ब्लैकआउट से लेकर रेस्क्यू तक : आपदा से निपटने को लेकर प्रशासन ने किया मॉकड्रिल
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
Fri, Jan 23, 2026
अधिकारियों ने कहा, आपदा के समय घबराहट नहीं, तालमेल और सतर्कता सबसे बड़ी ताकत

उन्नाव। किसी भी बड़ी आपदा या आपात हालात से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए शुक्रवार शाम पुलिस लाइन ग्राउंड में मॉकड्रिल कराई गई। यह अभ्यास नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नाम पर आयोजित किया गया, जिसमें युद्धकालीन परिस्थितियों, हवाई हमलों, ब्लैकआउट और अन्य गंभीर आपदाओं के दौरान प्रशासन और आम नागरिकों की भूमिका को व्यवहारिक रूप से परखा गया। मॉकड्रिल के तहत तय समय पर शहर की बिजली आपूर्ति कुछ देर के लिए बंद कर दी गई, जिससे ब्लैकआउट जैसी स्थिति बनी। पुलिस लाइन परिसर में सायरन बजते ही आपात स्थिति का संकेत दिया गया और सभी संबंधित विभाग हरकत में आ गए। पुलिस, प्रशासन, अग्निशमन, स्वास्थ्य विभाग और सिविल डिफेंस की टीमें निर्धारित योजना के अनुसार मौके पर पहुंचीं और अपने-अपने दायित्व निभाए। अभ्यास के दौरान यह दिखाया गया कि किसी आपदा की स्थिति में लोगों को सुरक्षित स्थानों तक कैसे पहुंचाया जाए, घायलों को तुरंत प्राथमिक उपचार कैसे मिले और आग लगने या विस्फोट जैसी घटनाओं पर किस तरह काबू पाया जाए। सिविल डिफेंस के स्वयंसेवकों और पुलिसकर्मियों ने भीड़ को नियंत्रित करने, घबराहट कम करने और सुरक्षित निकासी के तरीके का प्रदर्शन किया। स्वास्थ्य विभाग की टीम एंबुलेंस और जरूरी चिकित्सा उपकरणों के साथ तैयार नजर आई, जबकि अग्निशमन विभाग ने आग बुझाने के आधुनिक उपकरणों के साथ त्वरित कार्रवाई कर अपनी तैयारी दिखाई।
इस मौके पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश सिंह, अपर जिलाधिकारी सुशील कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक अखिलेश सिंह, सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी नगर दीपक यादव, सहायक पुलिस अधीक्षक (प्रशिक्षण) संचित शर्मा और मुख्य अग्निशमन अधिकारी अनूप सिंह सहित तमाम अधिकारी मौजूद रहे।

एसएसपी जयप्रकाश सिंह ने कहा कि ऐसी मॉकड्रिल का मकसद केवल अभ्यास करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी आपात स्थिति में सभी विभाग एक-दूसरे के साथ तालमेल बनाकर तेजी से काम कर सकें। उन्होंने बताया कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नाम पर आयोजित यह अभ्यास अनुशासन, साहस और देशभक्ति की भावना को भी मजबूत करता है। साथ ही उन्होंने आम लोगों से अपील की कि मॉकड्रिल के दौरान घबराने के बजाय प्रशासन का सहयोग करें।
अपर जिलाधिकारी सुशील कुमार ने नागरिकों की भूमिका को बेहद अहम बताया। उन्होंने कहा कि ब्लैकआउट या आपात स्थिति में घरों और दुकानों में अनावश्यक रोशनी बंद रखें, अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। मॉकड्रिल के दौरान शहर के अन्य हिस्सों में भी हालात पर नजर रखी गई, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो। कार्यक्रम के अंत में सभी अधिकारियों ने अभ्यास की समीक्षा की और जहां सुधार की जरूरत महसूस हुई, उस पर चर्चा की गई। प्रशासन ने साफ किया कि भविष्य में भी इस तरह के अभ्यास नियमित रूप से कराए जाएंगे, ताकि किसी भी आपदा या युद्ध जैसी स्थिति में उन्नाव पूरी तरह सतर्क और तैयार रहे।
Tags :
Unnao, THE LUCKNOW TIMES, uttar Pradesh news
विज्ञापन
विज्ञापन
जरूरी खबरें
विज्ञापन