चार दिन स्कूल, पूरे महीने हाजिरी; बाद में बनाए हस्ताक्षर... : जांच में खुली पोल, सहायक शिक्षिका सस्पेंड
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
Thu, Jul 9, 2026
प्रधान शिक्षक की शिकायत पर हुई जांच में मिली अनियमितताएं, बीएसए ने की कार्रवाई, बीघापुर बीईओ को सौंपी जांच
उन्नाव। सुमेरपुर विकासखंड के नारायणपुर कंपोजिट विद्यालय में तैनात सहायक शिक्षिका के खिलाफ लंबे समय से मिल रही शिकायतों पर आखिरकार बेसिक शिक्षा विभाग ने सख्त कार्रवाई कर दी। जांच में बिना विद्यालय आए उपस्थिति दर्ज कराने, बाद में रजिस्टर पर हस्ताक्षर करने, शिक्षण कार्य में लापरवाही और प्रधान शिक्षक के साथ अनुचित व्यवहार जैसे आरोप सही पाए जाने पर बीएसए ने सहायक शिक्षिका निशा तोमर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उन्हें सुमेरपुर स्थित खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय से संबद्ध किया गया है, जबकि पूरे मामले की विभागीय जांच बीघापुर की खंड शिक्षा अधिकारी अनीता साह को सौंपी गई है।मामले की शुरुआत विद्यालय के प्रधान शिक्षक चंद्रभान सिंह की शिकायत से हुई थी। उन्होंने बीएसए को भेजी शिकायत में आरोप लगाया था कि विद्यालय में तैनात कुछ महिला शिक्षिकाएं आपस में मिलकर अपनी ड्यूटी स्वयं तय करती हैं, जिससे अक्सर किसी न किसी शिक्षिका की अनुपस्थिति बनी रहती है। शिकायत में विशेष रूप से निशा तोमर का उल्लेख करते हुए कहा गया कि वह अधिकांश दिनों में विद्यालय नहीं आती थीं। फोन पर संपर्क करने पर कभी जिला कार्यालय, कभी मंडल कार्यालय तो कभी प्रदेश स्तर पर संबद्ध होने की बात कहकर अनुपस्थिति का कारण बताती थीं। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए बीएसए शैलेश कुमार पांडेय ने जांच के आदेश दिए। जांच की जिम्मेदारी खंड शिक्षा अधिकारी बिछिया संजय कुमार को सौंपी गई। जांच के दौरान उपस्थिति पंजिका, विद्यालय अभिलेख और अन्य तथ्यों का मिलान किया गया। जांच में सामने आया कि मई महीने में शिक्षिका केवल चार दिन विद्यालय आई थीं, जबकि उपस्थिति रजिस्टर में अधिक दिनों की उपस्थिति दर्ज थी। जून माह में भी कई तिथियों पर विद्यालय न आने के बावजूद बाद में हस्ताक्षर किए जाने की पुष्टि हुई। जांच रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि एक दिन विद्यालय समय के दौरान शिक्षिका स्कूल में मौजूद नहीं थीं, लेकिन उनकी उपस्थिति बीएसए कार्यालय में पाई गई। इसके अलावा प्रधान शिक्षक से अशोभनीय व्यवहार, विद्यालय का अनुशासन प्रभावित करने, गुटबाजी का माहौल बनाने और उच्च अधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी करने जैसे आरोप भी जांच में दर्ज किए गए। इन तथ्यों के आधार पर बीएसए ने शिक्षिका से स्पष्टीकरण मांगा था। विभाग के अनुसार उनके जवाब से आरोपों का संतोषजनक खंडन नहीं हो सका। इसके बाद विभागीय नियमों के तहत निलंबन की कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से सेवा से निलंबित कर दिया गया। बीएसए शैलेश कुमार पांडेय ने बताया कि जांच में प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए गए हैं। इसलिए शिक्षिका को निलंबित कर सुमेरपुर बीआरसी से संबद्ध किया गया है। विभागीय जांच पूरी होने के बाद नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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