अता उल्ला मस्जिद के नीचे लगी सबील : जुलूस में शामिल लोगों को बांटे जूस-कोल्डड्रिंक
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
Thu, Aug 27, 2026
सपा नेता समेत बड़ी संख्या में लोगों ने किया जुलूस-ए-मोहम्मदिया का इस्तकबाल, फल बांटकर पेश की खिदमत

उन्नाव। बारावफात के मौके पर बुधवार को शहर में निकले जुलूस-ए-मोहम्मदिया का जगह-जगह लोगों ने स्वागत किया। अता उल्ला मस्जिद के नीचे भी स्वागत के लिए सबील लगाई गई। यहां जुलूस में शामिल अकीदतमंदों को जूस, कोल्डड्रिंक और फल वितरित किए गए। भीड़ के बीच युवाओं की टोली लगातार लोगों की सेवा में जुटी रही। छोटा चौराहा स्थित अता उल्ला मस्जिद के पास जुलुस के पहुंचते ही सबील पर लोगों का स्वागत शुरू हो गया। जुलूस में शामिल बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों को जूस व कोल्डड्रिंक पिलाई गई, जबकि लोगों को फल भी वितरित किए गए। गर्मी और उमस के बीच ठंडे पेय मिलने से अकीदतमंदों को राहत मिली। लोगों ने इस पहल की सराहना की। इस दौरान सपा नेता तनवीर खान, मो. शादाब, आसिम शानदार, परवेज शानू, फैजान खान, पूर्व सभासद वकार अहमद, ज़की, अनीस, डॉ. रुमी, गड्डू, राजू, फैसल समेत बड़ी संख्या में लोगों ने जुलूस-ए-मोहम्मदिया का इस्तकबाल किया। सभी ने जुलूस में शामिल लोगों को जूस, कोल्डड्रिंक और फल बांटकर स्वागत किया।

सेवा के साथ दिया भाईचारे का संदेश
स्वागत के दौरान लोगों ने एक-दूसरे को बारावफात की मुबारकबाद दी। सबील पर मौजूद सपा नेता तनवीर खान ने कहा कि ऐसे आयोजनों के जरिए समाज में आपसी मेलजोल और भाईचारे को बढ़ावा मिलता है। जुलूस में शामिल अकीदतमंदों के लिए पेय पदार्थ और फल की व्यवस्था करना इसी भावना का हिस्सा है। जुलूस आगे बढ़ने के साथ सबील पर सेवा का सिलसिला भी जारी रहा। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष रूप से फल व ठंडे पेय उपलब्ध कराए गए। लोगों ने जुलूस का स्वागत करते हुए अमन-चैन और खुशहाली की दुआ की। इस मौके पर मो शादाब ने कहा कि बारावफात के मौके पर जुलूस-ए-मोहम्मदिया में शामिल सभी अकीदतमंदों का इस्तकबाल करना हमारे लिए खुशी और सौभाग्य की बात है। जूस, कोल्डड्रिंक और फल बांटकर लोगों की खिदमत करने का प्रयास किया गया। पैगंबर मोहम्मद साहब की शिक्षाओं से अमन, भाईचारे और इंसानियत का संदेश मिलता है, जिसे हमें अपने जीवन में उतारना चाहिए।बारावफात के मौके पर निकले जुलूस-ए-मोहम्मदिया में पूरे शहर में उत्साह का माहौल रहा। विभिन्न स्थानों पर लोगों ने अपनी-अपनी क्षमता के अनुसार स्वागत और सेवा की व्यवस्था की। अता उल्ला मस्जिद के नीचे लगाई गई सबील भी इसी कड़ी का हिस्सा रही, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने जुलूस में शामिल अकीदतमंदों का इस्तकबाल कर खिदमत की।
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Unnao, THE LUCKNOW TIMES, uttar Pradesh news
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