विधायक ने किया निरीक्षण : गांधीनगर से गदनखेड़ा तक आधुनिक कॉरिडोर की ओर बढ़ता उन्नाव
Thu, Nov 20, 2025
रोटरी चौराहा, सेल्फी प्वाइंट और बस स्टैंड जैसी सुविधाओं पर हुई समीक्षा
उन्नाव। शहर को नया रूप देने वाली बड़ी परियोजनाओं की तैयारियां अब तेजी पकड़ रही हैं। गांधीनगर तिराहे के व्यापक सौंदर्यीकरण और गांधीनगर से गदनखेड़ा चौराहे तक फुटपाथ को नई पहचान देने के काम का गुरुवार को सदर विधायक पंकज गुप्ता ने मौके पर पहुंचकर बारीकी से जायजा लिया। अधिकारियों के साथ घूमकर उन्होंने पूरे प्लान को समझा और कई सुधार सुझाव भी दिए। विधायक ने कहा कि गांधीनगर तिराहे को शहर के भव्य प्रवेश द्वार की तरह विकसित किया जा रहा है। प्रस्तावित डिजाइन में रोटरी चौराहा, वेंडिंग जोन, टेंपो और ऑटो स्टैंड, इलेक्ट्रिक बस स्टैंड, सेल्फी प्वाइंट और कलम–तलवार का आकर्षक शिल्प शामिल है। उनका कहना था कि ये सभी सुविधाएं न सिर्फ तिराहे को पहचान देंगी बल्कि ट्रैफिक दबाव कम करके लोगों को राहत भी दिलाएंगी।
इधर, आवास विकास परिषद गांधी नगर से गदनखेड़ा तक की रोड को आधुनिक कॉरिडोर में बदलने में जुटी है। इस मार्ग पर डिवाइडर को ऊंचा किया जा रहा है, मजबूत ग्रिल लगाई जा रही है और फुटपाथ को नए अंदाज में बनाया जा रहा है। हरियाली बढ़ाने के लिए पौधारोपण की तैयारी भी चल रही है। पूरा रास्ता सुरक्षित और आकर्षक दिखे, इसी लक्ष्य से काम हो रहा है।विधायक ने निरीक्षण के दौरान कहा कि यह परियोजना आने वाले वर्षों में उन्नाव की छवि को बिल्कुल बदल देगी और शहर को नई पहचान देगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि काम तय समय में पूरा होने पर शहर के प्रवेश से लेकर मुख्य बाजार तक एक साफ, व्यवस्थित और सुंदर कॉरिडोर दिखेगा।
निरीक्षण के दौरान संयुक्त मजिस्ट्रेट सौम्या अरोड़ा, यूएसडीए के सचिव शुभम यादव, सहायक अभियंता अरविंद कुमार उपाध्याय, जिला प्लानर आंशिक अग्रवाल, आवास विकास परिषद के सहायक अभियंता सूरज शर्मा व नवल कुमार, जेई विनय कुमार और यूएसडीए के अवर अभियंता संतोष कुशवाहा मौजूद रहे।
जंगल और नदी किनारे छिपे : शराब नेटवर्क पर पुलिस का वार
Thu, Nov 20, 2025
ड्रोन से लोकेशन ट्रेस कर पुलिस और आबकारी ने की संयुक्त रेड
उन्नाव। अवैध शराब के खिलाफ चल रही मुहिम को बुधवार को बड़ी सफलता मिली। आबकारी विभाग और मौरावां थाना पुलिस ने ग्राम दृगपालगंज और हड़हरा क्षेत्र में सई नदी के किनारे छापेमारी की। यह इलाका घने जंगल और दुर्गम रास्तों की वजह से लंबे समय से कच्ची शराब बनाने वालों का छिपा ठिकाना था। टीम ने छापेमारी से पहले पूरे इलाके की ड्रोन से निगरानी की। ड्रोन फुटेज में कई संदिग्ध जगहें दिखीं, जिनके आधार पर पुलिस और आबकारी की संयुक्त टीम जंगल और नदी किनारे तक पहुंची। झाड़ियों के भीतर अस्थायी भट्ठियां मिलीं जहां शराब बनाने के उपकरण, ड्रम और लहन भरा पड़ा था। टीम को देखते ही वहां मौजूद लोग मौका पाकर भाग निकले। कार्रवाई में 20 लीटर कच्ची शराब बरामद हुई। करीब 300 किलो लहन को मौके पर ही नष्ट किया गया। शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाले ड्रम, पाइप, डिग्गी और अन्य सामग्री तोड़कर जला दी गई। तैयार शराब को बहा दिया गया और पूरी जगह को दोबारा ड्रोन से देखकर जांचा गया, ताकि कोई ठिकाना बच न पाए। जिला आबकारी अधिकारी अनुराग मिश्र ने कहा कि अवैध शराब से न सिर्फ लोगों की सेहत पर खतरा बढ़ता है, बल्कि इससे राजस्व को भी नुकसान होता है। टीम के अनुसार आगे भी ऐसे अभियान लगातार चलेंगे। ड्रोन निगरानी बढ़ाई जाएगी ताकि जंगल और नदी किनारे छिपकर चल रहे इस नेटवर्क को पूरी तरह खत्म किया जा सके।
मतदाता पुनरीक्षण में फॉर्म तो पहुंच रहे : लेकिन भरने में परेशान लोग
Thu, Nov 20, 2025
मतदाता सूची के भाग संख्या और क्रमांक भरने में सबसे ज्यादा दिक्कत
उन्नाव। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में बीएलओ लगातार घर घर पहुंचकर फॉर्म बांट रहे हैं, लेकिन इन्हें भरना लोगों के लिए सबसे कठिन काम बनता जा रहा है। कई परिवार मतदाता सूची से जुड़ी जानकारी समझ नहीं पा रहे, जिसके कारण प्रपत्र अधूरे ही पड़े हैं और लोग बीएलओ के मार्गदर्शन का इंतजार कर रहे हैं। प्रपत्र में वर्तमान जानकारी के साथ परिवार का ब्योरा, पुराने वोटर लिस्ट का भाग संख्या और क्रमांक भी भरना है। यही कॉलम सबसे ज्यादा उलझन पैदा कर रहे हैं। कई लोगों को यह नहीं पता कि यह विवरण कहां से मिलेंगे और किस तरह भरना है। जिले के 23.15 लाख मतदाताओं के सापेक्ष बीएलओ अब तक 17 लाख से ज्यादा फॉर्म पहुंचा चुके हैं। फॉर्म बांटने की रफ्तार तेज है, लेकिन उन्हें भरवाने की प्रक्रिया में स्पष्टता नहीं है। कई घरों में लोगों ने बताया कि बीएलओ ने फॉर्म तो थमा दिया, लेकिन जानकारी देने में ढंग से सहायता नहीं की। मोहल्ला किला निवासी काशिफ अली ने बताया कि उनके पास मौजूद पुराने रिकॉर्ड में पिता का नाम नहीं है जबकि दादा का नाम दर्ज है। उन्होंने कहा कि फॉर्म में सूची की जानकारी चाहिए। यह कैसे ठीक होगा, यह बीएलओ बताएंगे तो ही फॉर्म भर पाऊंगा।
इस बीच कई वार्ड सभासद, क्षेत्रीय नेता और समाजसेवी लोग भी आगे आकर मदद कर रहे हैं। मोहल्लों में बैठकर वे लोगों को फॉर्म समझा रहे हैं, पुराने विवरण खोजने में मदद कर रहे हैं और उन कॉलमों की जानकारी दे रहे हैं जो मतदाताओं को समझ नहीं आ रही थी। इससे कई परिवारों को राहत मिली है और फॉर्म भरने की प्रक्रिया थोड़ी आसान हुई है।
सहायक निर्वाचन अधिकारी आशुतोष मिश्रा ने बताया कि 70 प्रतिशत से ज्यादा प्रपत्र वितरित हो चुके हैं और तीन चार दिनों में वितरण पूरा कर लिया जाएगा। उनका कहना है कि फॉर्म वापस लेते समय बीएलओ अधूरी जानकारी वहीं समझाकर पूरा कराएंगे। किसी को भी घबराने की जरूरत नहीं है। जैसे जैसे अभियान आगे बढ़ रहा है, प्रशासन और समाज के लोगों की संयुक्त कोशिशों से उम्मीद है कि फॉर्म भरने की दिक्कतें धीरे धीरे कम होंगी।