सस्ती लागत, सेहत पर भारी : सफेदी देखकर न खरीदें खोवा-पनीर
Wed, Oct 21, 2026
रंग और बनावट से शुद्धता की पहचान मुश्किल, लैब जांच से खुलेगा राज
शहर में 50 से ज्यादा दुकानें, निगरानी बढ़ाने की भी जरूरत
उन्नाव। त्योहारों पर घरों में मिठाइयां बनें या बाजार से खरीदकर लाई जाएं, दोनों में दूध से बने उत्पादों का इस्तेमाल खूब होता है। ऐसे में पनीर और खोवा की शुद्धता लोगों की चिंता का विषय बन गई है। जिले में इनकी बिक्री करने वाली दुकानों पर निगरानी और नियमित जांच को लेकर सवाल उठ रहे हैं। शिकायतें हैं कि कुछ जगहों पर कम लागत में तैयार मिलावटी सामग्री को असली बताकर बेचा जा रहा है। हालांकि, कितनी दुकानों पर मिलावट हो रही है, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकती है।
मुनाफे के चक्कर में सेहत से खिलवाड़ का खतरा
पनीर और खोवा तैयार करने में दूध की गुणवत्ता सबसे अहम होती है। लेकिन अगर इनमें दूसरे पदार्थ मिलाकर मात्रा बढ़ाई जाए, तो ग्राहक को पैसे खर्च करने के बाद भी शुद्ध खाद्य सामग्री नहीं मिलती। मिलावट की आशंका वाले मामलों में स्टार्च, मैदा और दूसरे सस्ते पदार्थों का इस्तेमाल किए जाने की शिकायतें सामने आती रही हैं। वहीं, दूध से वसा निकालकर उसकी जगह सस्ता वनस्पति वसा वाला पदार्थ मिलाने से उत्पाद की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। पनीर के मामले में भी कम गुणवत्ता वाले कच्चे माल या स्टार्च के इस्तेमाल की आशंका रहती है। कुछ खतरनाक मिलावटों में ऐसे रसायनों का इस्तेमाल भी हो सकता है, जो खाने के लिए सुरक्षित नहीं हैं। हालांकि, किसी खास दुकान के उत्पाद में इन पदार्थों की मौजूदगी का दावा बिना नमूने की जांच के नहीं किया जा सकता।
दुकान पर देखकर शुद्धता का पता लगाना मुश्किल
बाजार में पनीर और खोवा खरीदते समय ग्राहक अक्सर रंग, बनावट और कीमत देखकर ही सामान चुन लेते हैं। लेकिन केवल सफेदी, चिकनापन या गाढ़ापन देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि उत्पाद असली है या मिलावटी। इसी वजह से खाद्य पदार्थों की नियमित जांच जरूरी है। प्रयोगशाला में नमूने की जांच से ही मिलावट की सही स्थिति सामने आ सकती है।
त्योहार से पहले बढ़ जाती है मांग
त्योहारों के दौरान मिठाइयों, पनीर और खोवा की मांग बढ़ जाती है। मांग बढ़ने के साथ बाजार में ज्यादा मात्रा में सामान की आपूर्ति होती है। ऐसे समय में खाद्य सुरक्षा विभाग की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है कि दुकानों और निर्माण स्थलों पर जांच की जाए, संदिग्ध उत्पादों के नमूने लिए जाएं और नियमों का उल्लंघन मिलने पर कार्रवाई हो।
जांच और कार्रवाई पर टिकी लोगों की उम्मीद
शहर में पनीर और खोवा बेचने वाली 50 से अधिक दुकानें होने की बात कही जा रही है। इनमें से किसी दुकान पर मिलावट की पुष्टि केवल संख्या या शिकायत के आधार पर नहीं की जा सकती। जरूरत इस बात की है कि विभाग नियमित निरीक्षण करे, संदिग्ध खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर प्रयोगशाला भेजे और जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करे। इससे न केवल मिलावट करने वालों पर लगाम लगेगी, बल्कि आम लोगों का भरोसा भी बढ़ेगा। खाद्य सुरक्षा विभाग की सहायक प्रियंका सिंह के मुताबिक, अभियान चलाकर खाद्य पदार्थों की जांच की जा रही है। जहां कमियां मिल रही हैं, वहां कार्रवाई भी की जा रही है। त्योहार के दौरान लोगों को शुद्ध खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया जा रहा है। अब जरूरत इस अभियान को लगातार जारी रखने की है, ताकि त्योहारों की खरीदारी के दौरान लोगों की सेहत से खिलवाड़ न हो।
मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत के बाद धमकी देने का आरोप : युवक को अब जान का डर
Tue, Oct 20, 2026
रास्ते में रोककर हमले की कोशिश का आरोप, कोतवाली में प्रार्थना पत्र
उन्नाव। मुख्यमंत्री पोर्टल पर लेखपाल के खिलाफ शिकायत करना एक युवक के लिए मुसीबत बन गया। यह आरोप ग्राम पतारी निवासी अतुल सिंह ने लगाया है। युवक का दावा है कि शिकायत दर्ज कराने के बाद घर लौटते समय उसे रास्ते में रोक लिया गया और तमंचा दिखाकर जान से मारने की धमकी दी गई। मामले को लेकर उसने मंगलवार को कोतवाली सदर पहुंचकर पुलिस से शिकायत की और सुरक्षा की मांग उठाई।अतुल सिंह के प्रार्थना पत्र के मुताबिक, उसने 19 अक्टूबर 2026 को क्षेत्रीय लेखपाल के खिलाफ मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप है कि उन्नाव से घर लौटने के दौरान कुछ लोगों ने उसे रास्ते में रोक लिया। इस दौरान उसके साथ मारपीट कर जान से मारने का प्रयास किए जाने का आरोप भी लगाया गया है। पीड़ित का कहना है कि आरोपियों ने तमंचा दिखाकर उसे धमकाया, जिससे उसे अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है। युवक ने पुलिस से मामले की जांच कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने और उसे सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। फिलहाल, घटना और लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस की जांच के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
घर से बाहर गए : पीछे से हो गई चोरी
Mon, Oct 19, 2026
अलमारी का लॉकर खंगाला, 60 हजार नकदी और जेवर गायब
उन्नाव। घर से कुछ देर के लिए बाहर जाना एक परिवार को भारी पड़ गया। अचलगंज थाना क्षेत्र के अमरसस गांव में राम गोपाल चौरसिया के घर से सोने-चांदी के जेवर और 60 हजार रुपये नकद चोरी हो गए। पीड़ित के मुताबिक, वह रात में घर लौटे तो कमरे का ताला खुला था और अलमारी का सामान बिखरा पड़ा था। मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है। राम गोपाल चौरसिया ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 30 सितंबर की रात करीब 8:30 बजे वह अपने गांव के घर से बाहर गए थे। रात 9:28 बजे वापस लौटे तो कमरे का ताला खुला मिला। अंदर अलमारी का सामान बिखरा देखकर उन्हें चोरी की जानकारी हुई। अलमारी के लॉकर में उनकी पत्नी के सोने-चांदी के जेवर और 60 हजार रुपये रखे थे, जो गायब मिले। इसके बाद पीड़ित ने अचलगंज थाने पहुंचकर पुलिस को तहरीर दी। 18 अक्टूबर को दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है। हालांकि, तहरीर में चोरी गए जेवरों की संख्या और उनकी कीमत का अलग से उल्लेख नहीं किया गया है।