घायलों को देखा तो काफिला रोक दिया : एसपी ने अपनी गाड़ी से पहुंचाया अस्पताल
Tue, Aug 18, 2026
गश्त से लौटते समय अब्बासपुर मार्केट के पास सड़क पर मिले दो बाइक सवार
उन्नाव। पुलिस की वर्दी में ड्यूटी और कानून-व्यवस्था के साथ इंसानियत की जिम्मेदारी भी होती है। मंगलवार रात एसपी जयप्रकाश सिंह ने इसका उदाहरण पेश किया। बांगरमऊ से गश्त कर लौटते समय अब्बासपुर मार्केट के पास सड़क पर घायल पड़े दो युवकों को देखकर उन्होंने अपनी गाड़ी रुकवा दी। हालात की जानकारी लेने के बाद दोनों को अपनी गाड़ी से जिला अस्पताल भिजवाया। एसपी के इस व्यवहार की मौके पर मौजूद लोगों ने सराहना की। मगरवारा निवासी देवांशु सिंह पुत्र मुन्नू सिंह और शिवम (23) पुत्र शिवचरण बाइक से सफीपुर से घर लौट रहे थे। अब्बासपुर मार्केट के पास अचानक उनकी बाइक के सामने गाय आ गई। कुछ ही पल में बाइक गाय से टकरा गई और दोनों युवक सड़क पर गिर पड़े। हादसे में दोनों घायल हो गए। घटना के बाद दोनों सड़क पर पड़े थे। इसी दौरान एसपी जयप्रकाश सिंह की नजर उन पर पड़ी। उन्होंने वाहन रुकवाकर घायलों की स्थिति देखी और पुलिसकर्मियों की मदद से दोनों को अपनी गाड़ी में बैठवाया। इसके बाद उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां दोनों का उपचार कराया गया। एसपी के इस कदम से यह भी संदेश गया कि सड़क पर किसी जरूरतमंद की मदद के लिए पुलिसकर्मी ही नहीं, बल्कि अधिकारी भी मौके पर आगे आ सकते हैं। स्थानीय लोगों ने कहा कि एसपी ने रास्ते से गुजरते हुए घायलों को नजरअंदाज करने के बजाय खुद रुककर मदद की, जो सराहनीय है।
सड़कों पर घूमते मवेशी फिर बने सवाल
हादसे की वजह बनी गाय ने जिले की सड़कों और हाईवे पर घूम रहे छुट्टा मवेशियों की समस्या को भी सामने ला दिया है। कई प्रमुख मार्गों पर मवेशी कभी सड़क किनारे तो कभी बीच सड़क पर बैठे दिखाई देते हैं। रात में इनका नजर आना और भी मुश्किल होता है। अचानक सामने आने पर वाहन चालक नियंत्रण खो बैठते हैं और हादसे हो जाते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि छुट्टा मवेशियों को सड़कों से हटाने और उनके लिए सुरक्षित ठिकाने की व्यवस्था की जिम्मेदारी जिन विभागों पर है, उनकी निगरानी कितनी प्रभावी है। हादसों के बाद राहत पहुंचाने के साथ-साथ हादसे की वजह बनने वाले कारणों को रोकने पर भी जिम्मेदारों को ध्यान देना होगा। सड़कों और हाईवे को छुट्टा मवेशियों से सुरक्षित करने की स्थायी व्यवस्था कब होगी, यह सवाल अब भी बना हुआ है।
फर्म के रुपये हड़पने का आरोप : कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज
Tue, Aug 18, 2026
दुकानदारों से वसूले 82,283 रुपये जमा नहीं करने का आरोप, मांगने पर धमकी देने की भी शिकायत
उन्नाव। दही थाना क्षेत्र के आवास विकास कॉलोनी स्थित एक फर्म में काम करने वाले युवक पर दुकानदारों से वसूले गए 82,283 रुपये फर्म में जमा न करने का आरोप लगा है। फर्म संचालक का आरोप है कि युवक ने दुकानदारों से बकाया रकम वसूल ली, लेकिन उसे फर्म में जमा करने के बजाय खुद खर्च कर लिया। रकम मांगने पर युवक और उसकी मां पर धमकी देने का भी आरोप है। थाने से कार्रवाई न होने पर पीड़ित ने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय के आदेश पर दही पुलिस ने मां-बेटे के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दही थाना क्षेत्र के मनोहरनगर, आवास विकास कॉलोनी निवासी मुकेश कुमार के मुताबिक उनकी फर्म में जवाहरनगर, अब्बास बाग निवासी सौरभ गौर करीब दो वर्ष छह माह तक काम करता था। फर्म में वह फेविकोल, एमसील, फेविक्विक समेत अन्य सामान फुटकर दुकानदारों को सप्लाई करने और उनसे भुगतान वसूलने का काम करता था।
दुकानदारों से रुपये लिए, फर्म में नहीं किए जमा
शिकायतकर्ता के अनुसार सौरभ दुकानदारों से सामान की बिक्री के रुपये वसूलकर फर्म में जमा करता था। आरोप है कि कई दुकानदारों से फर्म की बकाया धनराशि वसूलने के बाद उसने रकम फर्म में जमा नहीं की। जब फर्म की ओर से दुकानदारों से बकाया भुगतान के संबंध में संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि वह सौरभ को पहले ही रकम दे चुके हैं। इसके बाद फर्म संचालक ने सौरभ से बकाया रकम जमा करने को कहा। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सौरभ पर 82,283 रुपये की धनराशि बकाया थी। काफी समय बीतने के बाद भी रकम जमा नहीं की गई।
छह माह में भुगतान का कराया समझौता
मुकेश का आरोप है कि पुलिस में शिकायत करने की बात कहने पर सौरभ की मां तुलसा, पत्नी स्वर्गीय रामकिशन, ने भी मामले में हस्तक्षेप किया। उन्होंने बकाया रकम का भुगतान छह माह में करने की बात कहते हुए 11 सितंबर 2025 को कचहरी उन्नाव में नोटरी समझौता कराया। आरोप है कि निर्धारित समय बीतने के बाद भी रकम का भुगतान नहीं किया गया। शिकायतकर्ता के मुताबिक इसके बाद जब सौरभ से रुपये वापस करने के लिए कहा गया तो उसने कथित तौर पर धमकी दी। आरोप है कि सौरभ और उसकी मां ने धोखाधड़ी और अमानत में खयानत की तथा जान-माल की धमकी दी।
थाने से कार्रवाई नहीं हुई तो कोर्ट पहुंचे
मुकेश कुमार ने मामले की शिकायत दही थाने में की, लेकिन कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया। इसके बाद 15 अप्रैल 2026 को रजिस्टर्ड डाक से पुलिस अधीक्षक उन्नाव को भी प्रार्थनापत्र भेजा। वहां से भी कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने न्यायालय में प्रार्थनापत्र दाखिल किया। न्यायालय के आदेश पर दही पुलिस ने सौरभ गौर और उसकी मां तुलसा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। विवेचना में फर्म के अभिलेख, दुकानदारों से किए गए लेनदेन और बकाया रकम से जुड़े दस्तावेजों के साथ ही संबंधित लोगों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे। आरोपों की पुष्टि होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
180 बुजुर्गों ने पकड़ी अयोध्या की राह : रामलला के दर्शन को तीन बसों से जत्था रवाना
Tue, Aug 18, 2026
सदर विधायक पंकज गुप्ता की पहल पर कराया गया तीर्थाटन
उन्नाव। सदर विधानसभा क्षेत्र के सिकंदरपुर सरोसी विकासखंड के रुस्तमपुर गांव से मंगलवार को करीब 180 बुजुर्ग अयोध्या धाम के लिए रवाना हुए। तीन बसों से निकली तीर्थयात्रा को लेकर बुजुर्गों में उत्साह नजर आया। यात्रा सदर विधायक पंकज गुप्ता की ओर से निजी संसाधनों से संचालित की जा रही तीर्थाटन यात्रा के तहत कराई गई। बसों के रवाना होने के दौरान सदर विधायक पंकज गुप्ता भी मौजूद रहे। उन्होंने बुजुर्गों से मुलाकात कर उनकी यात्रा की जानकारी ली और सुरक्षित यात्रा की शुभकामनाएं दीं। विधायक ने कहा कि माता-पिता के समान बुजुर्गों की सेवा करना और उन्हें तीर्थस्थलों के दर्शन कराने का अवसर मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है। बुजुर्गों का आशीर्वाद परिवार और समाज के लिए महत्वपूर्ण है। इससे पहले पूर्व मंडल उपाध्यक्ष अनुपम साहू ने विधायक को पटका पहनाकर और प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया। यात्रा में शामिल बुजुर्ग अयोध्या पहुंचकर प्रभु श्रीराम के दर्शन करेंगे।ग्रामीणों ने विधायक की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि बुजुर्गों के लिए तीर्थयात्रा की व्यवस्था होने से उन्हें धार्मिक स्थल के दर्शन का अवसर मिला है। इस दौरान प्रधान राजू अवस्थी, मसवासी मंडल अध्यक्ष सुशील रावत, अमित प्रधान, प्रभान शंकर, राम शंकर, मुकेश, बूथ अध्यक्ष रेनू वर्मा, नीरज सिंह, जयनारायण, पिंकू सिंह, छोटे सिंह परिहार और रजत तिवारी समेत अन्य लोग मौजूद रहे।