खबर का असर : निजी स्कूलों की मनमानी पर चला नोटिस
Sat, Dec 20, 2025
छुट्टी के बावजूद कक्षाएं संचालित करने का मामला, दो दिन में जवाब तलब
उन्नाव। शीतलहर और घने कोहरे के बीच छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन सख्त हो गया है। जिलाधिकारी गौरांग राठी के स्पष्ट आदेशों के बावजूद कुछ निजी स्कूलों द्वारा नियमों की अनदेखी करने का मामला सामने आने के बाद अब कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। आदेशों के उल्लंघन पर पांच निजी स्कूलों को नोटिस जारी कर दो दिन में जवाब तलब किया गया है। दरअसल, लगातार बढ़ती ठंड और सुबह के समय घने कोहरे को देखते हुए जिलाधिकारी ने जिले में संचालित सभी परिषदीय, सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त विद्यालयों के लिए विशेष निर्देश जारी किए थे। इन आदेशों के तहत कक्षा एक से पांच तक के विद्यार्थियों की छुट्टी घोषित की गई थी, जबकि कक्षा छह से आठ तक के स्कूलों का संचालन पूर्वाह्न 11:30 बजे से शाम तीन बजे तक सीमित समय के लिए करने को कहा गया था। यह आदेश बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लागू किए गए थे। इसके बावजूद कुछ निजी स्कूलों द्वारा सुबह के समय नियमित कक्षाएं संचालित करने और कक्षा पांच तक के बच्चों को स्कूल बुलाने की शिकायतें सामने आईं। अभिभावकों ने आरोप लगाया कि घने कोहरे और कड़ाके की ठंड में छोटे-छोटे बच्चों को स्कूल भेजने के लिए मजबूर किया जा रहा है, जिससे बच्चों के बीमार पड़ने का खतरा बढ़ गया है। कई अभिभावकों ने इस संबंध में जिला प्रशासन से शिकायत भी की।
खबर का असर
शुक्रवार को द लखनऊ टाइम्स में निजी स्कूलों की इस मनमानी को प्रमुखता से उठाया गया। खबर में साफ तौर पर बताया गया कि जिलाधिकारी के आदेश सभी प्रकार के विद्यालयों पर समान रूप से लागू हैं, इसके बावजूद कुछ निजी स्कूल इन्हें नजरअंदाज कर रहे हैं। खबर प्रकाशित होने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया और मामले की जांच के निर्देश दिए गए। जांच के बाद सामने आया कि शहर के विंग्स एकेडमी, जगन्नाथ शाह मेमोरियल पब्लिक स्कूल, सिटी कान्वेंट पब्लिक स्कूल, लीलावती कॉन्वेंट, सर सैय्यद पब्लिक स्कूल और ब्रिलियंट एकेडमी में आदेशों के बावजूद छात्रों को बुलाया गया। इसे गंभीरता से लेते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारी शैलेष कुमार पांडेय के माध्यम से संबंधित स्कूल प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों को नोटिस जारी कर दिया गया है। बीएसए शैलेष कुमार पांडेय ने स्पष्ट किया कि कक्षा एक से पांच तक के विद्यार्थियों के लिए 20 दिसंबर तक अवकाश के आदेश प्रभावी हैं और किसी भी स्कूल को इसका उल्लंघन करने की अनुमति नहीं है। उन्होंने कहा कि जिन स्कूलों को नोटिस जारी किए गए हैं, यदि वे दो दिन के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं देते हैं तो उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उधर, प्रशासन की इस सख्ती से अभिभावकों ने राहत की सांस ली है। उनका कहना है कि बच्चों की सेहत के साथ किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए और आदेशों का पालन सभी स्कूलों को करना चाहिए। अब सभी की नजरें नोटिस के जवाब और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।
नगर पालिका में हंगामा : सभासदों ने ईओ पर लगाया अधिकार हनन का आरोप
Sat, Dec 20, 2025
सभासदों ने मांगी जानकारी, ईओ ने नियमों का दिया हवाला
उन्नाव। नगर पालिका परिषद उन्नाव में शुक्रवार को उस समय माहौल गर्म हो गया, जब सभासदों और अधिशासी अधिकारी (ईओ) के बीच विकास कार्यों के खर्च को लेकर तीखी नोकझोंक हो गई। मामला इतना बढ़ा कि नाराज सभासदों ने नगर पालिका कार्यालय में नारेबाजी की और सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी देते हुए ईओ को लिखित पत्र सौंप दिया। बताया गया कि शुक्रवार दोपहर नगर पालिका के करीब 15 सभासद अपने-अपने वार्डों की समस्याओं को लेकर पालिका कार्यालय पहुंचे थे। सभासदों ने अधिशासी अधिकारी संजय गौतम से वार्डों में विकास कार्य, मार्ग प्रकाश, नाला सफाई सहित अन्य लंबित समस्याओं के शीघ्र निस्तारण की मांग की। इस पर ईओ ने बजट की कमी का हवाला देते हुए कहा कि जैसे ही बजट उपलब्ध होगा, कार्य कराए जाएंगे। ईओ के इस जवाब से असंतुष्ट सभासदों ने नगर पालिका में चल रहे नाला सफाई, वाहन मरम्मत और अन्य मदों में हो रहे खर्च का पूरा ब्योरा मांगा। सभासदों का कहना था कि जब वार्डों में काम नहीं हो पा रहा है, तो अन्य मदों में खर्च कैसे किया जा रहा है, इसकी जानकारी बोर्ड सदस्यों को मिलनी चाहिए। ईओ ने कुछ फाइलें मंगाईं, लेकिन उनका विवरण दिखाने या समझाने से इनकार कर दिया। ईओ का कहना था कि इस तरह की फाइलें देखना सभासदों के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। इसी बात को लेकर विवाद और गहरा गया। सभासदों ने मौके पर ही अपने कानूनी अधिकारों का हवाला देते हुए कहा कि नगर पालिका बोर्ड का सदस्य होने के नाते उन्हें विकास कार्यों और उन पर होने वाले खर्च की जानकारी लेना पूरी तरह जायज है। विवाद बढ़ने पर सभासदों ने कार्यालय परिसर में नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद ईओ को एक पत्र सौंपा गया, जिसमें नगर पालिका में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए गए। पत्र में लिखा गया कि सभासदों के अधिकारों का लगातार हनन किया जा रहा है और मांगपत्र देने के बावजूद किसी भी समस्या पर सुनवाई नहीं होती। इसी के चलते मजबूरन सामूहिक रूप से नगर पालिका की सदस्यता से इस्तीफा देने पर विचार किया जा रहा है। सभासद बृजेश पांडेय ने आरोप लगाया कि कई बार लिखित रूप से समस्याएं और मांगें दी जाती हैं, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने यह भी कहा कि शहर में सरकारी जमीन की पहचान कराने के बाद कुछ मामलों में उस पर जबरन कब्जा करा दिया जाता है, जो बेहद गंभीर विषय है। वहीं सभासद मुन्ना सिंह ने कहा कि बोर्ड का सदस्य होने के नाते यह उनका संवैधानिक और कानूनी अधिकार है कि वे विकास कार्यों की प्रगति और खर्च का विवरण देखें। यदि जानकारी छिपाई जा रही है, तो इससे भ्रष्टाचार की आशंका और मजबूत होती है।
इस दौरान सतीश यादव, राजेंद्र भारती, निशेष जायसवाल, अशोक कुमार, लक्ष्मी देवी, यासीन अहमद और प्रेमा सहित अन्य सभासद भी मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में पारदर्शिता की मांग की और कहा कि जब तक स्थिति में सुधार नहीं होता, विरोध जारी रहेगा। दूसरी ओर अधिशासी अधिकारी संजय गौतम ने सभासदों के आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि उनका किसी को जानकारी देने से इनकार करने का उद्देश्य नहीं था। केवल इतना कहा गया था कि नियमानुसार अध्यक्ष की अनुमति लेकर ही फाइलें दिखाई जाएंगी। ईओ ने यह भी कहा कि नगर पालिका में सभी कार्य नियमों के तहत किए जा रहे हैं। फिलहाल इस पूरे मामले ने नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सभासदों के तेवर और सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी के बाद अब सबकी निगाहें नगर पालिका अध्यक्ष और जिला प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।
गांव-गांव सुरक्षा का संकल्प : एसपी की अध्यक्षता में ग्राम प्रहरियों की बड़ी गोष्ठी
Fri, Dec 19, 2025
गश्त और निगरानी के लिए 81 साइकिलें, कंबल व सीटी का वितरण
उन्नाव। ग्रामीण इलाकों में कानून-व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए उन्नाव पुलिस ने एक अहम कदम उठाया है। पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश सिंह ने रिजर्व पुलिस लाइन में ग्राम प्रहरियों की बैठक बुलाई। इस बैठक में जिले के अलग-अलग थानों से आए ग्राम प्रहरी शामिल हुए। बैठक के दौरान एसपी ने ग्राम प्रहरियों से सीधे बातचीत की और गांवों की स्थिति जानी। उन्होंने प्रहरियों से पूछा कि उन्हें अपने काम में क्या दिक्कतें आती हैं और किन जगहों पर पुलिस की मदद की जरूरत पड़ती है। साथ ही गांव में होने वाली छोटी-बड़ी घटनाओं, संदिग्ध लोगों की जानकारी समय पर देने और पुलिस से लगातार संपर्क में रहने पर जोर दिया गया। गोष्ठी में यह भी बताया गया कि ग्राम प्रहरी गांव और पुलिस के बीच सबसे अहम कड़ी होते हैं। अगर वे सतर्क रहें और समय पर सूचना दें, तो कई घटनाओं को पहले ही रोका जा सकता है। बैठक का मकसद यही था कि गांवों में शांति बनी रहे और आम लोगों को सुरक्षित माहौल मिल सके।कार्यक्रम में अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी अखिलेश सिंह, सहायक पुलिस अधिक्षक व नगर सीओ सिटी दीपक यादव और क्षेत्राधिकारी बांगरमऊ संतोष कुमार सिंह की उपस्थिति रही। अधिकारियों ने ग्राम प्रहरियों को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि ग्रामीण स्तर पर शांति और सुरक्षा बनाए रखने में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। गांव की हर गतिविधि पर पहली नजर ग्राम प्रहरी की ही होती है, ऐसे में उनकी सतर्कता और समय पर दी गई सूचना पुलिस कार्रवाई की दिशा तय करती है।पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश सिंह ने कहा कि ग्राम प्रहरी पुलिस प्रशासन की आंख और कान हैं। उन्होंने अनुशासन, ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ ड्यूटी निभाने का आह्वान करते हुए कहा कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति, बाहरी गतिविधि या असामान्य घटना की जानकारी तुरंत थाना पुलिस तक पहुंचनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि कई बार छोटी सूचना भी बड़ी वारदात को रोकने में निर्णायक साबित होती है, इसलिए सूचना देने में कोई हिचक नहीं होनी चाहिए। गोष्ठी के दौरान रात्रि गश्त पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने ग्राम प्रहरियों को निर्देश दिए कि रात के समय गांव में आने-जाने वाले बाहरी लोगों पर पैनी नजर रखें और आपसी समन्वय के साथ काम करें। किसी भी आपात स्थिति में बिना विलंब किए पुलिस को सूचित कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। इस अवसर पर ग्राम प्रहरियों ने अपनी समस्याएं और आवश्यकताएं भी अधिकारियों के समक्ष रखीं। पुलिस अधिकारियों ने उनकी बातों को गंभीरता से सुना और समाधान का भरोसा दिलाया। प्रशासन की ओर से यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि ग्राम प्रहरी अकेले नहीं हैं, बल्कि पुलिस तंत्र उनके साथ खड़ा है। गोष्ठी के समापन पर ग्राम प्रहरियों को कार्य सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 81 नई साइकिलें, कंबल और सीटी वितरित की गईं। अधिकारियों ने बताया कि यह संसाधन गश्त, निगरानी और सूचना संकलन के कार्य में सहायक होंगे और उनकी कार्यक्षमता को बढ़ाएंगे। सामग्री प्राप्त कर ग्राम प्रहरियों ने पुलिस प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।