सट्टेबाजी के काले कारोबार से खड़ी की दौलत : अब अनुराग की कमाई जांच एजेंसियों के रडार पर
Sun, Dec 21, 2025
साइकिल से चलने वाला युवक कुछ ही सालों में बन गया करोड़पति, जांच में खुल रही परतें
उन्नाव। अवैध सट्टेबाजी और ऑनलाइन जुए के जाल ने कैसे एक गांव के युवक को रातोंरात करोड़पति बना दिया और फिर जांच एजेंसियों के शिकंजे तक पहुंचा दिया, प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई के बाद यूट्यूबर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अनुराग द्विवेदी का नाम सामने आया तो यह साफ हो गया कि चमक-दमक के पीछे एक बड़ा काला खेल छिपा था। कभी साइकिल से चलने वाला उन्नाव का एक युवक आठ साल के भीतर करोड़ों की दुनिया में कैसे पहुंच गया, यह सवाल इन दिनों जिले से लेकर राजधानी दिल्ली तक चर्चा में है। ईडी की छापेमारी के बाद यूट्यूबर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अनुराग द्विवेदी की कहानी अचानक सुर्खियों में आ गई है। यह कहानी सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि उस तेज रफ्तार दौर की भी है, जहां शॉर्टकट से पैसा कमाने का सपना कई लोगों को अर्श तक ले जाता है और फिर सवालों के घेरे में खड़ा कर देता है।
मोबाइल से शुरू हुआ सट्टे का सफर
नवाबगंज ब्लॉक के खजूर गांव में पला-बढ़ा अनुराग शुरू से पढ़ाई में ज्यादा टिक नहीं पाया। स्कूल बदले, लेकिन मन मोबाइल और इंटरनेट में ही लगा रहा। गांव वालों के मुताबिक, शुरुआती दिनों में वह ऑनलाइन गेम और सट्टेबाजी से जुड़े ऐप्स को समझने लगा। यहीं से अवैध सट्टे की दुनिया में उसका प्रवेश हुआ। धीरे-धीरे उसने सोशल मीडिया का सहारा लिया। वीडियो बनाकर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर सट्टेबाजी और जुए से जुड़े ऐप्स का प्रचार शुरू किया। इन ऐप्स के जरिए लोगों को आसान कमाई का सपना दिखाया गया। जितने ज्यादा लोग जुड़े, उतना ज्यादा कमीशन और पैसा आने लगा।
सट्टेबाजी का नेटवर्क और बढ़ती कमाई
सूत्रों की मानें तो अवैध सट्टेबाजी का यह नेटवर्क सिर्फ उन्नाव तक सीमित नहीं रहा। इसका दायरा लखनऊ, दिल्ली और दूसरे राज्यों तक फैल गया। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खेले जाने वाले सट्टे और जुए से रोज लाखों रुपये का लेनदेन होने लगा। यही पैसा धीरे-धीरे करोड़ों में बदलता चला गया। ईडी की जांच में सामने आया है कि इस अवैध कमाई को सीधे अपने नाम रखने के बजाय उसे अलग-अलग तरीकों से घुमाया गया। कंपनियों के नाम से गाड़ियां खरीदी गईं, जमीनें माता-पिता के नाम ली गईं और कुछ रकम हवाला के जरिए विदेश भेजी गई।
गांव में बदली तस्वीर
जिस खजूर गांव में कभी साधारण मकान थे, वहीं अनुराग का घर अब ऊंची बाउंड्री और सीसीटीवी कैमरों से घिरा नजर आता है। गांव के लोग बताते हैं कि जब वह आता था, तो महंगी गाड़ियों का काफिला साथ होता था। किसी को समझ नहीं आता था कि इतनी दौलत आखिर आ कहां से रही है। लोगों का कहना है कि सट्टेबाजी से जुड़ा नाम होने के कारण कोई खुलकर बोलने से डरता है। सब जानते थे कि पैसा बहुत है और रसूख भी।
ईडी की छापेमारी से हड़कंप
बुधवार को ईडी ने एक साथ उन्नाव, लखनऊ और दिल्ली समेत दस ठिकानों पर छापा मारा। घरों से नकदी, दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस बरामद की गईं। बैंक खातों को फ्रीज किया गया, जिनमें करोड़ों रुपये जमा पाए गए। लग्जरी गाड़ियां भी जब्त की गईं। ईडी का दावा है कि जांच में अवैध सट्टेबाजी और ऑनलाइन जुए से कमाई गई रकम को विदेश भेजने और दुबई में रियल एस्टेट में निवेश के सबूत मिले हैं। यह भी सामने आया है कि लंबे समय से यह नेटवर्क सक्रिय था और बड़े स्तर पर लोगों को जोड़ा जा रहा था।
पिता की सफाई, बेटे पर सवाल
अनुराग के पिता का कहना है कि उनके बेटे के नाम कोई जमीन नहीं है और जो भी संपत्ति है, वह उनकी मेहनत और टैक्स चुकाई गई कमाई से ली गई है। उनका दावा है कि परिवार जांच में पूरा सहयोग करेगा। वहीं, जांच एजेंसियों का कहना है कि मामला सिर्फ दिखावे का नहीं, बल्कि अवैध सट्टेबाजी से जुड़े एक बड़े आर्थिक अपराध का है।
आसान पैसे का खतरनाक खेल
अनुराग की कहानी उन हजारों युवाओं के लिए चेतावनी है, जो ऑनलाइन सट्टे और जुए को आसान कमाई का रास्ता मान रहे हैं। शुरुआत में पैसा तेजी से आता है, शोहरत मिलती है, लेकिन अंत में कानून का शिकंजा भी उतनी ही तेजी से कसता है। अब जांच के बाद ही तय होगा कि सट्टेबाजी के इस खेल में कितनी परतें और कितने नाम सामने आते हैं। फिलहाल उन्नाव का यह मामला अवैध ऑनलाइन जुए के बढ़ते खतरे की बड़ी तस्वीर पेश कर रहा है।
बेखौफ चोरों का आतंक : चोरों ने दो मकानों से साफ किए लाखों
Sun, Dec 21, 2025
छत और सीढ़ी के रास्ते घुसकर कीमती जेवर-नकदी चोरी
उन्नाव। बीघापुर थाना क्षेत्र के सिंगहा गांव में शुक्रवार देर रात चोरी की बड़ी वारदात सामने आई है। बेखौफ चोरों ने एक के बाद एक दो घरों को निशाना बनाते हुए नकदी और कीमती जेवरात पर हाथ साफ कर दिया। इस घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है, वहीं पुलिस की गश्त व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जानकारी के अनुसार सिंगहा गांव निवासी किसान मनोज सिंह के घर चोर रात के अंधेरे में छत के रास्ते दाखिल हुए। घर के अंदर घुसते ही चोरों ने कमरों के ताले तोड़ दिए और बक्सों में रखे सोने-चांदी के जेवरात तथा करीब 50 हजार रुपये नकद समेट लिए। खास बात यह रही कि घर में अलग-अलग कमरों में सो रहे लोगों को चोरों ने बाहर से कुंडी लगाकर बंद कर दिया, जिससे किसी को भनक तक नहीं लगी।पहले घर को खंगालने के बाद चोर यहीं नहीं रुके। उन्होंने पास ही रहने वाले कोटेदार शिव प्रताप सिंह के मकान को भी निशाना बनाया। बताया गया कि चोर सीढ़ी के दरवाजे की कुंडी तोड़कर घर में घुसे और अलमारी का ताला चटकाकर पांच हजार रुपये नकद और एक जोड़ी चांदी की पायल चोरी कर ले गए। सुबह जब परिवार के लोग जागे, तब चोरी की जानकारी हुई। पीड़ित परिवारों का दावा है कि दोनों घरों से चोरी गए जेवरात और नकदी की कुल कीमत करीब 25 लाख रुपये है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल शुरू की। सीओ मधुप नाथ मिश्र और थाना प्रभारी राजपाल ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिस तरह से चोरों ने पूरी योजना के साथ वारदात को अंजाम दिया है, उससे किसी नजदीकी व्यक्ति की भूमिका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। इधर, गंगा कटरी क्षेत्र के सिंगहा गांव में हुई इस बड़ी चोरी के बाद ग्रामीणों में गुस्सा और डर दोनों है। लोगों का कहना है कि रात के समय पुलिस गश्त न के बराबर होती है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि चौकी इंचार्ज समेत कोई भी पुलिसकर्मी नियमित गश्त के लिए गांव में नहीं आता, जिससे चोरों के हौसले बुलंद हैं। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से क्षेत्र में रात्रि गश्त बढ़ाने और जल्द से जल्द चोरी का खुलासा करने की मांग की है। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द ही चोरों को पकड़ लिया जाएगा। फिलहाल गांव में दहशत का माहौल है और लोग अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं।
इंस्टाग्राम रील में अपमानजनक टिप्पणी : उन्नाव में दर्ज हुआ मुकदमा
Sun, Dec 21, 2025
तहरीर के आधार पर केस दर्ज, दोषी पर होगी कानूनी कार्रवाई
उन्नाव। सोशल मीडिया पर चर्चित रील बनाने के एक मामले ने अब कानूनी रूप ले लिया है। किन्नर समाज से जुड़ी आपत्तिजनक टिप्पणियों और लगातार धमकाने के आरोप में सदर कोतवाली पुलिस ने एक महिला के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। मामला सामने आने के बाद शहर में इस पर चर्चा तेज हो गई है। बीघापुर कोतवाली क्षेत्र के वार्ड नंबर तीन, शास्त्रीनगर निवासी किन्नर लकी ने सदर कोतवाली पहुंचकर लिखित शिकायत दी। तहरीर में लकी ने बताया कि सदर कोतवाली क्षेत्र के गदनखेड़ा मोहल्ला निवासी नाज खान ने अपनी इंस्टाग्राम आईडी से नौ और दस दिसंबर को कुछ वीडियो रील पोस्ट की थीं। इन रीलों में किन्नर समाज के लिए आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया, जिससे पूरे समाज की भावनाएं आहत हुईं। लकी के मुताबिक, इस मामले को लेकर उन्होंने 11 दिसंबर को पहली बार पुलिस को शिकायत दी थी। उस समय नाज खान थाने पहुंची थी और उसने अपने किए पर माफी मांगते हुए भविष्य में ऐसी कोई हरकत न करने का भरोसा दिया था। इसी आधार पर उस वक्त मामला शांत हो गया था। लेकिन आरोप है कि इसके बाद भी नाज खान का रवैया नहीं बदला। लकी ने पुलिस को बताया कि नाज लगातार सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से किन्नर समाज को अपमानित कर रही है और धमकियां भी दे रही है। इससे न सिर्फ उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरा है, बल्कि पूरे किन्नर समाज में डर और नाराजगी का माहौल बना हुआ है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सदर कोतवाली पुलिस ने नई तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है। कोतवाल चंद्रकांत मिश्र ने बताया कि शिकायत के आधार पर मुकदमा पंजीकृत किया गया है। सोशल मीडिया पर डाली गई आपत्तिजनक रीलों की जांच की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर किसी भी वर्ग या समाज के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करना कानूनन अपराध है। ऐसे मामलों में सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। वहीं, किन्नर समाज के लोगों ने भी मांग की है कि दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह की हरकत करने से पहले सौ बार सोचे।