मकर संक्रांति : गंगाघाट में आस्था और स्वच्छता की पहल, अमृत कलश लगवाए गए
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
Wed, Jan 14, 2026
पालिका अध्यक्ष ने प्रमुख घाटों को लिया जायज़ा

उन्नाव। मकर संक्रांति के पावन पर्व को देखते हुए नगर पालिका परिषद गंगाघाट ने गंगा की स्वच्छता बनाए रखने और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए नई व्यवस्था लागू की है। अब पूजा सामग्री को गंगा में प्रवाहित करने के बजाय निर्धारित स्थानों पर रखे गए अमृत कलशों में समर्पित किया जा सकेगा। नगर पालिका की ओर से राजधानी मार्ग स्थित दुर्गा मंदिर के सामने, गंगा पुल पर और आनंद घाट आरती स्थल पर अमृत कलश लगवाए गए हैं। इन कलशों में श्रद्धालु फूल, अगरबत्ती, नारियल सहित अन्य पूजन सामग्री श्रद्धापूर्वक डाल सकेंगे। इससे घाटों और आसपास के क्षेत्रों में गंदगी फैलने पर रोक लगेगी और गंगा की निर्मलता भी बनी रहेगी।

इससे पहले नगर पालिका द्वारा आस्था वाहन चलाए जा रहे थे, जिनके माध्यम से लोगों से लगातार अपील की जा रही थी कि वे पूजा सामग्री इधर-उधर या गंगा में न डालें। इसके बावजूद कई जगहों पर पूजन सामग्री बिखरी हुई मिल रही थी। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए नगर पालिका ने यह कदम उठाया है। बताया गया कि कुछ दिन पहले पालिकाध्यक्ष कौमुदी पांडे ने घाटों और नगर क्षेत्र का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान पूजा सामग्री खुले में पड़ी मिलने पर उन्होंने नाराजगी और चिंता जताई थी और पालिका कर्मचारियों को अमृत कलश बनवाकर प्रमुख स्थानों पर रखने के निर्देश दिए थे। उसी क्रम में मकर संक्रांति से पहले यह व्यवस्था लागू कर दी गई। अमृत कलश लगाए जाने के बाद पालिकाध्यक्ष कौमुदी पांडे स्वयं मौके पर पहुंचकर व्यवस्था का जायजा लेने पहुंचीं। इस दौरान उनके साथ उनके प्रतिनिधि संदीप पांडे भी मौजूद रहे।

उन्होनें घाटों पर साफ-सफाई की स्थिति देखी और कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस मौके पर पालिकाध्यक्ष कौमुदी पांडे ने कहा कि गंगा हमारी आस्था का केंद्र हैं और उनकी स्वच्छता बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। पूजा सामग्री सीधे गंगा में डालने से प्रदूषण बढ़ता है, इसलिए अमृत कलश की व्यवस्था की गई है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे पूजा सामग्री इन्हीं कलशों में डालें और स्वच्छ गंगा अभियान में सहयोग करें।
मकर संक्रांति के अवसर पर घाटों पर विशेष साफ-सफाई अभियान भी चलाया गया। घाटों पर कार्य कर रही महिला सफाई कर्मचारियों के कार्य की सराहना करते हुए कहा गया कि स्वच्छ नगर और स्वच्छ गंगा के निर्माण में उनका योगदान अहम है। नगर पालिका परिषद ने नगरवासियों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे आस्था के साथ जिम्मेदारी निभाएं और पूजा सामग्री को गंगा में प्रवाहित करने के बजाय अमृत कलशों में ही समर्पित करें, ताकि गंगाघाट को स्वच्छ और सुंदर बनाया जा सके।
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