पंजाब जाने निकली विवाहिता रहस्यमय ढंग से लापता : परिचित युवक पर परिजनों का शक
Thu, Jun 11, 2026
घर से निकलने के बाद बंद हो गया मोबाइल, जेवर और नकदी गायब होने का भी आरोप
उन्नाव। मौरावां थाना क्षेत्र में एक विवाहिता के अचानक लापता होने से परिवार में चिंता का माहौल है। महिला के परिजनों ने क्षेत्र के ही एक युवक पर उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने का आरोप लगाया है। मामले में पुलिस को तहरीर देकर महिला की सकुशल बरामदगी और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। परिजनों के मुताबिक, विवाहिता का पति पंजाब में काम करता है। महिला 8 जून को पति के पास जाने के लिए घर से निकली थी। यात्रा के दौरान उसकी परिजनों से फोन पर बातचीत भी हुई थी और उसने अपने गंतव्य की ओर बढ़ने की जानकारी दी थी। हालांकि इसके बाद अचानक उसका संपर्क टूट गया। जब वह तय स्थान पर नहीं पहुंची तो परिवार की चिंता बढ़ गई। कई बार फोन मिलाने की कोशिश की गई, लेकिन कुछ समय बाद मोबाइल पूरी तरह बंद हो गया। परिवार ने पहले अपने स्तर पर रिश्तेदारों और परिचितों के यहां महिला की तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल सकी। इसी बीच उनका शक गांव के ही एक परिचित युवक पर गया। परिजनों का कहना है कि घटना के बाद से वह युवक भी अपने ठिकाने पर नहीं देखा गया है, जिससे संदेह और गहरा गया है।परिवार का यह भी आरोप है कि महिला के गायब होने के साथ घर में रखे जेवरात और लगभग एक लाख रुपये नकद भी नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में उन्हें आशंका है कि महिला को योजनाबद्ध तरीके से अपने साथ ले जाया गया है। परिजनों ने महिला के साथ किसी अनहोनी की आशंका जताते हुए पुलिस से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित परिवार की शिकायत पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि महिला की तलाश के लिए उपलब्ध तथ्यों और मोबाइल की लोकेशन समेत अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच की जा रही है। साथ ही परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
मॉकड्रिल : बाढ़ में फंसे लोगों को बचाने का किया अभ्यास
Thu, Jun 11, 2026
प्रभावितों के लिए राहत शिविर, भोजन और पेयजल व्यवस्था का भी प्रदर्शन
उन्नाव। आगामी मानसून और संभावित बाढ़ आपदाओं से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए गुरुवार को गंगा तट स्थित आनंद घाट पर व्यापक मॉकड्रिल आयोजित की गई। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) सुशील कुमार गोंड के नेतृत्व में विभिन्न विभागों ने राहत एवं बचाव कार्यों का प्रदर्शन किया। मॉकड्रिल के दौरान एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी बाढ़ दल की टीमों ने मोटरबोट व अन्य उपकरणों की मदद से बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने का अभ्यास किया। बचाए गए लोगों को मिश्रा कॉलोनी में बनाए गए राहत शिविर में पहुंचाने और वहां उनकी व्यवस्था का भी प्रदर्शन किया गया। राहत शिविर में महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग पंजीकरण काउंटर तथा पृथक आवासीय कक्ष बनाए गए थे। कम्युनिटी किचन के माध्यम से भोजन और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी दिखाई गई। अभ्यास के तहत नदी में नाव पलटने की काल्पनिक घटना का भी मंचन किया गया। इसमें डूब रहे ग्रामीणों को एनडीआरएफ की टीम ने सुरक्षित बाहर निकालकर प्राथमिक उपचार दिया। इसके बाद घायलों को एम्बुलेंस से जिला अस्पताल भेजने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया।
मॉकड्रिल में राजस्व, पुलिस, सिंचाई, अग्निशमन, चिकित्सा, पशुपालन, बाल विकास एवं पुष्टाहार, शिक्षा, पंचायती राज, जल निगम, नगर निगम, लोक निर्माण विभाग, नागरिक सुरक्षा, एनसीसी, एनएसएस तथा आपदा मित्रों समेत कई विभागों ने भागीदारी की। एडीएम सुशील कुमार गोंड ने कहा कि आपदा के समय विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय और त्वरित कार्रवाई से जनहानि को कम किया जा सकता है। मॉकड्रिल का उद्देश्य आपदा प्रबंधन तंत्र को अधिक प्रभावी और मजबूत बनाना है।
खेती की जमीन पर कब्जे का आरोप : महिला ने प्रशासन से लगाई गुहार
Thu, Jun 11, 2026
निर्माण कार्य रुकवाने और परिवार की सुरक्षा की मांग, धमकी देने का भी लगाया आरोप
उन्नाव। गंगाघाट थाना क्षेत्र के कटरी पीपरखेड़ा गांव में भूमि विवाद का मामला सामने आया है। गांव की एक महिला ने आरोप लगाया है कि उसके परिवार की खेती योग्य जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है। इस संबंध में उसने प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायत देकर हस्तक्षेप की मांग की है। महिला का कहना है कि जिस भूमि को लेकर विवाद खड़ा हुआ है, वह उसके पति के नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज है। परिवार लंबे समय से उसी जमीन पर खेती करता आ रहा है और उनका आवास भी उसी परिसर में बना हुआ है। आरोप है कि हाल ही में बाहरी क्षेत्र के एक व्यक्ति ने आसपास की कुछ भूमि खरीदी और उसके बाद विवादित हिस्से में भी निर्माण कार्य शुरू करा दिया। पीड़िता के अनुसार, निर्माण कार्य को लेकर जब परिवार ने आपत्ति जताई तो उनकी बात सुनने के बजाय अभद्र व्यवहार किया गया। महिला का आरोप है कि विरोध करने पर गाली-गलौज की गई और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी गई। इसके बाद से परिवार खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। महिला ने अपनी शिकायत में कहा है कि जिस जमीन पर निर्माण कराया जा रहा है, वह वर्षों से उनके कब्जे और उपयोग में रही है। ऐसे में बिना सीमा निर्धारण और राजस्व जांच के निर्माण कार्य कराना नियमों के विपरीत है। उसने आशंका जताई कि यदि समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया तो विवाद और बढ़ सकता है। मामले को लेकर पीड़ित परिवार ने राजस्व और पुलिस अधिकारियों से शिकायत कर निर्माण कार्य तत्काल रुकवाने, भूमि की पैमाइश कराने तथा पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने और आरोपित पक्ष के खिलाफ कानूनी कार्रवाई किए जाने की भी गुहार लगाई है। फिलहाल प्रशासनिक स्तर पर शिकायत की जांच की प्रक्रिया शुरू होने की बात कही जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।