शहर की रफ्तार पर ब्रेक : त्योहार में बाजार गुलजार लेकिन सड़कें बेहाल
Mon, Nov 2, 2026
ई-रिक्शा-ऑटो की मनमानी और अतिक्रमण हटाने के दावे बेअसर
उन्नाव। त्योहार का मौसम आते ही शहर की सड़कों पर वाहनों का दबाव बढ़ गया है। बाजारों में खरीदारी के लिए निकल रहे लोगों को जगह-जगह जाम से जूझना पड़ रहा है। हरदोई पुल से आईबीपी चौराहा, सब्जी मंडी, बड़ा चौराहा और छोटा चौराहा तक कई जगह रुक-रुककर वाहनों की कतार लग रही है। हालात यह हैं कि कुछ दूरी का सफर तय करने में भी लोगों को काफी समय लग रहा है। बाजार जाने वाले खरीदारों के साथ स्कूली बच्चों, नौकरीपेशा लोगों और राहगीरों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। शहर में जाम की समस्या हर त्योहार पर सामने आती है, लेकिन इससे निपटने के लिए अब तक कोई स्थायी इंतजाम नजर नहीं आ रहा है। प्रशासन और नगर पालिका की ओर से समय-समय पर अतिक्रमण हटाने और सड़कों को खाली कराने की बात कही जाती है, लेकिन बाजारों में इसका असर दिखाई नहीं देता। कई जगह दुकानों के सामने सामान और ठेले लगे होने से सड़क की चौड़ाई कम हो जाती है। ऐसे में आमने-सामने से वाहनों के निकलने पर रास्ता बाधित होता है और जाम लग जाता है।
सड़क को स्टैंड समझ रहे ई-रिक्शा और ऑटो चालक
जाम की समस्या में ई-रिक्शा और ऑटो का बेतरतीब संचालन भी परेशानी बढ़ा रहा है। सवारियां बैठाने और उतारने के लिए चालक कहीं भी वाहन रोक देते हैं। पीछे से आने वाले वाहनों को निकलने का रास्ता नहीं मिलता और देखते ही देखते वाहनों की कतार लग जाती है। व्यस्त चौराहों और बाजारों में निर्धारित स्थान पर सवारी उतारने-बैठाने की व्यवस्था प्रभावी रूप से नजर नहीं आती। यातायात पुलिस की मौजूदगी के बावजूद इस तरह की मनमानी पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। ई-रिक्शा और ऑटो के लिए निर्धारित स्टैंड और ठहराव स्थल की व्यवस्था भी जरूरी है।
शपथ के बाद भी सड़कों पर नहीं दिखा बदलाव
यातायात माह के शुभारंभ पर अधिकारियों ने लोगों को सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन का संकल्प दिलाया था। हेलमेट, सीट बेल्ट और सुरक्षित यातायात को लेकर जागरूकता का संदेश भी दिया गया। लेकिन अभियान के अगले ही दिन शहर के व्यस्त मार्गों पर यातायात संचालन की स्थिति में कोई खास बदलाव नजर नहीं आया। यातायात माह के दौरान नियमों की जानकारी देने के साथ ही उनका पालन कराने के लिए भी प्रभावी कार्रवाई जरूरी है। प्रमुख चौराहों पर यातायात कर्मियों की नियमित तैनाती और नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों पर कार्रवाई से ही व्यवस्था में सुधार हो सकता है।
बेतरतीब वाहन, सिकुड़ती सड़कें
त्योहार के दौरान बाजारों में खरीदारों की भीड़ और वाहनों का दबाव अभी और बढ़ने की संभावना है। मौजूदा हालात में अतिक्रमण, सड़क किनारे खड़े वाहन और मनमाने ढंग से सवारियां बैठाने-उतारने की समस्या आवागमन में बाधा बन रही है। व्यस्त मार्गों पर नियमित निगरानी, अतिक्रमण हटाने के बाद दोबारा कब्जा न होने देने और ई-रिक्शा व ऑटो के लिए निर्धारित ठहराव की व्यवस्था की जरूरत साफ दिखाई दे रही है। फिलहाल प्रमुख बाजारों और चौराहों पर जाम से राहत दिलाने के लिए ठोस इंतजाम की कमी लोगों की परेशानी बढ़ा रही है।
दीपोत्सव में जगमगाएगा निखत स्टेडियम : रोशनी, संगीत के नाम होगी दीपावली की शाम
Mon, Nov 2, 2026
सजेगी सुर-हास्य की भी महफिल, राजीव निगम और अन्नू अवस्थी अपनी प्रस्तुतियों से बांधेंगे समां
उन्नाव। दीपावली का त्योहार सिर्फ घरों को रोशन करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अपनों के साथ खुशियां बांटने और उत्सव मनाने का भी मौका है। इसी रंग को और खास बनाने के लिए शहर में एक शाम रोशनी, संगीत और हंसी के नाम रहने वाली है। सदर विधायक पंकज गुप्ता की ओर से 5 नवंबर को करोवन मोड़ स्थित निखत स्टेडियम में भव्य दीपोत्सव एवं सुर-हास्य संध्या आयोजित की जाएगी। कार्यक्रम में हास्य और मनोरंजन का खास संगम देखने को मिलेगा। मशहूर हास्य कवि राजीव निगम अपनी व्यंग्यपूर्ण रचनाओं से लोगों को गुदगुदाएंगे, जबकि हास्य कलाकार अन्नू अवस्थी अपने चुटीले अंदाज से महफिल में ठहाके लगवाएंगे। आयोजन के दौरान स्टेडियम में दीपों की रोशनी से उत्सवी माहौल तैयार किया जाएगा। इसके साथ ही रंग-बिरंगी आतिशबाजी भी आकर्षण का केंद्र रहेगी। संगीत की प्रस्तुतियों के बीच लोग दीपावली के उल्लास को सामूहिक रूप से महसूस कर सकेंगे। सदर विधायक प्रतिनिधि प्रदीप सिंह ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि आयोजन की तैयारियां की जा रही हैं। इसका उद्देश्य जनपदवासियों को त्योहार के मौके पर मनोरंजन और उत्सव का एक साझा मंच उपलब्ध कराना है, जहां लोग परिवार के साथ पहुंचकर दीपावली की खुशियां मना सकें। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम 5 नवंबर, गुरुवार को शाम चार बजे से शुरू होगा।
कविता में दिखा समाज का आईना : हंसी, संवेदना और सवालों से सजी काव्य संध्या
Mon, Nov 2, 2026
आचमन के वार्षिकोत्सव में कवियों ने रचनाओं से बांधा समां, देर रात तक चली महफिल
उन्नाव। टूटते पारिवारिक रिश्ते, बुजुर्ग माता-पिता की उपेक्षा और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़। सोमवार को शहर के प्रकाश गेस्ट हाउस में आयोजित साहित्यिक संस्था आचमन के 27वें वार्षिकोत्सव में कवियों ने अपनी रचनाओं के जरिए समाज से जुड़े मुद्दों को मंच पर उठाया। किसी ने हास्य-व्यंग्य से श्रोताओं को गुदगुदाया तो किसी की भावुक कविता ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया। अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में देश के अलग-अलग हिस्सों से आए कवियों ने देर रात तक अपनी प्रस्तुतियों से समां बांधे रखा।
कार्यक्रम की शुरुआत सदर विधायक प्रतिनिधि प्रखर गुप्ता ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर की। इस दौरान राम प्रसाद वर्मा सरस की पुस्तक मुक्तक मणिकाएं और अवधेश श्रीवास्तव की पुस्तक मौन स्मृतियां का विमोचन किया गया। शाम सात बजे शुरू हुए कवि सम्मेलन में गिरीश अवस्थी ने वाणी वंदना के साथ काव्य गोष्ठी का आगाज किया।
चंदन राय ने प्रेम और श्रृंगार से जुड़ी रचनाएं सुनाकर श्रोताओं की वाहवाही बटोरी। उनकी पंक्तियां 'जो मेरे पास आना नहीं चाहता, मैं भी उसको बुलाना नहीं चाहता' श्रोताओं को पसंद आईं। रतलाम से आईं कवयित्री सुमित्रा सरल ने प्रेम और रिश्तों पर आधारित रचना सुनाई। उनकी प्रस्तुति पर भी खूब सराहना मिली।
चित्रकूट के सुनील सौम्य ने मुक्तक और छंद प्रस्तुत किए। राधेश्याम भारती ने पिता के सम्मान और उपेक्षा पर आधारित रचना के जरिए परिवारों में बदलते रिश्तों की तस्वीर सामने रखी। उनकी कविता में बेटों की अनदेखी और पड़ोसी कल्लू की सेवा का प्रसंग श्रोताओं को भावुक कर गया। राजस्थान से आए राष्ट्रीय कवि अशोक चारण ने पेपर लीक के मुद्दे पर रचना सुनाकर व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने युवाओं के भविष्य, परिवारों की उम्मीदों और आर्थिक परेशानियों को कविता के जरिए सामने रखा। उनकी रचनाओं में राजनीतिक व्यंग्य और भारत-पाकिस्तान संबंधों का संदर्भ भी रहा। कार्यक्रम में राम प्रसाद वर्मा सरस ने पहली बार अपने मुक्तक और गीत प्रस्तुत किए। अलग-अलग विषयों पर कवियों की रचनाओं ने श्रोताओं को कभी भावुक किया तो कभी व्यवस्था पर सोचने को मजबूर किया।
कवियों को स्मृति सम्मान से नवाजा
समारोह में चंदन राय को श्याम प्रकाश श्रीवास्तव स्मृति सम्मान, राधेश्याम भारती को शिवाकांत शुक्ला स्मृति सम्मान, रामकिशोर तिवारी को देवकीनंदन अवस्थी स्मृति सम्मान और सुमित्रा सरल को सर्वरंजनी श्रीवास्तव स्मृति सम्मान दिया गया। अशोक चारण को माता प्रसाद मिश्र स्मृति सम्मान, सुनील सौम्य को सुखदेव प्रसाद गुप्त सम्मान और गिरीश अवस्थी को आचमन सम्मान प्रदान किया गया।
रामकिशोर तिवारी ने किया संचालन
बाराबंकी से आए रामकिशोर तिवारी ने कवि सम्मेलन का संचालन किया। उन्होंने अपनी प्रस्तुति के दौरान झांसी की रानी पर आधारित पंक्तियां सुनाकर श्रोताओं में उत्साह भरा। मंच संचालन के साथ उनकी काव्य प्रस्तुति भी कार्यक्रम का खास हिस्सा रही।
अतिथियों की रही मौजूदगी
कार्यक्रम में नगर पालिका परिषद अध्यक्ष श्वेता भानु मिश्रा और जिला पंचायत अध्यक्ष शकुन सिंह सहित प्रोफेसर मनोज श्रीवास्तव, डॉ. मुकेश कुमार सिंह, डॉ. रामनरेश, डॉ. केके मिश्रा, विमल द्विवेदी, रामदेव शुक्ल और प्रशांत कटियार मंटू सहित कई लोग मौजूद रहे।
पूर्व पदाधिकारियों को दी श्रद्धांजलि
कार्यक्रम के समापन पर संस्था के पूर्व अध्यक्ष डॉ. गणेश प्रसाद मिश्रा, संरक्षक शैलेंद्र कुमार सिंह और जयकृष्ण पांडेय कोविद को श्रद्धांजलि दी गई। महामंत्री राम प्रसाद वर्मा सरस ने आयोजन में सहयोग करने वाले अतिथियों, कवियों और संस्था के सदस्यों के प्रति आभार जताया।