अवैध इलाज पर सख्ती : परियर में अवैध नर्सिंग होम पर प्रशासन का एक्शन
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
Fri, Jan 23, 2026
एसीएमओ की छापेमारी में खुली पोल, एक नर्सिंग होम बंद, दूसरे को रजिस्ट्रेशन कराने का आदेश
उन्नाव। शहर की तंग गलियों से लेकर गांवों के मोहल्लों तक बिना लाइसेंस चल रहे झोलाछाप क्लिनिक और बिना प्रशिक्षित डॉक्टरों के संचालित नर्सिंग होम मरीजों की जान पर भारी पड़ रहे हैं। न तो इनके पास पूरे कागजात हैं, न इलाज की बुनियादी सुविधाएं और न ही प्रशिक्षित स्टाफ। लंबे समय से चल रही इस मनमानी पर स्वास्थ्य विभाग ने अब सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में परियर क्षेत्र में की गई कार्रवाई से अवैध रूप से इलाज का धंधा चला रहे संचालकों में हड़कंप मच गया है।शुक्रवार को अपर मुख्य चिकित्साधिकारी (एसीएमओ) डॉ. नरेंद्र सिंह ने परियर और आसपास के इलाकों में छापेमारी की। इस दौरान कमला हॉस्पिटल और स्टार केयर हॉस्पिटल का निरीक्षण किया गया। जांच में सामने आया कि दोनों नर्सिंग होम बिना वैध पंजीकरण के संचालित हो रहे थे। संचालक रजिस्ट्रेशन से जुड़े कोई दस्तावेज नहीं दिखा सके। यही नहीं, यहां काम कर रहा स्टाफ भी प्रशिक्षित नहीं था और इलाज के नाम पर मानकों की खुली अनदेखी की जा रही थी। स्थिति को गंभीर मानते हुए एसीएमओ ने स्टार केयर हॉस्पिटल को तत्काल बंद कराते हुए सील करा दिया। वहीं कमला हॉस्पिटल के संचालक को नियमानुसार ऑनलाइन पंजीकरण कराने का निर्देश देते हुए कड़ी चेतावनी दी गई। साफ कहा गया कि अगर बिना रजिस्ट्रेशन दोबारा संचालन पाया गया तो संबंधित के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। कार्रवाई के दौरान नर्सिंग होम में भर्ती मरीजों को सुरक्षित रूप से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भेजा गया, ताकि उनके इलाज में किसी तरह की दिक्कत न आए। एसीएमओ डॉ. नरेंद्र सिंह ने कहा कि जिले में कई जगह गली-मोहल्लों में झोलाछाप क्लिनिक खुले हुए हैं और बिना प्रशिक्षित डॉक्टरों के नर्सिंग होम चलाए जा रहे हैं। ऐसे स्थानों पर न तो इलाज के मानक पूरे किए जा रहे हैं और न ही मरीजों की सुरक्षा का कोई इंतजाम है। यह सीधा-सीधा मरीजों की जान से खिलवाड़ है, जिसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि बिना पंजीकरण, बिना मानक और बिना प्रशिक्षित स्टाफ के नर्सिंग होम का संचालन गैरकानूनी है। विभाग का अभियान आगे भी जारी रहेगा और भविष्य में कहीं भी अवैध संचालन मिला तो संबंधित संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। स्वास्थ्य विभाग की इस सख्ती के बाद अवैध नर्सिंग होम और झोलाछाप क्लिनिक चलाने वालों में डर का माहौल है। विभाग का साफ संदेश है कि लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों को अब किसी भी कीमत पर छूट नहीं दी जाएगी।
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