जागरूकता : सदर कोतवाली में साइबर ठगी रोकने को बने साइबर वॉलंटियर
Mon, Jan 5, 2026
कोतवाली सदर प्रभारी बोले, समय पर शिकायत से बच सकता है पैसा
उन्नाव। साइबर ठगी और ऑनलाइन अपराधों से लोगों को बचाने के लिए पुलिस ने एक नई पहल शुरू की है। कोतवाली सदर में हुई बैठक में समाज के अलग अलग क्षेत्रों से जुड़े ऐसे लोगों को जोड़ा गया, जिन्हें मोबाइल, सोशल मीडिया और इंटरनेट की अच्छी समझ है। इन्हें साइबर वॉलंटियर बनाया गया है। यह बैठक वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश सिंह और सहायक पुलिस अधिक्षक एंव सीओ सिटी दीपक यादव के निर्देश पर आयोजित की गई। सदर कोतवाली सदर प्रभारी निरीक्षक चंद्रकांत मिश्रा ने बैठक की अध्यक्षता की। कोतवाल ने कहा कि आज के समय में साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में पुलिस के साथ आम लोगों का सहयोग भी बहुत जरूरी है। पुलिस के मुताबिक साइबर वॉलंटियर अपने आसपास और सोशल मीडिया पर होने वाली संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखेंगे। अगर कहीं ठगी या धोखाधड़ी की आशंका होगी, तो तुरंत साइबर सेल को जानकारी देंगे, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके और लोग ठगी का शिकार होने से बच सकें। परिवार परामर्श केंद्र के सलाहकार मंडल प्रभारी डॉ. आशीष श्रीवास्तव और सलाहकार डॉ. मनीष सिंह सेंगर ने वॉलंटियर्स को उनकी जिम्मेदारियों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि वॉलंटियर सिर्फ सूचना ही नहीं देंगे, बल्कि लोगों को यह भी समझाएंगे कि ऑनलाइन लेनदेन करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। क्राइम इंस्पेक्टर राजेश यादव ने वॉलंटियर्स से सक्रिय रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि अगर सभी लोग जिम्मेदारी से काम करें, तो जिले में साइबर अपराधों पर काफी हद तक काबू पाया जा सकता है। साइबर सेल से महिला आरक्षी सोनिया और आरक्षी कृष्णकांत ने वॉलंटियर्स को रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया और जरूरी कागजात की जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि अगर किसी वॉलंटियर की सतर्कता से कोई व्यक्ति ठगी से बचता है, तो उसका छोटा सा वीडियो बनाकर ग्रुप और सोशल मीडिया पर डाला जाए, ताकि बाकी लोग भी सतर्क हों। बैठक में डॉ. आशीष श्रीवास्तव, डॉ. मनीष सिंह सेंगर, शिल्पी श्रीवास्तव, डॉ. रूपेश, आलोक अवस्थी, समन आफरीन, अनुराग मोहन कृष्ण, शिवेंद्र सिंह चौहान, भावना शुक्ला, अनिमेष, अजय, विकास और अमरेश सिंह को साइबर वॉलंटियर बनाया गया। पुलिस को उम्मीद है कि यह टीम लोगों को साइबर ठगी से बचाने में अहम भूमिका निभाएगी।
ग़रीब नवाज़ की चौखट पर इज़हार खान की फरियाद : कुलदीप सिंह सेंगर के लिए मांगा इंसाफ़
Sun, Jan 4, 2026
“ख़्वाजा साहब की दर से कभी खाली नहीं लौटती दुआ” – इज़हार खान
उन्नाव। न्याय की आस और भरोसे के साथ अजमेर शरीफ की पवित्र धरती पर एक बार फिर दुआओं की गूंज सुनाई दी। पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की सुप्रीम कोर्ट से जमानत निलंबित होने के बाद
उनके लिए प्रार्थना और दुआओं का सिलसिला लगातार जारी है।
इसी क्रम में नगर पालिका परिषद बांगरमऊ के पूर्व अध्यक्ष इज़हार खान उर्फ गुड्डू राजस्थान के अजमेर स्थित विश्वविख्यात दरगाह शरीफ पहुंचे और सूफी संत हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की बारगाह में चादर चढ़ाकर इंसाफ की दुआ मांगी। दरगाह परिसर में इज़हार खान ने पूरे अदब और एहतराम के साथ हाजिरी लगाई। उन्होंने सज्जादानशीन सूफी सैयद कुतूबुद्दीन ‘सखी’ को अर्जी सौंपी और अपनी बात रखते हुए कहा कि कुलदीप सिंह सेंगर को एक गहरी साजिश के तहत फंसाया गया है। उनका कहना था कि अदालत के समक्ष कई तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया, जिससे सच्चाई दब गई। इज़हार खान ने दो टूक कहा कि सेंगर निर्दोष हैं और उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। इज़हार खान ने भावुक होते हुए कहा कि ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह इंसाफ, अमन और मोहब्बत का सबसे बड़ा पैगाम देती है। यहां से उठी दुआ कभी बेअसर नहीं जाती। उन्होंने विश्वास जताया कि ख्वाजा साहब की रहमत से सच सामने आएगा और कुलदीप सिंह सेंगर को न्याय जरूर मिलेगा। उनके शब्दों में एक उम्मीद थी, एक भरोसा था और उस इंसाफ की तलाश थी, जो देर से ही सही, लेकिन आता जरूर है। अजमेर शरीफ में दुआ के दौरान उनके साथ मौजूद लोगों ने भी एक स्वर में कुलदीप सिंह सेंगर की रिहाई की कामना की। सभी ने इसे केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि न्याय की लड़ाई बताया। दरगाह परिसर में मौजूद हर शख्स की जुबां पर एक ही बात थी कि जब इंसाफ की गुहार ख्वाजा साहब की चौखट पर पहुंचती है, तो मायूस होकर वापस नहीं लौटती। इस दुआ और फरियाद के साथ इज़हार खान ने उम्मीद जताई कि लंबे समय से चल रही यह कानूनी लड़ाई अब अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंचेगी और सच की जीत होगी। अजमेर शरीफ से उठी यह आवाज उनके समर्थकों के लिए नई उम्मीद और हौसले का संदेश बनकर लौटी है।
बिना सूचना पहुंचे अपर निदेशक : जिला अस्पताल में दिखी व्यवस्थाओं की कमजोरी
Sun, Jan 4, 2026
मरीजों और तीमारदारों से सीधे बातचीत कर लिया फीडबैक
उन्नाव। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति जानने के लिए रविवार को अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. जीपी गुप्ता बिना किसी पूर्व सूचना के जिला अस्पताल पहुंच गए। उनके अचानक पहुंचते ही अस्पताल प्रशासन में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। निरीक्षण के दौरान जो हालात सामने आए, उन्होंने व्यवस्थाओं की कमजोर कड़ी को उजागर कर दिया। अपर निदेशक सबसे पहले इमरजेंसी वार्ड पहुंचे। यहां मरीजों की संख्या के मुकाबले डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी साफ नजर आई। कई मरीज इलाज के इंतजार में थे। स्थिति को देखते हुए डॉ. जीपी गुप्ता खुद आगे आए और मरीजों की जांच शुरू कर दी। उन्होंने कुछ मरीजों को मौके पर ही दवाएं लिखीं और मौजूद चिकित्सकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान डॉ. गुप्ता ने मरीजों और उनके तीमारदारों से सीधे बातचीत की। उन्होंने इलाज की गुणवत्ता, दवाओं की उपलब्धता, जांच सुविधाओं और साफ-सफाई को लेकर फीडबैक लिया। कुछ तीमारदारों ने अव्यवस्थाओं की शिकायत भी की, जिस पर अपर निदेशक ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए। इमरजेंसी के बाद उन्होंने अन्य वार्डों का भी जायजा लिया। कई जगह गंदगी और अव्यवस्थित व्यवस्था मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई। साफ-सफाई व्यवस्था को लेकर उन्होंने कहा कि अस्पताल में स्वच्छता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। मरीजों के लिए साफ वातावरण बुनियादी जरूरत है और इसमें लापरवाही सीधे तौर पर उनकी सेहत से खिलवाड़ है। अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. जीपी गुप्ता ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिला अस्पताल आम लोगों की पहली और सबसे अहम जरूरत है। यहां आने वाला हर मरीज बेहतर और समय पर इलाज का हकदार है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मरीजों की सुविधा को प्राथमिकता में रखते हुए स्टाफ की तैनाती, दवा वितरण और साफ-सफाई व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए। भविष्य में भी इस तरह के औचक निरीक्षण जारी रहेंगे और लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के बाद अस्पताल प्रशासन में खलबली मची रही और व्यवस्थाएं सुधारने की कवायद शुरू होती नजर आई।