करोड़ों की चमक फीकी : ईडी की कार्रवाई के बाद अब मारपीट केस में घिरा अनुराग द्विवेदी
Tue, Dec 23, 2025
अजगैन थाने में मुकदमा दर्ज, 7-8 अज्ञात युवकों की तलाश
उन्नाव। नवाबगंज इलाके से ताल्लुक रखने वाला अनुराग द्विवेदी, जो कुछ समय पहले तक सोशल मीडिया पर अपनी महंगी गाड़ियों, आलीशान पार्टियों और क्रिकेट प्रेडिक्शन को लेकर चर्चा में रहता था, अब एक के बाद एक मामलों में घिरता नजर आ रहा है। प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई के बाद जहां उसकी आर्थिक गतिविधियां जांच के दायरे में हैं, वहीं अब एक मारपीट का मामला सामने आने से उसकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
बस रोककर हंगामा, एफआईआर में थार का नंबर दर्ज
ताजा मामला 6 दिसंबर का बताया जा रहा है। अजगैन थाना क्षेत्र में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी की एक बस छात्रों को लेकर जा रही थी। आरोप है कि रास्ते में एक थार गाड़ी ने बस को रुकवाया। थार से उतरे युवकों ने बस के अंदर घुसकर न सिर्फ हंगामा किया, बल्कि यूनिवर्सिटी के कोऑर्डिनेटर के साथ मारपीट भी की। पीड़ित को ऑर्डिनेटर की तहरीर पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। एफआईआर में साफ तौर पर यूपी 35 बीएम 0001 नंबर की थार का जिक्र है। पुलिस की शुरुआती जांच में यह गाड़ी यूट्यूबर अनुराग द्विवेदी के नाम पाई गई है। फिलहाल अजगैन पुलिस ने 7 से 8 अज्ञात युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है।
ईडी की कार्रवाई से पहले ही दबाव में था अनुराग
मारपीट की इस घटना से पहले ही अनुराग द्विवेदी पर ईडी का शिकंजा कस चुका है। पश्चिम बंगाल में दर्ज एक अवैध सट्टेबाजी मामले में उसे कई बार समन भेजे गए, लेकिन पेश न होने पर ईडी ने सख्त कदम उठाया। 19 दिसंबर को ईडी की टीम ने एक साथ कई ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान 10 करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत की लग्जरी गाड़ियां जब्त की गईं। साथ ही बैंक खातों में जमा करीब 3 करोड़ रुपये की रकम को फ्रीज कर दिया गया। छापे के दौरान घर से लगभग 20 लाख रुपये नकद मिलने की भी पुष्टि हुई है। इसके अलावा मोबाइल फोन, लैपटॉप और कई अहम दस्तावेज ईडी ने अपने कब्जे में लिए हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
गांव से ग्लैमर तक का सफर
अनुराग द्विवेदी का नाम तब तेजी से उभरा, जब उसने फैंटेसी क्रिकेट और प्रेडिक्शन के जरिए सोशल मीडिया पर बड़ी फॉलोइंग बना ली। छोटे से गांव से निकलकर उसने खुद को एक सफल यूट्यूबर और प्रेडिक्शन एक्सपर्ट के तौर पर पेश किया। महंगी गाड़ियां, विदेश यात्राएं और लग्जरी लाइफस्टाइल उसके वीडियो का हिस्सा बन गईं। आरोप है कि इसी प्रेडिक्शन और सट्टेबाजी से जुड़े ऐप्स के जरिए उसने करोड़ों रुपये कमाए। बाद में वह दुबई शिफ्ट हो गया। 21 नवंबर को दुबई के एक क्लब में हुई उसकी भव्य शादी भी सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुई थी, जिसने उसे फिर से सुर्खियों में ला दिया।
अब दोहरी जांच के घेरे में
फिलहाल अनुराग द्विवेदी का घर बंद पड़ा है और वह फरार बताया जा रहा है। एक तरफ ईडी उसकी आय और संपत्ति के स्रोतों की गहन जांच कर रही है, तो दूसरी तरफ अजगैन पुलिस मारपीट के मामले में कार्रवाई की तैयारी में जुटी है। कानूनी जानकारों की मानें तो यदि दोनों मामलों में आरोप साबित होते हैं, तो अनुराग के लिए आगे की राह आसान नहीं होगी। जिस युवक को कभी यूथ आइकॉन और लग्जरी लाइफस्टाइल का प्रतीक माना जाता था, वही अब कानून की सख्त नजरों में है। आने वाले दिनों में जांच क्या मोड़ लेती है, इस पर पूरे जिले की नजर बनी हुई है।
कुलदीप सेंगर को बड़ी राहत : उम्रकैद की सजा पर रोक, हाई कोर्ट से जमानत
Tue, Dec 23, 2025
हर सोमवार थाने में हाजिरी, पासपोर्ट जमा कराने के निर्देश
उन्नाव। उम्रकैद की सजा काट रहे पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाई कोर्ट ने सेंगर की उम्रकैद की सजा को फिलहाल सस्पेंड करते हुए उसे जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। यह राहत सेंगर की ओर से दायर उस अपील पर मिली है, जिसमें उसने निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी थी। अदालत ने साफ किया है कि यह आदेश अपील के अंतिम निपटारे तक प्रभावी रहेगा। हाई कोर्ट ने सेंगर को 15 लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की तीन जमानतों पर रिहा करने का निर्देश दिया है। हालांकि कोर्ट ने जमानत के साथ कई सख्त शर्तें भी लगाई हैं, ताकि पीड़िता और उसके परिवार की सुरक्षा से कोई समझौता न हो।
इन शर्तों के साथ कोर्ट ने दी सेंगर को जमानत
कोर्ट ने स्पष्ट आदेश दिया है कि कुलदीप सिंह सेंगर पीड़िता के पांच किलोमीटर के दायरे में किसी भी हालत में प्रवेश नहीं होना चाहिए। इसके अलावा, वह पीड़िता या उसके परिवार के किसी भी सदस्य से सीधे या परोक्ष रूप से संपर्क नहीं करे। कोर्ट ने यह भी चेतावनी दी है कि किसी तरह की धमकी, दबाव या डराने की कोशिश को जमानत की शर्तों का उल्लंघन माना जाएगा। सेंगर को अपना पासपोर्ट अदालत में जमा करना होगा। साथ ही, हर सोमवार संबंधित थाने में हाजिरी लगानी होगी, ताकि उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। अदालत ने यह भी कहा है कि यदि शर्तों का उल्लंघन हुआ, तो जमानत तत्काल रद्द की जा सकती है।
अपील लंबित, अंतिम फैसला अभी बाकी
हाई कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी साफ किया है कि यह राहत स्थायी नहीं है। सेंगर की अपील पर अभी सुनवाई चलनी है और अंतिम फैसला उसी के बाद आएगा। फिलहाल, सजा पर रोक का मतलब यह नहीं है कि दोषसिद्धि खत्म हो गई है, बल्कि यह केवल अंतरिम राहत है।
क्या है पूरा उन्नाव रेप कांड
उन्नाव रेप कांड साल 2017 में सामने आया था। उस समय उन्नाव जिले की एक नाबालिग लड़की ने तत्कालीन भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर बलात्कार का गंभीर आरोप लगाया था। शुरुआत में पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई को लेकर सवाल उठे और पीड़िता को न्याय के लिए लंबा संघर्ष करना पड़ा। मामला तब देशभर में चर्चा में आ गया, जब पीड़िता ने न्याय न मिलने से परेशान होकर लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास के बाहर आत्मदाह की कोशिश की। इस घटना ने पूरे प्रशासनिक तंत्र को कटघरे में खड़ा कर दिया। इसके बाद घटनाक्रम और भी गंभीर होता चला गया। पीड़िता के पिता की पुलिस कस्टडी में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। कुछ समय बाद पीड़िता की कार का भी भीषण सड़क हादसा हुआ, जिसमें उसके दो रिश्तेदारों की मौत हो गई। इन घटनाओं ने पूरे देश में गुस्सा और आक्रोश पैदा कर दिया।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर दिल्ली पहुंचा मामला
मामले की गंभीरता और निष्पक्ष सुनवाई को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उन्नाव रेप कांड को उत्तर प्रदेश से बाहर ट्रांसफर कर दिल्ली भेजने का आदेश दिया। इसके बाद दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में मामले की सुनवाई हुई। साल 2019 में ट्रायल पूरा होने के बाद अदालत ने कुलदीप सिंह सेंगर को बलात्कार का दोषी ठहराया और उसे उम्रकैद की सजा सुनाई। इसके साथ ही 25 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था।
हाई कोर्ट में दी थी चुनौती
तीस हजारी कोर्ट के फैसले के खिलाफ कुलदीप सिंह सेंगर ने दिल्ली हाई कोर्ट में अपील दायर की थी। इसी अपील पर सुनवाई करते हुए अब हाई कोर्ट ने उसकी सजा पर रोक लगाते हुए जमानत मंजूर की है। इस फैसले के बाद एक बार फिर उन्नाव रेप कांड चर्चा में आ गया है। जहां एक ओर इसे कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा बताया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर पीड़िता और उसके परिवार की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। अदालत ने अपने आदेश में साफ किया है कि पीड़िता की सुरक्षा सर्वोपरि है और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अगली सुनवाई 15 जनवरी 2026 को
इस केस की अगली सुनवाई 15 जनवरी 2026 को होगी। उस दिन आपराधिक अपील और आवेदन को चीफ जस्टिस के आदेशों के अधीन रोस्टर बेंच के समक्ष सूचीबद्ध किया जाएगा। इस साल की शुरुआत में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान में मोतियाबिंद की सर्जरी कराने के लिए उन्हें अंतरिम जमानत दी गई थी। पिछले साल दिसंबर में भी उन्हें इसी तरह की राहत दी गई थी
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पुलिस की बड़ी कामयाबी : एक साथ खुलीं कई चोरियां
Mon, Dec 22, 2025
चार अभियुक्तों से 20 लाख के सोने-चांदी के जेवरात और चोरी की बाइक बरामद
उन्नाव। जनपद में चोरी की बढ़ती घटनाओं पर प्रभावी लगाम कसते हुए माखी पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस अधीक्षक उन्नाव के निर्देश पर चलाए जा रहे अपराध विरोधी अभियान के तहत थाना माखी पुलिस ने स्वॉट और सर्विलांस टीम के सहयोग से चार शातिर चोरों को गिरफ्तार कर लिया। खास बात यह रही कि पुलिस ने चोरी का शत-प्रतिशत माल बरामद करते हुए एक साथ कई मामलों का खुलासा कर दिया।इस कार्रवाई में पुलिस के हाथ करीब 20 लाख रुपये से अधिक कीमत के जेवरात, मोबाइल फोन और अन्य कीमती सामान लगे हैं।
योजनाबद्ध तरीके से देते थे वारदात को अंजाम
थानाध्यक्ष माखी योगेश कुमार सिंह के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने सोमवार को यह कार्रवाई की। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने गंगा एक्सप्रेसवे के अंडरपास के पास ग्राम चौधरीखेड़ा से चारों अभियुक्तों को दबोच लिया। पूछताछ में सामने आया कि यह गिरोह चोरी की मोटरसाइकिल का इस्तेमाल कर अलग-अलग थाना क्षेत्रों में वारदातों को अंजाम देता था। दिन में रेकी और रात में चोरी इनका तय तरीका था।
गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान शांति बाबू (23) निवासी पिडना, बेहटा मुजावर; निखिल मौर्या (19) निवासी जखैला, थाना आसीवन; कुलदीप राठौर (23) निवासी पिडना, बेहटा मुजावर और पुनीत मौर्या (25) निवासी पमेधिया, थाना आसीवन के रूप में हुई है। सभी अभियुक्तों के खिलाफ थाना माखी में पहले से दर्ज मुकदमों के आधार पर कार्रवाई की गई।
जेवरातों की लंबी फेहरिस्त
पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से बड़ी मात्रा में सोने और चांदी के जेवरात बरामद किए हैं। निखिल मौर्या से हाथ फूल, बिछिया, पायल और अंगूठी मिली। शांति बाबू के पास से झुमकी, अंगूठी, रेडमी मोबाइल फोन, बालों की चोटी, पायल और बिछिया बरामद हुई। कुलदीप राठौर के कब्जे से हाफ पेटी, मांग टीका, मंगलसूत्र, झुमकी, अंगूठी और पायल मिली। वहीं पुनीत मौर्या के पास से बिछिया, पायल, बच्चों की पायल, पाजेब, बेसर, हार, मंगलसूत्र, चेन, चूड़ियां समेत अन्य आभूषण बरामद किए गए।
कई थानों की चोरी का खुलासा
पूछताछ के दौरान चारों अभियुक्तों ने थाना बेहटा मुजावर और थाना कोतवाली सदर क्षेत्र में हुई कई चोरी की घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। इतना ही नहीं, अभियुक्त पुनीत मौर्या के पास से थाना आसीवन में दर्ज एक मुकदमे से संबंधित चोरी की स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल भी बरामद की गई है, जिससे एक और मामले का खुलासा हो गया।
पुलिस टीम को 20 हजार का इनाम
बरामदगी और खुलासे को देखते हुए एसपी जय प्रकाश सिंह ने माखी पुलिस टीम के साथ-साथ स्वाट और सर्विलांस टीम के उत्कृष्ट कार्य की सराहना की। साथ ही, इस उल्लेखनीय सफलता पर टीम को 20 हजार रुपये का नकद पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया गया।
पुलिस की सख्ती से अपराधियों में हड़कंप
इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में सक्रिय चोर गिरोहों में हड़कंप मच गया है। पुलिस का कहना है कि बरामद माल को संबंधित मुकदमों से जोड़ते हुए आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधीक्षक ने साफ किया है कि जिले में अपराध करने वालों के खिलाफ इसी तरह सख्त अभियान जारी रहेगा और आमजन की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।