Sun 26 Jul 2026

ब्रेकिंग

गाँव स्तरीय गन्ना सर्वे सट्टा के प्रदर्शन कार्य का औचक निरीक्षण

कांवड़ यात्रा से पहले गंगा घाटों का लिया जायजा

चाइनीज मांझे ने बाइक सवार को किया लहूलुहान

रोहित बाल्मीकि ने की आयोगों से दोषियों पर कार्रवाई की मांग*

3.85 करोड़ की गड़बड़ी में तत्कालीन डीडीओ संजय पांडेय निलंबित

सूचना

BREAKING NEWS

CRIME BREAKING

कार्रवाई : मवेशियों से भरी पांच गाड़ियों के मामले में तीन पर एफआईआर

सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान

Sat, Jul 11, 2026
Post views : 210

जूना अखाड़े के स्वामी की सूचना के बाद पशु क्रूरता अधिनियम में दर्ज हुआ मुकदमा

उन्नाव। कानपुर-लखनऊ हाईवे पर मवेशियों से भरी पांच गाड़ियों को पकड़े जाने के मामले में पुलिस ने आखिरकार मुकदमा दर्ज कर लिया है। बृजवासी गौ रक्षक सेवा के प्रदेश उपाध्यक्ष की तहरीर पर तीन लोगों के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस अब मामले की जांच कर रही है। गुरुवार को सदर कोतवाली क्षेत्र के गदनखेड़ा बाईपास पर गुजरात के जूना अखाड़े के स्वामी चंद्रानंदन गिरी ने अपने सेवकों के साथ मवेशियों से लदी पांच गाड़ियों को रुकवाया था। पूछताछ के दौरान चालकों ने बताया था कि मवेशियों को अलग-अलग स्थानों से लाकर स्लॉटर हाउस ले जाया जा रहा है। इसके बाद मौके पर काफी देर तक हंगामा हुआ और पुलिस को बुलाया गया। पुलिस की मौजूदगी में बृजवासी गौ रक्षक सेवा के प्रदेश उपाध्यक्ष दुर्गेश पांडेय ने वाहनों में लदे मवेशियों की गिनती कराई। पांचों गाड़ियों से कुल 31 मवेशी मिले। इनमें पहली गाड़ी में दो, दूसरी में तीन, तीसरी में सात, चौथी में दो और पांचवीं गाड़ी में 17 मवेशी थे। घटना के बाद देर रात दुर्गेश पांडेय की तहरीर पर पुलिस ने कानपुर के बेकनगंज निवासी हसीन अहमद, कानपुर देहात के महराजपुर थाना क्षेत्र के धमना गांव निवासी हफीज तथा मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के नौगांव निवासी सोमा आदिवासी के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया।

एक खेप या बड़ा नेटवर्क

मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद अब जांच इस बात पर भी केंद्रित होनी चाहिए कि इन मवेशियों की सप्लाई किस नेटवर्क के जरिए की जा रही थी। क्या यह एक अकेली खेप थी या इसके पीछे लगातार चलने वाली कोई संगठित व्यवस्था है? जांच से ही इन सवालों के जवाब सामने आएंगे।

स्वामी ने रोका तो खुला मामला, पहले कौन देख रहा था

गदनखेड़ा बाईपास पर जूना अखाड़े के स्वामी चंद्रानंदन गिरी ने गाड़ियां रुकवाईं, तब 31 मवेशियों से भरे पांच वाहन सामने आए। सवाल यह है कि यदि ये वाहन नहीं रोके जाते तो क्या मामला सामने आ पाता? इससे यह भी सवाल खड़ा होता है कि जनपद में प्रवेश के बाद हाईवे पर मवेशियों के परिवहन की निगरानी कितनी प्रभावी है और यह सिर्फ एक मामला था या फिर रोज़ाना पशु क्रूरता के ऐसे मामले बिना कार्रवाई के गुजरते हैं।

इंट्री के बाद भी कैसे निकल गईं पांच गाड़ियां

जनपद की सीमा में प्रवेश करने के बाद मवेशियों से भरी पांच गाड़ियां हाईवे पर काफी दूरी तक चलती रहीं, लेकिन कार्रवाई तब हुई जब उन्हें गदनखेड़ा बाईपास पर रोका गया। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या रास्ते में कहीं इन वाहनों की जांच नहीं हुई या कोई सूचना संबंधित टीमों तक नहीं पहुंची। जांच में इस पहलू की भी पड़ताल जरूरी है कि निगरानी व्यवस्था में कहीं कोई चूक तो नहीं हुई।

जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई

सीओ सिटी विनी सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

Tags :

Unnao, THE LUCKNOW TIMES, uttar Pradesh news

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन