सट्टेबाजी के पैसे से लग्जरी लाइफ : ईडी की जांच में यू-ट्यूबर अनुराग द्विवेदी
Thu, Dec 18, 2025
लखनऊ फ्लैट और दुबई कनेक्शन की जांच तेज,दोस्तों के ट्रांजैक्शन खंगाले जा रहे
उन्नाव। आनलाइन सट्टेबाजी के तेजी से फैलते नेटवर्क पर प्रवर्तन निदेशालय ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मशहूर यू-ट्यूबर और गेमिंग एप से जुड़े नाम अनुराग द्विवेदी को जांच के दायरे में ले लिया है। बुधवार को चली लंबी छापेमारी के बाद ईडी ने अनुराग, उनके परिवार और उनसे जुड़े कारोबार पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। कार्रवाई के तहत परिवार के सभी बैंक खाते सीज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जबकि नवाबगंज क्षेत्र में स्थित खातों पर तत्काल रोक लगा दी गई। ईडी की इस कार्रवाई को आनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े बड़े नेटवर्क की जांच से जोड़कर देखा जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि फैंटसी गेमिंग की आड़ में करोड़ों रुपये के लेन-देन और संदिग्ध आर्थिक गतिविधियां संचालित की जा रही थीं।
18 घंटे की छानबीन, आय से जुड़े सैकड़ों दस्तावेज जब्त
बुधवार सुबह करीब छह बजे प्रवर्तन निदेशालय की 16 सदस्यीय टीम सीआरपीएफ के साथ अनुराग द्विवेदी और उनके चाचा के घर एक साथ पहुंची। टीम ने घर के भीतर और बाहर किसी भी तरह की आवाजाही पर रोक लगा दी। करीब 18 घंटे तक चली जांच में जमीनों की खरीद-फरोख्त, बैंक लेन-देन और व्यवसायिक आय से जुड़े दस्तावेज खंगाले गए। ईडी अपने साथ 500 से अधिक पन्नों के दस्तावेज, कंप्यूटर की हार्ड डिस्क, पैन ड्राइव और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड लेकर गई है। अधिकारियों का फोकस इस बात पर है कि आनलाइन सट्टेबाजी से होने वाली कमाई को किन-किन माध्यमों से घुमाया गया और किन नामों से निवेश किया गया।
लग्जरी कारें जब्त, शौक भी बना जांच का हिस्सा
जांच के दौरान ईडी ने अनुराग की चार महंगी लग्जरी कारों को भी जब्त कर लिया है। इनमें करीब 6.5 करोड़ रुपये कीमत की एक लेम्बोर्गिनी कार शामिल है। अनुराग का महंगी कारों का शौक पहले से चर्चा में रहा है। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन कारों और अन्य संपत्तियों की खरीद में इस्तेमाल की गई रकम का स्रोत क्या था।
दुकानें बंद रहीं, अगले दिन खुलीं
ईडी की छापेमारी के चलते बुधवार को अनुराग के पिता, पूर्व प्रधान लक्ष्मीनाथ द्विवेदी का मेडिकल स्टोर और उनके चाचा पप्पू द्विवेदी की हार्डवेयर व गन शॉप बंद रही। गुरुवार को दोनों दुकानों के शटर खुले मिले, लेकिन पूरे इलाके में सन्नाटा और असहज माहौल बना रहा।
आनलाइन सट्टेबाजी से करोड़ों की कमाई का दावा
अनुराग द्विवेदी पहले भी अपने बयानों के कारण सुर्खियों में रहे हैं। एक ब्रॉडकास्ट इंटरव्यू में उन्होंने खुद स्वीकार किया था कि आईपीएल सीजन के दौरान आनलाइन फैंटसी और सट्टेबाजी से उनकी रोज की कमाई लाखों से करोड़ों रुपये तक पहुंच जाती थी। उन्होंने यह भी कहा था कि कुछ मैचों में भारी नुकसान हुआ, लेकिन मुनाफे की उम्मीद में वह लगातार इस कारोबार में बने रहे। ईडी इसी दावे को जांच का अहम आधार मानकर आय और व्यय का पूरा ब्योरा खंगाल रही है।
दुबई कनेक्शन पर खास नजर
सूत्रों के अनुसार अनुराग इस समय दुबई में मौजूद हैं। ईडी की नजर इस बात पर है कि वह और उसके परिवार के सदस्य किन लोगों से संपर्क में हैं। कई मोबाइल नंबरों और डिजिटल कनेक्शन को जांच के दायरे में लिया गया है। यह भी देखा जा रहा है कि आनलाइन सट्टेबाजी से जुड़ी रकम को विदेशों में तो नहीं भेजा गया।
फ्लैट, जमीन और दोस्तों के खाते जांच के रडार पर
लखनऊ की गोल्फ सिटी में खरीदे गए फ्लैट और दोस्तों के नाम पर की गई जमीन की खरीद-फरोख्त भी जांच एजेंसी के रडार पर है। अधिकारियों को शक है कि सट्टेबाजी से कमाए गए रुपये को दोस्तों और करीबियों के खातों के जरिए घुमाया गया। इसी कारण अनुराग के दोस्तों की सूची तैयार की जा रही है और बीते वर्षों के बैंक ट्रांजैक्शन खंगाले जा सकते हैं।
दुबई में क्रूज पर हुई शादी भी जांच में शामिल
करीब 20 दिन पहले दुबई में क्रूज पर हुई अनुराग की शादी भी अब जांच के दायरे में आ गई है। बड़ी संख्या में कस्बे के लोगों के विदेश जाने और शादी में हुए खर्च को लेकर ईडी यह जानने की कोशिश कर रही है कि इन खर्चों के लिए रकम कहां से आई। कुल मिलाकर आनलाइन सट्टेबाजी के इस कथित नेटवर्क को लेकर शुरू हुई ईडी की कार्रवाई आने वाले दिनों में और तेज हो सकती है। जांच एजेंसी के अगले कदम पर न सिर्फ अनुराग द्विवेदी, बल्कि उनसे जुड़े कई लोगों की किस्मत भी निर्भर करती नजर आ रही है।
घर के कमरे में लटका मिला युवक का शव : परिवार में मचा कोहराम
Thu, Dec 18, 2025
सूचना पर पहुंची पुलिस, शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा
उन्नाव। शहर के सदर कोतवाली क्षेत्र से बुधवार रात एक हृदयविदारक घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। डीएसएन कॉलेज रोड स्थित एबीनगर मोहल्ले में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। गुरुवार सुबह जब घरवालों ने कमरे का दरवाजा खोला तो युवक का शव फंदे से लटका मिला। यह दृश्य देखते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई और कुछ ही देर में पूरे मोहल्ले में खबर फैल गई। मृतक की पहचान 35 वर्षीय नीरज शुक्ल के रूप में हुई है। वह स्वर्गीय कृष्ण मोहन शुक्ल के पुत्र थे और अपने परिवार के साथ एबीनगर मोहल्ले में रहते थे। परिजनों के मुताबिक, बुधवार शाम नीरज ने रोज की तरह घर पर भोजन किया और इसके बाद अपने कमरे में जाकर सो गए। रात में किसी तरह का विवाद, शोर या असामान्य गतिविधि किसी ने नहीं देखी। सब कुछ सामान्य लग रहा था। गुरुवार सुबह जब काफी देर तक नीरज के कमरे से कोई हलचल नहीं हुई और दरवाजा भी नहीं खुला, तो परिजनों को चिंता हुई। कई बार आवाज देने के बावजूद अंदर से कोई जवाब नहीं आया। आखिरकार जब दरवाजा खोला गया तो सामने का दृश्य देखकर सभी सन्न रह गए। नीरज का शव कमरे के अंदर फंदे से लटका हुआ था। परिवार के लोगों के होश उड़ गए और घर में अफरा-तफरी मच गई। रोने-बिलखने की आवाज सुनकर आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए। देखते ही देखते घर के बाहर लोगों की भीड़ लग गई। किसी ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। खबर मिलते ही सदर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को संभाला। पुलिस ने कमरे का बारीकी से निरीक्षण किया, फंदे की स्थिति देखी और आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ की। पुलिस ने शव को नीचे उतरवाकर पंचनामा की कार्रवाई पूरी की और पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। इस दौरान परिजनों के बयान भी दर्ज किए गए। परिवार वालों ने बताया कि नीरज शराब पीने का आदी था और अक्सर इसी वजह से मानसिक तनाव में रहता था। हालांकि किसी से कोई विवाद, दुश्मनी या साजिश की बात सामने नहीं आई है।
इस मामले में सदर कोतवाली प्रभारी चंद्रकांत मिश्र ने बताया कि शुरुआती जांच में यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार युवक मानसिक तनाव में था। फिलहाल किसी पर कोई आरोप नहीं है। मौत के असली कारणों की पुष्टि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। इस दुखद घटना के बाद मृतक के घर में मातम पसरा हुआ है। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। मोहल्ले में भी शोक की लहर है और हर कोई इस अचानक हुई मौत से स्तब्ध नजर आ रहा है।
घने कोहरे में सतर्कता जरूरी : उन्नाव पुलिस की एडवाइजरी, रफ्तार पर लगाम की अपील
Thu, Dec 18, 2025
नवाबगंज टोल प्लाजा पर डीएम–एसपी का निरीक्षण, मौके पर लगे रिफ्लेक्टर
उन्नाव। सर्दी के मौसम के साथ ही जिले में घना कोहरा लोगों के लिए परेशानी और खतरे की वजह बनता जा रहा है। खासकर सुबह और देर रात के समय सड़कों पर दृश्यता बेहद कम हो जाती है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इसी को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उन्नाव पुलिस ने यातायात सुरक्षा को लेकर विस्तृत एडवाइजरी जारी की है और वाहन चालकों से सावधानी बरतने की अपील की है।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कोहरे में थोड़ी सी लापरवाही भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। इसलिए जरूरी है कि वाहन चालक नियमों का पालन करें और जल्दबाजी से बचें।
तेज रफ्तार बनी हादसों की बड़ी वजह
यातायात पुलिस के अनुसार कोहरे के दौरान सबसे बड़ा खतरा तेज रफ्तार से होता है। दृश्यता कम होने के कारण सामने चल रहे वाहन, अचानक मोड़ या खड़े वाहन समय पर दिखाई नहीं देते। ऐसे में तेज गति जानलेवा साबित हो सकती है। पुलिस ने स्पष्ट कहा है कि कोहरे में वाहन की गति सीमित रखें और हालात के अनुसार ही ड्राइव करें।
फॉग लाइट और हेडलाइट का सही इस्तेमाल जरूरी
एडवाइजरी में बताया गया है कि वाहन चलाते समय फॉग लाइट का सही तरीके से प्रयोग करें। हेडलाइट को हाई बीम पर रखने से सामने से आने वाले वाहन चालकों को परेशानी होती है, इसलिए लो बीम का इस्तेमाल करें। अत्यधिक कोहरे की स्थिति में इमरजेंसी इंडिकेटर का प्रयोग तभी करें जब वाहन खड़ा हो या बेहद धीमी गति से चल रहा हो।
ओवरटेकिंग से बचें, दूरी बनाकर चलें
पुलिस ने साफ कहा है कि कोहरे में बार-बार लेन बदलना और ओवरटेक करना जोखिम भरा होता है। आगे चल रहे वाहन से पर्याप्त दूरी बनाए रखें ताकि अचानक ब्रेक लगने की स्थिति में समय पर प्रतिक्रिया दी जा सके। यदि दृश्यता बहुत कम हो जाए तो जोखिम उठाने के बजाय सुरक्षित स्थान पर वाहन रोकना ही बेहतर विकल्प है।
रिफ्लेक्टर टेप पर खास जोर
कोहरे में वाहनों की पहचान के लिए रिफ्लेक्टर टेप बेहद जरूरी माना गया है। पुलिस ने सभी वाहन स्वामियों से अपील की है कि वे अपने वाहनों के पीछे रिफ्लेक्टर टेप जरूर लगवाएं, जिससे अंधेरे और कोहरे में वाहन दूर से ही नजर आ सकें।
टोल प्लाजा पर अधिकारियों का औचक निरीक्षण
इसी क्रम बुधवार देर शाम को जिलाधिकारी गौरांग राठी और पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश सिंह ने क्षेत्राधिकारी हसनगंज अरविंद कुमार चौरसिया के साथ थाना अजगैन क्षेत्र के नवाबगंज टोल प्लाजा का निरीक्षण किया। निरीक्षण का उद्देश्य कोहरे के दौरान यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाना और दुर्घटनाओं की संभावनाओं को कम करना था। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने टोल प्रशासन और प्रभारी निरीक्षक अजगैन को स्पष्ट निर्देश दिए कि कोहरे के समय किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। भारी और हल्के सभी वाहनों में रिफ्लेक्टर टेप अनिवार्य रूप से लगवाने को कहा गया। इस दौरान मौके पर मौजूद कई वाहनों में तत्काल रिफ्लेक्टर टेप भी लगवाए गए।
प्रशासन की अपील: नियम मानें, सुरक्षित रहें
जिला प्रशासन और पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि कोहरे के मौसम में संयम और सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। थोड़ी सी सावधानी न सिर्फ आपकी, बल्कि दूसरों की जान भी बचा सकती है। नियमों का पालन करें, जल्दबाजी से बचें और सुरक्षित यात्रा को प्राथमिकता दें।