आसीवन की हवा भी महकी : जब गुदड़ी बाबा का उर्स अपने रौ में दिखा
सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान
Mon, Dec 1, 2025
सज्जादानशीन अनवर रहमान जिलानी ने तबर्रुक बांटा, हजारों ने ज़ियारत की

उन्नाव। मियांगंज ब्लॉक के आसीवन कस्बे की दरगाह पर सूफी संत सैयद इकरामुल हक उर्फ गुदड़ी बाबा का 80वां सालाना उर्स इस बार भी श्रद्धा और रूहानी माहौल के बीच पूरा हुआ। रविवार को कुल और फातेहा के साथ उर्स की रस्में संपन्न हो गईं, जबकि देश में अमन, सलामती और भाईचारे के लिए सामूहिक दुआ की गई। दरगाह परिसर में सुबह से ही जायरीनों का तांता लगा रहा। दूर-दराज के जिलों और अन्य प्रदेशों से लोग बाबा की बारगाह में हाजिरी देने पहुंचे।

नूरानी शाम, कव्वाली और गागर की रस्म
उर्स की शुरुआत शनिवार की शाम नमाज-ए-ईशा के बाद हुई। गागर उठी तो पूरा इलाका सुफियाना रंग में डूब गया। चांदनी रात, झिलमिलाते चिराग और महफिल में गूंजते कलामों ने माहौल को खास बना दिया। दरगाह प्रांगण में रातभर कव्वाली का दौर चलता रहा। अलग-अलग कलाम पेश हुए, दुआएं मांगी गईं और श्रद्धालु देर रात तक महफिल में सराबोर रहे। रविवार की सुबह से ही कुल की तैयारियां शुरू हो गईं। दोपहर बाद जब महफिल चली तो जश्न का रंग और भी गाढ़ा हो उठा। कव्वाल रिजवान ने अपने मशहूर कलाम "जलाले इश्क़ में नूरे जमाल रखा है… पेश कर श्रोताओं को जैसे थाम लिया। लोग देर तक तालियों और वाह-वाह के साथ रूहानी लुत्फ़ लेते दिखाई दिए।

फातेहा के साथ दुआ, तबर्रुक की तकसीम
असर की नमाज के बाद कुल की रस्म अदा हुई। सज्जादानशीन अनवर रहमान जिलानी सफवी हक्कानी की सदारत में फातेहा पढ़ी गई और मुल्क की तरक्की, मोहब्बत, भाईचारे व सुरक्षित समाज की दुआ मांगी गई। रस्म पूरी होते ही जायरीनों में तबर्रुक बांटा गया। बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं कतार में खड़े होकर तबर्रुक हासिल करते दिखाई दिए।


बड़ी तादाद में शामिल हुए लोग
उर्स की रौनक इस बात से समझी जा सकती है कि आसीवन कस्बे की गलियां दिनभर आबाद रहीं। खानकाहे मशहूदिया से शोएब बकाई, समाजसेवी शुजाउर रहमान सफवी शुजा, हिलाल मुजीबी रज्जाकी, तल्हा अल्वी, महजर, चेयरमैन ब्रजकिशोर वर्मा बाबू जी, फैशल रहमान सफवी, सैफ रहमान सफवी, जैद रहमान सफवी, जिला पंचायत सदस्य फरान रहमान सफवी, जिबरान सफवी, अजीम सफवी, अरबाब सफवी, अरमान सफवी, असद सफवी, सारिक मियां, राशिद मियां, अनीसुद्दीन खान, मो नसीर, मो समीर, महेंद्र यादव, ओम जी मिश्रा सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। इसके अलावा अमित अंकज तिवारी, आशुतोष सिंह चौहान आशीष, सारिक अल्वी, शानू मियां, समाजसेवी शीबू अहमद, रहीश खान गुड्डू, करन स्वरूप और अन्य स्थानीय लोगों ने भी दरगाह में हाजिरी लगाई। कुल मिलाकर हजारों की भीड़ ने बाबा गुदड़ी शाह से अपने दिली मुरादों के लिए दुआ की।

आसीवन में रौनक, सड़कों पर चहल-पहल
उर्स के चलते बाज़ारों में रौनक बढ़ गई। मीठे, चादर और इत्र की दुकानों पर खरीदारी होती रही। जगह-जगह चाय और लंगर के स्टॉल लगे थे जहां लोग बैठकर गुफ्तगू करते और उर्स की खुशबू में डूबे नजर आए। 80 साल से चली आ रही यह परंपरा हर गुजरते वर्ष के साथ मजबूत होती दिखती है। इस उर्स ने एक बार फिर साबित किया कि आसीवन की यह दरगाह सिर्फ इबादत की जगह नहीं बल्कि मोहब्बत और एकता की पहचान है।
Tags :
Unnao, THE LUCKNOW TIMES, uttar Pradesh news
विज्ञापन
विज्ञापन
जरूरी खबरें
विज्ञापन