उपलब्धि : IFFDC के उपाध्यक्ष बने उन्नाव के अंकित सिंह परिहार
Tue, Aug 18, 2026
राष्ट्रीय स्तर की सहकारी संस्था में मिली बड़ी जिम्मेदारी, निर्विरोध निर्वाचन से जिले का बढ़ा मान
उन्नाव। सहकारिता के क्षेत्र में उन्नाव को बड़ी उपलब्धि मिली है। जिले के अंकित सिंह परिहार इंडियन फार्मर्स फर्टिलाइजर कोऑपरेटिव लिमिटेड (आईएफएफडीसी) के उपाध्यक्ष पद पर निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। गुरुग्राम के जिलाधिकारी एवं निर्वाचन अधिकारी ने उनके निर्विरोध निर्वाचन की आधिकारिक पुष्टि की है। अंकित सिंह परिहार के उपाध्यक्ष चुने जाने को उन्नाव के लिए खास उपलब्धि माना जा रहा है। बताया गया है कि जिले से राष्ट्रीय स्तर की किसी सहकारी संस्था में उपाध्यक्ष बनने वाले वह पहले व्यक्ति हैं। उनके निर्वाचन की जानकारी मिलते ही सहकारिता क्षेत्र से जुड़े लोगों और समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। लोगों ने उन्हें बधाई देते हुए इसे जिले के लिए गौरव का क्षण बताया। नई जिम्मेदारी मिलने के बाद अंकित सिंह परिहार ने कहा कि उपाध्यक्ष पद पर निर्विरोध चुना जाना उनके लिए सम्मान के साथ बड़ी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल उनकी नहीं है, बल्कि उन्नाव की मिट्टी, उनके साथ खड़े रहे सहयोगियों, शुभचिंतकों और समर्थकों के विश्वास का परिणाम है। उन्होंने कहा कि लोगों ने जिस भरोसे के साथ उन्हें जिम्मेदारी सौंपी है, उसे वह पूरी ईमानदारी से निभाने का प्रयास करेंगे। सहकारिता के क्षेत्र में किसानों और संस्था से जुड़े लोगों के हित में बेहतर काम करना उनकी प्राथमिकता रहेगी। अंकित सिंह परिहार ने इस उपलब्धि पर साथ देने वाले सभी लोगों का आभार जताते हुए कहा कि उनका स्नेह, आशीर्वाद और विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। उनके निर्विरोध निर्वाचन से उन्नाव का नाम सहकारिता के राष्ट्रीय मंच पर पहुंचा है।
नौ बीघे में बस रही थीं अवैध कॉलोनियां : प्रशासन ने चलाया बुलडोजर
Tue, Aug 18, 2026
कांशीराम कालोनी के पास बिना नक्शा पास कराए हो रही थी प्लॉटिंग, करीब 10 करोड़ की जमीन पर कार्रवाई से मचा हड़कंप
उन्नाव। शहर के आसपास तेजी से पैर पसार रही अवैध प्लॉटिंग पर उन्नाव-शुक्लागंज विकास प्राधिकरण (यूएसडीए) ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई की। प्राधिकरण की टीम ने करीब नौ बीघे जमीन पर विकसित की जा रही दो अवैध कॉलोनियों को ध्वस्त करा दिया। दोनों स्थानों पर बिना लेआउट स्वीकृत कराए जमीन को प्लॉट के रूप में विकसित किया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान प्लॉटिंग से जुड़े निर्माण और अन्य ढांचों को जेसीबी से गिरा दिया गया। अधिकारियों के मुताबिक, दोनों स्थानों की जमीन की कीमत करीब 10 करोड़ रुपये आंकी गई है।
पहले नोटिस, फिर ध्वस्तीकरण का आदेश
अवैध प्लॉटिंग की जानकारी मिलने के बाद प्राधिकरण की ओर से संबंधित कॉलोनाइजरों को पहले कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे। इसके बाद नियमानुसार ध्वस्तीकरण आदेश भी पारित किया गया। अधिकारियों के मुताबिक, नोटिस और आदेश के बावजूद संबंधित लोगों ने कॉलोनी का लेआउट स्वीकृत कराने के लिए प्राधिकरण में नक्शा जमा नहीं कराया।इसके बाद सोमवार को प्रशासन और प्राधिकरण की टीम मौके पर पहुंची और कार्रवाई शुरू कर दी। टीम ने प्लॉटिंग के लिए किए गए निर्माण और मौके पर बनाए गए ढांचों को ध्वस्त करा दिया। कार्रवाई की जानकारी मिलते ही आसपास अवैध तरीके से प्लॉट काटने वालों में भी खलबली मच गई।
काशीराम कॉलोनी रोड पर छह बीघे में हो रही थी प्लॉटिंग
पहली कार्रवाई काशीराम कॉलोनी रोड पर की गई। यहां करीब छह बीघे जमीन में कॉलोनी बसाने की तैयारी चल रही थी। जमीन को छोटे-छोटे प्लॉटों में बांटकर बिक्री की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही थी। प्राधिकरण की स्वीकृति के बिना चल रहे इस काम पर टीम ने कार्रवाई करते हुए मौके पर बने ढांचों को गिरा दिया।
पीएम आवास के पास तीन बीघे जमीन पर भी कार्रवाई
दूसरी कार्रवाई काशीराम कॉलोनी से आगे प्रधानमंत्री आवास योजना के पास हुई। यहां करीब तीन बीघे जमीन पर अवैध तरीके से कॉलोनी विकसित की जा रही थी। इस स्थान पर भी लेआउट स्वीकृत नहीं कराया गया था। प्राधिकरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर प्लॉटिंग से जुड़े निर्माण को ध्वस्त करा दिया।
डीएम के निर्देश पर हुई कार्रवाई
सिटी मजिस्ट्रेट मनोज सिंह ने मंगलवार दोपहर कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर दोनों स्थानों पर कार्रवाई की गई है। करीब नौ बीघे जमीन पर हो रही अवैध प्लॉटिंग को हटाया गया है। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण से बिना लेआउट स्वीकृत कराए कॉलोनी विकसित करना नियमों के खिलाफ है। ऐसे मामलों में आगे भी कार्रवाई की जाएगी।
प्लॉट खरीदने से पहले नक्शा जरूर जांचें
सिटी मजिस्ट्रेट ने आम लोगों को भी सावधानी बरतने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि किसी भी कॉलोनी में प्लॉट खरीदने से पहले यह जरूर पता कर लें कि उसका लेआउट संबंधित विकास प्राधिकरण से स्वीकृत है या नहीं। केवल जमीन देखकर या कॉलोनाइजर की बात पर भरोसा करके प्लॉट खरीदना बाद में परेशानी का कारण बन सकता है। स्वीकृत कॉलोनी में प्लॉट लेने से खरीदार को भविष्य में प्रशासनिक कार्रवाई का डर नहीं रहता। साथ ही बैंक से लोन लेने में भी आसानी होती है। वहीं बिना नक्शा पास कराए विकसित की गई कॉलोनियों में प्लॉट खरीदने वालों को आगे चलकर कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
बिना नक्शे प्लॉटिंग पर होगी कार्रवाई
सिटी मजिस्ट्रेट ने कॉलोनी विकसित करने वालों से कहा है कि प्लॉटिंग शुरू करने से पहले प्राधिकरण में लेआउट मैप जमा कराकर उसकी स्वीकृति लें। नियमानुसार नक्शा पास कराने की प्रक्रिया में प्राधिकरण की ओर से आवश्यक सहयोग किया जाएगा। उन्होंने साफ किया कि बिना स्वीकृत लेआउट के प्लॉटिंग करने वालों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
कार्रवाई से जमीन कारोबार में बढ़ी हलचल
प्रशासन की इस कार्रवाई को शहर के बाहरी हिस्सों में तेजी से बढ़ रही अनधिकृत प्लॉटिंग पर प्रशासन की सख्ती के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। खासकर उन इलाकों में जहां कृषि भूमि को छोटे-छोटे प्लॉटों में बांटकर आवासीय कॉलोनियां विकसित की जा रही हैं। अधिकारियों के मुताबिक, नियमों की अनदेखी करने वालों पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी।
गृहकर-जलकर बकायेदारों को बड़ी राहत : ब्याज-सरचार्ज पूरा माफ होगा
Tue, Aug 18, 2026
15 दिसंबर तक ओटीएस का लाभ; तीन किस्तों में भी जमा कर सकेंगे बकाया
उन्नाव। नगर पालिका क्षेत्र में रहने वाले उन लोगों के लिए राहत की खबर है, जिनका गृहकर या जलकर लंबे समय से जमा नहीं हुआ है। नगर पालिका परिषद ने बकाया कर वसूलने के लिए एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) शुरू की है। इसके तहत बकायेदारों को ब्याज और सरचार्ज में पूरी छूट मिलेगी। यानी जितना मूल कर बकाया है, उसे जमा कर अतिरिक्त ब्याज और सरचार्ज से राहत पाई जा सकती है। योजना का लाभ लेने के लिए नगरवासियों के पास करीब चार महीने का समय है। 15 अगस्त से शुरू हुई योजना 15 दिसंबर 2026 तक चलेगी। नगर पालिका प्रशासन ने भवन स्वामियों से अपील की है कि अंतिम तारीख का इंतजार न करें और समय रहते अपने बकाये का निस्तारण करा लें।
तीन बार में भी जमा कर सकेंगे बकाया
नगर पालिका की ओर से इस बार बकायेदारों को सिर्फ ब्याज में छूट ही नहीं दी गई है, बल्कि भुगतान को आसान बनाने की सुविधा भी दी गई है। योजना के तहत पात्र भवन स्वामी अपने बकाये की रकम अधिकतम तीन किस्तों में जमा कर सकेंगे। इससे एक साथ बड़ी रकम जमा करने में परेशानी महसूस करने वाले लोगों को भी राहत मिलेगी।
पुराने बकाये से छुटकारा पाने का मौका
कई भवन स्वामियों पर लंबे समय से गृहकर और जलकर का बकाया चला आ रहा है। समय पर भुगतान न होने से मूल रकम के साथ ब्याज और सरचार्ज भी जुड़ता जाता है। ऐसे लोगों के लिए ओटीएस योजना पुराने बकाये को निपटाने का मौका लेकर आई है। योजना के तहत ब्याज और सरचार्ज में शत-प्रतिशत छूट मिलने से बकाया राशि का बोझ भी कम होगा।
पालिका अध्यक्ष ने की अपील
नगर पालिका अध्यक्ष श्वेता भानू मिश्रा ने शहर के सभी भवन स्वामियों से योजना का लाभ उठाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कर जमा करने से जहां लोगों को पुराने बकाये से राहत मिलेगी, वहीं नगर पालिका को मिलने वाले राजस्व से शहर में विकास और नागरिक सुविधाओं से जुड़े कामों को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
ईओ बोले, समय रहते करा लें बकाया जमा
ईओ राम आसरे कमल ने बताया कि ओटीएस योजना की अवधि 15 अगस्त से 15 दिसंबर तक है। योजना में बकाया गृहकर और जलकर के ब्याज व सरचार्ज पर 100 फीसदी छूट का प्रावधान है। इसके अलावा अधिकतम तीन किस्तों में भुगतान की सुविधा भी दी गई है। उन्होंने भवन स्वामियों से कहा कि योजना की अवधि में अपना बकाया चुकाकर इस विशेष अवसर का लाभ उठाएं।
चार महीने में करना होगा आवेदन और भुगतान
नगर पालिका प्रशासन के मुताबिक योजना का लाभ लेने के इच्छुक भवन स्वामियों को निर्धारित अवधि के भीतर अपने बकाये का निस्तारण कराना होगा। 15 दिसंबर के बाद योजना का लाभ नहीं मिलेगा, इसलिए पालिका ने लोगों से समय रहते संबंधित कार्यालय में संपर्क करने की अपील की है।