वाहन और मनमाने ढंग से सवारियां बैठाने-उतारने की समस्या आवागमन में बाधा बन रही है। व्यस्त मार्गों पर नियमित निगरानी, अतिक्रमण हटाने के बाद दोबारा कब्जा न होने देने और ई-रिक्शा व ऑटो के लिए निर्धारित ठहराव की व्यवस्था की जरूरत साफ दिखाई दे रही है। फिलहाल प्रमुख बाजारों और चौराहों पर जाम से राहत दिलाने के लिए ठोस इंतजाम की कमी लोगों की परेशानी बढ़ा रही है।