गंगा में डूबकर बीकॉम छात्र की मौत : दोस्तों संग गया था घाट
Sun, Jun 28, 2026
लखनऊ नौकरी के लिए निकला था युवक, परिजनों ने जताया संदेह; जांच में जुटी पुलिस
उन्नाव। फतेहपुर चौरासी थाना क्षेत्र के दबौली गंगा घाट पर शनिवार शाम संदिग्ध परिस्थितियों में बीकॉम के एक छात्र की डूबने से मौत हो गई। रविवार सुबह गोताखोरों की मदद से उसका शव गंगा नदी से बरामद किया गया। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। मृतक की पहचान उन्नाव कोतवाली क्षेत्र के करोवन निवासी 20 वर्षीय श्रीयांश तिवारी के रूप में हुई है। वह बीकॉम का छात्र था और लखनऊ में पार्ट टाइम नौकरी भी करता था। परिजनों के मुताबिक, शनिवार को वह घर से लखनऊ जाने की बात कहकर निकला था। इसी बीच लखनऊ से आए उसके कुछ दोस्त उसे अपने साथ फतेहपुर चौरासी क्षेत्र के दबौली गंगा घाट ले गए।बताया गया कि घाट पर मंदिर दर्शन के बाद श्रीयांश दोस्तों के साथ गंगा स्नान करने गया था। इसी दौरान वह गहरे पानी में चला गया और डूब गया। घटना की जानकारी उसके दोस्तों ने फोन पर परिजनों को दी। सूचना मिलते ही परिवार में हड़कंप मच गया। शनिवार देर रात तक उसकी तलाश जारी रही, लेकिन कोई सुराग नहीं लग सका। रविवार सुबह गोताखोरों की मदद से उसका शव बरामद कर लिया गया। दोपहर करीब 12 बजे परिजन पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और मामले की गहन जांच की मांग की। मृतक के चाचा कमलेश तिवारी ने बताया कि श्रीयांश काम के सिलसिले में घर से निकला था। आरोप लगाया कि लखनऊ से आए चार दोस्त उसे अपने साथ घाट पर ले गए थे। परिजनों ने घटना को संदिग्ध बताते हुए पुलिस से निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि वह परिवार का इकलौता बेटा था, जबकि उसकी एक बहन है। फतेहपुर चौरासी थाना प्रभारी इंस्पेक्टर ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस की बड़ी कामयाबी : 78 गुम मोबाइल बरामद, मालिकों को लौटाए
Sun, Jun 28, 2026
सीईआईआर पोर्टल की मदद से 15 लाख से अधिक कीमत के फोन हुए रिकवर
उन्नाव। जनपद पुलिस ने गुम हुए मोबाइल फोन बरामद करने के अभियान में बड़ी सफलता हासिल करते हुए 78 मोबाइल फोन उनके मालिकों को वापस सौंप दिए। बरामद मोबाइलों की कुल कीमत 15 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। रविवार दोपहर पुलिस लाइन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधिक्षक जय प्रकाश सिंह ने मोबाइल धारकों को उनके फोन सौंपे। पुलिस के अनुसार, यह सफलता सर्विलांस टीम और जिले के विभिन्न थानों की संयुक्त कार्रवाई से मिली। नागरिकों की ओर से गुम या चोरी हुए मोबाइल फोन की शिकायतें भारत सरकार के सीईआईआर पोर्टल पर दर्ज कराई गई थीं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर पुलिस ने तकनीकी सहायता लेकर मोबाइलों की लोकेशन ट्रेस की और लगातार अभियान चलाकर अलग-अलग स्थानों से कुल 78 मोबाइल बरामद किए। अपने खोए मोबाइल वापस मिलने पर लोगों के चेहरे खिल उठे। कई लोगों ने फोन मिलने की उम्मीद छोड़ दी थी, लेकिन पुलिस की कार्रवाई से उन्हें राहत मिली। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने पुलिस टीम की सराहना करते हुए आभार जताया। एसएसपी जेपी सिंह ने कहा कि सीईआईआर पोर्टल मोबाइल गुम होने की शिकायत दर्ज कराने का प्रभावी माध्यम बन रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि मोबाइल गुम या चोरी होने पर तुरंत थाने और पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और सर्विलांस की मदद से पुलिस अपराध नियंत्रण और जनता की समस्याओं के समाधान के लिए लगातार काम कर रही है। एसएसपी ने अभियान में शामिल सर्विलांस टीम और थाना प्रभारियों की सराहना करते हुए कहा कि आगे भी सीईआईआर पोर्टल के जरिए मिलने वाली शिकायतों पर तेजी से कार्रवाई जारी रहेगी।
गंगा स्नान के दौरान युवक लापता : रातभर चला रेस्क्यू ऑपरेशन
Sun, Jun 28, 2026
सुबह दोबारा शुरू हुआ रेस्क्यू, पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने की अपील
उन्नाव। फतेहपुर चौरासी थाना क्षेत्र में शनिवार शाम गंगा नदी में नहाने गए एक युवक के डूबने का मामला सामने आया। देर रात तक चले सर्च ऑपरेशन के बावजूद उसका कोई पता नहीं चल सका। पुलिस और एसडीआरएफ की टीम लगातार तलाश में जुटी रही। जानकारी के मुताबिक, करोबन गांव निवासी श्रेयांश तिवारी अपने कुछ साथियों के साथ दबौली गांव आए थे। बताया जा रहा है कि वे डिजिटल पेमेंट कंपनी के साउंड बॉक्स लगाने का काम करते थे। उनके साथ लखनऊ के रहने वाले विकास कुमार, हर्ष कश्यप, ऋषभ मिश्रा और राहुल सोलंकी भी मौजूद थे। काम खत्म होने के बाद सभी साथी पास के हिंदूपुर गांव के पास गंगा किनारे पहुंचे और नहाने लगे। इसी दौरान श्रेयांश अचानक गहरे पानी की तरफ बढ़ गए। साथियों ने जब उन्हें संभालने की कोशिश की, तब तक वह तेज बहाव और गहराई में फंस चुके थे। कुछ ही पलों में वह नजरों से ओझल हो गए। घटना के बाद साथियों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। शाम करीब सात बजे सूचना मिलते ही फतेहपुर चौरासी पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय गोताखोरों की मदद से तलाश शुरू कराई। घंटों तक नदी में खोजबीन चली, लेकिन सफलता नहीं मिली। रात बढ़ने के साथ सर्च ऑपरेशन को और तेज करने के लिए एसडीआरएफ टीम को भी बुलाया गया। टीम ने नदी के कई हिस्सों में गहन तलाशी अभियान चलाया, लेकिन देर रात तक युवक का कोई सुराग नहीं मिल पाया। घटना की खबर मिलते ही श्रेयांश के परिवार में मातम छा गया। परिजन मौके पर पहुंच गए और बेसब्री से किसी खबर का इंतजार करते रहे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुबह फिर से सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया और युवक की तलाश हर हाल में जारी रहेगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस हिस्से में गंगा का बहाव कई जगह अचानक गहरा हो जाता है, जिससे हर साल ऐसे हादसे सामने आते हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि नदी में नहाते समय सतर्कता बरतें और गहरे पानी में जाने से बचें।