वसीयत पर उठे सवाल : जमीन के दावे को लेकर चार पर केस
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
Thu, Oct 1, 2026
तहसील में दाखिल-खारिज की कोशिश का आरोप, विरोध पर धमकी देने की भी शिकायत
उन्नाव। बिहार थाना क्षेत्र में एक जमीन को लेकर विवाद अब थाने तक पहुंच गया है। करीब 0.139 हेक्टेयर जमीन पर हक जताने के लिए पेश की गई वसीयत को लेकर सवाल उठाए गए हैं। जमीन के उत्तराधिकारियों ने दस्तावेज को फर्जी बताते हुए चार लोगों पर धोखाधड़ी और साजिश के आरोप लगाए हैं। शिकायत के आधार पर बिहार पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पहले से दर्ज था दूसरे पक्ष का नाम
शिकायतकर्ता संतोष कुमार गुप्ता के मुताबिक ग्राम बिहार की गाटा संख्या 632 की 0.139 हेक्टेयर जमीन पहले रामशंकर और रामसहाय पुत्र गंगादीन के नाम दर्ज थी। दोनों की मृत्यु के बाद उनके वारिसों के नाम राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज किए गए। इसके लिए जुलाई 2024 में राजस्व विभाग की ओर से उत्तराधिकार संबंधी आदेश भी पारित किया गया था।
वसीयत सामने आने के बाद बढ़ा विवाद
आरोप है कि इसके बाद रामप्रकाश गुप्ता ने अपने भाइयों शिवप्रकाश, जयप्रकाश और चंद्रप्रकाश के साथ मिलकर उनके पिता भगवानदास गुप्ता के नाम एक वसीयतनामा पेश किया। शिकायतकर्ता का दावा है कि इसी दस्तावेज के आधार पर जमीन पर अधिकार जताने और तहसील में दाखिल-खारिज कराने की कोशिश की जा रही थी। शिकायत में वसीयत की प्रमाणिकता पर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। आरोप लगाया गया है कि दस्तावेज पर किए गए हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान असली नहीं हैं। साथ ही वसीयत के लेखक और गवाहों को भी शिकायतकर्ता ने फर्जी बताया है। मूल वसीयतनामा तहसीलदार बीघापुर के न्यायालय में होने की बात तहरीर में कही गई है।
पूछताछ करने पर विवाद का आरोप
संतोष कुमार ने पुलिस को बताया कि 24 सितंबर को उन्हें मामले की जानकारी हुई। इसके बाद वह पहले तहसील बीघापुर के पाटन स्थित तहसीलदार न्यायालय पहुंचे और बाद में बिहार में रामप्रकाश से इस संबंध में जानकारी लेने गए। आरोप है कि वहां रामप्रकाश और उसके भाइयों ने उनके साथ गाली-गलौज की और मारपीट पर आमादा हो गए। शिकायतकर्ता ने जमीन का विवाद नहीं छोड़ने पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है।
अब दस्तावेजों की जांच से खुलेगा मामला
पुलिस ने तहरीर के आधार पर रामप्रकाश गुप्ता, शिवप्रकाश, जयप्रकाश और चंद्रप्रकाश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। अब पुलिस वसीयतनामे की वास्तविकता, उसमें दर्ज हस्ताक्षर-अंगूठे के निशान, गवाहों और राजस्व रिकॉर्ड से जुड़े दस्तावेजों की जांच करेगी। जमीन पर वास्तविक अधिकार और वसीयत की वैधता से जुड़े तथ्य जांच के बाद ही स्पष्ट होंगे।
Tags :
Unnao, THE LUCKNOW TIMES, uttar Pradesh news
विज्ञापन
विज्ञापन
जरूरी खबरें
विज्ञापन