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संस्कारों और गुरु-शिष्य परंपरा पर हुई चर्चा : साहित्य से संगीत तक की प्रतिभाओं का सम्मान

सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान

Mon, Aug 10, 2026
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उन्नाव। युवा अपनी प्रतिभा को केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित न रखें। परिवार, समाज, प्रकृति और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों को समझें। संस्कारवान युवा ही विकसित, समरस और सशक्त भारत का निर्माण कर सकते हैं। यह बात शिक्षक विधायक राज बहादुर सिंह चंदेल ने सोमवार को सिविल लाइंस स्थित गणेश मंडपम में संस्कार भारती की ओर से आयोजित संगोष्ठी, सम्मान समारोह एवं गीत संध्या में कही। सदर विधायक पंकज गुप्ता ने कहा कि वेद, पुराण और शास्त्र तभी सार्थक हैं, जब उनके विचारों को व्यक्ति अपने आचरण में उतारे। केवल ज्ञान अर्जित करना पर्याप्त नहीं, बल्कि उसे जीवन में लागू करना जरूरी है। कार्यक्रम का शुभारंभ मां शारदे और महर्षि वेद व्यास के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। इसके बाद डॉ. मनिता सेंगर ने ध्येय गीत प्रस्तुत किया। संस्था के महामंत्री सियाराम पांडेय ने अतिथियों का स्वागत करते हुए संस्कार भारती के कार्यों की जानकारी दी। जिलाध्यक्ष डॉ. प्रभात सिन्हा ने कहा कि व्यक्ति की योग्यता से अधिक महत्वपूर्ण उसका समाज के प्रति योगदान है। चंद्रभूषण सिंह ने कहा कि गुरु को प्रणाम करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके दिए ज्ञान को जीवन में उतारना ही सच्ची श्रद्धा है। सत्य, परिश्रम, अनुशासन और राष्ट्रहित को जीवन का आधार बनाना चाहिए। वरिष्ठ साहित्यकार राम प्रकाश त्रिपाठी ने अपने अनुभव साझा किए। विशिष्ट वक्ता अनिरुद्ध सौरभ ने आधुनिक परिवेश में गुरु और समाज की स्थिति पर विचार रखे। अध्यक्षता कर रहे डॉ. ए.के. दीक्षित ने कहा कि लोग गुरुओं से और गुरु समाज से उम्मीद करते हैं, लेकिन हमें विचार करना चाहिए कि क्या हम आदर्श गुरु और आदर्श शिष्य की भूमिका निभा पा रहे हैं।

सात प्रतिभाओं को मिला सम्मान

कार्यक्रम में साहित्य के क्षेत्र में राम प्रकाश त्रिपाठी, शिक्षा में सेवानिवृत्त शिक्षिका सुजाता गुप्ता, समाजसेवा में डॉ. अतिरेक द्विवेदी, कला में रोमा मिश्रा और संगीत के क्षेत्र में आल्हा गायक राम लखन तिवारी को सम्मानित किया गया। वरिष्ठ रंगकर्मी मो. जब्बार अकरम और युवा संगीतकार तन्मय मिश्रा को ‘संस्कार रत्न’ से सम्मानित किया गया।

गीतों से सजी संगीत की महफिल

सम्मान समारोह के बाद गीत संध्या में कानपुर से आए गायक सुबोध आर्या ‘वॉयस ऑफ मुकेश’ और किंजल श्रीवास्तव ने मुकेश, किशोर, लता और आशा के गीत प्रस्तुत कर समां बांध दिया। ‘सुहानी चांदनी रातें’, ‘एक प्यार का नगमा है’, ‘मौजों की रवानी’, ‘चांद सी महबूबा हो मेरी’ समेत कई गीतों पर श्रोताओं ने तालियां बजाईं। तनवी मिश्रा ने शास्त्रीय संगीत और ‘सादगी तो हमारी जरा देखिए’ प्रस्तुत किया। गायक रोहित तिवारी और व्यवसायी महेश गुप्ता ने भी गायन प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम संचालक डॉ. मनीष सेंगर ने ‘ये दोस्ती हम नहीं छोड़ेंगे’ सुनाकर माहौल खुशनुमा कर दिया। समापन पर संरक्षक डॉ. मनोज श्रीवास्तव ने सभी का आभार जताया। इस दौरान कार्यवाहक अध्यक्ष रामदेव शुक्ल, कोषाध्यक्ष संजीव कुमार निगम, इंदुलता कन्नौजिया, अक्षय शुक्ला, महेंद्र शंकर त्रिपाठी, डॉ. सुरेंद्र मिश्र, शैलेंद्र त्रिवेदी, संजय राठी, डॉ. विनय तिवारी, केके श्रीवास्तव, पीके मिश्र, अखिलेश ओमर, दिवाकर द्विवेदी, असित अवस्थी, मंजुलता अवस्थी, स्मिता गुप्ता, गीता मिश्रा, धर्मेंद्र शर्मा, दीपेंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

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Unnao, THE LUCKNOW TIMES, uttar Pradesh news

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